मोबाइल फोन की लत की समस्या और कैसे बचे | Smartphone Addiction In India In Hindi

नमस्कार मोबाइल फोन की लत की समस्या और कैसे बचे Smartphone Addiction In India In Hindi में हम जानेगे कि भारत में बच्चों और युवक युवतियों में तेजी से बढ़ती स्मार्टफोन की लत क्या है इसके कारण प्रभाव और इससे छुटकारा पाने के उपाय क्या हैं.

मोबाइल फोन की लत से कैसे बचे Smartphone Addiction In India

स्मार्टफोन एडिक्शन से कैसे बचे Smartphone Addiction In India In Hindi

How To Quit Smartphone Addiction In Hindi

स्मार्टफोन बच्चे के डाइपर की तरह हे जिसने भले ही कुछ ना किया हो लेकिन लोग उसे बार-बार चेक करते हे. सोशल मीडिया पर यह जोक खूब वायरल हुआ, लोगों ने पढ़ा,

मजे लिए और आगे फॉरवर्ड किया, लेकिन किसी ने इस पर अमल नहीं किया और ना ही इसके पीछे छिपे सच को जानने की कोशिश की.

यह मेसेज स्मार्टफोन एडिक्शन की और इशारा करता हे. अब नए एप, फीचर, इन्टरनेट और सोशल मीडिया और विभिन्न कंटेंट्स पलक झपकते ही हाजिर हो जाते हे. whatsapp और फेसबुक जैसे एप ने तो यूजर को वर्चुअल दुनिया के शिंकजे में झकड़ रखा हे.

सुबह व्यायाम की तो फ़िक्र नहीं लेकिन whatsapp ग्रुप में गुड मोर्निंग का मेसेज जरुर पहुँच जाता हे. स्मार्टफोन का यह नशा एक लत की तरह बन चूका हे.

लोग आभासी दुनिया में डूबे रहते हे. गाने सुनते हे और मूवी देखते हे. स्मार्टफोन ने भले ही यूजर को स्मार्ट बनाया लेकिन सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव से यूजर खुद को नहीं बचा सका.

सोशल मीडिया पर किसी के हजारों फ्रेंड हे, लेकिन रियल लाइफ में उसे पड़ोसी तक नहीं जानते हे. आजकल तो लोग मौत का भी विडियो बनाके अपलोड करने लगे हे. सेल्फी ने तो ना जाने कितनो की जाने ली हे.

खासकर युवाओं में स्मार्टफोन और इन्टरनेट की कुछ ज्यादा ही लत हो गई हे. इसी लत के शिकार लोग मानसिक बीमारियों के शिकार हो जाते हे और फलस्वरूप इन्हें इस लत से छुटकारा दिलाने के लिए डी-एडिक्शन सेंटर में भर्ती कराना पड़ता हे.

अगर टाइम रहते इस लत से छुटकारा नहीं पाया तो तनाव, अवसाद, आक्रामकता, कटुता, सम्बधों में टकराव और अन्य प्रकार की सामाजिक और मानसिक बीमारियों का सामना करना पड़ सकता हे. आईये इसके लिए कुछ प्रयास करते हे.

ways to get rid of smartphone addiction In Hindi

1. की पेड फोन का उपयोग करें
यदि फोन के बिना आपका कामकाज प्रभावित होता हे तो आप कुछ दिन के लिए साधारण की पेड फोन का इस्तेमाल करें. जिससे कामकाज और सम्पर्क में बाधा ना पड़े.
2. परिवार के बीच समय गुजारे
कुछ पल इस स्मार्टफोन से दूर रहकर अपने परिवार के बीच समय बिताएं, जिससे उन्हें भी अच्छा लगेगा. परिवारवालों से बातचीत करे या खुद को दुसरे कामो में बिजी रखें.
3. किताबों से दोस्ती करें
स्मार्टफोन पर सर्फिंग या चैटिंग करने की बजाय किताबों से दोस्ती करे. कहते हे ना की किताबे ही सच्ची मित्र होती हे. पुरानी कहावत हे की रात को अच्छी किताबे पढने से अच्छी नींद आती हे.
4. सोने से पहले फोन का उपयोग ना करें
सोने से पहले फोन का इस्तेमाल अनिंद्रा, तनाव को बढ़ावा दे सकता हे. बेहतर नींद के लिए इसका इस्तेमाल ना करें. सोते समय फोन को अपने पास से दूर रखें अन्यथा इससे निकलने वाला रेडिएशन आपको हानि पहुंचा सकता हे.
5. कम उपयोग करें
दृढ निश्चय कर ले की फोन को केवल कालिंग और मेसेज के लिए ही उपयोग करेंगे. यदि जरुरी हो तो दिन में केवल कुछ टाइम के लिए इसका इस्तेमाल करेंगे. यहां तक की खाते टाइम और परिवार के बीच इसको दूर रखेंगे.

Side Effects Of Using Smartphone In Dark अँधेरे में स्मार्टफोन यूज़ करने के साइड इफेक्ट्स

अधिकतर लोग स्मार्टफोन का यूज़ करते है. लेकिन इनमे से कुछ लोग है जो रात को सोने से पहले या अँधेरे में काफी देर तक स्मार्टफोन का यूज़ करते है. इसका आँखों और ब्रेन पर काफी बुरा असर पड़ता है.  रिसर्च और स्टडीज के आधार पर हम आपको बता रहे है अँधेरे में स्मार्टफोन यूज़ करने के 9 साइड इफेक्ट्स के बारे में.

क्या कहती है रिसर्च

अमेरिकन मस्कुलर डीजनरेशन फाउंडेशन की रिसर्च के अनुसार अगर हम रोजाना अँधेरे में 30 मिनट भी स्मार्टफोन की स्क्रीन पर काम करते है तो इससे हमारी आँखे ड्राई होने लगती है.

आँखे ड्राई होने से रेटिना पर बुरा असर पड़ता है. लंबे समय तक यह रूटीन रखने से आँखों की रोशनी कम होने लगती है. आईये जानते है अँधेरे में स्मार्टफोन यूज़ करने के साइड इफेक्ट्स के बारे में.

आँखों की रोशनी में कमी Lake Of Eyesight

रात को सोने से पहले स्मार्टफोन का यूज़ करने से आँखों के रेटिना पर बुरा असर पड़ता है. इससे आँखों की रोशनी कमजोर हो सकती है.

आँखों में रेडनेस Redness In Eyes

रात को ज्यादा देर तक मोबाइल या टेबलेट यूज़ करने से इसकी रोशनी आँखों में रेडनेस की प्रॉब्लम पैदा कर सकती है.

नींद में कमी Sleep Deprivation

रात में सोने से पहले मोबाइल का यूज़ करने से बॉडी में मेलाटोनिन हार्मोन का लेवल कम होने लगता है. इसके कारण नींद देर से आने की प्रॉब्लम हो सकती है.

ग्लूकोमा Glaucoma

देर रात तक मोबाइल का यूज़ करने से ब्रेन तक सिग्नल ले जाने वाली ऑप्टिक तंत्रिका पर बुरा असर पड़ता है. इससे ग्लूकोमा (काले मोतिया) की प्रॉब्लम हो सकती है.

स्ट्रेस बढ़ेगा Increase Stress

देर रात तक मोबाइल का यूज़ करने से मेलाटोनिन हार्मोन का लेवल कम होता है. इससे स्ट्रेस बढ़ सकता है.

फोक्सिंग मसल्स पर असर Influence On Foxing Mussels

रात को लंबे समय तक मोबाइल का यूज़ करने से आँखों की फोक्सिंग मसल्स पर बुरा असर पड़ सकता है. इससे किसी भी चीज पर फॉक्स करने में बुरा असर पड़ सकता है.

ब्रेन पर असर Effect On Brain

देर रात तक मोबाइल का यूज़ करने से ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ सकता है. इससे मेमोरी कमजोर हो सकती है.

थकान Fatigue

देर रात मोबाइल का यूज़ करने से नींद पूरी नहीं होती है. इससे दिनभर थकान फील होती है.

इन सब कारणों से आपको “स्मार्टफोन ब्लाइंडनेस” बीमारी हो सकती है और आपके आँखों की रोशनी तक जा सकती है. इसलिए जितना हो सके अँधेरे में स्मार्टफोन का इस्तेमाल ना करें और लाइट ऑन रखें. स्मार्टफोन में ऐसे एप्प इनस्टॉल करके रखे जिससे ब्राइटनेस टाइम के अनुसार एडजेस्ट हो जाए.

यह भी पढ़े

उम्मीद करता हूँ दोस्तों मोबाइल फोन की लत की समस्या और कैसे बचे Smartphone Addiction In India In Hindi का यह लेख आपको पसंद आया होगा. यदि इसमें दी जानकारी पसंद आई हो तो अपने फ्रेड्स के साथ भी शेयर करें.

अपने विचार यहाँ लिखे