सोनिया गांधी जीवन परिचय | Sonia Gandhi Biography In Hindi

सोनिया गांधी जीवन परिचय | Sonia Gandhi Biography In Hindi इटली में पैदा हुई और भारत की बहू के तौर पर जानी जाने वाली सोनिया ने काफी लंबे समय तक कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के पद को संभाला है। गांधी हमारे देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी है। 

सोनिया गांधी जीवन परिचय | Sonia Gandhi Biography In Hindi

सोनिया गांधी जीवन परिचय Sonia Gandhi Biography In Hindi

साल 1991 में राजीव गांधी की हत्या होने के बाद कांग्रेस के कई नेताओं के द्वारा सोनिया गांधी को पार्टी में शामिल होने के लिए कहा गया, परंतु उन्होंने ऐसा नहीं किया।

परंतु लगातार नेताओं के कहने के कारण सोनिया गांधी ने कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन कर लिया और उसके बाद से लगातार यह कांग्रेस पार्टी को मार्गदर्शन देने का काम कर रही हैं।

सोनिया गांधी का व्यक्तिगत परिचय

पूरा नामअन्टोनिया एड्विज अल्बीना मैनो 
जन्म9 दिसम्बर, 1946
जन्म स्थानलूसिआना, वेनेटो, इटली
राष्ट्रीयताभारतीय
धर्मरोमन कैथौलिक
भारत की राजनीती से पहले पेशाराजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता
पितास्तेफेनो मैनो 
पतिश्री राजीव गाँधी
बच्चेराहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी 
राजनीतीक पार्टीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी
रिश्तेनेहरु – गाँधी परिवार
वर्तमान रहवास10 जनपथ, नई दिल्ली
मातृ संस्थाबेल एजुकेशन ट्रस्ट

प्रारंभिक जीवन

वर्ष 1946 में इटली के एक छोटे से कस्बे लुसियाना में 9 दिसंबर को सोनिया गांधी का जन्म एक रोमन कैथोलिक क्रिश्चियन परिवार में हुआ था। इनका बचपन इटली के ओर्बासानो सिटी में बीता।

शिक्षा

गांधी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा एक कैथोलिक स्कूल से पूरी की थी। स्कूल जाने के पहले वह घर पर ही अपनी बहन मारिया के साथ पढ़ाई करती थी। महज 13 वर्ष की आयु में सोनिया में अपनी हाई स्कूल की पढ़ाई को पूरा किया 

इस उम्र तक आते आते वह रोजाना फ्लाइट अटेंडेंट बनने का सपना देखती थी और जब साल 1964 में सोनिया गांधी ने 18 साल की उम्र पार की, तो इन्होंने अंग्रेजी की पढ़ाई हेतु कैंब्रिज के बेल एजुकेशनल ट्रस्ट लैंग्वेज स्कूल में एडमिशन प्राप्त किया,

जहां पर इन्होंने अपनी पढ़ाई तो की ही, साथ ही इन्होंने वर्सिटी रेस्टोरेंट में एक वेट्रेस के तौर पर पार्ट टाइम नौकरी भी करना चालू कर दिया।

सोनिया गांधी का पारिवारिक जीवन-

गांधी की माता जी का नामक पाओला था वहीं इनके पिता का नाम स्टेफनो था, जो कि इटली में रहते थे। सोनिया जी के पिताजी पेशे से मकान बनाने का काम करते था, जिनकी मृत्यु साल 1983 में हुई थी। सोनिया की बड़ी बहन का नाम नादिया था।

सोनिया गांधी का विवाह

सोनिया की शादी राजीव गांधी से हुई थी और यह कहानी उस समय शुरू हुई थी, जब साल 1964 में सोनिया कैंब्रिज में अपनी स्टडी कर रही थी और स्टडी करने के दरमियान अपनी एक्स्ट्रा इनकम करने के लिए उन्होंने एक रेस्टोरेंट में पार्ट टाइम नौकरी करना स्टार्ट कर दिया, यहीं पर राजीव गांधी की मुलाकात सोनिया से हुई थी।

धीरे-धीरे दोनों के बीच मुलाकातों का दौर बढ़ता गया और दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे, जिसके बाद दोनों ने एक दूसरे के साथ शादी करने का निर्णय लिया और फिर उन्होंने अपने रिलेशनशिप के बारे में अपने घरवालों को बताया,

जिसके बाद उनके घर वाले भी उनके रिलेशनशिप के लिए मान गए और इस प्रकार साल 1968 में सोनिया गांधी और राजीव गांधी की शादी हिंदू रीति रिवाज के अनुसार संपन्न हुई। 

शादी होने के बाद साल 1970 में सोनिया और राजीव गांधी की एक संतान उत्पन्न हुई जिसका नाम राहुल गांधी रखा गया और उसके पश्चात वर्ष 1972 में इन्हें एक बेटी पैदा हुई, जिसका नाम इन्होंने प्रियंका गांधी रखा और यह दोनों आज भारतीय राजनीति में किसी परिचय के मोहताज नहीं है।

परिवार के अन्य सदस्य

  • सास:इंदिरा गाँधी
  • ससुर:फिरोज गाँधी
  • नाना ससुर: जवाहर लाल नेहरु
  • दामाद:रोबर्ट वाड्रा
  • देवर :संजय गाँधी
  • देवरानी:मेनका गाँधी

राजनैतिक कैरियर

स्वर्ण मंदिर में जब इंदिरा गांधी के एक आदेश पर वर्ष 1984 में भारतीय सेना ने प्रवेश किया, परिणामस्वरूप सिख समुदाय में काफी आक्रोश फैल गया था। जिसके बाद सिख समुदाय के ही दो लोगों ने सोनिया की सांस इंदिरा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी।

यह दोनों जी इंदिरा गांधी के उस टाइम के बॉडीगार्ड थे। इंदिरा गांधी की हत्या हो जाने के बाद राजीव गांधी को देश का प्रधानमंत्री पद दिया गया और इसी टाइम प्रधानमंत्री की पत्नी के तौर पर सोनिया गांधी ने इंडियन पॉलिटिक्स में अपने कदम रखें, जिसके बाद उन्होंने अपने पति का हर कदम पर साथ दिया।

1984 में जब इलेक्शन हुए तब सोनिया, मेनका गांधी के खिलाफ इलेक्शन की रैली में काफी सक्रिय रही थी और उन्होंने अपने पति का साथ अमेठी की सीट को जीतने के लिए पूर्ण रूप से दिया था।

जब साल 1991 में तमिल आतंकवादियों के द्वारा राजीव गांधी का खून कर दिया गया, तो उसके बाद कई लोगों ने सोनिया गांधी को देश का प्रधानमंत्री का पद संभालने के लिए कहा, परंतु उन्होंने इसके लिए मना कर दिया,जिसके बाद सोनिया के कहने पर पीवी नरसिम्हा राव को इंडिया का प्रधानमंत्री बनाया गया।

राजीव गांधी की हत्या होने के बाद सोनिया गांधी ने कभी दूसरी मैरिज के बारे में सोचा भी नहीं। जब राजीव गांधी की हत्या कर दी गई, तब कई लोगों ने सोनिया को इटली जाकर रहने के लिए कहा, परंतु वह इटली नहीं गई और वह आज भी अपने बच्चों के साथ भारत में ही रहती हैं और बीच-बीच में इटली जाती रहती हैं।

इंडियन नेशनल कांग्रेस का अध्यक्ष बनना-

जब वर्ष 1996 में कांग्रेस पार्टी की कमान सीताराम केसरी के हाथ में थी, तो उस टाइम हुए इलेक्शन में कांग्रेस पार्टी की करारी हार हुई जिसके फलस्वरूप कांग्रेस पार्टी में काफी विवाद उत्पन्न हो गए और कई लोगों ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी। 

ऐसी अवस्था में कांग्रेस के नेताओं ने सोनिया गांधी जी से कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन करने के लिए कहा, जिसके बाद वर्ष 1997 में सोनिया गांधी ने कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन किया।

इसके बाद साल 1998 में पार्टी के नेताओं के आग्रह पर सोनिया गांधी को कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाए।

गांधी ने साल 1999 में कर्नाटक के बेल्लारी और उत्तर प्रदेश के अमेठी से इलेक्शन लड़ा था और इन दोनों जगह से ही इन्हें चुनावों में भारी अंतर से विजय प्राप्त हुई थी, परंतु इन्होंने बेल्लारी की जगह पर पारिवारिक सीट अमेठी को ही चुना।

सोनिया गांधी जी का स्वास्थ्य 

साल 2011 सोनिया जी की जिंदगी में बड़ा भूचाल लेकर आया था, क्योंकि साल 2011 में सोनिया गांधी सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित हो गई थी जिससे वह काफी परेशान रहने लगी थी।

परंतु उन्होंने हार नहीं मानी और इन्होंने अपना इलाज करवाने के लिए अमेरिका का रुख किया, जहां पर जाकर इन्होंने सफल सर्जरी करवाई और इस समस्या से निजात पाई।

साल 2017 से लेकर 2018 के बीच में भी गांधी जी की तबीयत कई बार खराब हुई थी, जिसके लिए इन्हें दिल्ली के हॉस्पिटल में कई बार भर्ती होना पड़ा था।

सोनिया गाँधी विवाद 

बीजेपी ने सोनिया पर यह आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी का नाम साल 1983 में दिल्ली की वोटर लिस्ट में था, परंतु उस टाइम तक उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिली थी।

भाजपा के इस आरोप पर प्रणब मुखर्जी ने सोनिया का बचाव करते हुए यह बयान दिया था कि सोनिया गांधी ने अपने पासपोर्ट को इटली में साल 1983 में ही सुपुर्द कर दिया था। इस प्रकार पासपोर्ट को जमा करते ही सोनिया गांधी से इटली की नागरिकता छीन गई थी।

अवार्ड-

  1. गांधी को कई बार अलग-अलग मैगजीन ने पावरफुल फीमेल की लिस्ट में शामिल किया है।
  2. Forbes मैगजीन के द्वारा साल 2007 में जारी की गई दुनिया के सबसे शक्तिशाली महिलाओं की लिस्ट में सोनिया को तीसरे स्थान पर रखा गया था।
  3. गार्जियन मैगजीन ने साल 2013 में एक लिस्ट जारी की थी, जिसमें 50 साल की उम्र को पार कर चुकी महिलाओं को अच्छे कपड़े पहनने के लिए शामिल किया गया था, इसमें सोनिया का भी नाम था।
  4. मद्रास यूनिवर्सिटी के द्वारा साल 2008 में गांधी को मानद डॉक्टरेट की पदवी दी गई थी।

रोचक तथ्य

  • सोनिया गांधी की कुल संपत्ति तकरीबन 2 बिलियन डॉलर है।
  • इन्हें अच्छे कपड़े पहनने का भी काफी ज्यादा शौक है।
  • सोनिया को स्वच्छता भी बहुत ही ज्यादा पसंद है और यह अक्सर अपने घर में साफ सफाई का काम खुद ही करती हैं।
  • इन्हें खाना बनाना भी बहुत ही अच्छा लगता है।
  • इन्हें किताबें पढ़ना भी काफी अच्छा लगता है और इन्हें साहित्यिक किताबें पढ़ना विशेष तौर पर पसंद है।
  • इनके पसंदीदा उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद्र है
  • मॉडर्न आर्ट से आर्ट रेस्टोरेशन का कोर्स सोनिया ने नेशनल गैलरी से किया है।
  • इनके बारे में 1 रोचक तथ्य यह भी है कि इन्हें  9 भाषा का ज्ञान है, जिसमें जर्मनी, फ्रेंच,अंग्रेजी जैसी भाषाएं शामिल है। हालांकि यह आज भी शुद्ध रूप से हिंदी नहीं बोल पाती हैं बल्कि टूटी फूटी हिंदी ही बोलती है।
  • इन्हे साड़ियों से बहुत ही ज्यादा लगाव है और इसलिए यह अक्सर आज के टाइम में साड़ी में ही लोगों को दिखाई देती है।
  • इन्हें साधारणपन बहुत ही अच्छा लगता है, इसलिए यह साधारण कपड़े ही पहनती है और साधारण जीवन जीती हैं।
  • यह जंक फूड बिल्कुल भी नहीं खाती है, सोनिया अपने स्वास्थ्य के लिए बेहद जागरूक रहती है।

यह भी पढ़े

उम्मीद करते है फ्रेंड्स सोनिया गांधी जीवन परिचय | Sonia Gandhi Biography In Hindi का यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा. अगर आपको यह स्टोरी पसंद आई हो तो अपने फ्रेड्स के साथ भी शेयर करें.

Leave a Comment

Your email address will not be published.