क्रिकेटर सौरव गांगुली का जीवन परिचय Sourav Ganguly biography in hindi

क्रिकेटर सौरव गांगुली का जीवन परिचय Sourav Ganguly Biography In Hindi दादा और महाराजा जैसे नामों से विख्यात भारत के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी कोच कमेंट्रीटर सौरव गांगुली को भला कोन नही जानता. कोलकाता के प्रिंस कहे जाने वाले सौरव इन्डियन क्रिकेट टीम के इतिहास में सफलतम कप्तानों में गिने जाते हैं, लॉयल लाइफ के धनी इस बंगाल के टाइगर कों खेल में जज्बा और जीत दोनों से लगाव हैं.

सौरव गांगुली का जीवन परिचय Sourav Ganguly biography in hindi

क्रिकेटर सौरव गांगुली का जीवन परिचय Sourav Ganguly biography in hindi
पूरा नामसौरव चंडीदास गांगुली
जन्म9 जुलाई 1972
आयु49 वर्ष
जन्म स्थानबेहला, कलकत्ता
उपनामदादा, प्रिंस ऑफ कोलकाता, बंगाल टाइगर, महाराजा
कद5 फीट 11 इंच (1.80 मी॰)
बल्लेबाजी की शैलीबाएं हाथ के बल्लेबाज़
पत्नीडोना गांगुली
परिवारभाई: स्नेहाशीष गांगुली
बेटीसना गांगुली

लम्बे-लम्बे छक्के लगाने वाले सौरव गांगुली वर्ष 1996 से भारतीय क्रिकेट की सेवा कर रहे हैं, इन्होने घरेलू क्रिकेट बंगाल के लिए खेला इसके बाद ये भारतीय क्रिकेट टीम में इन्डियन प्रीमियम लीग और कई अंतराष्ट्रीय घरेलू टूर्नामेंट में अपनी चमक बिखेर चुके हैं.

आज भी चाहे दर्शक हो या विदेशी प्लेयर जब इडन गार्डन में कदम रखते हैं, तो दादा की याद अवश्य आती हैं. सौरव गांगुली जिनका पूरा नाम सौरव चंडीदास गांगुली हैं. जिन्हें मम्मी पापा प्यार से महाराज नाम से बुलाते हैं इनका जन्म 8 जुलाई 1972 को कलकता में ही हुआ था.

इनका जन्म एक ऐसे अमीर घराने में हुआ जहा से एक क्रिकेटर बनना उतना मुश्किल नही था. इनके पिता चंडीदास गांगुली कलकता के सबसे धनी व्यक्तियों में गिने जाते हैं. इनके बड़े भाई स्नेहाशीष गांगुली बंगाल क्रिकेट बोर्ड में उच्च पद पर अधिकारी थे.

सौरव गांगुली के पिता का छपाई का बहुत बड़ा बिजनेस हुआ करता था. अमीरी में बचपन गुजारने वाले दादा ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण की.

यह वही शिक्षा केंद्र हैं, जहा से भारत की ये हस्तियाँ स्वामी विवेकानन्द,सत्येन्द्रनाथ बोस,मेघनाद साहा,बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय,जगदीश चन्द्र बसु,राजेन्द्र प्रसाद भी शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं.

सौरव गांगुली की जीवनी Biography Of Sourav Ganguly in hindi

सौरव गांगुली जिन्हें हर कोई दादा कहकर पुकारता हैं, वैसे दादा बंगाली भाषा का शब्द हैं, जिसका अर्थ होता हैं बड़े भाई जी. इनके परिवार में निरूपा गांगुली, सौरव गांगुली की पत्नी डोना रॉय इनकी एक बेटी सना गांगुली और इनके बड़े भाई स्नेहाशीष गांगुली रहते हैं.

जो पेशे से पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी भी रह चुके हैं. सौरव गांगुली के पिताजी इस दुनिया में नही हैं 2013 में उनका निधन हो गया था.

सौरव गांगुली के क्रिकेट में स्नेहाशीष का अहम योगदान रहा हैं, ये बाए हाथ के बल्लेबाज थे. उन्ही की तकनीक ग्लब्श पैड और क्रिकेट के उपकरण उपयोग कर सके इसके लिए ही इन्होने बाए हाथ से बल्लेबाजी करना आरम्भ की थी.

भले ही इनका बचपन रईस घराने में गुजरा हो. इनके माता-पिता सौरव को इंजिनियर बनाना चाहते थे. मगर भाई के सहयोग से वो अपने माता-पिता को समझा सके और क्रिकेट में कदम रख सके.

Sourav Ganguly Wife & Love Story डोना रॉय और सौरव गांगुली

डोना और कोलकाता के टाइगर की प्रेम कहानी को हमेशा से आदर्श मानी जाती रही हैं, डोना रॉय और सौरव बचपन से अच्छे दोस्त हैं कुछ समय पूर्व में मिडिया में कुछ ऐसी भी खबरे चली थी.

जिनमे बॉलीवुड अभिनेत्री नग्मा के साथ अफेयर की बातो ने न्यूज रूम से क्रिकेट पवैलियन तक काफी फटके मारे थे. जिनमे खासकर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने जमकर लुफ्त उठाया था.

मिडिया में प्रकाशित एक कार्टून की माने तो पिच पर सौरव रन दौड़ रहे हैं, जबकि एक एंड पर नग्मा हैं तो दुसरे पर रॉय.

सौरव गांगुली और डोना रॉय की शादी बिलकुल फ़िल्मी स्क्रिप्ट की तरह ही थी. काफी वर्षो की जान-पहचान के बाद दोनों को प्यार हो गया और शादी करने का इरादा कर लिया, मगर दोनों को अपने परिवार वालों भय था.

इसी कारण दोनों भाग गये, आखिर इनकी जिद पर परिवार वालों को झुकना पड़ा. 21 फरवरी 1997 को दोनों की हिन्दू रीती रिवाज से शादी करवा दी गईं.जब सौरव गांगुली की पत्नी डोना को नगमा के साथ अफेयर का पता चला.

Actress Nagma and Sourav Ganguly अभिनेत्री नगमा और सौरव गांगुली

तब सौरव ने अपने रिश्ते खत्म करने का निश्चय तक कर लिया था. मगर अपनी पत्नी को छोड़ने का विचार आते ही नगमा को गुड बाय कह दिया. और अपनी जिदगी में लौट आए. इसी वर्ष 3 नवंबर 2001 सौरव गांगुली के एक बेटी हुई, जिनका नाम सना गांगुली रखा गया.

जो अब 15 वर्ष की हैं. नग्मा ने सौरव के साथ की इस लव स्टोरी को 2010 में एक अखबार के इंटरव्यू में बताया था. जिनके मुताबिक सौरव के साथ उनके रिश्ते थे.

मगर वो वक्त जा चूका हैं. हमारा रिश्ता काफी अच्छी और जेनुइन भी था. मगर सौरव के सामने मुश्किल निर्णय था. आखिर उन्होंने डोना को ही चुना.

Sourav Ganguly’s domestic cricket career सौरव गांगुली का घरेलू क्रिकेट करियर

सेंट जेवियर स्कूल में पढ़ने वाले सौरव गांगुली के क्रिकेट सिखने के बाद बस इसी का भूत सवार रहा करता था. भाई के साथ सुबह शाम प्रेक्टिस और दिग्गज खिलाड़ियों के पुराने वीडियो क्लिप्स देखकर इन्होने अपने खेल को उचे स्तर पर ले आए.

अच्छे बैकग्राउंड से होने के कारण सौरव गांगुली के घर में ही उन्हें क्रिकेट पिच बनवा दी गईं. सौरव गांगुली ने अपना पहला शतक उड़ीसा की अंडर फिफ्टीन टीम के विरुद्ध लगाने के बाद इन्हे स्कुल टीम का कप्तान बना दिया गया.

कई बार उन्होंने साथी खिलाड़ियों के लिए पानी बोतल और अन्य सामग्री मैच के दौरान पहुचाने से इनकार कर चुके हैं, उच्च परिवार से होने के कारण सौरव गांगुली को ऐसे कार्यो के प्रति घ्रणा हुआ करती थी.

मगर धीरे-धीरे इनके व्यवहार में बदलाव आता गया. वर्ष 1989 में इन्हे बंगाल के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने का अवसर प्राप्त हुआ.

प्रथम श्रेणी में अच्छे प्रदर्शन और विभिन्न घरेलू प्रतियोगिताओ जिनमे रणजी,देवधर में अच्छी बल्लेबाजी के बाद 1992 के वेस्टइंडीज टूर के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल कर लिया गया.

Sourav Ganguly’s international cricket career सौरव गांगुली का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर

इनके एकदिवसीय क्रिकेट करियर की शुरुआत वेस्टइंडीज के घातक गेंदबाजों के साथ हुई. वर्ष 1991 के वेस्टइंडीज दौरे के लिए सौरव गांगुली को भारतीय टीम में जगह दी गईं. मगर उस मैच में ये मात्र 3 रन ही बना पाए थे.

खराब प्रदर्शन और साथी खिलाड़ियों के साथ अभद्र व्यवहार के चलते सौरव गांगुली को अगले चार वर्षो तक भारत की एकादश में जगह नही दी गयी.

इसके बाद 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरिज पहले मैच में इन्हे टीम में रखा गया. अपने पहले ही टेस्ट मैच में सौरव ने सेंचुरी लगा दी.

लगातार अच्छी परफॉर्मेंस देने के बाद उन्हें सन् 2000 में भारतीय टीम के कप्तान बना दिए गये. सचिन तेंदुलकर के चोटिल हो जाने से मिले इस अवसर को सौरव गांगुली ने अच्छी तरह भुनाया.

सौरव ने भारत के लिए 49 टेस्ट मैच में कप्तानी की. इनमे से 21 मैचों में भारत को विजय मिली. भारतीय टीम के कप्तान रहते हुए विदेशी धरती पर 11 टेस्ट मैच में जीत हासिल करने वाले पहले भारतीय कैप्टन बने.

वर्ष 1997 में एकदिवसीय सीरिज में लगातार चार बार मैन ऑफ द मैच जीतने का रिकॉर्ड सौरव गांगुली के नाम हैं. इनकी कप्तानी में भारत वर्ष 2003 के एकदिवसीय विश्वकप में फाइनल में जगह बनाने में सफल रहा था.

सौरव गांगुली को यु ही भारत के बेहतरीन कप्तान नहीं कहा जाता हैं, बल्कि उन्होंने अपने दम पर यह साबित कर दिखाया हैं, वर्ष 2000 से 2005 के बिच इन पांच वर्षो में इनकी कप्तानी के आकड़ो पर नजर डाली जाए तो.

सभी 49 मैच में कप्तान रहते हुए 38 के औसत से रन बनाए, बिना कप्तान के इन्होने 46 के औसत से बल्लेबाजी बल्लेबाजी की हैं, इन्होने सचिन तेंदुलकर के साथ सर्वाधिक रनों की भारत के लिए ओपनिग साझेदारिया की हैं.

Sourav Ganguly Records And Achievements सौरव गांगुली के रिकॉर्ड और उपलब्धियां

  • सर्वाधिक ओपनिग साझेदारी सचिन तेंदुलकर के साथ 136 पारियों में 6609 रन.
  • एक बल्लेबाज के तौर पर भी सर्वाधिक रनों की साझेदारी सौरव गांगुली-सचिन तेंदुलकर 176 पारियों में 8227 रन.
  • एकदिवसीय क्रिकेट किसी विकेट के लिए सर्वाधिक साझेदारी 318 रन राहुल द्रविड़ के साथ 1999 विश्वकप में.
  • अपने टेस्ट करियर में सौरव गांगुली का औसत कभी 40 से कम नही रहा.
  • ये उन लकी प्लेयर की तरह हैं, जिनके शतक से टीम मैच नही हारती हैं.
  • जब सौरव 2000 में भारत के कप्तान बने उस समय icc rainking 8 पर था.
  • जबकि इन्होने क्रिकेट से सन्यास लिया उस समय टीम इंडिया दुसरे नंबर पर थी.
  • वर्ष 2013 की फोबर्स सूची में सौरव गांगुली दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटर की सूची में छठे पायदान पर थे.
  • दस हजार रन 100 विकेट और 100 कैच का मैजिक आकड़ा हासिल करने वाले पांचवे खिलाड़ी हैं.
  • सबसे तेज नो हजार रन बनाने का रिकॉर्ड सौरव गांगुली के नाम हैं, इन्होने सचिन से तेज बल्लेबाजी की हैं.
  • टेस्ट में 10 हजारी बनने वाले सचिन के बाद दुसरे प्लेयर.

Sourav Ganguly batting record सौरव गांगुली की बल्लेबाजी के आकड़े

# सौरव गांगुली ने अपना पहला टेस्ट मैच इंग्लैंड के खिलाफ 1996 में खेला था.

# अपना पहला एकदिवसीय मैच गाबा में 1992 को इंडीज के खिलाफ खेला था, जीनमे मात्र 3 रन बनाए.

# वर्ष 2008 में दादा ने KKR की ओर से SRH के खिलाफ पहला आईपीएल मैच खेला.

# सौरव ने अंतिम टेस्ट ऑस्ट्रेलिया और अंतिम एक दिवसीय पाकिस्तान के खिलाफ 2007 में खेला.

# सौरव गांगुली ने चार आईपीएल सीजन में 1363 रन बनाए और 10 विकेट भी चटके.

# टेस्ट करियर में कुल 188 पारियों में 42.18 औसत से 7212 रन बनाए.

# एकदिवसीय करियर में दादा ने 300 पारियों में 41 के औसत से 11363 रन बनाए.

# अंतराष्ट्रीय टेस्ट और एकदिवसीय करियर में सौरव गांगुली ने 132 विकेट भी चटकाए हैं.

Sourav Ganguly awards सौरव गांगुली अवार्ड और सम्मान

  1. वर्ष 2004 में देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पद्म श्री पुरस्कार से नवाजे गये.
  2. खेल के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने पर 1998 में सौरव गांगुली को अर्जुन पुरस्कार दिया गया.
  3. इसी वर्ष इन्हे स्पोर्ट्स पर्सन ऑफ़ दी ईयर के खिताब से नवाजा जा चूका हैं.
  4. बंगाल सरकार द्वारा वर्ष 2013 में बंगा विभूषण पुरस्कार से सम्मानित.

Sourav Ganguly lifestyle & Facts सौरव गांगुली की पर्सनल लाइफ

ये fact किसी से छुपा नहीं है, कि दादा एक उचे खानदान से सम्बन्ध रखते हैं, अमीरी में व्यतीत जीवन के कारण उनकी दिनचर्या और पसंद उच्च लोगों की तरह ही हैं.

मगर कई सारे लोग यह नही जानते कि उनकी पत्नी डोना रॉय मध्यम वर्गीय फॅमिली से हैं, वह एक dancer थी. भले ही फिल्मों की तरह ऊचें खानदान के लड़के और निम्न वर्ग की लड़की से इश्क हो जाता हैं.

सौरव गांगुली की जिन्दगी में भी कुछ वैसा ही था. परिवार वाले रॉय को अपनी बहु मानने के लिए तैयार नही थे, आखिर किसी तरह बात बन गईं.

  • सिवाय कुछ घटनाओं के सौरव गांगुली का क्रिकेट करियर बेहद शानदार रहा.
  • उन्होंने जिस पत्थर को छुआ वो सोना हो गया. जहा भी कोशिश की सौरव को सफलता ही मिली.
  • चाहे वो एक कप्तान की हैसियत से हो या एक खिलाड़ी के रूप में हमेशा अच्छा करने की कोशिश की हैं,
  • शायद इनके अनोखे अंदाज के कारण ही दादा कहा जाता हैं,
  • सौरव गांगुली के करियर के शुरूआती 10 साल बेहद हलचल भरे रहे,
  • जिनमे अपने साथी खिलाड़ियों के लिए मैदान में ड्रिंक ना ले जाने,
  • फिर अभद्र व्यवहार के कारण टीम से बाहर हो गये.
  • फिर गर्लफ्रेंड और बीबी के बिच के मामले में फस गये.
  • फ़िलहाल दादा पश्चिम बंगाल क्रिकेट बोर्ड के रूप में अपनी सेवाए दे रहे हैं.
  • कलकता भारत का वह शहर हैं, जहा किसी भी खेल से ज्यादा फुटबाल को पसंद किया जाता था, पीढ़ीदर पीढ़ी इसी रुझान के चलते आखिर दादा इस खेल में पीछे क्यों रहे. 13-14 वर्ष की उम्र तक इन्होने भी फुटबॉल खेली.
  • मगर बड़े भाई स्नेहाशीष गांगुली जिनका सौरव के जीवन में बहुत बड़ा योगदान हैं,
  • इन्ही के कहने पर सौरव ने क्रिकेट खेलना शुरू किया था.

प्रशासक के रूप में

23 अक्टूम्बर 2019 से भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष पद पर गांगुली कार्यरत हैं. हाल ही में ये आईसीसी क्रिकेट कमेटी के अध्यक्ष भी चुने गये थे, इनसे पूर्व यह पद नौ वर्षों के लिए अनिल कुंबले के पास था.

आंकड़े

फोर्मेटमैचरनऔसत
टेस्ट113721242.2
एकदिवसीय3111136341.0
आईपीएल59134925.4

टेस्ट क्रिकेट में सौरव का करियर 1996 से 2008 वनडे मैच में अंतर्राष्ट्रीय करियर 1992 से 2007 तक तथा आईपीएल में ये 2008 से 2012 तक चार संस्करण खेले.

पुस्तक (Book)

पूर्व भारतीय कप्तान ने अपनी जीवनी (biography) को ए सेंचुरी इज़ नॉट इनफ नाम से लिखा हैं, किताब के तीन हिस्सों में अपने जीवन की यादगार घटनाओं और क्रिकेट से जुड़े किस्सों का भी खुलकर वर्णन किया हैं.

सौरव के एक प्रशंसक सप्तर्षी सरकार ने भी इसके जीवन पर एक पुस्तक (Book) लिखी है जिसका नाम ‘Sourav Ganguly: Cricket, Captaincy and Controversy’ हैं. क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में दादा के जीवन के सभी पहलुओं का इसमें रोचकता के साथ विवरण दिया गया हैं.

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