टीबी रोग: कारण, लक्षण और इलाज Tb Ke Lakshan Kya Hai

टीबी रोग कारण, लक्षण और इलाज Tb Ke Lakshan Kya Hai  What Is Tuberculosis (Tb) symptom Causes, and treatment In Hindi: टीबी नामक भयंकर बीमारी के प्रति जागरूकता न होने के कारण अक्सर लोग इसके इलाज के लिए देरी कर देते हैं जिसके कारण लोगो को बहुत सारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है |

टीबी रोग: कारण, लक्षण और इलाज Tb Ke Lakshan Kya Hai

टीबी रोग कारण, लक्षण और इलाज Tb Ke Lakshan Kya Hai

इलाज में देरी के कारण हमारे पैसे, समय और सेहत तीनों की हानि होती हैं | इस बीमारी के हमे अधिक मरीज़ देखने को मिलते हैं और संक्रामक रोग होने के कारण ये बात अधिक चिंता का विषय बन जाती है।

इस आर्टिकल में हम आपको टी.बी रोग के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे जिससे आप इस रोग के प्रति जागरूक हो पाएंगे।

टी.बी क्या है ? What Is Tb Disease In Hindi

टी.बी एक संक्रामक बिमारी है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से फ़ैल जाती है। इसका पूरा नाम ट्यूबरकुलोसिस है। यह बीमारी ट्यूबरकुलोसिस और माइकोबैक्टेरियम नाम की बैक्टीरिया के कारण होती है जिसकी वजह से सही समय पर इलाज न होने पर पीड़ित व्यक्ति की जान भी जा सकती है।

इस रोग का सबसे ज़्यादा प्रभाव फेफड़ो पर होता है और फेफड़ो का टी.बी आजकल आम हो गया है। फेफड़ो के टी.बी के अलावा दूसरे किसी टी.बी में एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलने का खतरा नहीं होता। इस रोग को ज़्यादातर पुरषो में पाया जाता है।

इस रोग की सबसे चिंताजनक बात ये है की यह रोग शरीर के जिस हिस्से में होता होता है उसे बेकार कर देता है जिससे व्यक्ति की जान भी जा सकती है।

टी.बी के प्रति लोगो में जागरूकता फ़ैलाने के लिए हर साल 25 मार्च को टी.बी दिवस भी मनाया जाता है।

हर साल भारत में अनेक लोग टी.बी का शिकार होते हैं और बहुत सारे लोगो की इस रोग की वजह से मृत्यु भी हो जाती है। आंकड़ों की बात करें तो हर साल करीब २ लाख बच्चे इस रोग का शिकार बनते हैं। चलिए अब इसके कारणों को जान लेते हैं.

टीबी रोग के कारण

HIV AIDS: ये रोग एचआइवी एड्स की वजह से भी फ़ैल सकता है इसलिए अगर आपको एचआइवी एड्स रोग हुआ है या हुआ था तो टी.बी की जांच ज़रूर करवा लीजिये।

ताकि आपको किसी खतरे का सामना न करना पड़े। जिस व्यक्ति को पहले से टी.बी है, उसके संपर्क में आने से या उसकी चीज़ें इस्तेमाल करने से भी टी.बी हो सकता है।

किसी अंग के ट्रांसप्लांट होने पर दी गईं दवाइयां: काफी बार ऐसा होता है की व्यक्ति किसी अंग के ट्रांसप्लांट की दवाई लेता है लेकिन वहीं दवाई साइड इफ़ेक्ट की वजह से टी.बी जैसी बीमारी का कारण बन जाती है। ये कारण कम ही देखा गया है लेकिन हमें सावधानी ज़रूर रखनी चाहिए।

डायबीटीज: डायबीटीज एक ऐसी बीमारी है जो अपने साथ साथ और कई बिमारियों को लेकर आती है। ऐसे में टी.बी भी इसका कारण बन सकता है। डायबीटीज के बाद अगर आपको टी.बी के लक्षण दीखते हैं तो टी.बी की जाँच जरूर करवाएं

कुपोषण: हर साल कुपोषण के कारण बड़ी संख्या में लोगों को जान से हाथ धोना पड़ता है। कुपोषण एक ऐसी गंभीर समस्या है जो दूसरी बहुत सारी बिमारियों को जन्म दे सकती है। टी.बी भी इस समस्या का कारण हो सकता है। इसके लक्षण दिखते ही डॉक्टर से संपर्क करने में ज़्यादा देर नहीं लगानी चाहिए।

किडनी रोग के कारण: एक रिसर्च के मुताबिक जिन्हें टी.बी का रोग होता है वो किडनी रोग से प्रभावित होते हैं या पहले कभी उन्हें टी.बी का रोग हुआ था।

अगर आप को भी किडनी का रोग हो चूका है या आप टी.बी के लक्षण नोटिस कर रहे हैं तो आपको सतर्क होने की ज़रूरत है.

टी.बी रोग के लक्षण What Is The Symptoms Of Tb Disease In Hindi

खांसी

खांसी टी.बी का सबसे आम लक्षण है। इसमें लगातार खांसी रहती है इसलिए इसका सबसे ज़्यादा प्रभाव फेफड़ो पर रहता है। 2 हफ्ते तक लगातार खांसी रहने पर हमे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। शुरुआत में तो यह आम खांसी रहती है लेकिन बाद में खांसी के साथ खून आने लगता है।

पसीना

ये टी.बी का एक लक्षण है जिसमे मौसम चाहे जैसा भी हो , व्यक्ति को पसीना आता है। रात में पसीना आना आम है। पर समस्या तब आती है जब अधिक ठंड होने के बावजूद भी व्यक्ति को पसीना आता है। बच्चों में सोते समय पसीना देखें तो जल्द ही टी.बी की जांच करवाएं।

थकावट

टी.बी होने पर मरीज़ की बीमारी से लड़ने की क्षमता कम होने लगती है जिसे अंग्रेजी में Immune System कहते हैं। जिससे हर समय बिना कोई मेहनत का काम किये व्यक्ति को थकान रहती है। ताकत कम होने के कारण व्यक्ति कोई ज़्यादा मेहनत वाला काम भी नहीं कर पाता ।

बुखार

टी.बी के मरीज़ो को अक्सर बुखार की समस्या रहती है। शुरुआत में बुखार कम रहता है लेकिन जैसे जैसे टी.बी फैलता है वैसे वैसे बुखार तेज़ होता चला जाता है। ये एक गंभीर समस्या हो सकती है इसलिए सही समय पर आपको इसकी जांच करवा लेनी चाहिए।

वजन घटना

टी.बी के मरीज़ की खाने में रूचि कम होने लगती है वहीं खान-पान पर ध्यान देने पर भी मरीज़ का वजन कम होने लगता है।

बुखार और थकान के साथ साथ वजन घटने पर मरीज को काफी मुश्किलें होती हैं। लगातार वजन कम होता नोटिस करें तो एक बार डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी समझें।

सांस लेने में परेशानी

इसका सबसे ज़्यादा प्रभाव फेफड़ो पर होने के कारण मरीज़ को सांस लेने में परेशानी होने लगती है। ज़्यादा खांसी होने पर सांस फूलने लगती है और दिक्क्त आने लगती है। अगर आपको सांस लेने में परेशानी आ रही है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।

लगातार सरदर्द

अगर आपके सर में लगातार दर्द रहता है तो ये टी.बी का लक्षण हो सकता है। हालाँकि इसके और भी कई कारण हो सकते हैं लेकिन ये भी टी.बी के लक्षणों में शामिल है। इसलिए समय रहते अपनी जांच ज़रूर करवाएं।

बचाव के तरीके

काफी लोगों में ऐसा देखा गया है की टी.बी की बीमारी का पता चलते ही वो घबराने लगते हैं जबकि ऐसी स्थिति में हमे शांत रहना चाहिए और डॉक्टर से इसका इलाज करवाना चाहिए। चलिए अब टी.बी जैसी घातक बीमारी से बचने के तरीकों के बारे में जान लेते हैं।

पूरा कोर्स लें

बहुत सारे लोगो को जब टी.बी की बीमारी कम होने लगती है तो बिना डॉक्टर को बताये दवाई लेना छोड़ देते हैं जो कि बिलकुल गलत है। हमें पूरा कोर्स लेना चाहिए और डॉक्टर की हर सलाह का पालन करना चाहिए ताकि वापिस ये घातक बीमारी हमला न कर पाए।

यहां वहां न थूकें

यहां वहां थूकने से परहेज़ करें और अगर आपको थूकना है तो किसी डिब्बे में थूक कर उसे अच्छी तरह बंद ककरदें ताकि ये रोग दूसरों तक न फ़ैल सके। छींक आने पर मुंह पर रुमाल रखें और लोगों से दुरी बनाकर रखें।

मास्क पहने

संक्रामक रोग होने के कारण इस रोग का जल्दी फैलने का खतरा बना रहता है इसलिए भीड़भाड़ वाले इलाकों में न जाएँ और मास्क का सेवन करें। अगर आपके पास मास्क नहीं है तो खांसते या छींकते समय मुंह नैपकिन या किसी रुमाल से ढक लें।

धूम्रपान से परहेज़ करें

जैसा कि हमने बताया है कि इसका सबसे ज़्यादा प्रभाव फेफड़ों पर पड़ता है इसलिए धूम्रपान जैसी बुरी आदतों को छोड़ दें और चीज़ें खाएं। बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू , शराब आदि का सेवन करना छोड़ दें।

कसरत करें

इस रोग का सीधा प्रभाव हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है इसलिए उसे ठीक रखने के लिए नियमित कसरत एवं योग करें हेल्दी खाना खाएं और ऐसी चीज़ें जिससे आपकी सेहत को नुक्सान पहुंच सकता है से परहेज़ करें।

बच्चों को टीका लगवाएं

टी.बी की रोकथाम के लिए बच्चों में टीका लगवाएं जिससे भविष्य में आने वाली इस गंभीर बिमारी के खतरे को रोका जा सकता है। इसकी शुरुआत काफी सालों पहले हुई थी जिसके कारण बहुत सारे लोगों को इस रोग से बचने का लाभ प्राप्त हुआ है।

टी.बी रोग का इलाज Tb Disease Treatment In Hindi

दवाई

शुरुआत में डॉक्टर टी.बी के लिए कुछ दवाई देते हैं जिससे टी.बी शरीर के दूसरे हिस्सों में नहीं फैलता। अगर फिर भी कुछ हल नहीं होता तो एक्स रे किया जाता है जिससे पता चल सके की टी.बी शरीर के किस हिस्से में फैला है ताकि और बेहतर तरीके से इसका इलाज किया जा सके।

बहुत बार ऐसा देखा जाता है कि लोग बीच में ही दवाई लेना छोड़ देते हैं जो कि बिलकुल गलत है। हमे डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी कदम नहीं उठाना चाहिए।

आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाई

बहुत सारे लोग आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक इलाज पर भरोसा करते हैं क्योंकि इसका कोई साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होता और ये रोग को जड़ से खत्म करने की ताकत रखते हैं।

आप चाहें तो इस तरीके से इलाज भी करवा सकते हैं लेकिन इसमें थोड़ा ज़्यादा समय लग सकता है। इसकी सबसे ख़ास बात है कि इसमें मरीज़ को किसी दर्द से भी नहीं गुज़रना पड़ता।

अगर आप इलाज करवाना चाहते हैं तो आप अपने नज़दीकी आयुर्वेदिक या होम्योपैथिक केंद्र में संपर्क कर सकते हैं।

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उम्मीद करता हूँ दोस्तों टीबी रोग: कारण, लक्षण और इलाज Tb Ke Lakshan Kya Hai का यह लेख आपको पसंद आया होगा. यदि आपको इस बिमारी के बारे में दी जानकारी लाभदायक लगे तो इसे सोशल मिडिया पर जरुर शेयर करें.

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