तेजस्वी यादव का जीवन परिचय Tejashwi Yadav Biography in Hindi

तेजस्वी यादव का जीवन परिचय Tejashwi Yadav Biography in Hindi तेजस्वी एक युवा राजनेता हैं, पॉलिटीशियन बनने से पहले यादव क्रिकेट में काफी सक्रिय थे| वह बिहार के उप मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं और अभी मौजूदा समय में लग रहा है कि यह मुख्यमंत्री भी बनेंगे क्योंकि बिहार में तेजस्वी को चाहने वालों की तादाद बेहद अधिक है| तेजस्वी  राष्ट्रीय जनता दल के प्रतिपक्ष नेता हैं, आइए तेजस्वी यादव का परिचय,  उनका क्रिकेट करियर, शिक्षा, राजनीति, ताजा खबर, परिवार, आदि के बारे में हम आपको अच्छी तरह से रूबरू कराते है| 

तेजस्वी यादव का जीवन परिचय Tejashwi Yadav Biography in Hindi

तेजस्वी यादव का जीवन परिचय Tejashwi Yadav Biography in Hindi
नामतेजस्वी यादव
पिता का नामलालू प्रसाद यादव
माता का नामराबड़ी देवी
जन्मदिन9 नवंबर 1989
जन्म स्थानगोपालगंज, बिहार, भारत
पेशापॉलिटीशियन, क्रिकेटर
राष्ट्रीयताभारतीय
धर्महिन्दू
आयु32
राजनीतिक पार्टीराष्ट्रीय जनता दल
शिक्षा9th
भाई- बहन9
शौकयात्रा करना, गाना सुनना
पत्नीअविवाहित
स्कूलदिल्ली पब्लिक स्कूल आरके पुरम

परिवार

तेजस्वी यादव का जन्म 9 नवंबर 1989 को  गोपालगंज बिहार में हुआ था| तेजस्वी यादव के पिता का नाम लालू प्रसाद यादव है और माता का नाम राबड़ी देवी है| इनके पिता लालू प्रसाद यादव एक जाने-माने राजनेता है|

यहां बता दें कि उनके माता पिता बिहार लेजिसलेटिव असेंबली के मेंबर रह चुके हैं और बाद में इनके पिता लालू प्रसाद बिहार  चीफ मिनिस्टर भी बने थे|

तेजस्वी यादव की माता राबड़ी देवी भी बिहार की 3 बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं|  तेजस्वी के 9 भाई बहन हैं जिनमें यह सबसे छोटे हैं| बता दें उनकी अभी तक शादी नहीं हुई है| 

शिक्षा

तेजस्वी यादव ने अपने आरंभिक शिक्षा पटना में शुरू की थी| और उसके बाद तेजस्वी यादव अपनी बहन के पास दिल्ली आ गए| उनकी बहन  एमबीबीएस की तैयारी कर रही थी| 

यहां पर उनका दाखिला दिल्ली पब्लिक स्कूल वसंत विहार में करा दिया गया था| तेजस्वी ने पांचवी कक्षा तक की पढ़ाई यहीं से कि फिर उसके बाद उन्होंने छठी कक्षा से लेकर 9 वीं कक्षा तक की पढ़ाई दिल्ली पब्लिक स्कूल आर के पुरम से की|  वह अपने स्कूल के समय से ही क्रिकेट खेलने में बेहद रुचि रखते थे| 

Telegram Group Join Now

शादी

साल 2020 के अंत में तेजस्वी ने अपनी बचपन की दोस्त और चंडीगढ़ की रेचल से शादी कर ली हैं. दोनों पिछले सात सालों से एक दूसरे के करीब थे. रेचल एक हरियाणवी ईसाई व्यवसायी परिवार से सम्बन्ध रखती हैं.

उनके धर्म को लेकर लालू यादव और माँ राबड़ी देवी में भी खासी नाराजगी थी. बताया जाता है कि रेचल ने विवाह से पहले हिन्दू धर्म अपनाया हैं और अब वह राजेश्वरी यादव बन चुकी हैं. लालू ने तेजस्वी को छोड़कर सभी बेटे बेटियों की शादी यादव जाति में ही की हैं.

तेजस्वी यादव का क्रिकेट करियर

क्रिकेट को लेकर तेजस्वी यादव की चाहत दिन पर-दिन बढ़ती चली गई| उनकी मेहनत और लगन का ही नतीजा था कि केवल 13 साल की उम्र में ही वह दिल्ली की अंडर-15 टीम का हिस्सा बन गए|

जिस टीम में तेजस्वी यादव आय हुए थे, उसकी अगुवाई बतौर कप्तान विराट कोहली कर रहे थे| तो वहीं इस दौरान तेजस्वी यादव ने इंशात शर्मा के साथ मिल कर कई मैच विनिंग पाटर्नशिप भी खेली|

इसके साथ तेजस्वी यादव ने क्रिकेट के रूप में अपने करियर का चुनाव करते हुए पढ़ाई को छोड़ देने का फैसला किया और उन्होंने अपनी दसवीं की स्कूली शिक्षा को बीच में छोड़ दी। 

जिसके बाद तेजस्वी ने अपना पूरा समय क्रिकेट को आगे बढ़ाने में लगाया और इस युवा खिलाड़ी को उसके बेहतरीन प्रदर्शन के कारण दिल्ली की अंडर 17 और अंडर 19 टीम के लिए हिस्सा बना लिया गया|

वहीं 2008 में तेजस्वी यादव की मेहनत रंग लाई और वह अंडर-19 भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम  का हिस्सा बन गए| 

तेजस्वी यादव का ipl करियर

वर्ष 2008 में यादव का सेलेक्शन देश के सबसे बड़े टूर्नामेंट इंडियन प्रीमियर लीग में हो गया। जाहिर है IPL में तेजस्वी यादव का चुनाव किसी सपने के साकार होने जैसा ही था।

दिल्ली डेयरडेविल्स  का हिस्सा बने तेजस्वी लगातार 4 साल यानी 2012 तक टीम में रहे। हालांकि रिजर्व सीट का खिलाड़ी  होने के कारण तेजस्वी इस मौके को बखूबी भूनाने में कामयाब न हो सके| 

 तेजस्वी यादव को क्रिकेट छोड़ना

क्रिकेट के क्षेत्र में तेजस्वी यादव अभी आगे जाने ही वाले थे  कि साल 2013 में अचानक उन्होंने क्रिकेट छोड़ने का फैसला करके सभी को हैरान कर दिया। उनके इसी एलान ने खेल क्षेत्र से लेकर सियासी गलियारों तक जमकर सूर्खियां बटोरी।

क्रिकेट को छोड़कर जाने की खबर के बाद जहां कई लोगों ने इस फैसले का ठीकरा क्रिकेट में तेजस्वी यादव की नाकामयाबियों पर फोड़ दिया तो वहीं कई राजनीतिक नुमाइंदे उनके इस फैसले को सियासी जामा पहनाने में जुट गए|  

हालांकि इन अफवाहों पर उस वक्त विराम लग गया जब तेजस्वी ने अपने एक इंटरव्यू में क्रिकेट छोड़ने के कारणों का जिक्र किया था| तेजस्वी के मुताबिक हर राज्य की क्रिकेट टीमें अपने राज्य के खिलाड़ियों को मौका देना पसंद करती हैं। वहीं बिहार राज्य का क्रिकेट बोर्ड न होने के कारण बिहार के खिलाड़ियों को दूसरे राज्यों की टीम में दाखिला लेना पड़ता है| 

जहां उन्हीं राज्य के युवा खिलाड़ियों को अधिक प्राथमिकता दी जाती है और दूसरे राज्यों से आए खिलाड़ियों के लिए सीमित विकल्प ही होतें हैं| 

तेजस्वी यादव का राजनीति में आगमन

खेल के क्षेत्र को अलविदा कहने के बाद तेजस्वी यादव ने राजनीति की पिच पर कदम रखा। बिहार की राजनीति में तेजस्वी  यादव की एंट्री जितनी खास थी देश की राजनीति भी उतना ही दिलचस्प रुख अख्तियार कर चुकी थी|

दरअसल यही वो दौर था, जब 2014 के आम चुनावों का आगाज होने वाला था तो दूसरी तरफ मोदी लहर दिल्ली की गद्दी पर दस्तक देने को तैयार थी। 

इन चुनावों के नतीजे चौकानें वाले थे। आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार बीजेपी के रूप में किसी गैर कांग्रेस सरकार ने प्रचंड बहुमत के साथ देश की कमान संभाली थी| 

बिहार विधानसभा चुनावो का आगाज

इन्हीं राजनीतिक समीकरणों के बीच बिहार में भी ठीक अगले साल यानी 2015 में विधानसभा चुनावों का एलान हो गया था। जहां एक तरफ हाल ही में सत्ता के गलियारों से रूबरू हुए तेजस्वी बिहार की सरजमीं पर पार्टी की नींव मजबूत करने में जुटे थे, तो दूसरी तरफ मोदी-शाह के विजयरथ ने बिहार का रुख कर लिया था।

 जाहिर है समूचे देश में मची ‘अबकी बार मोदी सरकार’ की गूंज से बिहार भी अछूता नहीं था। ऐसे में राजद के सामने एक तरफ बीजेपी थी, तो दूसरी तरफ नीतीश कुमार के नेतृत्व में जनता दल यूनाइटेड| 

महागठबंधन सरकार और तेजस्वी यादव

 तेजस्वी यादव ने बिहार के राघवपुर सीट को अपना चुनावी क्षेत्र चुना और पूरे जोर-शोर के साथ पार्टी के प्रचार-प्रसार में जुट गए। तेजस्वी की इस ग्रैंड एंट्री को जनता ने भी हरी झंडी दिखा दी और चुनावों के नतीजों में तेजस्वी ने 91,236 वोटों के साथ जीत दर्ज की।

हालांकि तेजस्वी की यह जीत अब तक फीकी थी क्योंकि राजद बहुमत हासिल करने में नाकाम रही। वहीं राजद, जदयू और कांग्रेस ने मिलकर राज्य में गठबंधन सरकार  बनाने का फैसला किया।

तीनों पार्टियों की इस साझेदारी को महागठबंधन  करार दिया गया और बिहार की जनता ने भी इस साझेदारी को कुबूल कर लिया। 

उपमुख्मंत्री के रूप में

महागठबंधन सरकार ने बिहार का दारोमदार संभाला और मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार । इसके साथ ही युवा विधायक तेजस्वी यादव न सिर्फ नीतीश की पांचवी कैबिनेट का हिस्सा बनें बल्कि सबसे कम उम्र में बिहार के उपमुख्यमंत्री बनने वाले वह पहली ब्यक्ति बन गए।

Irctc घोटाला और cbi जांच

2015 में महागठबंधन सरकार के कार्यकाल शुरू होने के महज कुछ ही दिनों बाद राजद जांच के कठघरे में आ गयी। दरअसल 2004 में राजद के कार्यकाल के दौरान चारा घोटाले मामले और IRCTC घोटाले की पोल खुली तो CBI ने लालू यादव और राबड़ी देवी सहित कई लोगों पर जांच का शिकंजा कस दिया। 

2017 में CBI की अपील पर संज्ञान लेते हुए प्रवर्तन निर्देशालय ने लालू यादव को हिरासत में ले लिया। लालू यादव के जेल जाने से बिहार में सियासी सरगर्मी तेज हो गयी और सत्ता डगमगाने की सुगबुगाहटों पर उस वक्त मुहर लग गयी जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद के साथ महागठबंधन तोड़ते हुए बीजेपी के साथ हाथ मिला लिया| 

विपक्ष के नेता के रूप में तेजस्वी यादव

केवल दो सालों तक उपमुख्यमंत्री रहे तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता बन गए। वहीं लालू यादव के जेल जाने के बाद तेजस्वी को पार्टी की कमान भी संभालनी पड़ी। विपक्ष के नेता को तौर पर भी तेजस्वी बिहार की जनता के चहेते बने रहे।

जिसका सबसे बड़ा कारण था कि बतौर विपक्षी नेता तेजस्वी अकसर विधानसभा से लेकर सड़क तक बिहार की जनता की आवाज बुलंद करते हुए सत्ता को सवालों कठघरे में खड़ा करते रहे हैं।

तेजस्वी यादव का विवाद

  1.  रेल घोटाला__ वर्ष 2017 में तेजस्वी यादव और उसके परिवार के सदस्यों को सीबीआई ने इंडियन रेलवे कैटरिंग में घोटाला करने का दोषी पाया था| लेकिन 2018 में हाईकोर्ट ने तेजस्वी को इस मामले का दोषी नहीं पाया था और इस केस से वह बरी हो गए। क्योंकि जिस समय वह घोटाला हुआ था यानी 2004 में उनकी आयु मात्र 14 साल की थी| 
  1. तेजस्वी का बयान= तेजस्वी यादव के एक बयान से वे काफी सुर्ख़ियों में नजर आयें उन्होंने यह कहा था कि जब बिहार में लालू राज था तो  सारे गरीब लोग बाबू साहब जैसे लोगों के सामने सीना ताने चला करते थे|  यहां बता दें कि यह बयान उन्होंने रोहतास जिले की देहरी विधानसभा में दिया था| इस बयान के चर्चा में आने का कारण यह है क्योंकि सवर्ण समाज को यह लगा कि यह बाबू साहब शब्द उन लोगों के लिए उन्होंने इस्तेमाल किया है|

यादव एक बेहद उभरते हुए समझदार राजनेता है| जिन्होंने मात्र 31 साल की उम्र में अपनी पार्टी को अपने पिता की अनुपस्थिति में इतनी अच्छी तरह से संभाला हुआ है|

अगर वह बिहार के सीएम बनेंगे तो इन से यही उम्मीद होगी कि वह बिहार का विकास करने के साथ-साथ दूसरे महत्वपूर्ण कार्य करेंगे जो राज्य के लिए लाभदायक रहेंगे|

तेजस्वी यादव से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां

  1. तेजस्वी एक भारतीय राजनेता और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की नौ संतानों में सबसे छोटे हैं।
  1. नवंबर 1989 में तेजस्वी यादव के जन्म के चार महीने बाद उनके पिता लालू यादव ने पहली बार बिहार के सीएम के रूप में शपथ ली थी| 
  1.  यादव ने अपनी 8वीं क्लास तक की पढ़ाई दिल्ली से की। क्रिकेट के प्रेमी तेजस्वी यादव ने 8 वीं कक्षा पास करने के बाद अपनी स्कूली शिक्षा छोड़कर क्रिकेट में करियर बनाने का फैसला किया।
  1. उन्होंने अपने स्कूली दिनों में कई क्रिकेट टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया। साथ ही वह अपने स्कूल क्रिकेट टीम के कप्तान भी रहे। उन्होंने विराट कोहली की कप्तानी में दिल्ली क्रिकेट टीम की तरफ से अंडर -15 में भाग लिया था| 
  1.  दिल्ली के लिए कुछ सीज़न खेलने के बाद उन्हें दिल्ली के अंडर -19 क्रिकेट टीम में चुना गया।
  1. दाहिने हाथ के बल्लेबाज तेजस्वी यादव वर्ष 2009 से 2012 तक दिल्ली डेयरडेविल्स टीम का हिस्सा रहे। लेकिन उन्हें कभी भी प्लेइंग इलेवन टीम में जगह नहीं मिल सकी।
  1. तेजस्वी ने अपने पूरे क्रिकेट करियर में 7 घरेलू मैच खेले। उन सात मैचों में उन्होंने सिर्फ 37 रन बनाए और एक विकेट लिया था| 
  1. तेजस्वी यादव ने अपना आखिरी क्रिकेट मैच झारखंड और त्रिपुरा के बीच कटक में खेला था।
  1. तेजस्वी ने जब यह देखा कि क्रिकेट में भी उनका करियर आगे नहीं बढ़ रहा है तो उन्होंने राजनीति में जाने का फैसला किया। वर्ष 2010 में उन्होंने पहली बार अपने पिता लालू प्रसाद यादव के लिए बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार किया।
  1. वर्ष 2015 में तेजस्वी यादव ने 26 साल की उम्र में राष्ट्रीय जनता दल  के टिकट से राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से सफलतापूर्वक चुनाव जीता| 
  1. वर्ष 2016 में तेजस्वी ने एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया था जिसके द्वारा जनता अपने इलाके में क्षतिग्रस्त सड़कों से संबंधित अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकती थी। उस संपर्क नंबर पर संदेशों के बारे में एक इंजीनियर ने जानकारी देते हुए कहा- “इस नंबर पर प्राप्त 47000 संदेश में से लगभग 44,000 व्यक्तिगत संदेश थे जो तेजस्वी यादव को शादी का प्रस्ताव दे रहे थे। केवल 3,000 संदेश ऐसे थे जो सड़क मरम्मत से संबंधित थे।”
  1. 2015 में बिहार के उप मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेकर तेजस्वी बिहार में सबसे कम उम्र के उप मुख्यमंत्री बने। इस पद पर वह 2017 तक रहे।
  1. वर्ष 2020 में बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लगभग सभी एग्जिट पोल ने महागठबंधन की जीत की भविष्यवाणी की थी और तेजस्वी यादव को बिहार के सीएम उम्मीदवार के रूप में सबसे आगे बताया था। लेकिन एग्जिट पोल की भविष्यवाणी गलत सबित हुई और महागठबंधन को 110 सीटों के साथ एनडीए से हार का सामना करना पड़ा। जिसमें एनडीए गठबंधन ने 125 सीटें हासिल कर बिहार में सरकार बनाई। हालाँकि तेजस्वी की राजद पार्टी 75 सीटों के साथ चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। साथ ही तेजस्वी यादव ने बिहार की राघोपुर विधानसभा सीट से 38000 हजार मतों के अंतर से जीत हांसिल की।

यह भी पढ़े

उम्मीद करते है दोस्तों तेजस्वी यादव का जीवन परिचय Tejashwi Yadav Biography in Hindi का यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा. अगर आपको इस लेख में दी जानकारी पसंद आई हो तो अपने फ्रेड्स के साथ जरुर शेयर करें.

Leave a Comment