UPSC CSE RESULT 2019 Topper List Of Last Year प्रदीप सिंह ने किया टॉप तथा हिंदी माध्यम

UPSC Civil Services Final Result 2019: बहुप्रतीक्षित यूपीएससी का रिजल्ट आखिर आज घोषित हो गया हैं. अपने चौथे प्रयास में प्रदीप सिंह ने टॉप किया हैं. 17 फरवरी 2020 से आरम्भ हुई साक्षात्कार प्रक्रिया को कोरोना काल के चलते स्थगित कर दिया था. यूपीएससी 2019 के इन्टरव्यू पुनः 20 से 30 जुलाई के मध्य लिए गये. UPSC CSE RESULT 2019 Topper List Of Last Year प्रदीप सिंह ने किया टॉप तथा हिंदी माध्यम में हम जानेगे इन परिणामो तथा टॉपर लिस्ट व टॉप करने वाले प्रदीप सिंह के बारें में.

UPSC CSE RESULT 2019 Topper List Of Last Year प्रदीप सिंह ने किया टॉप तथा हिंदी माध्यम

UPSC CSE RESULT 2019 Topper List Of Last Year प्रदीप सिंह ने किया टॉप तथा हिंदी माध्यम

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित देश के सबसे प्रतिष्ठित सिविल सर्विस एग्जाम 2019 का परिणाम घोषित किया  जिसमें 829 अभ्यर्थियों का चयन हुआ इन 829 चयनित अभ्यर्थियों में जनरल केटेगरी से 304 ईडब्ल्यूएस श्रेणी में 78 ओबीसी से 251 अनुसूचित जाति से 129 तथा अनुसूचित जनजाति से 67 लोगों का चयन हुआ. उपरोक्त 829 चयनित अभ्यर्थियों में 180 आईएएस आई एफ एस में 24 आईपीएस में 150 केंद्रीय सेवा ए ग्रुप में 438 तथा केंद्रीय सेवा के बी ग्रुप में 138 पदों का निर्धारण है.

इस बार इस एग्जाम को टॉप प्रदीप सिंह ने किया प्रदीप सिंह हरियाणा के सोनीपत जिले से आते हैं. प्रदीप सिंह ने बताया कि मुझे पूरा विश्वास था. कि इस एग्जाम  मेरा  चयन हो जाएगा परंतु टॉप करने की उम्मीद नहीं थी. उनके इस वक्तव्य से सीख मिलती है. कि जो सच में कुछ करना चाहते हैं उन्हें यह पता होता है कि वो इस काम को कर लेंगे तथा उन्हें खुद पर यकीन होता है इसलिए अपने इरादों को मजबूत रखें.

प्रदीप सिंह

संघ लोक सेवा आयोग ने 2019 मुख्य परीक्षा का आयोजन 20 से 29 सितंबर 2019 के मध्य किया था मुख्य परीक्षा के लिए 11845 अभ्यर्थियों का चयन किया गया था तथा  साक्षात्कार के लिए 2304 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था. उल्लेखनीय है कि कोरोना प्रभाव के कारण साक्षात्कार तय समय में नहीं हो पाए.

इस एग्जाम के टॉपर्स ने सफलता के  गुरु मंत्र दिए इन्होंने अनुशासन व इच्छाशक्ति के साथ चिंतनशील सोच आत्मविश्वास दृढ़ निश्चय आत्म निरीक्षण स्पष्ट लक्ष्य व संगठनात्मक कौशल तथा निरंतरता को सफलता के प्रमुख स्तंभ बताएं तो कहा जा सकता है कोई भी लक्ष्य मनुष्य के साहस से बड़ा नहीं हारा वही जो लड़ा नहीं.

परिणाम के घोषित होने के बाद हिंदी माध्यम के प्रदर्शन को लेकर हिंदी माध्यम से जुड़ी संस्थाओं तथा  अभ्यर्थियों में जिज्ञासा देखी गई तथा आशंका व्यक्त की गई कि इस बार भी हिंदी माध्यम का परिणाम आशानुरूप नहीं रहा है.  हिंदी माध्यम की चिंताओं के मुख्य कारणों पर नजर डालें तो पिछले कुछ वर्षों में हिंदी माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों की संख्या से स्पष्ट होती है.

हिंदी माध्यम के प्रदर्शन

वर्ष 2013 में हिंदी माध्यम के टॉपर की ऑल इंडिया रैंक 107 रही वहीं 2014 में 13 वी रैंक पर हिंदी मध्यम का टॉपर रहा परंतु इस वर्ष कुल चयनित अभ्यर्थियों में 5% के आसपास हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों का चयन हुआ.

उसके बाद हिंदी माध्यम से 2015 में 61 वी रैंक पर प्रथम तथा 99 रैंक पर द्वितीय अभ्यर्थी रहा. 2016 में टॉप 50 मे हिंदी माध्यम से 3 अभ्यर्थियों ने जगह बनाई तथा 2017 में हिंदी माध्यम से 50 से भी कम चयन हुए 2018 में ऑल इंडिया 337 रैंक  हिंदी माध्यम के टॉपर की रही.

UPSC CSE RESULT 2019 Topper List

UPSC CSE RESULT 2019 Topper List

उपरोक्त आंकड़ों से सिद्ध होता है कि हिंदी माध्यम से देश के इस प्रतिष्ठित एग्जाम में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की चिंताएं बुनियादी है. हिंदी  भाषा भारत में सर्वाधिक क्षेत्र तथा जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करती है. तथा हिंदी माध्यम से इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों का  अनुपात भी  अधिक रहता है. जिसमें अधिकांश अभ्यर्थी समाज के निम्न तथा मध्यम वर्ग से संबंध रखते हैं जिनकी शुरुआती शिक्षा ग्रामीण सरकारी विद्यालयों में पूर्ण होती है ऐसे अभ्यर्थी इस एग्जाम में अंग्रेजी मीडियम के अभ्यर्थियों से पिछड़ जाते हैं.

हिंदी माध्यम  की इस स्थिति को लेकर कई आंदोलन भी हुए हैं. तथा इस परीक्षा की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न उठाए जाते हैं जो बेबुनियादी से लगते हैं यह एक गंभीर विषय होने के साथ ही हिंदी माध्यम से संबंधित देश के बड़े-बड़े कोचिंग संस्थानों के लिए चुनौती भी हिंदी माध्यम की इस दशा के प्रमुख कारणों में इस एग्जाम से संबंधित उचित मटेरियल का हिंदी भाषा में उपलब्ध ना होना तथा राष्ट्रीय स्तर के ऐसे न्यूज़पेपर की कमी जो इस परीक्षा की मांग को पूरा करता हो इत्यादि कई कारण जिम्मेदार है . इसलिए हिंदी माध्यम के कोचिंग संस्थानों तथा आने वाले वर्षों में इस एग्जाम की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को हिंदी माध्यम के समक्ष प्रमुख चुनौतियों से निपटने के लिए कमियों का सूक्ष्मता से गहन अध्ययन और विश्लेषण करते हुए इनको दूर करने हेतु समुचित कदम उठाने चाहिए.

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