वीरेंद्र सहवाग का जीवन परिचय | Virender Sehwag Biography In Hindi

वीरेंद्र सहवाग का जीवन परिचय | Virender Sehwag Biography In Hindi आज के समय में विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सिंह सहवाग का नाम गर्व के साथ लिया जाता है जिन्होंने क्रिकेट जगत में एक नई क्रांति ला कर रख दी है और जिन्होंने युवाओं को भी प्रेरित करने का कार्य किया है। ऐसे में आज हम आपको वीरेंद्र सहवाग के बारे में जानकारी देंगे जिन्होंने क्रिकेट जगत में खुद का नाम रोशन किया और देश के लिए खेलते हुए उन्होंने अपने देश प्रेम को भी जाहिर किया है।

वीरेंद्र सहवाग का जीवन परिचय Virender Sehwag Biography In Hindi

वीरेंद्र सहवाग का जीवन परिचय Virender Sehwag Biography In Hindi
वास्तविक नाम वीरेंदर सहवाग 
निकनेम वीरू, नजफगढ़ का नवाब, मुल्तान का सुल्तान 
पेशा अंतराष्ट्रीय क्रिकेटर 
पसंदीदा शॉट  स्कवायर कट 
जन्मतिथि 26 अक्टूबर 1978
जन्मस्थान हरियाणा 
शिक्षा ग्रेजुएट 
धर्म हिन्दू 

सहवाग का जन्म

वीरेंद्र सिंह सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को हरियाणा में हुआ था। वे एक जाट परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वीरेंद्र सहवाग चार भाई बहन है जिनमें से उनकी दो बड़ी बहने हैं और एक छोटा भाई है। विरेंद्र सहवाग  के पिता का नाम किशन सहवाग एवं मां का नाम कृष्णा सहवाग है। उनका दिल्ली के नजफगढ़ में निवास स्थान है।

पत्नी

वीरेंद्र सहवाग ने सन 2004 में आरती अहलावत से विवाह किया था और उसके बाद उनके दो पुत्र हुए।

वीरेंद्र सहवाग की प्रारंभिक शिक्षा

वीरेंद्र सहवाग का मन ज्यादातर पढ़ाई में नहीं लगता था और उन्होंने खुद को क्रिकेट के लिए समर्पित कर दिया था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा अरोरा विंध्या स्कूल दिल्ली से संपन्न हुई थी एवं इन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की थी।

सहवाग के विभिन्न नाम

वैसे तो लोग प्यार से वीरेंद्र सहवाग को “सहवाग” कहकर ही पुकारते हैं इसके अलावा लोग उन्हें नजफगढ़ के नवाब, मुल्तान के सुल्तान, वीरू और जेन मास्टर ऑफ मॉडर्न क्रिकेट के नाम से पुकारते हैं।

वीरेंद्र सहवाग का बतौर खिलाड़ी जीवन

वीरेंद्र सहवाग का एक खिलाड़ी के तौर पर जीवन बहुत ही उम्दा रहा जहां उन्होंने प्रत्येक देश के खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए खुद को साबित किया है।

लोग हमेशा उनके बेखौफ अंदाज के कायल नजर आते हैं, जहां वे पूरी ईमानदारी के साथ बल्लेबाजी करते हैं और गेंदबाजों पर हावी होने लग जाते हैं। ऐसे में उनके द्वारा लगाए गए मास्टर स्ट्रोक भी लोगों को बेहद पसंद आते हैं।

वीरेंद्र सहवाग के शुरुआती मैच

वीरेंद्र सहवाग को मैच खेलना बहुत पसंद था और यही वजह थी कि वे इस खेल में आगे की ओर आए। जिसमें सबसे पहले उन्होंने 1997 में दिल्ली क्रिकेट में शामिल होकर अपनी बेहतरीन करियर की शुरुआत की थी जहां पर उनका 1998 में “दिलीप ट्रॉफी” के लिए सलेक्शन हो गया था।

जहां इन्होंने कड़ी मेहनत की थी और बहुत ही जल्द सफलता हासिल कर ली थी। धीरे-धीरे इन्होंने रणजी ट्रॉफी में खेलना शुरू किया और चयनकर्ताओं की नजर में आने लगे थे।

वीरेंद्र सहवाग का वनडे इंटरनेशनल करियर

  1. इन्होंने अपने करियर का सबसे पहला मैच 1999 में खेला था, जो पाकिस्तान के खिलाफ था जिसमें उन्होंने बिल्कुल भी अच्छा स्कोर हासिल नहीं किया और एलबीडब्ल्यू हो गए थे और उसके बाद काफी दिनों तक उन्हें क्रिकेट खेलने का मौका प्राप्त नहीं हुआ था।
  2. धीरे-धीरे वह अपनी मेहनत में निखार लाते गए और 2001 में होने वाले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में उन्होंने बहुत ही अच्छा प्रदर्शन करके “मैन ऑफ द मैच” की ट्रॉफी हासिल की। इस खेल के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और हमेशा आगे ही बढ़ते गए।
  3. इसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने अच्छा प्रदर्शन करते हुए कई बार “मैन ऑफ द मैच” की ट्रॉफी हासिल की जिसमें से उन्हें सचिन के साथ खेलना बहुत पसंद आता था और अपनी उम्दा पारी भी वे सचिन के साथ ही खेल पाते थे।
  4. इसके बाद उन्होंने 2003 में वर्ल्ड कप खेला जिसमें उन्होंने 299 रन की बेहतरीन पारी खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन इस मैच में इंडिया की  हार हो चुकी थी लेकिन उनकी यादगार पारी को लोग हमेशा याद रखते हैं।
  5.  इसके बाद 2009 में वनडे इंटरनेशनल में उन्होंने सबसे तेज शतक बनाया वह भी न्यूज़ीलैंड के खिलाफ, जिसमें की उन्होंने भारत का नेतृत्व करते हुए टीम को बेहतरीन जीत दिला दी थी।
  6. इस प्रकार से धीरे-धीरे उन्होंने अपनी सफलता का परचम लहराते हुए कई मुख्य टीमों को हराया।

वीरेंद्र सहवाग का पहला अंतरराष्ट्रीय मैच

वीरेंद्र सहवाग ने खुद को हर मोड़ पर साबित किया है अगर उनके पहले अंतरराष्ट्रीय मैच की बात की जाए तो वह 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला गया था,

जिसमें उन्होंने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और उसके बाद उन्हें टीम से निकाल दिया गया था लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने खुद के अंदर सुधार लाते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया और 2001 में ट्राई सीरीज में उन्होंने बेहतरीन पारी खेलते हुए अर्धशतक लगाया जिस पर उन्हें अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी।

वीरेंद्र सहवाग के खेलने का तरीका

इनके खेलने का तरीका बहुत ही उम्दा था जिसे कई लोग फॉलो किया करते थे। यह अपने राइट हैंड से खेलते थे और जिसे शुरुआत में कुछ हद तक गलत भी बताया जा रहा था लेकिन धीरे-धीरे इनके प्रयास से इन्होंने नए-नए कीर्तिमान हासिल किए और इन्हें एक रोमांचक बल्लेबाज के रूप में जाना जाने लगा था। यह सचिन तेंदुलकर के बहुत बड़े फैन हैं।

वीरेंद्र सहवाग को मिलने वाले कीर्तिमान

  • वीरेंद्र सहवाग के बेहतरीन खेल को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2002 में “अर्जुन पुरस्कार” से सम्मानित किया था।
  • इसके बाद 2008 में उन्हें “विजडन लीडिंग क्रिकेटर इन द वर्ल्ड” के सम्मान से नवाजा गया था जो उनके लिए बहुत ही गौरवान्वित पल था।
  • इसके साथ ही साथ 2011 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर के नाते “ईएसपीएन क्रिकइंफो अवार्ड” दिया गया था।

वीरेंद्र सहवाग द्वारा स्पॉन्सर की गई विभिन्न कंपनियां

आज तक वीरेंद्र सहवाग ने कई प्रकार की कंपनियों को स्पॉन्सर किया है, जिनमें से कुछ मुख्य निम्नलिखित है।

  1. रॉयल चैलेंज
  2. झंडू बाम
  3. जेके सीमेंट लिमिटेड
  4. एडिडास
  5. रसना

वीरेंद्र सहवाग के जीवन से जुड़ी मुख्य बातें

वैसे तो वीरेंद्र सहवाग एक बहुत ही उम्दा खिलाड़ियों में जाने जाते हैं जिनके बारे में हमें कई सारी जानकारी प्राप्त हैं लेकिन आज हम आपको इनसे जुड़ी कुछ मुख्य बातों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जिनके बारे में आप शायद अनभिज्ञ हों।

1) सबसे पहला वनडे मैच इन्होंने 1 अप्रैल 1999 को खेला था, जिसमें इन्हें औसत सफलता हासिल हुई थी।

2) इन्होंने सबसे आखिरी वनडे मैच 3 जनवरी 2013 को खेला था।

3) इन्होंने ट्टी-20 मैच में भी खुद को साबित किया था जहां पहला ट्वेंटी-20 मैच 1 दिसंबर 2006 को खेला गया था।

4) इसके बाद उन्होंने सबसे आखिरी ट्टी-20 मैच 2 अक्टूबर 2012 को खेला गया था।

5) सबसे पहला टेस्ट मैच इन्होंने 3 नवंबर 2001 को खेला एवं सबसे आखिरी टेस्ट मैच 5 मार्च 2013 को खेला था जिसके दरमियान इन्होंने कई सारे टेस्ट मैचों में खेल कर खुद को साबित भी कर दिया था।

वीरेंद्र सहवाग के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विवाद

ऐसे तो वीरेंद्र सहवाग को एक बेहतरीन खिलाड़ी के रूप में जाना जाता है लेकिन विवादों ने उनका साथ भी पीछा नहीं छोड़ा है और वह भी कहीं न कहीं विवादों से घिरे नजर आते ही हैं।

  1. कुछ वर्षों पूर्व महेंद्र सिंह धोनी और उनके बीच में कई प्रकार के विवाद देखे गए हैं जिनके बाद उनके रिश्ते में दरार भी आ चुकी थी धीरे-धीरे यह मामला भी सुलझ गया लेकिन यह विवाद काफी लंबे तक चला।
  2. क्रिकेट के अलावा वे हमेशा ट्वीट करने पर भी जोर देते हैं, जहां उन्हें विवाद का सामना करना पड़ा था जब आदिवासी पुरुष की हत्या कर देने पर उन्होंने गलत ट्वीट कर दिया था। लेकिन बाद में उन्हें लोगों से माफी भी मांगी पड़ी थी।

रोचक बातें-

आज हम आपको वीरेंद्र सहवाग के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में बताएंगे जो निश्चित रूप से ही आपके लिए मजेदार साबित होंगे

  1. कई बार देखा जाता है कि क्रिकेटरों के द्वारा अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी उन्हें उनकी लोकल जगह के नाम से संबोधित कर दिया जाता है। ऐसे में वीरेंद्र सहवाग को मुल्तान का सुल्तान और नजफगढ़ के नवाब की उपाधि दी गई है।
  2. जबसे उन्होंने क्रिकेट में कदम रखा है तब से ही सचिन तेंदुलकर के वे बहुत बड़े फैन रहे हैं जिनको लोग आज तक फॉलो करते नजर आए हैं।
  3. वे हमेशा सोशल मीडिया पर भी छाए होते हैं, ऐसे में उन्होंने 2017 में ही लगभग 10 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर का रिकॉर्ड बना लिया था।
  4. वीरेंद्र सहवाग की प्रसिद्धि इसी बात से जाहिर हो जाती है कि उनके नाम पर एक इंटरनेशनल स्कूल का नाम भी रखा गया है जिसे “सहवाग इंटरनेशनल स्कूल” कहा जाता है, जो गुड़गांव हरियाणा में स्थित है।
  5. खेल के अलावा उन्होंने अपना एक अलग शौक पूरा किया है और 2006 में उन्होंने वेजीटेरियन रेस्टोरेंट खोला जिसका नाम “सहवाग फेवरेट” रखा गया है।

खास पसंद

पसंदीदा हीरोअमिताभ बच्चन, शाहरुख खान
पसंदीदा क्रिकेटरसचिन तेंदुलकर
पसंदीदा मिठाई  खीर
पसंदीदा फलआम
पसंदीदा स्टेडियमफिरोज शाह कोटला ग्राउंड, दिल्ली
पसंदीदा खेलटेबल टेनिस और बैडमिंटन
पसंदीदा गायककिशोर कुमार, मोहम्मद रफी
पसंदीदा गायिका  लता मंगेशकर

वीरेंद्र सहवाग इन भाषाओं के हैं जानकार

वीरेंद्र सहवाग मुख्य रूप से हिंदी, इंग्लिश और पंजाबी भाषा के जानकार हैं और उन्हें हिंदी बोलना काफी पसंद है।

संपत्ति

वीरेंद्र सहवाग की संपत्ति 265 करोड रुपए आंकी गई है, जहां उन्होंने वनडे मैच के लिए लगभग ₹4 लाख, T20 मैच के लिए लगभग ₹2 लाख और आईपीएल के लिए 3:30 करोड़ रुपए प्राप्त होते हैं। इसके अलावा उन्होंने कमेंटेटर के रूप में भी अच्छी खासी संपत्ति बना ली है।

रिटायरमेंट

वीरेंद्र सहवाग का क्रिकेट करियर बहुत लंबा था, जहां उन्होंने काफी उतार-चढ़ाव भरा संघर्ष किया 2015 में उन्होंने रिटायरमेंट की घोषणा कर दी थी। 

उन्होंने अपने करियर में कुल 104 टेस्ट मैच खेले। वहीं 251 वनडे इंटरनेशनल मैच और 19 t-20 अन्तराष्ट्रीय मैच खेले हैं साथ-साथ आईपीएल में उन्होंने 104 मैच खेले हैं और जो उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

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इस प्रकार से आज हमने आपके सामने वीरेंद्र सहवाग के बारे में जानकारी प्रस्तुत की है। सहवाग हमारे देश के मशहूर क्रिकेटरों में से एक हैं जिन्होंने हमेशा युवा वर्ग को प्रोत्साहित करने का कार्य किया है।

उनके रिटायरमेंट लेने के बाद भी हम उनके प्रति अपने आदर भाव को हमेशा बरकरार रखते हैं और उनके खेल की इज्जत भी करते हैं। उन्होंने अच्छा खेल दिखाते हुए भारत को कई बार जीत हासिल कराई है। ऐसे में उन्हें एक आइडियल के रूप में मानना गलत नहीं होगा।

उम्मीद करते हैं हमारा यह वीरेंद्र सहवाग का जीवन परिचय | Virender Sehwag Biography In Hindi का लेख आपको पसंद आएगा इसे अंत तक पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।

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