ब्रॉडबैंड क्या है और कैसे काम करता है | What is Broadband in Hindi

ब्रॉडबैंड क्या है और कैसे काम करता है | What is Broadband in Hindi भारत में विभिन्न टेलीकम्युनिकेशन कंपनी के द्वारा ब्रॉडबैंड की सर्विस उपलब्ध करवाई जाती है जिनमें से आप किसी भी कंपनी की ब्रॉडबैंड सर्विस को ले सकते हैं। हालांकि किसी भी कंपनी की ब्रॉडबैंड सर्विस का सब्सक्रिप्शन लेने से पहले आप इस बात को अवश्य पता कर ले कि उस कंपनी के द्वारा ब्रॉडबैंड की सर्विस कितने रुपए में दी जा रही है और उस कंपनी के द्वारा जो इंटरनेट की स्पीड है वह कैसी है। 

अगर आपको अधिकतर समय इंटरनेट पर नहीं व्यतित करना है तो आपको ब्रॉडबैंड कनेक्शन लेने से बचना चाहिए परंतु अगर आपको अच्छी इंटरनेट स्पीड की आवश्यकता है तो आप ब्रॉडबैंड कनेक्शन ले सकते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको जानकारी दे रहे हैं कि “ब्रॉडबैंड क्या है” और “ब्रॉडबैंड कैसे काम करता है।”

ब्रॉडबैंड क्या है?

ब्रॉडबैंड क्या है और कैसे काम करता है | What is Broadband in Hindi

What is Broadband in Hindi

ब्रॉडबैंड के द्वारा मिलने वाली इंटरनेट स्पीड बहुत ही फास्ट होती है। आप ब्रॉडबैंड को Widely Used Bandwidth भी कह सकते हैं। ब्रॉडबैंड की खूबी यह है कि यह लंबी दूरी तक भी हाई स्पीड से डाटा को ट्रांसमिट करने की कैपेसिटी रखता है। ब्रॉडबैंड के द्वारा डाटा का आदान प्रदान करने के लिए फाइबर ऑप्टिक केबल अथवा radio-frequency का इस्तेमाल किया जाता है।

ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल यूजर पेज स्पीड के साथ इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए करता है। इंडिया में ब्रॉडबैंड की सर्विस देने वाली कई मुख्य कंपनी मौजूद हैं जिनके ब्रॉडबैंड की स्पीड अलग-अलग होती है और उनके ब्रॉडबैंड की सर्विस को इस्तेमाल करने के लिए अलग-अलग प्लान होते हैं।

कुछ प्लान महीने के हिसाब से होते हैं तो कुछ ब्रॉडबैंड प्लान सालाना तौर पर होते हैं। ब्रॉडबैंड के द्वारा सिंगल लाइन की जगह पर डाटा का आदान प्रदान करने के लिए एक से ज्यादा बैंड का इस्तेमाल किया जाता है। 

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इसलिए पारंपरिक डायल अप इंटरनेट कनेक्शन की तुलना में ब्रॉडबैंड के द्वारा तेजी से डाटा का ट्रांसमिशन होता है। ब्रॉडबैंड के द्वारा ही इंटरनेट यूजर को बेहतरीन इंटरनेट एक्सेस का एक्सपीरियंस प्राप्त होता है। 

ब्रॉडबैंड का मतलब क्या है

तेज स्पीड और हाई बैंडविथ कम्युनिकेशन इन्फ्राट्रक्चर के लिए ब्रॉडबैंड शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। इसका इस्तेमाल तेज इंटरनेट पहुंचाने के लिए कंपनियों के द्वारा किया जाता है और इससे यूजर लाभान्वित होते हैं। 

ब्रॉडबैंड का फुल फॉर्म अंग्रेजी भाषा में ब्रॉडबैंडविथ होता है। हिंदी भाषा में ब्रॉडबैंड विथ को व्यापक बैंडविथ कहा जाता है। हमारे भारत देश में पहली बार साल 1995 में 15 अगस्त के दिन विदेश संचार निगम लिमिटेड के द्वारा ब्रॉडबैंड की सर्विस की शुरूआत की गई थी।

ब्रॉडबैंड कैसे काम करता है?

जो पुराने डायल अप कनेक्शन थे उनके द्वारा डाटा ट्रांसमिट करने के लिए सिंगल लाइन का इस्तेमाल किया जाता था परंतु ब्रॉडबैंड इससे थोड़ा हटके काम करता है। 

ब्रॉडबैंड के द्वारा सिंगल लाइन की जगह पर अलग-अलग लाइन के द्वारा डाटा का ट्रांसमिशन किया जाता है और इसी खूबी की वजह से इंटरनेट यूजर को तेज गति का इंटरनेट प्राप्त होता है जिसकी वजह से आसानी से फाइल ओपन हो जाती है तथा अधिक एमबी साइज वाली फाइल भी जल्दी से अपलोड हो जाती है।

जहां पुराने डायल अप कनेक्शन में डाटा का ट्रांसमिशन करने के लिए या फिर किसी फाइल को अपलोड अथवा डाउनलोड करने के लिए समय लगता था वही ब्रॉडबैंड के द्वारा इन सभी कामों को करने के लिए कम से कम समय लगता है क्योंकि ब्रॉडबैंड से तेज इंटरनेट की स्पीड हासिल होती है जिससे डाटा अपलोडिंग/डाउनलोडिंग की प्रक्रिया तेज होती है 

ब्रॉडबैंड के प्रकार क्या है

ब्रॉडबैंड के प्रकार तो कई सारे होते हैं परंतु उनमें से 5 ही ऐसे ब्रॉडबैंड है जिनका इस्तेमाल सबसे अधिक किया जाता है। नीचे हम आपको उन पांचों ही ब्रॉडबैंड के नाम बता रहे हैं, साथ ही उनके बारे में थोड़ी थोड़ी जानकारी भी उपलब्ध करवा रहे हैं।

  • डीएसएल ब्रॉडबैंड
  • केबल मॉडेम 
  • फाइबर ऑप्टिक्स 
  • वायरलेस ब्रॉडबैंड 
  • सॅटॅलाइट ब्रॉडबैंड 

1: DSL (Digital Subscriber Line)

डिजिटल सब्सक्राइबर लाइन ब्रॉडबैंड के द्वारा जो इंटरनेट की स्पीड प्राप्त होती है वह काफी अधिक होती है। इसलिए बड़े पैमाने पर डिजिटल सब्सक्राइबर लाइन ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल लोगों के द्वारा किया जाता है। 

इसके द्वारा टेलीफोन लाइन का इस्तेमाल करके लोगों के घरों में या फिर ऑफिस में पहले से ही उपलब्ध कॉपर वायर पर डाटा को ट्रांसमीट किया जाता है। आपको बता दें कि डिजिटल सब्सक्राइबर लाइन ब्रॉडबैंड की गति 100 केबीपीएस से लेकर के लाखों एमबीपीएस तक हो सकती है।

डिजिटल सब्सक्राइबर लाइन भी दो प्रकार के होते हैं। पहला है एसिमिट्रिकल डिजिटल सब्सक्राइबर लाइन ब्रॉडबैंड और दूसरा है सिमिट्रिकल डिजिटल सब्सक्राइबर लाइन।

• Asymmetrical DSL Broadband

इसे असममित डीएसएल ब्रॉडबैंड भी कहा जाता है। इस प्रकार के ब्रॉडबैंड को काफी अधिक मात्रा में डाटा हासिल होते हैं परंतु इनके द्वारा ज्यादा मात्रा में डाटा को सेंड नहीं किया जाता है। घर पर इस्तेमाल करने के लिए इस प्रकार के ब्रॉडबैंड बहुत ही अच्छे माने जाते हैं क्योंकि अधिकतर घर के लोगों के द्वारा इंटरनेट का इस्तेमाल वीडियो देखने के लिए, इंटरनेट चलाने के लिए या फिर गेम खेलने के लिए किया जाता है।

• Symmetrical digital subscriber line 

इसे सममित DSL ब्रॉडबैंड कहते हैं। इस प्रकार के डीएसएल ब्रॉडबैंड के द्वारा डाटा का आदान-प्रदान काफी बड़ी मात्रा में किया जाता है और इसीलिए इस प्रकार के ब्रॉडबैंड का इस्तेमाल अधिकतर बिजनेस करने वाली कंपनियां/ बिजनेस करने वाले लोगों के द्वारा किया जाता है, क्योंकि बिजनेस में इंटरनेट का इस्तेमाल वीडियो कॉन्फ्रेसिंग जैसे कामों को पूर्ण करने के लिए किया जाता है जिसके लिए अधिक बैंडविथ की जरूरत पड़ती है।

2: Cable Modem

केबल कंपनी के द्वारा केबल मॉडेम ब्रॉडबैंड को यूजर के इस्तेमाल के लिए प्रदान किया जाता है। केबल ब्रॉडबैंड Coaxial Cable का इस्तेमाल करके डाटा का ट्रांसमिशन करते हैं। 

आप चाहे तो इसके द्वारा टेलीविजन के साथ ही साथ आसानी से इंटरनेट की सुविधा का फायदा घर बैठे उठा सकते हैं। केबल मॉडेम एक प्रकार का एक्सटर्नल डिवाइस होता है। इसके द्वारा डाटा का ट्रांसमिशन करने की स्पीड 1.5 एमबीपीएस अथवा इससे अधिक की हो सकती है।

3: Fiber Optics Broadband 

फाइबर ऑप्टिक ब्रॉडबैंड के द्वारा ऑप्टिकल सिग्नल का इस्तेमाल किया जाता है। फाइबर ऑप्टिक ब्रॉडबैंड इलेक्ट्रिकल सिग्नल को प्रकाश में कन्वर्ट करता है और उसके पश्चात इलेक्ट्रिकल सिग्नल को डाटा तक लेकर जाता है। 

फाइबर ऑप्टिक केबल के डाटा को ट्रांसमिशन करने की स्पीड केबल मॉडेम और डीएसएल केबल की तुलना में ज्यादा होती है। देश और दुनिया में विभिन्न प्रकार की टेलीकम्युनिकेशन कंपनी के द्वारा फाइबर ऑप्टिक ब्रॉडबैंड की सर्विस दी जा रही है जिसके प्लान मंथली और सालाना दोनों तौर पर होते हैं।

4: Wireless Broadband 

इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के द्वारा वायरलेस ब्रॉडबैंड की सहायता लेकर रेडियो सिग्नल के जरिए डाटा का ट्रांसमिशन किया जाता है। इसका इस्तेमाल ऐसे इलाके में अधिकतर किया जाता है जहां पर टेलीफोन लाइन को पहुंचाना मुश्किल है अथवा जहां पर केबल के द्वारा इंटरनेट पहुंचाना आसान नहीं है। 

वायरलेस ब्रॉडबैंड के अंतर्गत रेडियो सिग्नल के जरिए इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर और यूजर के बीच डाटा का ट्रांसमिशन होता है। हालांकि इसकी कमी यह है कि इसमें स्पीड काफी अच्छी नहीं मिल पाती है।

5: Satellite Broadband 

सेटेलाइट ब्रॉडबैंड, ब्रॉडबैंड कनेक्शन का सबसे एडवांस वर्जन है। सेटेलाइट ब्रॉडबैंड ऐसे इलाकों के लिए बहुत ही फायदेमंद है जहां पर इंटरनेट पहुंचाया जाना संभव नहीं है। सेटेलाइट ब्रॉडबैंड की खासियत है कि यह अंटार्टिका के इलाके में भी काम कर सकता है और रेगिस्तानी इलाके में भी काम कर सकता है।

सेटेलाइट ब्रॉडबैंड के अंतर्गत ना तो किसी भी प्रकार के केबल को बिछाने की आवश्यकता है ना ही किसी भी प्रकार के टावर को स्थापित करने की आवश्यकता है। सेटेलाइट ब्रॉडबैंड के अंतर्गत सेटेलाइट को आकाश मंडल में छोड़ा गया है उसी के द्वारा यूजर को इंटरनेट की प्राप्ति होगी।

इस प्रकार के ब्रॉडबैंड इंटरनेट का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के लोगों को इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करवाना है। सेटेलाइट ब्रॉडबैंड से प्राप्त होने वाली इंटरनेट की स्पीड काफी बेहतरीन होगी। 

मुख्य तौर पर एलन मस्क की कंपनी Starlink के द्वारा सैटेलाइट ब्रॉडबैंड उपलब्ध करवाने के लिए तेज गति के साथ काम किया जा रहा है। हमारे देश में भी साल 2023 के फरवरी महीने तक सेटेलाइट ब्रॉडबैंड लॉन्च होने की उम्मीद है।

ब्रॉडबैंड के फायदे क्या है

ब्रॉडबैंड के एडवांटेज क्या है अथवा ब्रॉडबैंड के लाभ क्या है, अब आईए इसके बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं।

• तेज इंटरनेट की स्पीड

स्पीड डायल अप कनेक्शन की तुलना में ब्रॉडबैंड कनेक्शन के द्वारा आपको इंटरनेट की तेज स्पीड प्राप्त होती है। इसलिए ऐसे यूज़र जो अपने कामों को करने के लिए तेज इंटरनेट की स्पीड प्राप्त करना चाहते हैं वह ब्रॉडबैंड इंटरनेट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

• बार-बार कनेक्शन स्थापित करने से छुट्टी

जिस प्रकार से आपको डायल अप कनेक्शन में बार-बार इंटरनेट कनेक्ट करना पड़ता है, यह प्रक्रिया आपको ब्रॉडबैंड कनेक्शन में बार-बार नहीं करनी पड़ती है। एक बार जब आप ब्रॉडबैंड कनेक्शन के साथ अपने डिवाइस को कनेक्ट कर लेते हैं तो वह लगातार ऑन ही रहता है।

• अनलिमिटेड इंटरनेट कनेक्शन

अगर आपने ब्रॉडबैंड कनेक्शन ले कर के रखा है तो आपको अनलिमिटेड इंटरनेट एक्सेस प्राप्त होता है। आपको यहां पर डाटा की लिमिट के अनुसार पेमेंट नहीं करनी होती है। इसीलिए जिस कंपनी के द्वारा अथवा जिस व्यक्ति के द्वारा लगातार इंटरनेट पर काम किया जाता है उनके लिए यह बेहतरीन साबित होता है।

• ज्यादा महंगा नहीं

ब्रॉडबैंड की सर्विस लेना ज्यादा महंगा साबित नहीं होता है क्योंकि ब्रॉडबैंड की सर्विस देने वाली कंपनी के द्वारा बहुत ही कम कीमत पर ब्रॉडबैंड सर्विस उपलब्ध करवाई जाती है।

• टेलीफोन लाइन/फोन कॉल दोनों का एक साथ इस्तेमाल

अगर आपके पास ब्रॉडबैंड सर्विस है तो आप एक ही टेलिफोन लाइन के द्वारा इंटरनेट और फोन कॉल दोनों की ही सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। दोनों का इस्तेमाल करने पर लाइन बिजी नहीं बताएगी।

ब्रॉडबैंड के नुकसान क्या है

जहां एक तरफ ब्रॉडबैंड के कुछ फायदे हैं तो वहीं दूसरी तरफ ब्रॉडबैंड के कुछ ना कुछ डिसएडवांटेज भी अवश्य है। नीचे आपको ब्रॉडबैंड की हानि के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।

• हर महीने पेमेंट

अगर आपने ब्रॉडबैंड का कनेक्शन ले कर के रखा है तो आप चाहे इंटरनेट का इस्तेमाल करें या फिर ना करें आप को हर महीने ब्रॉडबैंड की पेमेंट करनी होती है। इसीलिए अगर आप अपना अधिकतर काम ऑनलाइन न‌हीं करते हैं तो आपको ब्रॉडबैंड लेने से बचना चाहिए।

•ब्रॉडबैंड लगाने में समस्या

अगर आप किसी ऐसी जगह पर रहते हैं जो दुर्गम क्षेत्र या फिर दूरदराज के इलाके की कैटेगरी में आता है तो वहां पर ब्रॉडबैंड लगवाने के लिए आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

• आसानी से स्थानांतरण नहीं

सामान्य तौर पर ब्रॉडबैंड किसी एक ही जगह पर स्थापित होते हैं। इसलिए आप अपनी मर्जी के मुताबिक इसे किसी एक जगह से किसी दूसरी जगह पर नहीं ले कर के जा सकते हैं।

• कुछ जगह पर धीमी स्पीड

ब्रॉडबैंड कनेक्शन से आपको इंटरनेट की अच्छी स्पीड मिलती है। हालांकि कुछ जगह पर ब्रॉडबैंड कनेक्शन के द्वारा इंटरनेट की सही स्पीड नहीं प्राप्त हो पाती है।

भारत में बेस्ट ब्रॉडबैंड सर्विस प्रोवाइडर

हमारे देश में विभिन्न टेलीकॉम कंपनी के द्वारा ब्रॉडबैंड की सर्विस उपलब्ध करवाई जाती है, जिनके प्लान मासिक तौर पर या फिर सालाना तौर पर होते हैं। आप अपने बजट के हिसाब से ब्रॉडबैंड सर्विस देने वाली कंपनी के द्वारा ब्रॉडबैंड कनेक्शन ले सकते हैं। नीचे हमने कुछ बेस्ट ब्रॉडबैंड प्रोवाइडर की लिस्ट दी हुई है।

  1. Airtel Broadband
  2. Gigatel Broadband
  3. BSNL Broadband
  4. MTNL Broadband
  5. Excitel Broadband

FAQ: 

Q: भारत में पहली बार ब्रॉडबैंड सर्विस कब और किसने शुरू की?

ANS: हमारे भारत देश में साल 1995 में भारत के आजादी दिवस अर्थात 15 अगस्त के मौके पर विदेश संचार निगम लिमिटेड के द्वारा पहली बार ब्रॉडबैंड की सर्विस शुरू की गई।

Q: क्या ब्रॉडबैंड सर्विस 4G से बेहतर है?

ANS: दोनों अपनी अपनी जगह पर सही है। 4G का इस्तेमाल स्मार्टफोन यूजर के लिए सही है और ब्रॉडबैंड सर्विस का इस्तेमाल कंप्यूटर यूजर के लिए सही है।

Q: ब्रॉडबैंड कैसे लगाएं?

ANS: जिस कंपनी का ब्रॉडबैंड आप लगाना चाहते हैं उस कंपनी की टीम के साथ संपर्क करें। टीम ही आपके घर आकर के ब्रॉडबैंड का सेटअप कर देगी।

Q: सबसे अच्छा ब्रॉडबैंड कौन सा है?

ANS: हर कंपनी के द्वारा ब्रॉडबैंड की सर्विस बेहतर से बेहतर दिया जाने का प्रयास किया जाता है। इसलिए आपके बजट के हिसाब से तथा आपके एरिया में जिस ब्रॉडबैंड का नेटवर्क सबसे अच्छा है उसे ही आप पसंद करें।

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उम्मीद करता हूँ दोस्तों ब्रॉडबैंड क्या है और कैसे काम करता है | What is Broadband in Hindi का यह आर्टिकल पसंद आया होगा. अगर आपको एक बेहतरीन इंटरनेट प्रणाली तकनीक के विषय में सरल शब्दों में दी जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट कर अवश्य बताएं.

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