योग क्या है What is Yoga in Hindi

योग क्या है What is Yoga in Hindi वर्तमान समय में खुद को स्वस्थ रखने के लिए स्वच्छ वायु, जल और आहार ही पर्याप्त नहीं है। अपितु भाग दौड़ भरी इस जिंदगी में खुद को मानसिक एवं शारीरिक रूप से तंदुरुस्त बनाने के लिए योग बेहद आवश्यक हो चुका है। इसलिए पिछले कुछ समय में तेजी से लोग अपने जीवन में योग को अपना आ रहे हैं, यदि आप अभी भी योग क्या है? इसके महत्व से अनजान है और योग के फायदे? इत्यादि सभी जानकारियां पाना चाहते हैं तो आपको हमारा यह लेख जरूर पढ़ना चाहिए

योग क्या है What is Yoga in Hindi

योग क्या है What is Yoga in Hindi

योग शब्द संस्कृत के शब्द यूज से बनाया गया है जिसका अर्थ है एकत्रित। ये हमारे शरीर के अंगों को तंदरुस्त रखता है और उन्हें बिमारियों से बचाता है। कला के साथ साथ योग एक विज्ञान भी है जो हमारे शरीर और मन को नियंत्रित रखने के तरीके प्रदान करता है।

योग लगभग 5000 वर्ष पहले से ही भारत का एक महत्वपूर्ण अंग रहा है। काफी लोगों को लगता है कि योग केवल शरीर को मोड़ना और उस अवस्था में कुछ देर तक बैठे रहना है, लेकिन उन लोगों को इस बात को गौर से सोचना चाहिए। असल में योग शरीरिक और मानसिक दो पहलुओं पर काम करता है जिससे व्यक्ति को अनगिनत शरीरिक और मानसिक रोगों से छुटकारा मिलता है।

भारत ने दुनिया को योग दिया है। बीते कुछ सालों में योग भारत के अलावा दूसरे देशों में भी प्रचलित हो गया है और विदेशी लोग भी इसे ख़ुशी से अपना रहे हैं। इस प्रचलितता को मद्देनज़र रखते हुए 11 दिसंबर 2014 को यु.ऐन ने योग दिवस मनाने की घोषणा की थी. तब से भारत समेत दुनियाभर में 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जाता है।

योग के लाभ? benefits of yoga in hindi

स्वस्थ जीवन-शैली

आज के इस व्यस्त ज़माने में बहुत सारे लोग अपनी जीवन-शैली के ऊपर ध्यान नहीं दे पाते जिससे उन्हें हर समय थकान महसूस होती है और सही तरीके से जीवन का आनंद भी नहीं ले पाते।

लेकिन योग की मदद से इसमें सुधार किया जा सकता है। योग की मदद से हम अपने तन और मन को स्वस्थ बना सकते हैं जिससे नई उमंग और साहस के साथ ज़िंदगी जीने का आनंद आने लगता है।

शांत मन

योग में काफी सारे ऐसे आसन हैं जिससे हम अपना मन शांत रख सकते हैं और मानसिक शान्ति प्राप्त कर सकते हैं जिससे तनाव भरी ज़िंदगी में आपको आनंद आने लगता है। इसमें कुछ समय लग सकता है लेकिन समय के साथ साथ आप अपने मन को हर स्थिति में संभालना और शांत रखना सीख जाते हैं।

रोगों से मुक्ति

योग से हमें जिन रोगों ने जकड़ा हुआ है उनसे तो छुटकारा पा ही सकते हैं, मगर इससे हम अपने शरीर को इतना काबिल बना सकते हैं की शरीरिक एवं मानसिक रोग हमारे आसपास भी नहीं भटकते। इसके अलावा योग से हम अपने शरीर को मज़बूत और लचकीला भी बना सकते हैं।

लचकीला शरीर

योग की मदद से ही हम अपने शरीर को लचकीला बना सकते हैं और इसमें बहुत सारे सुधार कर सकते हैं। लचकीले शरीर से हमें चोट कम लगती है, चोट लगने पर दर्द कम होता है , हमारा शरीर मज़बूत होता है और हमारा मन सकारात्मक स्थिति में रहता है।

बुरी आदतों से छुटकारा

योग से बुरी आदतों से छुटकारा पाया जा सकता है। योग हमारे मन और उसमें बसी बुरी आदतों को ऐसे उलट देता है कि कोई भी बुरी आदत अपनाने या दोहराने से पहले आपका मन खुद कहेगा की यह गलत है। योग से ही काफी लोगों को बुरी आदतों से छुटकारा मिला है और मिल रहा है।

योग कैसे करें?

योग करने से पहले आप स्नान एवं शौच कर लें। योग से पहले अपने शरीर को वार्म अप करलें जिससे आपका शरीर गर्म और योग के लिए तैयार हो पायेगा। वार्म अप के लिये शरीर को स्ट्रेच करना एक अच्छा विचार हो सकता है।

योग के लिए आपके शरीर पर कम से कम और ढीले कपड़े होने चाहिए। अब आप योग कर सकते हैं। अगर आप पहली बार योग कर रहे हैं हैं तो आसान आसन ही करें ताकि शुरुआत में आपको तकलीफ ना हो।

आप चाहें तो इंटरनेट पर बहुत सारी ब्लॉग्स, वेबसाइट्स, यूट्यूब चैनल और किताबें आदि उपलब्ध हैं जिसका आप सहारा ले सकते हैं और योग सीख सकते हैं। लेकिन आपको किसी एक्सपर्ट से सीखना या उनसे सलाह लेकर योग करने को तरजीह देनी चाहिए।

योग के लिए अपने दिमाग, शरीर और मन को शांत रखें। वैसे तो आप खुद तय कर सकते हैं की कोनसा आसन आपको करना चाहिए लेकिन योग की शुरुआत बैठने वाले आसनों से करें। फिर पेट के बल वाले आसान और फिर शरीर को मोड़ने वाले आसान कर सकते हैं।

फिर आप ध्यान केंद्रित करने वाले आसन कर सकते हैं जिसमें आपको कोई भी विचार नहीं लाना है और अपनी साँसों और वर्तमान में ध्यान केंद्रित रखना है। अंत में आप प्रार्थना करके योग को समाप्त कर सकते हैं जिसके एक घंटे के पश्चात आपको स्वस्थ भोजन कर लेना चाहिए।

योग कितने प्रकार का होता है?

आधुनिक योग में शरीर का लचकीलापन बढ़ाने के ऊपर ज़ोर दिया गया है जिससे हमारा शरीर स्वस्थ, मज़बूत और अच्छा बनता है। क्या आप जानते हैं की योग के प्रकार भी कई तरह के होते हैं जिसमें अलग अलग प्रकार से हमारे शरीर को अलग अलग लाभ मिलते हैं। मुख्य रूप से योग 13 प्रकार का होता है जिसके बारे में हमने नीचे बताया है:-

  • अष्टांग योग
  • बिक्रम योग
  • हठ योग
  • अयंगर योग
  • जीवामुक्ति योग
  • कृपालु योग
  • कुंडलिनी योग
  • पावर योग
  • शिवानंद
  • विनियोग
  • यिन
  • प्रीनेटल या जन्मपूर्व योग
  • आराम योग

योग के नियम?

योग खाली पेट करें

योग करने से पहले शौच और स्नान करलें और योग से पहले कुछ ना खाएं। योग के एक घंट बाद आप स्वस्थ भोजन कर सकते हैं। अगर आप खाना खाकर योग करते हैं तो आप के पेट को दिक्क्तों का सामना करना पड़ सकता है।

किसी माहिर की देख-रेख के अंदर योग करें

वैसे तो योग से फायदे ही फायदे हैं, लेकिन अगर आप बिना किसी माहिर की सलाह के मुश्किल आसन ही पहले करने लग जाते हैं तो आपके शरीर में मोच आ सकती है और कई मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। गर्भवती महिलाओं और रोग पीड़ित लोगों को भी एक्सपर्ट की देख रेख में ही योग करना चाहिए।

सही समय

योग के लिए सबसे सही समय सुबह का या शाम का माना जाता है क्योंकि इस समय हमारे आसपास वातावरण भी सही रहता है और ज़्यादातर लोगों का पेट भी इसी समय खाली रहता है। कुछ विद्वान् शाम का समय सही मानते हैं लेकिन ज़्यादातर लोग योग के लिए सुबह के समय को ही तरजीह देते हैं।

शुरुआत में दर्द होगा

योग के शुरुआती 4-5 दिनों में हमारे शरीर और मांसपेशिओं में दर्द हो सकता है जो की चिंता की कोई बात नहीं है। ये दर्द अचानक या बहुत देर बाद कोई शरीरिक एक्टिविटी करने पर होता है जो की कुछ ही दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है।

आँखें बंद करके योग करें

आँखें बंद करके योग करें जिससे मानसिक एकाग्रता बनी रहती है और मन शांत रहता है। हालांकि आप आँखें खुली रखकर भी योग कर सकते हैं। आँख बंद करके अपने मन में कोई विचार नहीं आने देना है और वर्तमान में रहना है।

मासिक धर्म में योग न करें

जिन महिलाओं का मासिक धर्म चल रहा है वो इस दौरान योग ना करें। मासिक धर्म खत्म होने पर योग कर सकती हैं।

अंत में शवासन करें

योग करने पर हमारा शरीर तक जाता है। इसलिए अंत में शवासन जरूर करें जिसमें आपको लेट कर शरीर पूरी तरह ढीला छोड़ देना होता है और साँसों पर अपना ध्यान केंद्रित करना होता है। इससे योग के कारण हुई आपकी सारी थकान मिट जाएगी।

योग करने के लिए ज़रूरी चीज़ें

सही वातावरण

जैसे की हमने बताया कि योग के लिए सुबह का समय सही होता है, अब आपको अपने आसपास के वातावरण का चुनाव करना है। आपके आसपास की जगह शांत और हवादार होनी चाहिए और ज़्यादा शोर नहीं होना चाहिए। अगर आप ज़्यादा सर्दी में योग कर रहे हैं तो किसी हवादार कमरे में भी योग कर सकते हैं।

शांत मन

योग से पहले अपने मन को पूरी तरह शांत करलें और अपने मन से किसी भी चिंता, शौक या डर को निकल दें। अगर आपका मन योग से पहले शांत नहीं होगा तो योग के समय आप का ध्यान अच्छे से केंद्रित नहीं हो पायेगा जिससे योग में कई बाधाएं आ सकती हैं।

ढीले कपड़े

योग के लिए ढीले कपड़े पहनें जो की आरामदायक हों। योग करते वक्त आपके शरीर पर कम से कम कपड़े होने चाहिए। योग के लिए सूती कपड़े बेहतर रहते हैं जिनमें खिचाव भी रहता है जो योग के लिए आरामदायक हो सकते हैं।

योग के लिए मैट

ज़मीन खुरदरी होने की वजह से ज़मीन पर योग करने से मुश्किल होती है इसलिए आपको योग के लिए एक आरामदायक मैट चाहिए। मैट आरामदायक और इतना होना चाहिए की आपका पूरा शरीर आ सके। एक अच्छा योग मैट 72 से 84 इंच का हो सकता है। आप किसी अच्छे और आरामदायक कंबल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

पानी की बोतल

योग के समय शरीरिक एक्टिविटी होती है जिसके कारण हमें प्यास भी लगती है। इसलिए अपने साथ एक पानी की बोतल जरूर रखें जिससे आपको बार बार पानी लेने के लिए नहीं जाना पड़ेगा। ज़्यादा ठंडा पानी पीने से परहेज़ करें।

तौलिया

योग को करते समय पसीना भी आता है विशेष रूप से गर्मी के मौसम में। इस वजह से अपने पास एक तौलिया जरूर रखें जिस से आप अपना पसीना पोंछ सकते हैं।

अन्तिम शब्द

तो साथियों इस लेख का यहां तक अध्ययन करने के बाद योग क्या है? जीवन में योग के फायदे & महत्व सभी जानकारियां मिल चुकी होंगी। अगर आपका इसे लेख के संबंध में कोई प्रश्न है तो आप हमें कमेंट के माध्यम से बताएं साथ ही जानकारी को साझा करना न भूलें।

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उम्मीद करता हूँ दोस्तों योग क्या है What is Yoga in Hindi का यह लेख आपको पसंद आया होगा. योगा क्या है इस बारे में दी बेसिक जानकारी पसंद आई हो तो अपने फ्रेड्स के साथ भी शेयर करें.

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