गुरु पूर्णिमा पर्व क्यों व कब मनाया जाता है? Why And How Is Guru Purnima Celebrated 2021 In Hindi

नमस्कार आज का लेख गुरु पूर्णिमा पर्व क्यों व कब मनाया जाता है? Why And How Is Guru Purnima Celebrated 2021 In Hindi पर दिया गया हैं. आप सभी को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. आज के आर्टिकल में हम जानेगे कि गुरु पूर्णिमा का फेस्टिवल कब और क्यों मनाया जाता है.

गुरु पूर्णिमा पर्व क्यों कब मनाया जाता है Why And How Is Guru Purnima Celebrated 2021 In Hindi

गुरु पूर्णिमा पर्व क्यों व कब मनाया जाता है? Why And How Is Guru Purnima Celebrated 2021 In Hindi

गुरु को ईश्वर के समकक्ष दर्जा दिया जाता हैं. गुरु शब्द का अर्थ अन्धकार या अज्ञान को मिटाने वाला होता हैं, यह शब्द दो संस्कृत शब्दों की संधि हैं.

गु+रु, जिसमें गु का अर्थ अन्धकार व रु का मतलब भगाने वाला, यानि जीवन में अज्ञान रूपी अँधेरे को मिटाकर ज्ञान रूपी प्रकाश फैलाने वाले को गुरु का दर्जा दिया गया हैं. गुरु पूर्णिमा 2021 कब हैं, आपकों पता ही होगा आज यानि 16 जुलाई शुक्रवार के दिन गुरुओं के सम्मान में यह दिन मनाया जा रहा हैं.

गुरु पूर्णिमा कब और क्यों मनाई जाती हैं स्टोरी, कथा, कारण डेट इन इंडिया हिंदी

गुरु पूर्णिमा शिक्षकों को समर्पित एक दिन है। गुरु पूर्णिमा भारत, नेपाल और बौद्ध धर्म और जैन धर्म प्रभाव वाले अन्य देशों में मनाया जाता है। गुरु पूर्णिमा की तारीख इस साल 24 जुलाई है। उत्सव हिंदू महीने अशधा में जून और जुलाई के बीच पूर्णिमा  दिवस (पूर्णिमा ) पर मनाया जाता है ।

इस दिन सौर चक्र की चोटी के बाद चंद्र चक्र के पहले शिखर को चिह्नित करता है। गुरु एक शिक्षक, मास्टर, एक गाइड है, जो छात्र को सही रास्ते पर निर्देशित करता है।

शब्द गुरु दो शब्दों, gu और ru से लिया गया है। संस्कृत रूट gu का मतलब अंधेरा या अज्ञानता है, और आरयू उस अंधेरे को हटाने का संकेत देता है। इसलिए, एक गुरु वह है जो हमारी अज्ञानता के अंधेरे को हटा देता है।

कई हिंदू महान ऋषि व्यास के सम्मान में दिन मनाते हैं, जिन्हें प्राचीन हिंदू परंपराओं में सबसे महान गुरु माना जाता है। वह गुरु-शिष्य परंपरा (शिक्षक-छात्र) का प्रतीक प्रतीक है ।

योग परंपरा में, ऐसा कहा जाता है कि गुरु पूर्णिमा वह दिन था जब शिव आदी गुरु, या पहले गुरु बन गए थे। यह माना जाता है कि वह करने के लिए योग का प्रसारण शुरू हुआ।

बौद्ध भगवान बुद्ध के सम्मान में दिन मनाते हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश में सारनाथ में इस दिन अपना पहला उपदेश दिया था।

लोग अपने गुरु को अपना सम्मान दिखाने के लिए इस दिन उपवास करते हैं। भारतीय शास्त्रीय संगीत और भारतीय शास्त्रीय नृत्य के छात्र, जो गुरु शिष्य परम्परा का भी पालन करते हैं ,

दुनिया भर में गुरु पूर्णिमा त्यौहार मनाते हैं। किसी के गुरु को प्रार्थना करने के लिए सार्वजनिक प्रवचन और पूजा भी आयोजित की जाती है।

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हमारी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चारों वेद एवं प्राचीन ग्रथ महाभारत के रचियता वेद व्यास जी का जन्म आषाढ़ माह की पूर्णिमा के दिन हुआ था. जिस कारण इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता हैं,

वेदव्यास जी को भारत का पहला आदि गुरु होने का सम्मान प्राप्त हैं, इस कारण उनके इस जन्मदिन को गुरुओं के सम्मान का दिन गुरु पूर्णिमा के रूप में रखा गया.

गुरु का जीवन में बड़ा महत्व हैं, गुरु की महिमा एवं उनके आशीर्वाद से कोई भी व्यक्ति बड़े से बड़ा पद व हैसियत प्राप्त कर सकता हैं. गुरु के बिना ज्ञान की प्राप्ति असम्भव हैं,

तभी तो इस दिन गुरुओं का पूजन किया जाता हैं तथा आज भी गुरु शिष्य परम्परा का निर्वहन करते हुए शिष्य श्रद्धानुसार अपने गुरु को दक्षिणा, वस्त्र, भेट इत्यादि देकर उनका सम्मान करता हैं.

चूंकि आषाढ़ माह की समाप्ति तक वर्षा हो जाती है तथा हरे भरे माहौल से हर किसी को आनन्द मिलता हैं, प्राचीन समय में गुरुकुलों में पढने वाले छात्र भी इस दिन अपने गुरुजनों के सम्मान में गुरु पूर्णिमा मनाते थे. तथा आगामी चौमासा की अवधि तक अध्ययन में रत रहते थे.

Guru Purnima 2021 Kab Hai July Date Story Guru Importance In India In Hindi

Guru Purnima Kab Hai 2021 : हर इंसान के जीवन में सफल और असफल होने का कारण उनका गुरु ही होता हैं. गुरु का जीवन में बड़ा महत्व है, गुरु की शिक्षाओं पर चलकर व्यक्ति जीवन में सब कुछ पा सकता है.

वही अज्ञानी, दुराचारी गुरु के पथ पर चलकर व्यक्ति अपना जीवन अंधकारमय भी बना सकता हैं. भारत ऋषि मुनियों तथा  गुरुओं का देश रहा हैं यहाँ वेदव्यास, द्रोणाचार्य तथा चाणक्य जैसे गुरुओं ने जन्म लिया हैं.

गुरु के सम्मान में गुरु पूर्णिमा  का पर्व मनाया जाता हैं. आषाढ़ माह  की शुक्ल पक्ष का पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा कहा जाता हैं. गुरु पूर्णिमा 2021 कब हैं, गुरु पूर्णिमा स्टोरी, गुरु पूर्णिमा इम्पोर्टेंस के बारे में जानकारी इस आर्टिकल में दी गई हैं.

कब हैं गुरु पूर्णिमा डेट (2021 Kab Hai Guru Purnima July Date)

इस साल 24 जुलाई, शुक्रवार के दिन गुरु पूर्णिमा का दिवस भारत में मनाया जाएगा. बौद्ध धर्म में इस दिन को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता हैं, हिन्दू धर्म के आदि गुरु व महाभारत के रचियता श्री वेद व्यास जी की जयंती भी इसी दिन हैं. इस कारण इसे व्यास पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता हैं.

गुरु का पद  आपके माता-पिता, शिक्षक या आदर्श पुरुष कोई भी ले सकता हैं. गुरु मनुष्य को इस जीवन में अज्ञान रूपी अन्धकार को मिटाने के लिए ज्ञान का दीपक जलाकर उनके जीवन को रोशन करता हैं. न सिर्फ इस लोक में उनके जीवन को सफल बनाता हैं, बल्कि परलोक में मोक्ष प्राप्ति की राह भी गुरु ही निर्दिष्ट करता हैं.

Guru Purnima 2021 Importance In Hindi

भारत में गुरु परम्परा का इतिहास बहुत पुराना हैं, आदि शंकराचार्य , श्री रामानुजा आचार्य और श्री माधवचार्य  जैसे  आदि  गुरु इस धर्म में हुए है,

जिन्होंने लोगों को सही राह दिखाकर उनके जीवन को सफल बनाया हैं. गौतम बुद्ध को भारत के महान गुरुओं ने गुरु पूर्णिमा के दिन ही उत्तरप्रदेश के सारनाथ में अपना पहला उपदेश दिया था.

गुरु पूर्णिमा के दिन अपने अपने गुरु की पूजा का विधान हैं. अतीत काल में आज की तरह पढ़ने के लिए  विद्यालय  नही  हुआ करते थे, तब छात्र पढ़ने के लिए गुरुकुलों में भेजे जाते थे.

एक निश्चित अवधि तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद आषाढ़ पूर्णिमा को वें अपने गुरु को सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा देकर विदा होते थे.

Story Of guru purnima 2021 in hindi

गुरुदेव को हमेशा श्रद्धेय माना जाता हैं, मगर आषाढ़ पूर्णिमा के दिन उनकी विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए. आपके गुरु का क्षेत्र जो भी चाहे वो शिक्षा से जुड़े हो, खेल जगत, धार्मिक जगत अथवा डिजिटल युग के किसी अन्य प्रभाग में. आज के दिन आपके उनके चरण छूकर पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए.

गुरु को परब्रह्म परमात्मा’ और ‘परब्रह्म ज्ञान का रूप माना जाता हैं. महाभारत के रचियता वेद व्यास जी जिनके जन्म दिवस पर गुरु पूर्णिमा मनाई जाती हैं. उनका मूल नाम कृष्ण द्वैपायन था.

इन्होने न केवल कौरव पांडव युद्ध का वृतांत लिखा, बल्कि हिन्दू धर्म के 6 शास्त्रों तथा 18 पुराणों की रचना की, जिसके कारण आज हम उन्हें आदि गुरु का सम्मान देते हैं.

गुरु पूर्णिमा 2021 की पूजा विधि

इस दिन जो भी भाई-बहिन अपने गुरु जो कोई भी हो सकता हैं. अपने माता-पिता, बड़े भाई, बहिन, शिक्षक अथवा अन्य व्यक्ति. गुरु पूर्णिमा 2019 के दिन सवेरे जल्दी उठकर साफ़ कपड़े पहनकर नहा धोकर अपने गुरु देव के यहाँ जाए, उनके चरण स्पर्श कर उनका विधिवत् पूजन करे.

गुरुपरंपरासिद्धयर्थं व्यासपूजां करिष्ये. इस गुरु पूर्णिमा मंत्र का जाप करते करते हुए गुरु के वस्त्र, फल फूल तथा दक्षिणा अपने गुरूजी को भेट करे, तथा चलने से पूर्व उनका आशीर्वाद जरुर ले. वे व्यक्ति जो दुर देश में बैठे हैं.

अपने गुरु के इस महान दिन को बिलकुल नही भूले. कम से कम इस दिन अपने गुरु को कॉल कर संदेश भेजकर उनका हाल चाल जरुर जाने तथा गुरु पूर्णिमा 2021 बधाई संदेश जरुर प्रेषित करे.

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उम्मीद करता हूँ दोस्तों गुरु पूर्णिमा पर्व क्यों व कब मनाया जाता है? Why And How Is Guru Purnima Celebrated 2021 In Hindi का यह लेख आपको पसंद आया होगा. यदि आपको गुरु पूर्णिमा के बारे में यहाँ दी गई जानकारी पसंद आई हो तो अपने फ्रेड्स के साथ जरुर शेयर करें.

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