अंतर्राष्ट्रीय पशु दिवस पर निबंध World Animal Day Essay in Hindi

अंतर्राष्ट्रीय पशु दिवस पर निबंध World Animal Day Essay in Hindi क्या आप भी पशु अंतरास्ट्रीय दिवस यानी कि वर्ल्ड एनिमल डे के बारे में जानना चाहते हैं।  पशु अंतरास्ट्रीय दिवस कब मनाया जाता है और इसे क्यों मनाया जाता है? यह पता करने के उत्सुक हैं तो इस वक्त आप बिल्कुल सही जगह पर है। आज हम इस लेख में विश्व स्तर पर मनाए जाने वाले पशु अंतरास्ट्रीय दिवस से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारीया देने का प्रयास करेंगे। आइए जानते है।

अंतर्राष्ट्रीय पशु दिवस पर निबंध World Animal Day Essay in Hindi

अंतर्राष्ट्रीय पशु दिवस पर निबंध World Animal Day Essay in Hindi

अंतर्राष्ट्रीय पशु दिवस क्या है?

हमारे जीवन में पशुओं का महत्व बेहद अहम है। बिना पशुओं के मनुष्य का भी कोई अस्तित्व नहीं है। क्योंकि अगर पृथ्वी से सभी पशुओं को विलुप्त कर दिया जाए तो मनुष्य का  रह पाना मुश्किल हो जाएगा।

कई ऐसे पशु है जो विभिन्न क्षेत्रों में मनुष्य के दैनिक कार्यों में मदद करते हैं और कई कार्य तो ऐसे भी हैं जिसे आप पशुओं के बिना कर ही नहीं सकते। 

अतः पशुओं को सम्मान देने के लिए और पशुओं के खिलाफ लोगों के दिल में मौजूद क्रूरता और हीन भावना को मिटाने के लिए इस अन्तर्राष्ट्रीय पशु दिवस को बनाया गया है ताकि इस दिवस के कारण लोगों के मन में एक जागरूकता उत्पन्न हो और उन्हें पशुओं से लगाव हो। 

पशु दिवस कब मनाया जाता है?

अंतर्राष्ट्रीय पशु दिवस यानी कि वर्ल्ड एनिमल डे 4 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिन को अंतरास्ट्रीय पशु दिवस के रूप में मनाने का सिर्फ एक ही मतलब है कि दुनिया में जितने भी लोग हैं जो पशुओं से घृणा करते हैं या फिर पशुओं से नफरत करते हैं उन्हें इस दिवस पर प्रण लेना है कि वह पशुओं से नफरत नहीं करेंगे। उन्हें पशुओं की देखरेख करनी है और पशुओं की रक्षा करनी है। 

यह दिन हमें और हमारे सभी रिश्तेदारों दोस्तों और यहां तक कि दुनिया में जितने भी लोग हैं उन सभी को पशुओं के प्रति अच्छी भावना विकसित कर उनके हित में काम करने की प्रेरणा देता है। यदि किसी ने कोई पशु पाल रखा है तो उसे एक प्राणी समझते हुए उसकी कदर करें। 

अंतर्राष्ट्रीय पशु दिवस क्यों मनाया जाता है?

अंतर्राष्ट्रीय पशु दिवस इस लिए मनाया जाता है ताकि लोगों में पशुओं के प्रति अच्छी भावना उत्पन्न हो और लोग पशुओं के प्रति जागरूक होकर उन्हें चोट पहुंचाना बंद कर दें। 

  • पशु दिवस मनाने से पशुओं की स्थिति में पहले से ज्यादा बदलाव आया है पर इसमें और भी ज्यादा बदलाव आने की संभावना है इसलिए इस दिवस को मनाया जाता है। 
  • आप एक नहीं बल्कि सभी जानवरों की संवेदनशीलता को पहचाने और उनकी कद्र करें। 

आज पशुओं के हित में जितने भी कार्यक्रम समारोह किए जा रहे हैं उन सब का लक्ष्य यही है कि इन दो बिंदु को सभी लोग माने और इसी के हिसाब से लोग जानवरों के साथ सलूक करें। 

जिस तरह से सामाजिक आंदोलन में लोगों का एकजुट होना जरूरी है, क्योंकि अगर लोग एकजुट होकर कोई आंदोलन नहीं करेंगे तो उस आंदोलन पर सरकार की नजर नहीं पड़ेगी और वह आंदोलन जिस भी काम के लिए किया जा रहा है वह काम पूरा नहीं होगा।

बिल्कुल उसी तरह अगर हमें जानवरों की रक्षा करने के लिए आंदोलन चलाना है तो हमें एकजुट होना पड़ेगा तभी हम जानवरों की रक्षा के लिए आंदोलन को सफल बनाकर जानवरों की रक्षा कर पाएंगे। 

क्योंकि अगर हम अकेले जानवरों की रक्षा के लिए आंदोलन चलाएंगे तो वह आंदोलन कभी सफल नहीं हो पाएगा। हमें इस आंदोलन से उन सभी व्यक्तियों को साल लेना है जो लोग पशुओं को अपना मानते हैं और पशुओं से प्रेम करते हैं।

जब इतने लोगों की भीड़ इस आंदोलन की शुरुआत करेगी तो जो लोग पशुओं से प्रेम नहीं करते हैं उनसे घृणा करते हैं उन लोगों के मन में भी यह सवाल आएगा कि आखिर इतने लोग पशुओं की रक्षा के लिए क्यों समर्पित है? 

धीरे-धीरे उन लोगों के मन में भी बदलाव आएगा और वह लोग भी इस आंदोलन में शामिल होंगे और धीरे-धीरे हमारा यह आंदोलन इतना बढ़ जाएगा कि दुनिया में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं बचेगा जो जानवरों से घृणा करें और उनको चोट पहुंचाए। सभी लोग जानवरों से काफी प्रेम करने लगेंगे और हमारा यह आंदोलन सफल हो जाएगा। 

पशु दिवस का उद्देश्य 

अंतरास्ट्रीय पशु दिवस यह मानता है कि दुनिया भर में जितने भी जानवर है सभी जानवर संवेदनशील है और सभी जानवर मनुष्य के लिए काफी उपयोगी है और मनुष्य के जीवन में उन जानवरों का काफी महत्व है।

हालांकि अधिकतर लोग इस कथन से सहमत हैं लेकिन दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो जानवरों से नफरत करते हैं और जानवरों को हरदम चोट पहुंचाते हैं। 

बस उन लोगों को ही प्रेरित करने के लिए और जानवरों के खिलाफ कार्य न करके जानवरों के हित में कदम उठाने के लिए इस दिवस को मनाया जाता है। 

ताकि दुनिया में सिर्फ आधे से ज्यादा नहीं बल्कि दुनिया में जितने भी लोग हैं सारे लोग जानवरों के प्रति नफरत की भावना को छोड़कर उनके हित के बारे में सोचकर जानवरों को चोट ना पहुंचाएं। क्योंकि जानवरों के बिना मनुष्य का कोई अस्तित्व नहीं है।

हम आपको एक बार फिर बता दे रहे हैं कि अगर सम्पूर्ण पृथ्वी से जानवर के अस्तित्व को समाप्त कर दिया जाए तो मनुष्य के अस्तित्व को समाप्त होने में भी ज्यादा समय नहीं लगेगा। 

अगर कोई भी जानवर पृथ्वी पर बचेगा बचेंगे तो उसके कुछ दिन बाद ही मनुष्य का अस्तित्व भी पृथ्वी पर नहीं रहेगा और पूरी पृथ्वी बिलुप्त हो जाएगी। इसलिए हम जानवरो कि रक्षा करे। 

अंतर्राष्ट्रीय पशु दिवस कैसे मनाया जाता है 

अंतर्राष्ट्रीय पशु दिवस जश्न मनाकर, पटाखे छोड़कर नहीं मनाया जाता अंतरास्ट्रीय पशु दिवस में पशुओं की मान सम्मान उनकी प्रतिष्ठा के लिए कुछ समारोह का आयोजन किया जाता है

जिस समारोह के तहत हम लोगों को जब बताना चाहते हैं कि वह लोग पशुओं की सम्मान करें उन्हें चोट ना पहुंचाएं और उनकी रक्षा करें। फ्रांस के कुछ संतों ने इस दिन को राष्ट्रीय पशु दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।

उन्होंने ही सर्व प्रथम इस दिन को पशु दिवस के रूप में आयोजन किया था और उस आयोजन में वह लोग पशुओं की देखभाल करते थे और पशुओं को चारा वगैरह खिलाए करते थे। 

धीरे-धीरे इस प्रक्रिया को उन लोगों ने बढ़ाया और इसे सिर्फ जर्मनी में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में मनाने की घोषणा की। 

और सभी लोगों को यह प्रयास पसंद आया और लोगों के मन में यह बात आई कि पशुओं की सेवा करनी और पशुओं की देखरेख करनी कोई बुरी बात नहीं है अगर हमें पशुओं से मदद मिलती है तो हमें भी पशुओं की भलाई करनी चाहिए ताकि पशुओं की जिंदगी भी हमारी जिंदगी की तरह अच्छी रहे।

इस सोच के तहत दुनिया के सभी देशों के नागरिकों ने पशु दिवस को मनाना शुरू किया और आज पशु दिवस एक अंतरास्ट्रीय पशु दिवस के रूप में हमारे सामने है। 

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