यशवंत सिन्हा का जीवन परिचय | Yashwant Sinha Biography Hindi

यशवंत सिन्हा का जीवन परिचय | Yashwant Sinha Biography Hindi जब से विपक्ष के द्वारा भारत के राष्ट्रपति के पद के उम्मीदवार के तौर पर यशवंत सिन्हा का नाम फाइनल किया गया है, तब से ही यशवंत सिन्हा का नाम हर जगह छाया हुआ है। टीवी चैनल, समाचार पेपर और इंटरनेट पर यशवंत सिन्हा के ही चर्चे हो रहे हैं और लोग यह जानना चाहते हैं कि विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा कौन है। आइए हम इस आर्टिकल में यशवंत सिन्हा की जीवनी के बारे में पढ़ते हैं और जानते हैं कि यशवंत सिन्हा का जीवन परिचय क्या है।

यशवंत सिन्हा का जीवन परिचय | Yashwant Sinha Biography Hindi

यशवंत सिन्हा का जीवन परिचय Yashwant Sinha Biography Hindi

व्यक्तिगत जीवन

नामयशवंत सिन्हा
प्रोफेशनसिविल सर्वेंट और पॉलीटिशियन
सर्विसभारतीय प्रशासनिक सेवा
बैच1960
कैडरबिहार
पॉलीटिकल पार्टीजनता पार्टी/जनता दल,भारतीय जनता पार्टी, तृणमूल कांग्रेस
लंबाई5 फीट 8 इंच
वजन75 किलो
आंखों का रंगकाला
बालों का रंगस्लेटी
जन्म6 नवंबर 1937
वर्तमान उम्र85 साल
जन्म स्थानपटना, बिहार
राशिवृश्चिक
राष्ट्रीयताभारतीय
गृह नगरपटना, बिहार
कॉलेजपटना यूनिवर्सिटी
शैक्षिक योग्यतापॉलिटिकल साइंस में मास्टर डिग्री
धर्महिंदू
जातिकायस्थ
शौकगार्डनिंग, ब्लॉगिंग, किताबें पढ़ना, लिखना, घूमना
पताहजारीबाग, झारखंड

यशवंत सिन्हा का प्रारंभिक जीवन

संयुक्त विपक्ष की ओर से भारत देश के अगले राष्ट्रपति के उम्मीदवार के तौर पर यशवंत सिन्हा का नाम आगे किया गया है, जिनकी सीधी टक्कर एनडीए गठबंधन की आदिवासी महिला उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू से है। यशवंत सिन्हा का जन्म सन 1937 में 6 नवंबर के दिन भारत देश के बिहार राज्य के पटना शहर में हुआ था। इनके पिता जी का नाम श्रीमान बिपिन बिहारी शरण था और इनकी माता जी का नाम धन्ना देवी था।

बड़े होने के पश्चात सिन्हा का विवाह नीलिमा नाम की महिला के हुआ और विवाह के पश्चात इन्हें एक बेटा पैदा हुआ जिसका नाम इन्होंने जयंत सिन्हा रखा। सिन्हा जी को खेती करना, अलग-अलग किताबें पढ़ना और लोगों से मिलना काफी पसंद है।

इसके अलावा यह अन्य कई फील्ड में भी इंटरेस्ट रखते हैं। इन्होंने अपने जीवन काल के दरमियान कई देशों की यात्रा की हुई है, साथ ही विभिन्न सामाजिक मीटिंग में भी इन्होंने सक्रिय तौर पर भाग लिया है।

शिक्षा 

जब यह थोड़े समझदार हुए तब इनके पिताजी और इनकी माता जी के द्वारा इनका एडमिशन पटना के ही एक प्राथमिक स्कूल में करवाया गया। इस प्राथमिक स्कूल से यशवंत जी ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई पूरी की और उसके बाद सिन्हा जी ने पटना यूनिवर्सिटी में एडमिशन हासिल किया और साल 1958 में इन्होंने राजनीति शास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्री हासिल की है। उसके पश्चात उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी में ही विद्यार्थियों को राजनीति शास्त्र की स्टडी करवाई।

यशवंत सिन्हा का परिवार

यशवंत सिन्हा जी की पत्नी का नाम नीलिमा सिन्हा है जो कि पेशे से एक लेखिका है।‌ इसके अलावा नीलिमा सिन्हा एसोसिएशन ऑफ राइटर एंड इलस्ट्रेटर फॉर चिल्ड्रन की अध्यक्ष भी है।‌यशवंत सिन्हा और नीलिमा सिन्हा की शादी होने के पश्चात इन्हें संतान के तौर पर दो बेटे प्राप्त हुए।‌ 

इन्होंने अपने एक बेटे का नाम जयंत सिन्हा और दूसरे बेटे का नाम सुमंत सिन्हा रखा है। इनके बेटे जयंत सिन्हा प्रोफेशन से पॉलिटिकल व्यक्ति है और वह राजनीति में काफी एक्टिव रहते हैं। इसके अलावा बीजेपी पार्टी की तरफ से लोकसभा के मेंबर भी है, वही इनके दूसरे बेटे सुमंत सिन्हा प्रोफेशन से एक बिजनेसमैन है।

करियर

साल 1960 में इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में यशवंत सिन्हा शामिल हुए और पद ग्रहण करने के पश्चात उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्य किए साथ ही तकरीबन 24 साल तक इन्होंने अपनी सर्विस दी जिसमें से उन्होंने 4 साल तक सब डिविजनल मजिस्ट्रेट और जिला मजिस्ट्रेट के तौर पर काम किया।

बिहार गवर्नमेंट के वित्त मंत्रालय में इन्होंने अपर सचिव तथा उप सचिव रहने के बाद इंडियन गवर्नमेंट के वाणिज्य मंत्रालय में उप सचिव के तौर पर काम किया।

  • जर्मनी में मौजूद इंडियन एंबेसी में प्रथम सचिव के तौर पर उन्होंने साल 1971 से लेकर के साल 1973 तक काम किया।
  • साल 1973 से लेकर 1974 तक इन्होंने इंडियन काउंसिल जनरल के तौर पर फ्रैंकफर्ट में काम किया।
  • इन्होंने बिहार गवर्नमेंट के डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल इन्फ्राट्रक्चर में भी काम किया है।
  • इंडियन गवर्नमेंट के भूतल परिवहन मंत्रालय में संयुक्त सचिव के तौर पर सड़क परिवहन, जहाजरानी, बंदर ग्रह जैसी जिम्मेदारी भी साल 1980 से लेकर के साल 1984 तक इन्होंने अदा की है।

यशवंत सिन्हा का राजनीतिक कैरियर

• जनता दल

1984 में इन्होंने इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस से इस्तीफा देने के पश्चात जनता पार्टी के एक्टिव मेंबर के तौर पर राजनीति में एंट्री की साल 1986 में इन्हें जनता पार्टी का ऑल इंडिया महासचिव बनाया गया और साल 1988 में यह राज्य सभा के मेंबर चुने गए

जब साल 1989 में जनता दल बना तब इन्हें पार्टी का महासचिव बनाया गया। वित्त मंत्री के तौर पर इन्होंने चंद्रशेखर के मंत्रिमंडल में साल 1990 के नवंबर से लेकर के साल 1991 के जून महीने तक काम किया।

• भाजपा

  1. साल 1996 में इन्हें भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता जून के महीने बनाया गया।
  2. साल 1998 में इन्हें वित्त मंत्री का पद दिया गया।
  3. साल 2005 में इन्हें फिर से संसद में जाने का मौका मिला।
  4. साल 2009 के 13 जून के दिन इन्होंने भाजपा के उपाध्यक्ष पद से रिजाइन कर दिया।

राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर यशवंत सिन्हा

भारत के अगले राष्ट्रपति के पद का चुनाव 18 जुलाई को होना निश्चित माना गया है और 21 जुलाई को भारत का अगला राष्ट्रपति कौन होगा, इसकी घोषणा भी की जाएगी। एनडीए गठबंधन की तरफ से झारखंड की राज्यपाल और आदिवासी महिला द्रौपदी मुरमू को राष्ट्रपति के पद का उम्मीदवार बनाया गया है, वहीं विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति के पद के उम्मीदवार के तौर पर यशवंत सिन्हा का नाम फाइनल किया गया है।

दोनों ही पक्ष की तरफ से राष्ट्रपति के पद के उम्मीदवार की घोषणा करने के पश्चात समर्थन जुटाने की कोशिश काफी तेज हो गई है और कई पार्टियों ने सामने आकर के समर्थन भी दिया हुआ है। अकाली दल ने जहां द्रौपदी मुर्मू को अपना समर्थन दिया है वहीं ओवैसी की पार्टी ने यशवंत सिन्हा को अपना समर्थन दिया है। अब देखना यह रहेगा कि भारत का अगला राष्ट्रपति कौन बनता है।

वित्त मंत्री के तौर पर यशवंत सिन्हा

साल 2002 के 1 जुलाई के दिन तक यह वित्त मंत्री के पद को संभालते रहे। इसके बाद इनके पद को चेंज कर दिया गया। अपने राजनीतिक कार्यकाल के दरमियान उन्हें अपनी गवर्नमेंट की कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत पहलू को वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसके लिए इनकी काफी आलोचना भी की गई, फिर भी उन्हें कुछ महत्वपूर्ण सुधारों को आगे बढ़ाने का क्रेडिट दिया जाता है जिसके परिणाम के तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था डेवलपमेंट के रास्ते पर आगे बढ़ी है।

यशवंत सिन्हा के विवाद

पप्पू यादव ने साल 2013 के नवंबर के महीने में अपनी आत्मकथा लिखी। अपने द्वारा लिखी गई आत्मकथा का नाम उन्होंने द्रोहकाल का पथिक दिया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी भारतीय संघ की डेमोक्रेटिक पार्टी के टोटल 3 सांसदों को यशवंत सिन्हा जी के द्वारा साल 2001 में एनडीए में शामिल होने के लिए पैसा दिया गया था।

सिन्हा जी का नाम यूटीआई घोटाले में भी सामने आया था जिसके लिए उनकी काफी आलोचना भी की गई थी।

साल 2017 में 4 अप्रैल को हजारीबाग पुलिस के द्वारा पुलिस पर पथराव करने के आरोप में इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। दरअसल एक धार्मिक जुलूस यशवंत जी के द्वारा निकाला जा रहा था और उस जुलूस को पुलिस के द्वारा रोका गया था। इस पर यशवंत जी के समर्थकों और पुलिस के बीच तकरार हो गई जिस पर यशवंत जी के समर्थकों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसी वजह से इन्हें पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया था।

यशवंत सिन्हा की कुल संपत्ति

इन्हें महीने में तकरीबन ₹70000 की सैलरी प्राप्त होती है और साल 2014 की प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार इनके पास टोटल ₹100000000 की संपत्ति है। हालांकि अब साल 2022 चल रहा है।‌

इस प्रकार इनकी टोटल संपत्ति में बढ़ोतरी भी हो सकती है या फिर कमी भी हो सकती है। यशवंत जी को गवर्नमेंट के द्वारा कई सुविधाएं दी जाती हैं साथ ही कई भत्ते भी इन्हें प्राप्त होते हैं।

FAQ:

Q: यशवंत सिन्हा की जाति क्या है?

ANS: कायस्थ 

Q: यशवंत सिन्हा चर्चा में क्यों है?

ANS: राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बनाए जाने की वजह से 

Q: यशवंत सिन्हा को राष्ट्रपति का उम्मीदवार किसने बनाया है?

ANS: विपक्ष ने 

Q: राष्ट्रपति के पद का चुनाव कब होगा?

ANS: 18 जुलाई 

Q: राष्ट्रपति के पद के चुनाव का नतीजा कब आएगा?

ANS: 21 जुलाई

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