मेरा पालतू कुत्ता निबंध | Essay On Dogs In Hindi And English Language

मेरा पालतू कुत्ता निबंध | Essay On Dogs In Hindi And English Language: कुत्ते को मनुष्य का सबसे वफादार दोस्त माना गया हैं. हर स्थिति में स्वामिभक्ति दिखाने वाले डॉग्स की तुलना किसी अन्य पालतू जानवर से नहीं की जा सकती हैं. कई दफा अपनी जान गंवाकर भी कुत्ते अपने नमक का फर्ज अदा करते हैं. आजकल के व्यस्त जीवन में लोगों का रुझान कुत्तों के पालन की तरफ अधिक जा रहा हैं. इस निबंध में हम पालतू डॉग्स के विषय पर कुछ निबंध बता रहे हैं.

Essay On Dogs In Hindi And English

Essay On Dogs In Hindi And English Language मेरा पालतू कुत्ता निबंध

Pet animals are part of our family life. according to our different hobbies, many pets live in our house. Dogs Is my pet animal,

in this short essay (paragraph) 10 lines about dogs helpful for students who read in class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9. and searching for information about my pet dog in Hindi or English.

then you are the right place lets go ahead and read out this short Essay On Dogs.

dogs are kept as pets. they are called our domestic animals. hunting dogs are called hounds. they kill animals as pray for their masters.

lapdogs are those which are tamed and kept in the lap of man. some dogs are tamed to tend sheep.

eskimo dogs have furs against cold winter.

dogs are very faithful. they watch our houses/ they keep strangers, animals and the lives off the houses.

dogs are used to find animals, they are kept with police for investigation.

to be precise, a dog is men’s best and true friend. he readily dies for the sake of his master.

Essay On Dogs In Hindi Language | मेरा पालतू कुत्ता निबंध

हमारे जीवन में पालतू पशुओं का विशेष महत्व है. लोग अपनी रूचि के अनुसार अलग अलग जानवरों को पालते है. मेरा पालतू पशु कुत्ता है, कई कारणों से यह मुझे अन्य जानवरों से पसंद आता है. जानवरों में कुत्ते को सबसे अधिक वफादार माना जाता है. कहते है, इस जानवर को आप जितना प्यार करोगों यह आपसे सैकड़ों गुना प्रेम करेगा. तथा अपनी अंतिम सांस तक आपसे वफादारी रखेगा.

आज के समय में किसी इंसान से अधिक वफादार कुत्ता होता है. अपने स्वामी की रक्षा के लिए बिना आलस किये यह चौबीस घंटे सतर्क रहता है, तथा अपने स्वामी को अनजान लोगो व जानवरों से हर पल रक्षा करता है, यहाँ तक की वो अपनी जान भी कुर्बान कर देता है.

इसलिए मेरा पालतू कुत्ता मुझे बहुत प्यारा लगता है. यह हर वक्त मेरे घर की रखवाली करने के साथ साथ परिवार के सदस्यों से दिल से प्यार करता है. मै अपना काफी समय अपने कुते के साथ व्यतीत करता हु. सिर्फ मै ही नहीं मेरे परिवार के अन्य सदस्य भी इससे इतना ही प्यार करते है.

इसके फर्र सर्दी व गर्मी से बचाने के साथ ही इसके रूप को भी निखारते है. हमारे प्रशासन में विभिन्न अपराधियों को पकड़ने के लिए भी कुत्तों का उपयोग किया जाता है. इन सब विशेषताओं के कारण कुत्ता इंसान का सबसे नजदीकी मित्र होता है, तथा यह अपने जीवन के अंत तक मालिक की निस्वार्थ सेवा करते करते जान दे देता है.

मेरा पालतू कुत्ता पर छोटे तथा बड़े निबंध (Short and Long Essay on My Pet Animal Dog in Hindi)

प्रस्तावना

हमारे घर में एक पालतू कुत्ता है जिसे सभी लोग चार्ली के नाम से बुलाते हैं, लैब्राडोर रिट्रीवर नस्ल का हल्के भूरे रंग का है जो शारीरिक रूप से बलशाली और फुर्तीला भी हैं. यह हमारे लिए दो तरह की भूमिकाओं को निभाता हैं.

चार्ली न केवल हम सभी का अच्छा मित्र है बल्कि अच्छे सुरक्षा गार्ड के रूप में सुरक्षा भी प्रदान करता हैं. दिनभर यह परिवार के सदस्यों के साथ खेलता रहता है. घर में इसकी उपस्थिति सभी को सुरक्षा की अनुभूति कराती हैं.

मैंने जब से समझना शुरू किया है तभी से मै चार्ली के साथ रहता हूँ, उम्रः में वह मुझसे बड़ा हैं. वह अब महज एक पालतू जानवर नहीं रह गया है बल्कि हमारे परिवार के सदस्य की तरह हैं. चार्ली शरीर से जितना ताकतवर है उतना ही फुर्तीला भी, जरा सी आहट सुनकर वह अपनी नजरें गड़ा लेता हैं.

डॉग शो में भागीदारी

अमूमन लोग अपने घरों में पालतू जानवरों को लाकर उसके बारे में भूल जाते हैं. जबकि हमारे परिवार के इस प्रति ख्याल अलग है. हम चार्ली की केयर करते है उन्हें वह सभी कार्य करने देते है जिससे उसे स्वतन्त्रता का अहसास हो तथा वह खुश रह सके. लगभग पिछले दस वर्षों से वह हमारे परिवार का हिस्सा हैं. इस दौरान उसने दो डॉग शो में हिस्सा भी लिया हैं.

हर बार हमारी आशा के अनुरूप प्रदर्शन कर उसने सम्मान प्राप्त किये हैं. चार्ली ने अब तक हंटिंग और डॉग रेस में हिस्सा लिया है दोनों में ही उसने उत्कृष्ट प्रदर्शन दिखाया हैं. हम इसे निरंतर प्रशिक्षित भी करते हैं ताकि यह आने वाले समय में स्वयं को अधिक बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सके.

सतर्कता इसकी पहचान

अक्सर कुत्तों में दो तरह की श्रेणियां पाई जाती है आलसी और सतर्क. हमारा चार्ली बचपन से ही सतर्क रहता हैं. वह अपने खड़े कानों से जरा सी असामान्य आवाज सुनकर उस तरफ भाग निकलता हैं. ताकि कोई खतरा हो तो उसे समाप्त कर सके. इसकी घ्राण शक्ति भी उच्च स्तर की हैं.

यह आसानी से किसी भी वस्तु की गंध को सूंघ सकता हैं. वह अपनी इसी क्षमता से घर के तथा अजनबी लोगों की पहचान करता हैं. कुत्तों को सर्वाधिक वफादार माना जाता हैं वे सच्चे स्वामिभक्त होते है. अपने स्वामी की रक्षा के लिए वे किसी भी हद तक जाने के लिए तत्पर रहते हैं.

निष्कर्ष

न केवल मुझे बल्कि हमारे परिवार के सभी सदस्यों को चार्ली डॉग बेहद पसंद हैं. हम सभी उसके साथ काफी समय व्यतीत करते हैं. जब हमारे घर कोई नहीं होता है तो चार्ली उनकी कमी को पूरा करता हैं.

जब शाम को बगीचे में मेरे साथ उछल कूद करता हैं तो मन विभोर हो जाता हैं सारा तनाव एवं थकान दूर हो जाती हैं, जब मैं स्कूल से घर आता हूँ तो वह दरवाजे पर मेरा इन्तजार करता हुआ मिलता हैं एक दुसरे को देखकर दोनों के चेहरे पर मुस्कान छा जाती हैं.

1000 शब्द : मेरा पालतू कुत्ता पर निबंध (My Pet Dog Essay in Hindi)

इस संसार में कुछ जानवर ऐसे हैं जो हिंसक स्वभाव के होते हैं, वहीं कुछ प्राणी ऐसे भी हैं जो अहिंसक होते हैं और अहिंसक प्राणी ही अक्सर इंसानों के सबसे अच्छे दोस्त होते हैं। इंसानों के सबसे अच्छे दोस्त की गिनती में कुत्तों की भी गिनती होती है, क्योंकि कई बार हमने कहानियों के माध्यम से यह सुना है कि कुत्तों ने मरते दम तक अपने मालिक की रक्षा की और हमेशा उनके प्रति वफादारी निभाई।

मेरे घर में भी एक कुत्ता है जो कि मेरा पालतू कुत्ता है, जिसे मैंने शेरू का नाम दिया हुआ है। हालांकि यह देसी कुत्ता नहीं है बल्कि यह एक विदेशी नस्ल का कुत्ता है जिसे हमने हमारे एक अंकल से व्यवहार में लिया था।

जब हम अपने शेरू कुत्ते को अपने घर पर लेकर के आए थे तब यह बहुत ही छोटा था और छोटा होने पर यह अत्याधिक प्यारा दिखता था। छोटा होने पर यह अधिकतर समय सोता ही रहता था और खाने में मेरे पालतू कुत्ते को दूध पसंद था। हालांकि जैसे जैसे मेरा पालतू कुत्ता शेरू बड़ा होता गया वैसे वैसे हमने इसे खाने के लिए और भी चीजें देना चालू किया जैसे कि बिस्किट, ब्रेड, उबला हुआ अंडा इत्यादि।

आज के समय में हमारा पालतू कुत्ता शेरू लगभग 5 साल का हो गया है परंतु इतनी उम्र होने के बावजूद भी हमारे पालतू कुत्ते की क्यूटनेस में कोई भी कमी नहीं आई है। हमारा पालतू कुत्ता आज भी उतना ही प्यारा दिखता है जितना कि यह छोटा होने पर दिखता था।

हमारा शेरू आज भले ही बड़ा हो गया है परंतु यह अभी भी काफी प्यारा लगता है। मेरे पालतू कुत्ते शेरू के शरीर पर बड़े बड़े बाल हैं जो कि सफेद रंग के हैं और यह दिखाई देने में बिल्कुल दूध की तरह ही लगते हैं। इसके अलावा मेरे पालतू कुत्ते शेरू के टोटल 4 पैर हैं।

इसकी एक छोटी सी पूछ भी है जिस पर भी सफेद रंग के बड़े बड़े बाल हैं। इसकी आंखें बिल्कुल मोती के समान काली-काली दिखाई देती है और रात में इसकी आंखें काफी चमकदार दिखाई देती है।

मेरे कुत्ते की जीभ बहुत ही साफ है जोकि गुलाबी रंग की दिखाई देती है। हमारे लाड प्यार के कारण ही आज शेरू मेरे बिना एक पल भी नहीं रह सकता। मैं जब काम करके बाहर से घर पर आता हूं तब यह एकटक निगाहें लगाकर के मेरा इंतजार करता रहता है और जैसे ही मैं दरवाजा खोल करके घर में प्रवेश करता हूं वैसे ही यह मेरे ऊपर टूट पड़ता है और मुझे यहां वहां चाटने लगता है। इस प्रकार से वह अपने प्यार को मेरे प्रति दर्शाता है।

जब हम रात को सो रहे होते हैं तब शेरू रात भर जागता है और वह हमारे घर की रखवाली करता है। दिन में भी अगर हमारे घर में कोई अनजान आदमी प्रवेश करने का प्रयास करता है तो शेरू उसे देखते ही तुरंत ही भोकने लगता है जिसकी वजह से हमारा घर कई बार सुरक्षित बचा रहता है। सिर्फ अनजान लोगों पर ही नहीं कभी-कभी शेरू हमारे जान पहचान के रिश्तेदारों पर भी 

भोकना चालू कर देता है। ऐसे में हमें उसे चुप कराना पड़ता है और उसे यह समझाना पड़ता है कि सामने वाला व्यक्ति हमारा रिश्तेदार है।

हमारे घर में शेरू को सभी लोग बहुत ही लाड प्यार करते हैं। उसे समय पर हमारे घर के किसी भी व्यक्ति के द्वारा दूध रोटी खिलाई जाती है और खाली समय में हम उसे बिस्किट खाने के लिए देते हैं। हमारा शेरू अब तो सभी प्रकार की शाकाहारी चीजें खाने लगा है।

हमारे घर के पास में ही एक छोटा सा मैदान है जहां पर रोज शाम को मैं अपने कुत्ते को लेकर के टहलने के लिए जाता हूं। उसी मैदान में हम लोग एक दूसरे के साथ खेलते हैं। मैं मैदान में जब गेंद फेकता हूं तो शेरू गेंद को पकड़ कर के वापस से मेरे पास लाता है। पार्क में जो अन्य लोग खेलने आते हैं वह भी मेरे कुत्ते को काफी ज्यादा पसंद करते हैं और वह भी कभी-कभी मेरे कुत्ते के साथ खेलना चालू कर देते हैं।

एक बार हमारा शेरू बरसात के मौसम में काफी तेज बीमार हो गया था, उसकी बीमारी की हालत को देख कर के हम काफी डर गए थे और हमने तुरंत ही डॉक्टर को बुलाया था। डॉक्टर ने जब आकर के शेरू का चेकअप किया तब उन्होंने बताया कि शेरू को हल्का सा इंफेक्शन है जिसकी वजह से उसे बुखार आ गया है।

इसके बाद डॉक्टर ने कुछ जरूरी इंजेक्शन शेरू को लगाएं जिससे 1 से 2 दिन के अंदर ही उसकी सिचुएशन में काफी सुधार आया और 3 से 4 दिनों के अंदर ही हमारा शेरू फिर से हसमुख मिजाज का हो गया, तब जाकर के हमारी जान में जान आई।

हमारा शेरू नर है। इसलिए जब हम इसे लेकर के बाहर जाते हैं तो अक्सर दूसरे गली के कुत्ते मेरे शेरु को देख करके काफी जोर जोर से भोंकने लगते हैं परंतु मेरा शेरू भी एक निडर कुत्ता है। वह भी सामने वाले कुत्तों पर जोर जोर से भोंकने लगता है।

अगर मैं उसे ना पकड़ु तो वह सामने वाले कुत्तों से झगड़ा भी कर डाले परंतु मैं उसे गली के कुत्तों से बचाता हूं और उसे सुरक्षित तौर पर यहां वहां घुमा कर के वापस से अपने घर पर ले करके आता हूं।

जब मैं घर पर नहीं होता हूं तब शेरू के साथ हमारे घर के अन्य लोग खेलते हैं। एक प्रकार से शेरू हमारे लिए एक बहुत ही बढ़िया टाइम पास भी है। इसके द्वारा हमारा समय भी पास हो जाता है और हमारा मनोरंजन भी हो जाता है। अब तो हमारे कुत्ते और हमारे बीच बहुत ही मजबूत संबंध हो गया है।

कई बार शेरू को लेने के लिए हमारे रिश्तेदारों ने हमसे कहा परंतु हम ने साफ तौर पर उन्हें मना कर दिया और हमने कहा कि शेरू हमारा कुत्ता है और यह हमारे घर में ही रहेगा। हम जब तक शेरू जिंदा रहेगा तब तक उसका ख्याल रखेंगे और उसके साथ खेलेंगे, उसे लाड प्यार करेंगे।

FAQ

Q. एक कुत्ते का औसतन जीवनकाल कितना होता हैं?

Ans: 10 – 13 वर्ष

Q. किस प्रजाति का कुत्ता एक अच्छा सैन्य डोगी होता हैं?

Ans: जर्मन शेफर्ड

यह भी पढ़े

मित्रों आशा करता हु, Essay On Dogs In Hindi And English Language | मेरा पालतू कुत्ता निबंध dog par nibandh में दी गयी जानकारी आपको अच्छी लगी होगी. यह लेख आपको पसंद आया हो तो प्लीज इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे.

Leave a Comment

Your email address will not be published.