शिष्टाचार पर निबंध Good Manners Essay In Hindi

Good Manners Essay In Hindi शिष्टाचार पर निबंध: प्रिय साथियों यहाँ हम good manners पर हिंदी निबंध शेयर कर रहे हैं. बच्चों के लिए शिष्टाचार के महत्व पर छोटा बड़ा निबंध साझा कर रहे हैं. शिष्टाचार को लेकर अंग्रेजी में एक कहावत बड़ी मशहूर हैं. इट इज योर एटीट्यूड, मोर दैन योर एप्टीट्यूड, दैट डिटरमाइन्स योर एल्टीट्यूड अर्थात आपका ज्ञान निर्धारित नहीं करता कि आप क्या बनेगे बल्कि आपका व्यवहार निश्चय करेगा कि आप कितनी ऊंचाई तक जाएगे. Good Manners Essay में इसी विषय को विस्तार से समझाया गया हैं.

Good Manners Essay In Hindi शिष्टाचार पर निबंध

Good Manners Essay In Hindi

Good Manners For Students: शिष्टाचार शब्द दो शब्दों से मिलकर बनता हैं शिष्ट तथा आचार से बनता हैं. इसका अर्थ हैं अच्छा आचरण. बड़ो के साथ अच्छा आचरण करना शिष्टाचार कहलाता हैं.

शिष्ट आचार अर्थात आदर करने अपने बड़ो   के अथवा मेहमानों का  बिना किसी लालच के इज्जत सम्मान देना शिष्टाचार कहता हैं. जीवन में शिष्टाचार   भारतीय संस्कृति का परम तत्व हैं.

अब धीरे धीरे इन मूल्यों का महत्व कम होता जा रहा हैं. व्यक्ति स्वार्थी व आत्म केन्द्रित होता जा  रहा  हैं.  लोग  सिर्फ  अपने मतलब के लिए ही किसी को आदर देते हैं. उनका आदर अपने स्वार्थ तक बना रहता हैं यह शिष्टाचार की श्रेणी में नहीं आता हैं.

शिष्टाचार का मूल तत्व हैं निस्वार्थ आदर, हम अपने पिता, माता, बड़े भाई, चाचा, दादाजी व गुरुजनों को जो सम्मान देते हैं उनकी आज्ञा का पालन करते हैं. यही शिष्टाचार हैं.

कई बार लोग भारतीयों को अशिष्ट कहते हैं. यह उन लोगों का आरोप होता हैं जो भारत को नहीं जानते, यहाँ की सभ्यता तथा संस्कृति व लोगों से उनका कभी नाता नहीं रहा.

हम दूकान वाले पड़ोसी आदि को चाचा, बडो को ताऊ तथा हम उम्रः को भाई कहकर संबोधित करते हैं. यह अपनापन हैं अनजान से भी हम परिवारिक रिश्ता बना देते हैं. ऐसे उदहारण विश्व के किसी भी देश में देखने को नहीं मिलते हैं.

यह हमारे शिष्टाचार के गुण है  जो हमारी संस्कृति सिखाती हैं सभी भारतीय मेरे भाई बहिन हैं तथा सम्पूर्ण   विश्व हमारा परिवार हैं. यह हमारी उदारता हैं.

शिष्टाचार व्यक्ति को महान बना देता हैं. लघुता में प्रभुता के दर्शन ही शिष्टाचार हैं.  बालक  को  परिवार  में इस   तरह के गुण उत्पन्न किये जाते हैं जिससे वह बड़ा होकर शिष्ट व शालीन बने.

विद्यार्थी जीवन में शिष्टाचार का बड़ा महत्व हैं. क्योंकि शिक्षा प्राप्ति के बाद वह सार्वजनिक जीवन बताता हैं यहाँ यदि उसमें घ्रणा द्वेष जैसे भाव हैं तो वह जीवन में आगे नहीं बढ़ पाता हैं.

क्या आपने कभी गौर किया हैं कि इंटरव्यू क्यों लिए जाते हैं. यदि विद्वता और श्रेष्टता के आधार पर ही पद मिलना हैं तो डिग्री अथवा लिखित परीक्षा के जरिये से अभियर्थियों को चुना जा सकता हैं.

एक समान योग्यता व श्रेष्टता रखने वाले लोगों में भी कुछ लोगों का सेवा में चयन हो जाता हैं जबकि अन्य का नहीं हो पाता हैं. ऐसा क्यों?

इंटरव्यू एक तरह का व्यक्तित्व परीक्षण होता हैं जिससे प्रबुद्ध लोग उम्मीदवार के व्यवहार, आचरण उनकी शालीनता व उनके शिष्टाचार के गुणों की परख करते हैं. ज्ञान में कमी मगर मधुर व्यवहार तथा मिलनसार लोग आगे बढ़ जाते हैं.

स्वयं पर घमंड और अहंकार के भाव रखने वाले लोग बच जाते हैं. जीवन इसी तरह चलता हैं वे ही लोग अच्छे मुकाम पाते हैं जो सभी का आदर करते हैं सभी को साथ लेकर चलते हैं तथा दूसरों के बारे में अच्छे विचार रखते हैं.

शिष्टाचार पर निबंध और भाषण – Essay and Speech on Good Manners in Hindi

अच्छे और सभ्य आचरण व्यवहार को सदाचार व शिष्टाचार का नाम दिया जाता हैं. हरेक व्यक्ति के जीवन निर्माण में इस गुण का बड़ा योगदान होता हैं. सभ्य आचरण वह आंतरिक गुण है जो आंतरिक रूप से विकसित होता हैं इसे बाहरी दवाब  शक्तियों से आरोपित नहीं किया जा सकता हैं.

शिष्टाचार के लिए कोई एक पैमाना नहीं हैं जिस आधार पर यह तय किया जा सके कि जो आचरण हम कर रहे हैं वो अच्छे मेनर के अंतर्गत आता हैं अथवा नहीं, क्योंकि देश काल व परिस्थितियों के मुताबिक़ शिष्टाचार भी बदलता रहता हैं. शिष्ट आचरण के व्यक्ति का हर जगह सम्मान किया जाता हैं.

यह देवीय गुण विकसित करने के लिए कोई अतिरिक्त प्रयास या धन खर्च करने की आवश्यकता नहीं होती हैं, बल्कि अपने जीवन को संतुलित करके विनम्रता, मधुर वाणी, अतिथि सत्कार जैसे गुणों को अपनाकर आचरण को श्रेष्ठ बनाया जा सकता हैं. 

सदाचार, शिष्टाचार पर निबंध 10 लाइन, good behaviour essay in hindi

मगन अच्छा लड़का हैं. मोह्ल्ले के सभी लोग मगन को प्यार करते हैं. सभी उसकी बहुत बड़ाई करते हैं. मगन सभी की आँखों का तारा हैं. आखिर ऐसा क्या है मगन में कि सब लोग उसकी प्रशंसा करते नहीं थकते.

मगन कभी झूठ नहीं बोलता. वह किसी की वस्तु नहीं चुराता, बुरी संगति से सदैव बचता हैं. अनुपयोगी वस्तुओं को इधर उधर नहीं फेकता हैं. हमेशा कचरा कचरा पात्र में ही डालता हैं.

कभी अपने माता पिता की आज्ञा नहीं टालता. यदि कोई पड़ोसी भी काम बता दे तो मना नहीं करता. वह घर आए अतिथियों का स्वागत बड़े उत्साह से करता हैं. कभी उन्हें भार नहीं समझता. वह विनम्रता से बात करता हैं. कड़वा बोल कर किसी का दिल नहीं दुखाता हैं.

मगन अपने से बड़ों के साथ आदरपूर्वक व्यवहार करता हैं. बड़ो की बात को कभी नहीं काटता. हमेशा शिष्ट भाषा का प्रयोग करता हैं. कोई उससे कुछ पूछता है तो नम्रता से उत्तर देता हैं. मगन अपने गुरूजी का बहुत सम्मान करता हैं.

वह उनका आदर से अभिवादन करता हैं. कक्षा में उनकी कुर्सी पर कभी नहीं बैठता. कभी किसी की मजाक नहीं उड़ाता. किसी कारण से गुरूजी कक्षा में नहीं आते तो उधम नहीं मचाता. अपना पाठ याद करता रहता हैं. वह हमेशा शाला के नियमों का पालन करता हैं.

मगन कभी बाग़ बगीचे में घूमने जाता है तो पेड़ पौधों की पत्तियां नहीं नोचता. व्यर्थ में कभी फूल नहीं तोड़ता. कभी भी किसी जानवर को नहीं सताता. वह सभी के प्रति सहानुभूति रखता हैं. रेलवे स्टेशन हो या बस अड्डा, सड़क, पार्क, सिनेमाघर हो या बाग़ बगीचा, मगन शिष्टाचार नहीं भूलता.

कभी कभी कुछ लोग शिष्टाचार का दिखावा करते हैं. वे सोचते है ऐसा करने से उन्हें अच्छा समझा जाएगा. लोगों को दिखाने के लिए शिष्टाचार टिकाऊ नहीं होता. कोशिश यह करनी चाहिए कि शिष्टाचार हमारे स्वभाव की विशेषता बन जाए. प्रायः बस या रेल में चढ़ते समय लोग धक्का मुक्की करते हैं.

इससे किसी को चोट लग सकती हैं. ऐसे अवसरों पर हमें अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी चाहिए. वृद्ध तथा कमजोर लोगों की मदद करनी चाहिए. शिष्टाचार  ऐसा फूल है जिसकी सुगंध हमेशा अपने वातावरण को सुगन्धित रखती हैं.

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