अनुशासन पर कविता Poem On Discipline In Hindi

नमस्कार आज हम अनुशासन पर कविता Poem On Discipline In Hindi लेकर आए हैं. जीवन में स्वअनुशासन का क्या महत्व है क्यों अनुशासित जीवन सफलता का मूल मंत्र माना जाता हैं. आज की अनुशासन पर दी गई कविताएँ बच्चों को डिसिप्लिन लाइफ जीने के लिए प्रेरित करेगी.

Poem On Discipline In Hindi

Poem On Discipline In Hindi - अनुशासन कविता

जीवन का दूसरा नाम ही अनुशासन हैं. विद्यार्थी हो शिक्षक, कर्मचारी हो या बॉस सभी को एक अनुशासन के दायरे में रहकर कार्य करना होता हैं. हर व्यक्ति के जीवन की उन्नति अथवा विफलता में अनुशासन का महत्व हैं.

बिना अनुशासन के जीवन बिना नाविक के नाव जैसी हो जाती है तो पानी के झोके के बह जाती हैं. अनुशासन बाहरी वस्तु न होकर यह आंतरिक प्रेरणा हैं जो हमेशा सही करने, सही चुनने की ओर हमें चलायमान रखती हैं. आज हम कुछ छोटी बड़ी अनुशासन पर कविताएँ आपकों बता रहे हैं.

अनुशासन पर कविता

नमस्कार आज हम अनुशासन पर कविता Poem On Discipline In Hindi लेकर आए हैं. जीवन में स्वअनुशासन का क्या महत्व है क्यों अनुशासित जीवन सफलता का मूल मंत्र माना जाता हैं. आज की अनुशासन पर दी गई कविताएँ बच्चों को डिसिप्लिन लाइफ जीने के लिए प्रेरित करेगी.

अनुशासन का ज्ञान

अनु का मतलब पालन है,
शासन का मतलब नियम,
जीवन की नीव है अनुशासन,
इसके बिना छिन सकता है शासन,

नियम से चलने वाले की,
कभी ना होती झोली खाली,
अनुशासन में रहने वाला,
हरदम होता है सबसे बलशाली,

स्कूल में शिक्षक यही सिखते हैं,
की अनुशासन में कैसे रहते हैं,
मीठी वाणी में बोलो सबसे,
दिल जीतो अपनी बोली से अबसे,

अपने कार्यलय में नियम से जाओ,
प्रेम सहित्य नियम से काम कराओ,
सब करेंगे तब आपका गुण गान,
ये जीवन का सबसे बहुमूल्य ज्ञान,

हर जगह अनुशासन बहुत जरुरी है,
बिना इसके हर काम की पूर्ति अधूरी है,
लोगो का कहना है जो नहीं रहता अनुशासन में,
उसका जीवन भरा रहता है दुखों के आसन से,

आओ आज ग्रहण करे ये कसम,
अनुशासन का पालन करेंगे हरदम,
सबको अनुशासन का ज्ञान करायेंगे,
सबके जीवन को सुखमय बनायेंगे,

Aruna Gupta

अनुशासन में रहने वाले

ये हमारी प्रकृति है जो नियम सिखाती है,
कभी सोचो के नियम से पृथ्वी न घुमती,
सोचो के नियम से कभी हवा ना चलती,
अगर सूरज नियम से कभी ना उदय होता,

जीवन तब हमारा बिलकुल बेकर हो जाता,
बिना हवा, सूरज के जीवन हमारा खो जाता,
हमारी फसल भी कभी अच्छी ना होती,
कभी भी मिलती न हमें खाने को रोटी,

जिंदगी में हर काम करने के लिए नियम जरुरी है,
बिना नियम के काम करने से हर बात अधूरी है,
नियम ना मानने वाला कभी ना कर पता शासन,
नियम से काम करना ही होता है अनुशासन,

नियम से सोना नियम से जगना,
हमारे शरीर को स्वस्थ बनाता है,
जो मानव अनुशासन से चलता है,
उसके भविष्य में हमें सफलता है,

बिना नियम के काम करने का कभी न करो अभिमान,
नियम से काम ना करने वाला होता है परेशान,
जीवन दुखों से भर जाता है तब,
बिना नियम के काम को पूरे करने की करते हो आस जब,

अनुशासन जिंदगी जीना सिखता है,
हर फरमाइश पूरी तरह पूरा करता है,
ज़िन्दगी में हमेशा सबसे ऊपर रहता है,
जो अपने जीवन को अनुशासित करता है,

–Aruna Gupta

Self Discipline Poem In Hindi

“मन को वश में करो
फिर चाहे जो करो
कर्ता तो और है
रहता हर ठौर है
वह सबके साथ हैं
दूर नहीं पास हैं
तुम उसका ध्यान धरो
फिर चाहे जो करो
सोच मत बीते को
हार मत जीते को
गगन कब झुकता है
समय कब रूकता है
समय से मत लड़ो
फिर चाहे जो करो
रात वाला सपना
सवेरे कब अपना
रोज यह होता है
व्यर्थ क्यों रोता है
डर के मत मरो
फिर चाहे जो करो”

Hindi Poem On Self Discipline

हमने आपके लिए इन्टरनेट की मदद से कुछ प्रेरणादायक अनुशासन कविताएँ संग्रहित की हैं. हम इन अनुशासन कविताओं के स्वः रचित होने का दावा नहीं करते हैं. बालकों को ये कविताएँ कक्षा में समवेत स्वर में पढ़ाई जानी चाहिए जिससे वे अनुशासन को जीवन का अंग बना सके, तथा अपने जीवन को सही दिशा मे ले जा सके.

“अनुशासन मे बधे हुए हैं,
ग्रह-उपग्रह और सब तारे,
अनुशासन की सीमा मे है,
बधे हुए जड़-चेतन सारे.
अगर समय से सूर्य न निकले,
दूर न होगा अंधियारा,
कैसे जीवन मिले जगत को,
कैसे हो फिर उजियारा!
अगर समय पर चाद न निकले,
शीतलता न मिलेगी,

चारु चद्र की चचल किरणे,
फिर कैसे सुख देगी?
एक नियम से घूम रही है,
धरती प्यारी-प्यारी,
तभी टिके हम एक जगह पर,

टलती उलझन भारी.
वृक्षो से फल नीचे गिरते,
कभी न ऊपर जाते,
विद्या पाकर गुणी पुरुष है,
और नम्र हो जाते.
यह है अनुशासन की महिमा,
भुला इसे मत देना,
इससे शिक्षा लेकर अपना,
जन्म सफल कर लेना.”

Hindi Kavita On Discipline

नमस्कार दोस्तों, अनुशासन कविता Poem Discipline Hindi में आज हम अनुशासन के महत्व पर कविता लेकर आए हैं. हमारे जीवन में डिसिप्लिन क्यों आवश्यक है इन कविताओं के माध्यम से सरल भाषा में अनुशासन के महत्व को समझा जा सकता हैं.

घनी धुंध मे लिपटे
sपेड़ /पर्वत कितने सुंदर लगते हैं
जैसे कुदरत ने
चादर ओढ़-ली हो
सुबह की ठण्ड से |
इन पर पड़ी ओस की बूदो से
खुल जाती है इनकी निद्रा
साथ ही सूर्य के निकलते ही
ऐसा लगता है मानो
घर का कोई बड़ा बूढा
अपनी संतानों को जैसे जगा रहा हों |
तब ऐसा प्रतीत होता है की
कुदरत भी सिखाती हैं
सही ढंग से जीने के लिये
प्यार भरा अनुशासन |

Poems In Hindi On Discipline

नित्य चलती चीटी ना थकती,
सदा करती अनुशासन की भक्ति।
स्वयं से अधिक बोझ उठाकर,
गगन को अपना को ध्येय बनाकर।
हर क्षण आगे बढ़ती जाती,
निरंतर कर्म हमें सिखलाती
विरला दृढ आदर्श है उसके,
साथी कभी राह ना भूले।
पक्का निश्चय कर वों बलखाती,
स्नेह भाव से लाइन बनाती।
हर क्षण आगे बढ़ाती जाती,
निरंतर कर्म हमें सिखलाती।
लिखे हर दिन ऐसी गाथा,
ठोक रहा था भूपति माथा।
हर बार पराजय उसके हाथ,
मिला राजा को चीटी का साथ।
पक्का निश्चय कर कदम बढ़ाया,
सफलता स्वयं उसकी कर आया।
यही शिक्षा वह हमकों बताती,
लक्ष्य प्रतिपल उसको भाती।
हर क्षण आगे बढ़ाती जाती,
निरंतर कर्म हमें सिखलाती

Anushasan Par Kavita

हे भारत के जन-मानस,
तुमको धीरज धरना होगा।
दुश्मन अदृश्य है तो क्या हुआ,
समझदारी पूर्वक लड़ना होगा।
हम जैसे भी हैं जो भी है,
अपना धर्म निभाते है।
रमजान हो या रामनवमी,
कई दिन भूखे रह जाते है।
अब बारी है राष्ट्रधर्म की,
हमें अनुशासन में रहना ही होगा।
कुछ लड़ रहें है सामने से दुश्मन से,
तो हमें भी थोड़ा कष्ट तो सहना ही होगा,
हमें अनुशासन में रहना ही होगा।।

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