विश्व जल दिवस 2022 पर कविता | poem on world water day in hindi

विश्व जल दिवस 2022 पर कविता | poem on world water day in hindi हर साल 22 मार्च को विश्व जल दिवस (इंटरनेशनल वाटर डे) मनाया जाता है, पहली बार 1993 में Uno द्वारा मनाया गया था. 1992 में ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित विश्व पृथ्वी सम्मेलन के दौरान इस ज्वलंत समस्या को सदस्य राष्ट्रों के मध्य रखा गया था. पर्यावरण तथा विकास का संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के तत्वाधान में आयोजित इस दिवस को मनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य आम लोगों में जल की जागरूकता पैदा करना है, इस दिवस को हर साल मनाकर स्वच्छ जल के संरक्षण के महत्व को बताना है.

विश्व जल दिवस 2022 पर कविता | poem on world water day in hindi

विश्व जल दिवस 2022 पर कविता | poem on world water day in hindi

पानी अगर नही तो जिंदगानी फिर कहाँ,
जिंदगानी अगर नही तो कहानी फिर कहाँ
कहानी अगर रही तो कह्बानी फिर कहाँ,
कहानि अगर नही तो सुना लागे ये जहाँ,

जल का अब मत कर दोहन
बेजल होकर आखिर कैसे तू जियेगा सोहन
कब तक आखिर कब तक,
यू खर्च करता रहेगा बेपरवाह होकर ये जल
अब भी न चेता, तो निश्चय ही
होगा हम सबका पतन
फिर किससे मांगोगे, जल की वो दो घुट
तडप-तडप कर तन से, ये प्राण जाएगा छुट

जल को तुम दुर्लभ जीव बनाकर,
इसका प्रजनन नही करवा सकते
बस एक है बस एक मार्ग इसे सरंक्षित कर ,
खुद को दुर्लभ होने से बचा सकेगा.
अन्यथा जब न बचेगा धरा पे एक भी बूंद जल
स्रष्टि पूरी की पूरी समा जाएगी, काल के गाल में,
नही देखेगा दूर तक कोई,
अभी समय है, चेत जा, बन जा जल मितव्ययी
खूब नहाया, खूब बहाया, वैसे भी देर बहुत भयी

सोचो सोचों जल दिन बनेगा कहानी
न रहेंगे हम न होगी वो सुनानी वाली नानी
फिर क्यों मार रहा है, अपने पैरों पे कुल्हाड़ी
नही करेगे बर्बाद पानी की एक बूंद, यह प्रण जो आज ही ठानी

pani bachao poem in hindi (पानी बचाओं हिंदी कविता)

अखबार में छपे पानी बचाने के संदेशो को
मैंने जोर जोर से पढ़ा
हेडलाइंस व्यापार खेल समाचार
देश विदेश आदि को देखा नजरे गढ़ा गढ़ा
फिर मैंने पत्नी को पुकारा, चाय देती हो क्या
या फिर कार धोकर सड़क पर छिडकाव कर दू
पत्नी बोली चाय तैयार है बाबा
देती हु अभी देती हु
पास खेल रहा भतीजा बोल पड़ा
अंकल आपने ये क्या कर दिया
न्यूज पेपर में छपे पानी बचाने के
उपायों को रिजेक्ट कर दिया
पप्पू का कमेन्ट सुन कर
मै शर्म से पानी पानी हो गया
क्या आपकों शर्म नही आती
आप अब भी संशय में पड़े हो
या आप अपने संदेश अभी पढ़े नही हो
और आप पानी नही बचा रहे हो
घर आंगन को दोपहिया चौपहिया वाहनों को
और सामने की सड़क को भी नहला रहे हो.

World Water Day 2022 Poem In Hindi

जल है तो आज कल है
जल बिन सब मल है।
जल से जीवन सब
जल बिन झरने नदी कल कल है।।
ना सूरज की छवि होगी
ना हवा जल बिन तरंग।
चाँद बिखरेगा चाँदनी कहाँ
सब जल बिन होंगे अरंग।।
हिमालय नही दर्शन होंगे
जल बिन नही समुंद्र।
जो होगा जल भी शेष कहीं
उस पर मचेगा मात्र क्रंद।।
जानों स्वच्छ मूल्य जल
और करो ना जल व्यर्थ।
लो उतना ही उपयोग में
जितना करो प्रयोगिक अर्थ।।
छोड़ो नही चला टँकी
ना देखो ऐसा होता।
तुरंत करो उस बंद जाकर
दो जल विहीन धरा न न्योता।।
जल स्वच्छ तो हम स्वच्छ
जल बिन होंगे काल के गाल।
बढ़ेगी गर्मी और और अब
जल बिन नित फैल रहा अकाल।।
जल हमारे शरीर में
है प्रतिशत और अधिक।
जल नही तो हम नही
स्वच्छ जल बिन बने स्वयं वधिक।।
आज जो जल पी रहे
वो शोधित नाम है विष।
और कब तक उसे शोधित करो
अंत में और बने झरेगा विष।।
विधुत भी जल से बने
शुद्ध जल ही धरा दे जीवन।
जल बचाओ व्यर्थ करे बिन
नहीं तो मरो दूषित जल पीवन।।
यदि स्थान हो घर बाहर
तो वहाँ लगाओं वृक्ष।
बना नाली पहुँचाओ उस
वृक्ष दूषित जल स्वच्छ करे कर भक्ष।।
और भरो बरसात जल
गांव शहर निज ताल।
सिंचाई में उपयोग करो
यूँ जल प्रदूषण मिटे हर साल।।
बचाओ बचाओ जल बचाओ
छेड़ो जल स्वच्छ्ता का अभियान।
अपनाओ और भेजो संदेश ये
विश्व अपशिष्ट जल दिवस का ज्ञान।।

World Water Day In Hindi– आज दुनिया के हर कोने में जल की कमी व्याप्त है, भविष्यवाणी यहाँ तक की जाती है, कि यदि चौथा विश्व युद्ध होगा, तो वह जल को लेकर ही होगा. विकसित हो या विकासशील सभी राष्ट्रों की उन्नति के लिए स्वच्छ पेयजल पहली प्राथमिकता है. इंसान अपने स्वार्थ के लिए जल संसाधन का विदोहन कर रहा है,

इसी का परिणाम है कि कही सुखा पड़ रहा है तो कही जल की कमी से लोग प्यासे ही रह जाते है, यदि कही जल की कही पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है तो उनमे प्रदूषित तत्व एवं फ्लोराइड की मात्रा अधिक है.

अतः 22 मार्च को विश्व दिवस मनाना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे लोगों में जल के प्रति जागरूकता इसके संरक्षण एवं पुनःप्राप्त करने के तरीकों पर विचार करने का अच्छा अवसर है.

विश्व जल दिवस कैसे मनाया जाता है (How is the World Water Day celebrated?)

शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार, तकनीकी, आर्थिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों तथा जीवन का आधार जल ही होने के कारण इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है.

देश तथा दुनिया के विभिन्न शहरों में इस दिन कई प्रकार के पर्यावरणीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाते है. जिसके द्वारा आम लोगों में जल के महत्व तथा इनके संरक्षण की नीतियों पर विस्तृत चर्चा आयोजित की जाती है.

विद्यालयों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए संगीतात्मक उत्सव, स्थानीय तालाब, झील, नदी और जलाशय की सैर, जल प्रबंधन निबन्ध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है. नीले रंग की जल की बूँद की आकृति विश्व जल संरक्षण का प्रतीक है.

जल के महत्व को हर व्यक्ति समझे तथा अपनी आने वाली पीढियाँ इसका उपयोग कर सके इसके लिए इसके समुचित उपयोग के बारे में जागरूकता पैदा करना ही हर साल विश्व जल जल दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य है.

विश्व जल दिवस पर कविता (poem on world water day in hindi)

विश्व जल दिवस पर मेरी एक कविता ।क्योंकि जल है तो कल है पर जल नहीँ तो आज भी नही है ।इसलिए पानी बचाने का प्रयास करें।

आज अचानक दादाजी को,
बड़े जाकर गुस्सा आया
कितना बड़ा अनर्थ करते हो,
अब तक तुम्हे समझ न आया
बोले दादा तुम सब बच्चों,
पानी बहुत अधिक फैलाते
एक घुट पानी पी कर के,
पूरा गिलाश व्यर्थ लुढ़काते
एक बाल्टी में नहा सकते हो,
पर चार चार बाल्टी फैलाते
घंटो जैट पम्प चला कर,
सडको पर पानी बहाते
बिजली पानी व्यर्थ नष्ट कर,
अपने देश को हानि पहुचाते
अपने मात-पिता को तुम सब,
पानी का महत्व क्यों नही समझाते
यही चला तो एक दिन पीने का,
पानी खत्म हो जाएगा
पानी के बिन प्यासे रह कर,
पशु, पक्षी, मानव का,
जीवन नष्ट हो जाएगा
मैंने बोला सॉरी दादाजी,
अब हम ऐसा नही करेगे,
अब हम सारे बच्चे मिलकर,
एक नयी शुरुआत करेगे
पानी की एक एक बूंद बचाकर,
इसका सही उपयोग करेगे.

जल ही जीवन है, बिना जल नही है कल (Water is life, there is no water tomorrow)

यह सोचकर भी डर से दिल काँप उठता है, यदि कल पानी का नल या टैंकर नही आया तो हमारी दिनचर्चा कैसे चलेगी, फिर यदि जल हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा तो क्या होगा. मानव सहित सभी जीव जन्तुओ पर क्या बीतेगी. क्या हम प्यासे ही मर जाएगे. ऐसा ही होगा, यदि आज हम सावधान नही हुए तो. जरा सोचिए हम जल की कितनी फिजूलखर्ची करते है सुबह हाथ मुह धोने के लिए 10 लीटर की बाल्टी उडेल देते है, इतना पानी एक व्यक्ति के लिए एक दिन पीने के लिए पर्याप्त होगा. हम एक लोटे भर पानी से भी हाथ मुह धो सकते है.

शेष पानी की बचत हमारे भविष्य में आने वाली परेशानियों को कम कर सकती है. एक अनुमान के मुताबिक एक व्यक्ति दिन में 60 से 70 लीटर पानी खर्च करता है. जबकि वह चाहे तो वही काम 20 लीटर पानी में कर सकता है. यदि एक व्यक्ति इतनी पानी की बचत करता है तो सोचिये एक दिन में हम सभी मिलकर कितना पानी बचा सकते है. आज विश्व जल दिवस पर हम संकल्प ले कि व्यर्थ में पानी खर्च न कर इसका समुचित उपयोग करेगे, तथा लोगों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगे.

हिन्दी कविता : पानी की बर्बादी

मत क़रो मुझ़को बर्बाद,
इतना तो तुम रख़ो याद,
प्यासें ही तुम रह ज़ाओगे,
मेरे ब़िना न जी पाओंगे।
कब तक बर्बांदी का मेरें,
तुम तमाशा देख़ोगे,

संकट आयेगा ज़ब तुम पर,
तब मेरे बारें में सोचोंगे।
संसार मे रहनें वालो को,
मेरी ज़रूरत पडती हैं,
मेरी बर्बांदी के कारण,
मेरी उम्र भीं घटती हैं।
ऐसा न हो इक़ दिन मै,
इस दुनियां से चला जाऊ,

ख़त्म हो ज़ाए ख़ेल मेरा,
लौंट के फिर न वापस आऊ।
पछताओगें-रोओगे तुम,
नही बनेगी कोईं बात,
सोचों-समझ़ो करो फ़ैसला,
अब तो ये हैं तुम्हारें हाथ।
मेरे बिन इस दुनियां मे,
ज़ीना सबका मुश्कि़ल है,

अपनी नही भविष्य की सोचों,
भविष्य भी इसमे शामिल हैं।
मुझें ग्रहण क़र सभी ज़ीव,
अपनी प्यास बुझ़ाते है,
कमी मेरी पड गई अग़र तो,
हर तरफ सूख़े पड जाते है।
सतर्क हो ज़ाओ बात मान लों,
मेरी यहीं कहानी हैं।
करो फ़ैसला मिलकर आज़,
मत क़रो मुझको बर्बांद,
इतना तो तुम रख़ो याद।

जल दिवस का महत्व

आओ जल दिवस मनाएं,
जल का मुल्य सबको बतलाएं,
जल है मां के आंचल सा,
इससे पलता है जीवन हम सबका,

बूंद-बूंद जल से सागर है बनता,
जल जीवो का संसार है पलता,
बिन जल के रह न पाए ये सब ,
खत्म हो जाता है इनका परिवार तब,

जल से रहती है सब जगह हरियाली,
किसानो के घर में भी होती खुशहाली,
धरती हरि- भरी हो जाती है जल से,
फल-फूल से भर जाती है इन सबसे,

जल है धरती पर अमृत जैसा,
कोई नहीं है इसके जैसा,
बहता है ये कल-कल करके,
हमें जीने का पाठ पढ़ाता है,

जल से है जीवन हमारा,
इसके बिना ना है हमारा गुजारा,
ये हमारे जीवन का आधार है,
धरती पर हमारे लिए ये उपहार हैं,
Aruna Gupta

जल दिवस

जल बचाओ जीवन बचाओ,
सभी को जल का मूल बताओ,
जल है तो जीवन है धरती पर,
नहीं रहा जल तो रोओगे सिर पकड़कर,

जल को बचाना कर्तव्य है हमारा,
इस के बिना नहीं है हमारा गुजारा,
जल है हमारे लिए अमृत जैसा,
जो ये कर सकता है कोई कर नहीं सकता ऐसा,

जल ना रहा हमारे जीवन में,
कैसे आप अपनी प्‍यास बुझाओगे,
आगर बची ना कोई जल की बूंद,
जल्दी ही राख सा जल जाओगे,

पैसो में भी नहीं जल मिल पायेगा,
जल की भी होने लगेगी पहरेदारी,
सभी रिश्ते हमारे पीछे रह जाएंगे,
हर जगह होगी जल की मारममारी,

शक्तिशाली अपना रोब दिखाएंगे,
गरीब लोग तब प्‍यासे ही मार जाएंगे,
अमीर लोग नदियो पर भी अपना हक दिखाएंगे,
तब हम सिर्फ अपना हाथ मलते रह जाएंगे,
Aruna Gupta

FAQ

विश्व जल दिवस कब मनाया जाता हैं?

22 मार्च को प्रतिवर्ष जल दिवस मनाया जाता हैं.

जल दिवस मनाने का उद्देश्य क्या हैं?

जल समस्त प्राणी एवं वनस्पति के जीवन का मूल आधार हैं, इसके महत्व और जीवन में उपयोगिता को जन जन तक पहुचाने और इसके संरक्षण के लिए यह दिवस मनाया जाता हैं.

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