बेटी पर शायरी कविता | Shayari Poem on Daughter In Hindi

बेटी पर शायरी कविता | Shayari Poem on Daughter In Hindi बेटी ईश्वर का अनुपम उपहार है. जो भाग्यशाली माँ बाप को ही मिलती है. आज बेटियां घर की शान है, जब उन्हें घर से विदा किया जाता है तो वही घर सुना रह जाता है. माँ बाप की इन परियों को भलें ही कुछ लोग पुत्र मोह के चलते कम आंकते है. ओलपिंक हो या राष्ट्रमंडल, खेल, शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान सहित कई क्षेत्रों में आज हमारी बेटियां कही आगे निकल चुकी है. जिन पर माँ बाप को ही नही पूरे देश को गर्व होता है. बेटी पर शायरी कविता कोट्स में बेटी के महत्व के बारे में कुछ स्टेट्स बता रहे है.

बेटी पर शायरी कविता | Shayari Poem on Daughter In Hindi

बेटी पर शायरी कविता | Shayari Poem on Daughter In Hindi

बेटी पर कविता शायरी आपके साथ पुत्रियों तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ Beti Par Kavita बेटी से ही देश बचेगा विषयों पर मार्मिक हिंदी पोएम आपके साथ शेयर कर रहे है. आज के Betiyan Hindi Poem के माध्यम से आप जान पाएगे कि बेटियों का क्या महत्व है तथा इनकी रक्षा क्यों किये जाने की आवश्यकता आन पड़ी हैं.

बेटीयां बचानी है, बेटीयां पढ़ानी है,

हम सब ने मिलकर ठाना है,
बेटीयों को बचाना है,
जन-जन तक संदेश पहुंचाना है,
हम सब को मानवता दिखानी है।
बेटीयां बचानी है, बेटीयां पढ़ानी है।।

बेटीयां इस देश की शान है,
इनसे तो हमारी पहचान है,
बेटीयां तो हमारी जान है,
बेटीयां का ही तो यह हिन्दुस्तान है,
उस हत्यारों को फांसी दिलानी है।
बेटीयां बचानी है, बेटीयां पढ़ानी है।।

मनिषा को न्याय दिलाना है,
उस हत्यारों को पानी नहीं जहर पिलाना है।
उसे जल्द ही फांसी पर लटकाना है,
बेटीयों के लिए हमें आगे आना है,
हमें बेटीयों को वीरता सिखानी है।
बेटीयां पढ़ानी है, बेटीयां बचानी है।।

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बेटीयों को बचाना हमारा अधिकार है,
जन -जन की यही पुकार है,
यही हमारा संस्कार है,
मनिषा रेप से बङा कोई न जन संहार,
बेटीयां की इज्जत बचानी है।
बेटीयां बचानी है , बेटीयां पढ़ानी है।।

बेटीयां प्यारी है, बेटीयां न्यारी है,
बेटीयां तो केशर की क्यारी है,
अब बेटीयां जा रही है मारी ,
दुनिया बदल गई है सारी,
बेटीयां दुर्गा है , बेटीयां भवानी है।
बेटीयां बचानी है, बेटीयां पढ़ानी है।।
-सुनील कुमार नायक

बेटी पर शायरी (best Hindi Shayari on daughter)

परियां खुद उतरती है
आसमा से
यकीं नही होता तो
घर में बेटियों को ही देख लो.
पुत्र माँ बाप की जमीन का
बंटवारा करते है, जबकि
बेटियां उनका
दुःख दर्द बाँटती है.
खिलते फूलों की कली है
बेटियां
माँ बाप के दुःख दर्द समझती है
बेटियां
परिवार का नाम रोशन करती है
बेटियां
बेटे आज हो तो
आने वाला कल है
बेटियां
बेटी एक मीठी मुस्कान है
सच तो ये है मेहमान है
बेटी….
जिस घर की पहचान बनने
चली..
उस घर से अनजान है बेटी..
बेटी वो फूल है,
जो हर बाग़ में नही
खिलता है.
भाग्यशाली है वो माँ बाप
जिनके घर बेटी ने जन्म लिया है.
बेटी भार नही है, आधार
जीवन है उसका अधिकार
शिक्षा है उसका हथियार
बढाओ कदम करो स्वीकार
बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओ
बेटा वारिश है बेटी पारस है
बेटा वंश है बेटी अंश है
बेटा आन है बेटी शान है
बेटा तन है बेटी मन है
बेटा मान है बेटी गुमान है
बेटा संस्कार है बेटी संस्कृति है.

बेटी पर कविता (poem on daughter in hindi)

बेटी तेरे सौभाग्य का सिंदूर घोलकर मैं लाया हूं
लिखा विधाता ने भाग्य में तेरे जो वो वर आज मैं ढूंढ के लाया हूं
कलेजे का टुकड़ा है तू मेरा, कभी न किया है दूर तुझे खुद से

पर लाड़ली तेरी और मेरी जुदाई का वचन देकर आया हूं
बेटी तेरे लिए आज मैं शादी का जोड़ा लाया हूं
सुन्दर रंगों से सजे वो मेहंदी लेकर आया हूं

गुड़िया जैसी लाड़ली बेटी तेरे लिए
मैं रुमझुम करते झांझर लाया हूं
मन रोए है पर होठों पर मुस्कान लेकर आया हूं

अक्स है तू मेरा फिर भी दूसरा अक्स मैं लाया हूं
कहलाती है हर बेटी धन पराया क्यों?
जबकि तू तो है जान मेरी लाड़ली

पत्थर दिल बाप भी रो पड़ते बेटी की बिदाई पर
हो जाएगा आंगन सूना लाड़ली तेरे जाने पर
जाकर ससुराल खुशबू बनकर महका देना तू सबका जीवन

तुझ बिन सूना हो जाएगा बाबुल का आंगन
फिर झंखना लिए मन में तेरे सुख का संदेशा लाया हूं
पोंछ ले अपने आंसू लाड़ली खुशी का अवसर लाया हूं.

बेटी की विदाई पर कविता (Poem on daughter’s farewell)

बेटी की विदाई की एक सुन्दर कविता
आप सभी जरूर पढ़े और अच्छा लगे तो शेयर करे~

कन्यादान हुआ जब पूरा,आया समय विदाई का ।।
हँसी ख़ुशी सब काम हुआ था,सारी रस्म अदाई का ।

बेटी के उस कातर स्वर ने,बाबुल को झकझोर दिया।।
पूछ रही थी पापा तुमने,क्या सचमुच में छोड़ दिया।।

अपने आँगन की फुलवारी,मुझको सदा कहा तुमने।।
मेरे रोने को पल भर भी,बिल्कुल नहीं सहा तुमने।।

क्या इस आँगन के कोने में, मेरा कुछ स्थान नहीं।।
अब मेरे रोने का पापा,तुमको बिल्कुल ध्यान नहीं।।

देखो अन्तिम बार देहरी,लोग मुझे पुजवाते हैं।।
आकर के पापा क्यों इनको,आप नहीं धमकाते हैं।।

नहीं रोकते चाचा ताऊ,भैया से भी आस नहीं।।
ऐसी भी क्या निष्ठुरता है,कोई आता पास नहीं।।

बेटी की बातों को सुन के,पिता नहीं रह सका खड़ा।।
उमड़ पड़े आँखों से आँसू,बदहवास सा दौड़ पड़ा।।

कातर बछिया सी वह बेटी,लिपट पिता से रोती थी।।
जैसे यादों के अक्षर वह,अश्रु बिंदु से धोती थी।।

माँ को लगा गोद से कोई,मानो सब कुछ छीन चला।।
फूल सभी घर की फुलवारी से कोई ज्यों बीन चला।।

छोटा भाई भी कोने में,बैठा बैठा सुबक रहा।।
उसको कौन करेगा चुप अब,वह कोने में दुबक रहा।।

बेटी के जाने पर घर ने,जाने क्या क्या खोया है।।
कभी न रोने वाला बाप,फूट फूट कर रोया है

बेटी पर कोट्स (quotes on daughter in hindi)

  1. बेटी का अपमान उस समाज का श्राप है.
  2. एक बेटी अपने पिता की परी होती है.
  3. बिन पंखो की बेटी रुपी बिटिया इस दिन बागन से उड़ जाएगी.
  4. बेटी से ही चलता है परिवार, ये ना होती तो रूक जाता ये संसार
  5. जब तक बेटी शिक्षित नही होगी, समाज शिक्षित नही हो सकेगा.
  6. जब तक बेटी घर में है, माँ बाप के लिए वो समय स्वर्ग समान होता है.
  7. जो बेटियों का सम्मान नही करते वे मानव नही दानव है.
  8. बेटी की आदर्श अपनी माँ होती है, शादी के बाद बेटी कितनी भी दूर हो जाए माँ हमेशा उनके पास रहती है.

बेटी पर शायरी कविता कोट्स SMS (Shayari Poem Kavita Quotes SMS on Daughter In Hindi)

बेटी को चाँद मत बनाओं कि
कोई घुर घुर का देखे.
बल्कि
बेटी को सूरज बनाओं कि
घूरने से पहले ही नजरें झुक जाए.

हर बेटी के भाग्य में पिता होता है,
हर पिता के भाग्य में बेटी नही होती है.

बेटी कुछ भी मांगे तो
बिना सोचे समझे ला देना,
क्योंकि ये ही बेटी विवाह के बाद
आप कुछ देगे तो कहेगी
पापा इसकी क्या जरुरत थी.

हजारों बाग़ लगा दो आंगन में
जीवन में खुशबु तो बेटी के
आने से ही होगी.

जब बहु घर को आती है
तो हर मुह पूछता है क्या लेकर आई है
मगर ये कोई नही पूछता कि
वो क्या छोड़कर आई है.

Short Hindi Poem on Betiyan | बेटी पर कविता

beti ke janam par kavita: एक समय हुआ करता था जब बेटियों के जन्म को ही अभिशाप मान लिया जाता हैं. हमेशा से बेटी अपने माता-पिता के लिए वरदान ही साबित हुई है उनका नाम रोशन करने में बेटी की अहम भूमिका रही हैं.

समय के बदलाव के साथ समाज को भी अपनी सोच को बदलना होगा तथा खुले मन से बेटियों का स्वागत करना चाहिए. बेटी के जन्म पर भी स्वयं को इतना गौरवान्वित महसूस किया जाना चाहिए, जितना कि एक बेटे के जन्म पर.

Few Short Hindi Poems on Betiyan / Daughter

बेटी मां के गर्भ से,करती करूण पुकार,
मा मुझको तुम जन्म दो,मत मारो इस बार।

देकर जन्म मनाइये,खुशी आप इस बार,
बेटी पर विश्वास यदि,कर सकती उद्धार।

देकर बेटी को जन्म,कभी करो मत खेद,
पालन पोषण में कभी,करो न कोई भेद।

बेटी को भी दीजिये,शिक्षा का अधिकार,
बेटों से बढ़कर कहीं,मानेगी उपकार।

बेटा माँ को मानता,रखता माँ का मान,
बेटी को भाता पिता,रखे पिता का ध्यान।

मान पराया धन करो,नहीं एक भी काम,
इससे मानवता सदा,होती है बदनाम।

बाध रहे हो क्यों गाय सा,खूटे से यू आप,
बना रहे हो क्यो सुता के,जीवन को अभिशाप।

बेटी में क्षमता बहुत,यह समझें श्रीमान,
दो दो घर वह देखती,काम नहीं आसान।

बेटी ने इसान का,सदा दिया है साथ,
हर महान व्यक्ति के,पीछे इसका हाथ।

बेटे से मै कम नही,बेटी का उदघोष,
यदि मुझको अवसर मिले,देखो मेरा जोश।

बेटी का हर बात पर,अधिक दीजिये ध्यान,
उस पर निर्भर देश की,है भावी सन्तान।

छोड़ पुराना दीजिये,एक नया परिवेश,
पढ़ा लिखा कर भेजिये,उसको आप विदेश।

विनती सुनिए बहु की, हे! सासु महाराज,
बेटी सा अपनाइये, अगर बचानी लाज।

बेटी हो या हो बहु, दोनो एक समान,
दोनो को ही चाहिए,सदा मान सम्मान।।।

poems for betiyaan in hindi

“जीवन की एक आस है बेटी

सब रोगो की दवा है बेटी,
जीवन की एक आस है बेटी

ममता का सम्मान है बेटी,
माता-पिता का मान है बेटी

आगन की तुलसी है बेटी,
पूजा की कलसी है बेटी

सृष्टि है, शक्ति है बेटी,
दृष्टि है, भक्ति है बेटी

श्रद्धा है, विश्वास है बेटी
जीवन की एक आस है बेटी

poetry on betiyaan in hindi

कई मनौतियों के बाद मिली एक बेटी
उसके लिए खोल दी धन की पेटी
कई बरस लाडली गोदी में ही रही
लाड प्यार में पलती बढ़ती ही रही

मायके में नहीं था कोई अभय
पिता का था गाँव में प्रभाव
माता पिता ने बरात, विदा की ख़ुशी खुशी
पति निकला शराबी, रही सदा दुखी दुखी

नकदी, सोना, चांदी, दहेज दिया अपार
ससुराल में हुई दो रोटी को लाचार
बचपन बीता लाड से फूलों पर
दाम्पत्य जीवन जी रही शुलों पर

थी यह सुशिल सुंदर नारी
थी उसकी छटा उसकी अनुपम न्यारी

परित्यक्ता होकर भी पराये नर के साथ नहीं रही
जिन्दगी भर पति के सुधरने की आस पर रोती रही
सुधिजन कुरीतियों की न करे परवाह
परित्यक्ता व विधवा का हो पुनर्विवाह

इनका बसे पुनः संसार
यही है समय की पुकार
सुखी रहे हर भारतीय नारी
यही शुभकामना है हमारी

Hindi Poem on Daughter

कभी हंसू तो हंसे मेरे साथ
कभी रोऊ तो रोए मेरे साथ
कभी उदास होऊ तो बैठे मेरे पास
और प्यार से पूछे
मम्मा क्या हुआ है आज आप के साथ?
कुछ न बोल पाऊ तो कहे
मम्मा, मैं हूँ हमेशा आपके साथ
मैं कहती हूँ नहीं नहीं है कुछ ख़ास
गीली नम आँखों को पौछ्ते हुए बोले
मम्मा, आप झूठ नहीं बोल पाती हो कुछ ख़ास
क्यों कहते हो बेटी को माँ की परछाई
आज हुआ मुझको ये एहसास
गले लगा के उसे मैं बोली
आज, तुम नहीं थी मेरे पास इसलिए मैं थी उदास
प्यार से वो बोली.. कभी तो कहती हो
तू मेरी हर दुआ में, हर साँस में मेरे साथ
फिर क्यों, आज मुझे अपने से अलग कर दिया अनायास
कुछ न बोल पाई मैं
तो गोदी में सिर रखकर लेट गई मेरे पास
और प्यार से वो बोली
अब तो मुस्करा दो और अपने सब गम भुला दो
क्योंकि आपकी बेटी है हमेशा आपके साथ

poem on beti bachao beti padhao in hindi

हे मा हमें बता हम बोझ क्यूँ है
हम पूर्णिमा का चाँद फिर दोज क्यूँ है

बेटियों ने कई कीर्तिमान बनाए
हमसे स्नेह की बजाय नफरत रोज क्यों है

हमने भी किसी दिन जन्म लिया
पर बेटों के जन्म दिन पर भोज क्यों हैं.

हम भी माँ बाप की सेवा करती है फिर
बेटों में बुढापे के सहारे की खोज क्यों है.

कद्र कर तू हमारी लिंग अनुपात को समझ
बेटियाँ कम बेटों की फौज क्यों है

तुमने भी एक माँ की कोख से जन्म लिया
हम रहे दुखी फिर बेटों की ही मौज क्यों हैं.


best poems on betiyaan in hindi

प्रकृति का कन्या अमूल्य उपहार है
सृष्टि संचालन में जिनका अहम किरदार है

जब बहू गर्भवती हुई तो
पूरा परिवार बड़ा खुश हुआ

पतिदेव को बधाईयाँ दी
बहु को पुत्रवती भवः का आशीर्वाद दिया

परिवार का वंश बढ़ेगा
बहु को अच्छा खाने को दिया

सास ने कुछ महीनों तक
बहू के खान पान को महसूस किया

फिर आस पड़ौस से पूछ कर
अल्ट्रा साउंड मशीन को याद किया

फिर पतिदेव क्लिनिक ले गया, सहमे से डोक्टर से पूछा
डोक्टर कुछ बुदबुदाने लगा
पतिदेव ने डॉक्टर को तुरंत पैसा दिया

बहू को लेटाया गया
मशीन ने गर्भ को चैक किया
फिर डॉक्टर ने मुहं लटकाया
तो पतिदेव ने डॉक्टर से पूछ लिया

फिर घन घिनौने अँधेरे में
पैदा होने वाली कन्या पर वार किया
बेचारी कन्या को इस प्रकार मौत दी गई
उसे श्मशान घाट तक नसीब नही हुआ.


hindi poem on hamari pyari betiyan बेटी शायरी कविता

हमारी बेटियां हमारा प्यार,
हमारा गुरुर इनसे सजा है हमारा संसार
हमारे जीवन में आई,
प्यारी सी परियां बनकर
इन्होने ही करवाया मुझे ममत्व का एहसास

इनका वो पहला स्पर्श सोचते ही पुलकित हो जाती हूँ
इसकी हर एक मुस्कराहट पर सारे गम भुला देती हूँ
इन्होने बोला जब पहला शब्द, जब से चली है ये पहला कदम
पापा की पीठ को घोडा बनाकर, माँ की गोद को झूला बना

नन्ही बहिन का हाथ थाम, चल पड़ी उसका हौसला बन
बहुत से पल ऐसे थे जिन्हें समेटने को जी चाहता है.

इन नन्हे हाथों से इशारे करना, हाव भाव प्रकट करना
इनका तुतलाना वो इनका बारिश में नहाना, छपछप करना, कागज की नैय्या बनाना
कभी रोना कभी मचलना अपने नटखट अंदाजों से सबका मन मोह लेता

ऐसे ही कुछ नजारों को नजरों में कैद करने को जी चाहता है.
इनकी ख़ुशी है हमारा मकसद इनकी खातिर सब कुछ न्यौछावर करने को जी चाहता है
हमेशा हंसते रहे ये इनके सारे गम भुलाने को जी चाहता है

पता नहीं कैसे गुजर गया ये वक्त के सारे पल जीने को जी चाहता है
जानते है ये नहीं हो पायेगा फिर भी उन्हें याद करते रहने को जी चाहता है

बस इतनी सी इच्छा है हमारी कि इन्हें मिले सभी का प्यार
दे पाऊ मैं इसे सारे संस्कार ये बने होशियार
कि गर्वित हो सारा परिवार, आशीर्वाद रहे हमेशा तुम्हारे साथ

मेरी बेटी पर कविता 2022

जब माँ ही जग में नही होगी
तो तुम जन्म किस्से पाओगे.
जब बहन न होगी घर आगन में
तो किससे रुठोगे किसे मनाओगे.
जब दादी नानी न होगी,
तो तुम्हे कौन कहानी सुनाएगा?
जब कोई स्वप्न सुन्दरी ही नही होगी
तो तुम किससे ब्याह रचाओगे?
जब घर में बेटी ही न होगी
तो तुम किस पर लाड लुटाओगे?
जिस दुनिया में स्त्री न होगी,
उस दुनियाँ में कैसे रह पाओगे?
जिस घर में बहु न होगी,
तो वंश कैसे बढाओगे?
नारी के बिन जग सुना हैं,
तुम यह बात कब समझ पाओगे?

बिटिया पर कविता

कहती बेटी बाह पसार
मुझे चाहिए प्यार दुलार
बेटी को अनदेखा क्यों करता हैं
निष्ठुर संसार
यदि अन्धकार से उजाले में आना हैं
तो बेटियों को पढाना, बेटियों को बचाना हैं.
महिलाओ का सशक्तिकरण कर स्रष्टि के
सुन्दरतम निर्माण का
एक नया अध्याय लिख जाना हैं
कई जोर जुल्म से बचाना हैं
महिलओं का सशक्तिकरण कर
स्रष्टि के सुन्दरतम निर्माण का
एक नया अध्याय लिख जाना हैं
कई ओर जुल्म से बचाना हैं
कई कानूनों को परखना हैं
मुझे नये धर्मो को परखना हैं.
मुझे नये धर्मो को रचना हैं
/मुझे ही तो कुछ बदलना हैं
क्युकि मै लड़की हु मुझे पढना और बढना हैं
अगर बेटा वारिस हैं तो बेटी पारस हैं
अगर, बेटा वंश हैं तो बेटी अंश हैं
बेटा आन हैं, तो बेटी गुमान हैं
अगर बेटा संस्कार हैं तो बेटी संस्कृति हैं
अगर बेटा दवा हैं तो बेटी दुआ हैं
बेटा भाग्य हैं तो बेटी विधाता हैं
बेटा शब्द हैं तो बेटी अर्थ हैं
पापा की लाडली माँ की दुलारी
ओस की बूंद सी होती हैं बेटियाँ
मिटटी की खुशबु सी होती हैं बेटियाँ
घर की राजदार होती हैं बेटियाँ
सत्यम शिवम सुन्दरम सी होती हैं बेटियाँ
फिर दहेज के लिए क्यों मार दी जाती हैं बेटियाँ
दो वंशो को चलाने वाली होती हैं बेटियाँ
फिर क्यों गर्भ में ही मार दी जाती हैं बेटियाँ
बिजली चमकती हैं तो आकाश बदल जाता हैं
आंधी उठती हैं तो दिन रात बदल जाती हैं
और नारी शक्ति गरजती हैं तो इतिहास बदल देती हैं.

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