शिक्षा का अधिकार अधिनियम पर निबंध | Essay On Right To Education In Hindi Language

नमस्कार दोस्तों आज निबंध शिक्षा का अधिकार अधिनियम पर निबंध Essay On Right To Education In Hindi Language पर दिया गया हैं. इस निबंध में हम RTE 2009 एक्ट क्या है, भारत में निशुल्क शिक्षा का अधिकार इसके लाभ और महत्व पर आसान भाषा में निबंध दिया गया हैं.

शिक्षा का अधिकार पर निबंध Essay On Right To Education In Hindi

शिक्षा का अधिकार अधिनियम पर निबंध Essay On Right To Education In Hindi Language

शिक्षा के महत्व को दृष्टिगत रखते हुए राज्य एवं नीति निर्देशक तत्वों में संविधान के अनुच्छेद 45 में 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों को निशुल्क व अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गये हैं.

इसी क्रम में संसद द्वारा 1 दिसम्बर 2002 को 14 वर्ष तक के बच्चों हेतु निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा के अधिकार को मूल अधिकार बनाने एवं बच्चों को  शिक्षा  के अवसर मुहैया कराने को माता पिता का मूल कर्तव्य बनाने हेतु 86वाँ संविधान संशोधन अधिनियम 2002 पारित किया गया.

इस संशोधन द्वारा संविधान में नया अनुच्छेद 21 क मूल अधिकार तथा अनुच्छेद 51 क मूल कर्तव्य में नया वाक्यांश ट जोड़ा गया हैं तथा अनुच्छेद 45 में संशोधन किया गया.

निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम राज्यसभा द्वारा 20 जुलाई 2009 को पारित किया गया. इसके तहत संविधान के अनुच्छेद 21 ए के तहत बच्चों के निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के मूल अधिकार के क्रियान्वयन का प्रावधान किया गया हैं.

यह अधिनियम 1 अप्रैल 2010 से सम्पूर्ण देश में लागू हो गया हैं. भारत शिक्षा को बच्चों का मौलिक अधिकार घोषित करने वाला विश्व का 135 वाँ देश हैं.

राजस्थान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 38 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार ने इस अधिनियम के प्रावधानों की क्रियान्विति हेतु राजस्थान निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार नियम 2011 निर्मित कर 29 मार्च 2011 को अधि सूचित कर दिए हैं.

निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधान राज्य में स्थित सभी सरकारी एवं गैर सरकारी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक तथा ऐसे माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों जिनमें कक्षा 1 से 8 तक शिक्षण होता हैं.

चाहे वह अनुदानित हो अथवा गैर अनुदानित हो चाहे वह केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से सम्बद्ध हो या राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से सम्बद्ध हो, अथवा अन्य किसी बोर्ड संस्था से सम्बद्ध हो, में नियम लागू होते हैं. निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रमुख प्रावधान निम्न हैं.

निशुल्क व अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार धारा 3

इस अधिनियम के द्वारा छः वर्ष से चौदह वर्ष तक की आयु के बच्चों को निशुल्क व अनिवार्य प्रारम्भिक शिक्षा का प्रावधान किया गया हैं.

प्रत्येक सरकार 6 से 14 वर्ष तक की आयु के प्रत्येक बालक को निशुल्क प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध करवाएगी. तथा प्रत्येक बालक का अनिवार्य प्रवेश उपस्थिति और उसे पूरा करना सुनिश्चित करना, प्रत्येक सरकार का दायित्व होगा.

ऐसे बालकों जिन्हें प्रवेश नहीं दिया गया है, के विशेष उपबन्ध धारा 4

जहाँ 6 वर्ष से अधिक की आयु के किसी बालक को किसी विद्यालय में प्रवेश नहीं दिया गया हैं या उसने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा पूरी नहीं की हैं तो उसे उसकी आयु के अनुसार समुचित कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा

तथा ऐसे बालक को अन्य बालकों के समान होने के लिए तय समय सीमा के  भीतर  और  निश्चित रीती से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करने का अधिकार होगा.

ऐसे बालक को चौदह वर्ष की आयु के पश्चात भी प्रारम्भिक शिक्षा पूरी करने तक निशुल्क शिक्षा का अधिकार होगा.

सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी दुर्बल वर्ग के बालक को अलाभित समूह के बालक के साथ पक्षपात न हो तथा वह प्राथमिक शिक्षा से वंचित न रह जाए.

अन्य विद्यालय में स्थानान्तरण का अधिकार धारा 5

किसी विद्यालय में प्रारम्भिक शिक्षा पूरी करने की व्यवस्था न होने पर बालक को अन्य विद्यालय में स्थानान्तरण का अधिकार होगा.

ऐसी स्थिति में उस विद्यालय का प्रधानाध्यापक ऐसे बालक को अन्य विद्यालय में प्रवेश के लिए तुरंत स्थानान्तरण प्रमाण पत्र जारी करेगा.

विद्यालय स्थापित करने का कर्तव्य धारा 6

निर्धारित क्षेत्र या सीमा के भीतर विद्यालय न होने पर समुचित सरकार और स्थानीय प्राधिकारी द्वारा इस अधिनियम के प्रारम्भ होने के तीन वर्ष के भीतर विद्यालय स्थापित किया जाएगा.

  • केंद्र व राज्य सरकार उचित निधि व अन्य अवसरंचनात्मक सुविधाएँ उपलब्ध करवाएगी.
  • स्कूल का बुनियादी ढांचा 3 वर्षों के भीतर सुधारा जाएगा अन्यथा उसकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी.
  • तीन वर्ष से अधिक आयु के बालकों के लिए सरकार द्वारा निशुल्क विद्यालय पूर्व शिक्षा के लिए भी व्यवस्था की जाएगी.
  • दुर्बल और अलाभित समूह के बालकों के लिए नजदीकी निजी विद्यालय में 25 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा.
  • प्रवेश के लिए आयु का सबूत- प्राथमिक शिक्षा में प्रवेश के लिए जन्म प्रमाण पत्र या अन्य कोई विहित दस्तावेज आयु का आधार होगा, लेकिन आयु का सबूत न होने के कारण किसी बालक को किसी विद्यालय में प्रवेश से इनकार नहीं किया जा सकता.
  • बालक प्रारम्भ में अथवा विहित समय में किसी भी शाला में प्रवेश ले सकेगा.
  • किसी विद्यालय में प्रवेश प्राप्त बालक को किसी कक्षा में रोका नहीं जाएगा. या विद्यालय से प्राथमिक शिक्षा पूरी किये जाने तक निष्कासित नहीं किया जाएगा.
  • किसी बालक को शारीरिक दंड नहीं दिया जाएगा या उसका मानसिक उत्पीड़न नहीं किया जाएगा.
  • मान्यता प्रमाण पत्र अभिप्राप्त किये बिना कोई विद्यालय स्थापित नहीं किया जाएगा. बिना मान्यता प्रमाण पत्र के विद्यालय स्थापित करने पर एक लाख रूपये का जुर्माना तथा प्रत्येक ऐसे दिवस के दस हजार प्रति दिवस जुर्माना देय होगा. धारा 19 के तहत किसी विद्यालय को तब तक मान्यता नहीं दी जाएगी जब तक कि वह अधिनियम में दी गई अनुसूची में विनिर्दिष्ट मान या मानकों को पूरा नहीं करता हैं.

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