सूर्य नमस्कार कैसे करे स्टेप लाभ व मंत्र | Surya Namaskar Steps Mantra and Benefits In Hindi

सूर्य नमस्कार कैसे करे स्टेप लाभ व मंत्र Surya Namaskar Steps Mantra and Benefits In Hindi: योगा तेजी से दुनिया भर में अपनाया जा रहा हैं. योग में कई प्रकार के आसन, व्यायाम और मुद्राएं शामिल हैं जिनमें सूर्य नमस्कार भी एक हैं. नाम से स्पष्ट है सूर्य को नमस्कार करने की मुद्राओं में किया जाता हैं. 12 पोज़ के सूर्य नमस्कार को करने से ब्राह्मण से शरीर को ऊर्जा की प्राप्ति होती हैं. इस आर्टिकल में हम जानेगे कि सूर्य नमस्कार क्या है कब और कैसे किया जाता है इसके मंत्र और फायदे क्या हैं.

सूर्य नमस्कार कैसे करे स्टेप लाभ व मंत्र Surya Namaskar In Hindi

सूर्य नमस्कार कैसे करे स्टेप लाभ व मंत्र Surya Namaskar Steps Mantra and Benefits In Hindi

सूर्य नमस्कार को योगासनों में श्रेष्ट कहा गया है. यह अकेला अभ्यास ही साधक को सम्पूर्ण योग व्यायाम का लाभ पहुचाने में समर्थ है. इसके अभ्यास से शरीर में आरोग्य, शक्ति व ऊर्जा की प्राप्ति होती है,

साधक का शरीर निरोग व स्वस्थ होकर तेजस्वी हो जाता है. यह केवल योग व्यायाम ही नही है, बल्कि नर से नारायण बनने की पद्दति है. इसका अभ्यास बालक,युवा, वृद्ध सभी महिला पुरुष कर सकते है.

सूर्य नमस्कार कैसे करे (Surya Namaskar Steps In Hindi)

ऋग्वेद में लिखा है- “सूर्यों वै आत्मा जगतस्तस्थुश्च”

अर्थात सूर्य सारे संसार की आत्मा है. सूर्य ही प्रत्यक्ष देवता है, जिनसे आरोग्य प्राप्त होता है. इसलिए हम स्वास्थ्य, सामर्थ्य और दीर्घायु के लिए सूर्य की पूजा करते है.

सूर्य नमस्कार की प्रारंभिक स्थिति (Preliminary Status of Surya Namaskar)

विधि- विश्राम की स्थति से

  1. सावधान की स्थति में आना
  2. पैरों के पंजो को मिलाना
  3. नमस्कारासन (नमस्कार की स्थति में हाथों की भुजाओं को मोड़ना, पारम्परिक भारतीय अभिवादन (प्रार्थना) जैसी मुद्रा बनाना और दृष्टि को सामने रखकर खड़े हो जाना (श्वास की क्रिया को सामान्य रखना)

सूर्य नमस्कार की प्रारंभिक स्थिति

सूर्य नमस्कार मंत्र (प्रारम्भ में उच्चारण करना)- surya namaskar mantra in hindi

ध्येय: सदा सवित्र-मंडल-मध्यवर्ती
नारायण: सरसिजासन सन्निविष्ट
केयूरवान मकर-कुंडलवान किरीटी
हारी हिरणमय वपुधृत-शंख-चक्र:

सूर्य नमस्कार मंत्र का अर्थ (Meaning of Surya Namaskar Mantra)

अर्थात जो सूर्यदेवता सदा ब्रह्मांड के मध्य सुशोभित होकर नारायण स्वरूप सब पर कृपा करते है, उनका स्वरूप सिर पर मयूर पंख का मुकुट धारण करते हुए और सम्पूर्ण अंदर और बाहर सोने के समान आभा प्रकट करते हुए तथा हाथों में शंख चक्र धारण किये हुए है.

क्रमशः 1 मन्त्र बोलकर 1 पूर्ण सूर्य नमस्कार किया जाता है. अर्थात 10 स्थतियाँ पूरी की जाकर फिर अगला मन्त्र उच्चारित करना है. पुरे 13 सूर्य नमस्कार किये जाने अपेक्षित है, तभी सर्वांग व सम्पूर्ण व्यायाम होता है.

सूर्य नमस्कार की 12 स्थितियां (Surya Namaskar Steps In Hindi)

मंत्र- ॐ मित्राय नमः

चलिए, मित्रों अब आपकों सूर्यनमस्कार कैसे करे इसकी जानकारी फोटो के साथ how to do surya namaskar step by step बता रहे है.

Surya Namaskar Step 1:-
  • आसन- ह्स्तोतानासन
  • विधि-श्वास लेते हुए अपने हाथों को उपर ले जाए और सिर के साथ साथ मेरुदंड को यथासभव पीछे की ओर खीचें.

Surya Namaskar Step 1

Surya Namaskar Step 2:-
  • आसन- पादह्स्तासन
  • विधि- श्वास छोड़ते हुए धीरे धीरे दोनों हाथों की हथेलियों को पैरो के पास जमीन पर रखे और ललाट को घुटनों से लगाने का प्रयास करे, यथासंभव इस स्थति में रुके, जैसा चित्र में दिखाया गया है.

Surya Namaskar Step 2

Surya Namaskar Step 3:-
  • आसन- अश्वसंचालनासन
  • विधि- श्वास लेते हुए अपने बायें पैर को यथासंभव पीछे की ओर ले जाए . दाए पैर को दोनों हाथों के मध्य यथास्थिति में रखे. कमर को नीचे की ओर दबाते हुए छाती को आगे की ओर निकाले.

Surya Namaskar Step 3

नोट: सूर्य नमस्कार के प्रथम चक्र में बायें पैर व दूसरे चक्र में दाएं पैर को पीछे ले जाए. इसी प्रकार क्रमशः बायें व दाएं पैर से अभ्यास करे, स्थति 3 में जो पैर पीछे आएगा, वही पैर चरण 8 में आगे आएगा.

Surya Namaskar Step 4:-
  • आसन- दन्डासन
  • विधि- श्वास छोड़ते हुए दाए पैर को पीछे ले जाकर बायें पैर से मिला दे. घटनों को तानकर सिर से पैरों तक शरीर को एक सरल रेखा के समान सीधा रखे. दोनों हाथों को सीधा रखते हुए दो कदम आगे देखे.

Surya Namaskar Step 4

Surya Namaskar Step 5:-
  • आसन- अष्टांग- नमस्कारासन
  • विधि- श्वास को छोड़े रखे यानि बलि कुंभक करे फिर शरीर को जमीन के समानान्तर लाकर घुटने, पैर के अंगठे, छाती, ललाट तथा हथेलियों को जमीन से स्पर्श कर दे.

Surya Namaskar Step 5

Surya Namaskar Step 6:-
  • आसन- भुजंगासन
  • विधि- श्वास लेते हुए शरीर को आगे की तरफ बढ़ाकर छाती को उपर उठाए ताकि आपके शरीर का वजन आपकी हथेलियों पर रहे और शरीर के अग्रभाग को उपर की ओर ले जाते हुए कमर व नाभि को हाथों के बिच में लाने का प्रयास करे, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है.

Surya Namaskar Step 6

Surya Namaskar Step 7:-
  • आसन-पर्वतासन

विधि- श्वास छोड़ते हुए नितम्ब का हिस्सा उपर उठाकर गर्दन को दोनों हाथों के मध्य लेकर आए. एडियों व हथेलियों को जमीन पर रखे. हाथ सीधे व पीठ दबी हुई हो और सिर नीचे लटका हुआ होना चाहिए.

Surya Namaskar Step 7

Surya Namaskar Step 8:-
  • आसन- अश्वसंचालनासन
  • विधि- श्वास लेते हुए बाए पैर को दोनों हाथों के मध्य लाकर रखेगे.

नोट- इस मुद्रा की स्थति स्टेप 3 के समान है, केवल पैर की स्थति का अंतर है.

Surya Namaskar Step 8

Surya Namaskar Step 9
  • आसन- पादह्स्तासन
  • विधि- श्वास छोड़ते हुए दाए पैर को बाए पैर के पास दोनों हाथों के मध्य लाकर रखे.

नोट- यह मुद्रा स्थति स्टेप 2 के समान है.

Surya Namaskar Step 9

Surya Namaskar Step 10
  • आसन-नमस्कारासन
  • विधि- श्वास लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर लाते हुए नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाए, पैरों को अपने यथास्थान पर ही रखे.

Surya Namaskar Step 10

Surya Namaskar Step 11

Surya Namaskar Step 11

Surya Namaskar Step 12

Surya Namaskar Step 12

image source- artofliving.org

नोट- यह मुद्रा सूर्यनमस्कार की प्रारम्भिक स्थति के समान है, इन दसों स्थतियों के 12 STEPS और दोहराने है तब पुरे 13 सूर्य नमस्कार होते है. उम्मीद करते है अब आप बिना किसी की मदद के आसानी से “Surya Namaskar Steps” दोहरा पाएगे.

सूर्य नमस्कार मंत्र Surya Namaskar Mantra In Hindi

आपकों बता दे कि सूर्य नमस्कार के हर चरण के पहले एक मंत्र का उच्चारण किया जाता है. Surya Namaskar Mantra में आपकों उन मुख्य मंत्रो के बारे में तथा है. Surya Namaskar Benefits के बारे में बताएगे.

surya namaskar mantra in hindi

  • ॐ रवये नमः
  • ॐ सूर्याय नमः
  • ॐ भानवे नमः
  • ॐ खगाय नमः
  • ॐ पूष्णे नमः
  • ॐ हिरन्यगर्भाय नमः
  • ॐ मरीचये नमः
  • ॐ आदित्याय नमः
  • ॐ सावित्रे नमः
  • ॐ अकार्य नमः
  • ॐ भास्करराय नमः
  • ॐ श्री संवितरसूर्यनारायणाय नमः

सूर्यनमस्कार की सभी 10 स्थतियों से पूर्व इन मंत्रो का उच्चारण करना चाहिए, Surya Namaskar का अंतिम मंत्र यह है, जो सभी योग करने के पश्चात उच्चारित किया जाता है.

आदित्यस्य नमस्कारान ये क्रवन्ति दिने दिने
आयु: प्रज्ञाबलवीर्यम् तेजस्तेषा च जायते
अर्थ- सूर्य भगवान् को जो नित्य नमस्कार करते है, उनकी आयु, प्रज्ञा, बल, वीर्य और तेज बढ़ता है.

अंत में नमस्कारासन से विश्राम की स्थति में आने हेतु क्रमशः

  1. हाथ खोलकर सीधे नीचे करना
  2. पैर के पंजे खोलना
  3. पैर खोलकर हाथ पीछे कर विश्राम की स्थति में आना.

सूर्य नमस्कार के लाभ/फायदे- Surya Namaskar Benefits In Hindi

  1. नियमित अभ्यास से विटामिन डी मिलता है जिससे हड्डियाँ मजबूत होती है.
  2. आँखों की रोशनी एवं मन की एकाग्रता बढ़ती है.
  3. शरीर में खून का प्रवाह तेज होता है जिससे ब्लड प्रेशर की बिमारी से आराम मिलता है.
  4. सूर्य नमस्कार का प्रभाव दिमाग पर पड़ता है व दिमाग ठंडा रहता है.
  5. उदर के पास की वसा को घटाकर शरीर का वजन कम करता है.
  6. बालों की समस्याओं में मददगार है जैसे बाल सफ़ेद होना, झड़ने व रुसी से बचाता है.
  7. त्वचा रोग होने की सम्भावना समाप्त हो जाती है. कमर लचीली व रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है.
  8. ह्रद्य व फेफड़े की कार्य क्षमता बढ़ती है और पाचन क्रिया में सुधार होता है.
  9. यह शरीर के सभी अंग, मासपेशियों व नसों को क्रियाशील करता है.
  10. शरीर के सभी संस्थान रक्त संचरण, श्वास, पाचन, उत्सर्जन, नाडी तथा ग्रन्थियों को क्रियाशील बनाता है एवं सशक्त करता है.
  11. पाचन सम्बन्धी अपच, कब्ज, गैस तथा भूख न लगने जैसी समस्याओं के समाधान में बहुत उपयोगी भूमिका निभाता है.

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