उपेन यादव कौन है इनका जीवन परिचय Upen Yadav Biography In Hindi

उपेन यादव कौन है इनका जीवन परिचय Upen Yadav Biography In Hindi राजस्थान का एक बड़ा चेहरा, जिन्हें अमूमन टीवी डिबेट समाचार पत्रों की हैडिंग या अनशन पर युवाओं के साथ देखते हैं. राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष श्री उपेन कुमार यादव राजस्थान में बेरोजगारों और युवाओं की आवाज उठाने वाला एक चेहरा हैं. प्रदेश में सरकारी भर्तियो को समय पर कराने उनकी धांधली की जांच और बेहतर परीक्षा नियमों को लेकर ये अक्सर युवाओं की वकालत करते नजर आते हैं.

उपेन यादव कौन है इनका जीवन परिचय Upen Yadav Biography In Hindi

 उपेन यादव कौन है इनका जीवन परिचय Upen Yadav Biography In Hindi
नामउपेन यादव
उम्र30 साल (अनुमानित)
शिक्षाBSTC
संगठनराजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ (अध्यक्ष)
पहचानबेरोजगार नेता
पताजयपुर, राजस्थान
ट्विटर फोलोवर्स454.1K
फेसबुक फोलोवर्स128,946

Who is Upen Yadav Wikipedia

एक युवा के हितों के लिए आवाज उठाने वाले छात्र नेता के रूप में उपेन यादव को जाना जाता हैं. पिछले 9 वर्षों से राजस्थान में बेरोजगारों के हक की आवाज उठाने वाले उपेन बेरोजगार महासंघ के वर्तमान अध्यक्ष हैं. इन्होने वर्ष 2015-16 में पुलिस की लाठियां खानी पड़ी थी जिसके चलते ये लहूलुहान भी हुए.

प्रदेश की दोनों भाजपा और कांग्रेस सरकार ने इनके आंदोलनों, धरने और अनशन को लेकर इन्हें बार बार जेल में भी बंद किया जाता रहा हैं. कई बार सरकारों ने इन्हें घर से उठाने के लिए पुलिस को निर्देश देकर कार्यवाही भी करवाई हैं.

हफ्तों तक लम्बे अनशन और भूख हड़ताल करने वाले आंदोलनकारी उपेन यादव की कई बार स्वास्थ्य स्थिति भी बिगड़ी है और उन्हें ICU तक भी भर्ती करना पड़ा था मगर इन्होने अनशन नहीं तोडा था.

उपेन यादव एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार से आते हैं एक अभ्यर्थी के रूप में जयपुर आकर तैयारी करने के दौरान युवाओं की पीडाओं से विचलित होकर युवाओं की आवाज बनने का निश्चय किया और आज ये राजस्थान, उत्तरप्रदेश और दिल्ली कूच के जरिये बेरोजगारों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करते हैं.

उपेन यादव की लोकप्रियता

बेरोजगार नेता उपेन यादव की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इन्हें ट्विटर पर करीब 5 लाख लोग फॉलो करते हैं जबकि फेसबुक पर उपेन यादव से करीब सवा लाख युवा जुड़े हुए हैं. राज्य सरकारों के लिए गले की हड्डी बने उपेन के एक आव्हान पर हजारों अभ्यर्थी आंदोलन के लिए उठ खड़े होते हैं.

पिछले कुछ वर्षों में इनके आंदोलनों के दवाब में आकर राज्य सरकारों को इनकी मांगों के समक्ष हर बार झुकना पड़ा था. 2019 के उपचुनावों में बेरोजगारों के प्रत्याशी उतारने और कांग्रेस का विरोध करने के कारण दवाब में कांग्रेस सरकार को इनकी मांगे माननी पड़ी थी.

यूपी महापड़ाव

नवम्बर- दिसम्बर 2021 में बेरोजगारों की 21 सूत्रीय मांगों को लेकर उपेन यादव ने जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर हजारों युवाओं के साथ धरना दिया, गहलोत सरकार ने जब इनके धरने को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया तो उपेन ने उत्तरप्रदेश का रुख किया.

चूँकि इन दिनों यूपी में विधानसभा के चुनावों की गहमागहमी हैं जिसके चलते उपेन करीब 300 पुरुष व महिला अभ्यर्थियों के साथ लखनऊ स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के आगे अनशन पर बैठे हैं. कड़ाके की ठंड के बीच बिना ओढ़े खुले आसमान तले सोये युवाओं की तस्वीरें पूरे देश ने देखी.

उपेन यादव राज्य में लम्बित भर्तियो को पूरा करवाने, न्यायालय प्रकरण में अटकी भर्तियों को सुलझाने, पेपर लिंक आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने और नई भर्तियो के विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे थे.

आरोप- प्रत्यारोप

राजस्थान में दवाब समूह के रूप में काम करने वाले बेरोजगार महासंघ और उपेन यादव को लेकर पिछली बीजेपी सरकार और अब अशोक गहलोत अवसर मिलने पर हमलावर रहे हैं. वर्तमान सरकार इन्हें बीजेपी का मुखौटा बताते है तो बीजेपी सरकार के समय इनको कांग्रेस का आदमी बता दिया जाता था.

यह बात ढकी छिपी नहीं हैं बल्कि अशोक गहलोत ने सार्वजनिक रूप से मिडिया के सामने इस तरह के आरोप लगाए थे. प्रत्युत्तर में उपेन यादव ने कहा था ” पिछली सरकार हमें कांग्रेस का आदमी बताकर हमारी आवाज दबा देती थी, आज माननीय अशोक गहलोत ने मुझे बीजेपी का बताकर मुझ पर लगे आरोपों को झूठा साबित कर दिया (कि मैं कांग्रेस का आदमी नहीं था)”

यादव ने आगे कहा था हमारा आन्दोलन किसी तरह की राजनीति से प्रेरित नहीं हैं, यूपी आना हमारी मजबूरी थी हम 44 दिन जयपुर में थे हमारी सरकार ने नहीं सुनी इसलिए प्रियंका गांधी से मिलने आए हैं. चुनाव लड़ने की योजना के आरोप के जवाब में उपेन ने कहा कि आप युवाओं की मांगे मान लीजिए मैं देश छोडकर चला जाऊँगा, फिर चुनाव लड़ने का कोई प्रश्न नहीं रहेगा.

उपेन यादव सम्पर्क सूत्र

फेसबुकलिंक
यूट्यूबलिंक
इन्स्टाग्रामलिंक
ट्विटरलिंक
मोबाइल नंबर094601 97575
पतामहासंघ कार्यालय, गोपालपूरा बाईपास

डॉक्यूमेंट्री फिल्म “दास्तां ए बेरोजगार”

14 अक्टूबर 2016 को उपेन यादव ने राजस्थान के बेरोजगारों की दशा को लेकर एक शोर्ट फिल्म बनाई थी. सरकारी भर्तियो की लचर व्यवस्था को इस शोर्ट फिल्म में दर्शाया गया. किस तरह भर्तियाँ निकलने के साथ ही विवाद अपने साथ लाती हैं और कोर्ट में अटक कर रह जाती हैं.

जब युवा इन लम्बित भर्तियों को पूरा करने की मांग करते हैं तो उन पर पुलिस से लाठियां चलवाई जाती हैं. फिल्म में 9 अक्टूबर 2015 के एक यथार्थ दृश्य को भी शामिल किया गया हैं जिनमें बेरोजगारों को पुलिस द्वारा बेरहमी से पीटा गया था. इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म के जरिये बेरोजगारों को समय पर रोजगार और भर्तियो के सिस्टम में सुधार के लिए आवाज उठाई गई हैं.

बड़े भाई की पहचान और युवाओं का प्यार

राजस्थान के बेरोजगार और नौकरी लग चुके युवाओं का यादव को बहुत पसंद करते हैं. उपेन के संघर्ष की बदौलत हजारों युवा आज नौकरी कर रहे हैं. बेरोजगार युवाओं के बीच संघर्ष के साथी उपेन यादव का कद बड़े भाई की तरह हैं. अपने स्वास्थ्य, निजी जीवन की परवाह किये बगैर युवाओं के हितों के लिए सरकार और प्रशासन के सामने खड़े जाने का साहस इनमें है.

जब जब इन्हें पुलिस ने जबरदस्ती गिरफ्तार किया, प्रदेश के युवा इनकी आवाज बनकर सरकार को झुकाने में सफल रहे हैं. वही विभिन्न भर्तियों के लिए विभागों में चक्कर लगाने, अधिकारियों से बात बात करने, मिडिया तक आवाज पहुचाने में इनकी भूमिका रही हैं.

सरकारी विभागों में उपेन यादव की अच्छी जान पहचान हैं जिनके चलते युवाओं को भर्तियो से जुड़ी अपडेट भी ये समय समय अपने सोशल मिडिया हैंडल से देते रहते हैं. युवाओं के मुद्दों पर बेरोजगार महासंघ के अध्यक्ष के रूप में टीवी डिबेट्स में भी बेरोजगारों का पक्ष रखते है.

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हमने सार्वजनिक रूप से मौजूद तथ्यों और जानकारी को आधार बनाकर “उपेन यादव कौन है इनका जीवन परिचय Upen Yadav Biography In Hindi ” इस आर्टिकल को लिखा हैं यह जीवनी आपको कैसी लगी, आपके पास उपेन यादव से जुड़ी कोई जानकारी या तथ्य हो तो कमेन्ट कर हमारे साथ अवश्य शेयर करें.

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