वनों का महत्व पर निबंध | Vano Ka Mahatva Essay In Hindi Language

वनों का महत्व पर निबंध Vano Ka Mahatva Essay In Hindi Language आज हम वनों पर निबंध (Importance of Forests) में वनों की आवश्यकता महत्व पर्यावरण संरक्षण में योगदान, वनों के लाभ, वन कटाई से हानि इसे रोकने के उपाय व कानून के बारे में यह वन महत्व का निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 ,9, 10 के स्टूडेंट्स के लिए 100, 200, 250, 300, 400, 500 शब्दों में छोटा बड़ा निबंध एस्से यहाँ आपके लिए प्रस्तुत कर रहे हैं.

वनों का महत्व पर निबंध

वनों का महत्व पर निबंध Vano Ka Mahatva Essay In Hindi Language

आदिकाल से ही मनुष्य ने प्रकृति को खूब हरा भरा बनाया था. उस समय वातावरण स्वच्छता और स्वास्थ्य की दृष्टि से सर्वोत्तम था. वन इस वातावरण के जनक थे. अतः वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने के लिए पृथ्वी पर वनों का होना आवश्यक हैं.

वनों से लाभ – वन संसार को वन्य संपदा , स्वच्छ वातावरण तथा जीवन प्रदान करते है, वन ही वन्य जीवो का घर होता है ,वन ही बादलों को बरसने के लिए प्रेरित करते है तथा वन ही बाढ,अकाल आदि से बचाव करते है

मानव शवसन में आक्सीजन लेता है जो वनों से ही प्राप्त होती है ,इस प्रकार वन सम्पूर्ण पर्यावर्णीय संतुलन को बनाये रखते है जिससे धरती पर जीवन विद्यमान है .

मधुर सुस्वादु फलों से लदे होने वाले वृक्ष हमारे जीवनदाता भी हैं. वन बरसात के जल को पृथ्वी में सरक्षित करते हैं. इससे एक तो भूमि का कटाव नही होता हैं, दुसरे भूमि के अंदर जल प्रचुर मात्रा में संगृहीत हो जाता हैं.

यदि वन जल का संरक्षण नही करे तो बहता हुआ जल समुद्र में चला जाएगा और भूजल का अभाव हो जाएगा. इससे भूमि का कटाव भी आरम्भ होगा और भूमि का उपजाऊपन भी समाप्त होगा.

वनों को काटना, बर्बादी को निमंत्रण- वनों का हमारे जीवन में इतना महत्व होते हुए भी मनुष्य व्यक्तिगत स्वार्थ के वशीभूत होकर, वृक्ष काटकर वन उजाड़ने में लगा हुआ हैं. इस प्रकार वनों को उजाड़कर एक ओर तो वह वन्य पशुओं को बेघर कर रहा हैं,

वही दूसरी ओर स्वयं भी वन सम्पदा से वंचित हो रहा हैं. वह अतिवृष्टि, अनावृष्टि और भूकम्प आदि को स्वयं निमंत्रण दे रहा हैं. शुद्ध वायु के अभाव में जीवन कितना नरकीय हैं, इसे भुक्तभोगी ही जानता हैं.

उपसंहार- अतः जीवन के लिए वनों की उपयोगिता को समझते हुए हमें वृक्षों की सुरक्षा और वनों का संरक्षण करना चाहिए.

वनों का महत्व निबंध Essay on Importance of Forests In Hindi

केवल भारत में ही नही विश्व भर में वनों का विशेष महत्व हैं. वैसे भारत में वृक्षों का इतना महत्व हैं, कि यहाँ वृक्षों की पूजा की जाती हैं. जिनमें पीपल एवं बरगद के वृक्ष मुख्य हैं.

जंगल एक राष्ट्र की संपदा होते हैं. प्राचीन समय में ऋषि मुनियों द्वारा जंगलों में अपनी कुटियाँ आश्रम बनाते थे और वहां पर अपने शिष्यों को शिक्षा देते थे.

विश्व में वनों की अत्यंत उपयोगिता हैं. जंगल हमारे लिए बहुत लाभदायक हैं. जंगल हमें बहुत सारी वस्तुएं देते हैं. ये हमें घर, फर्नीचर और ईधन के लिए लकड़ी देते हैं, ये विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट फल देते हैं,

वृक्ष कई प्रकार के होते हैं जैसे फलवाले वृक्ष, औषधीय वृक्ष और उद्योग में काम आने वाले वृक्ष. चीड़, भूर्ज, पीपल व देवदार आदि वृक्ष पहाड़ो पर उगते हैं. और साल सागौन एवं बबूल के वृक्ष समतल धरातल पर उगते हैं.

हमें रबर भी वृक्षों से ही मिलती हैं. जो हमारे बहुत काम आती हैं. हम तारपीन का तेल, राल तथा औषधीय जड़ीबूटिया वनों से ही प्राप्त करते हैं.

अत्यधिक उद्योग धंधे वनों पर ही निर्भर हैं. बांसों के जंगल से हमें कागज बनाने के लिए लुगदी मिलती हैं. इसके अतिरिक्त हमें वनों से लाख मिलती हैं. जो बहुत से उद्योगों में काम में ली जाती हैं.

चारकोल, टोकरी एवं रस्सी बनाने के लिए हमें कच्चा माल जंगलों से ही मिलता हैं. इन जंगलों से ही अनेकों उद्योग धंधे चल रहे हैं जिनसे लाखों करोड़ों लोगों को रोजगार मिल रहा हैं.

ये वृक्ष और अन्य पौधे हमें ऑक्सीजन और भोजन देते हैं जो हमारे जीवन के लिए अत्यावश्यक हैं. वृक्ष केवल मनुष्यों के लिए ही आवश्यक नही हैं, पशु पक्षी तथा अन्य जीव जन्तुओं के लिए भी आवश्यक हैं.

चिड़ियाँ वृक्षों पर घौसला बनाती हैं. और अन्य जानवर वृक्षों की पत्तियां व फल खाकर जीवित रहते हैं तथा वृक्ष इन पशु पक्षियों को शरण भी देते हैं. वृक्ष इनके रहने के लिए एक प्राकृतिक सुलभ साधन हैं.

जंगलों का सबसे बड़ा लाभ यह हैं कि ये भू क्षरण को रोकते हैं. अत्यधिक वर्षा अच्छे किस्म की मूल्यवान मिट्टी को अक्सर अपने साथ बहा ले जाती हैं ये वृक्ष ही हैं जो मिट्टी को बहने से रोकते हैं.

इसके अतिरिक्त वृक्ष अचानक आने वाली बाढ़ को रोकने में मदद करते हैं और वृक्ष ही अकाल नही पड़ने देते अर्थात वर्षा लाते हैं.

निष्कर्षतः वृक्ष हमारे जीवन के लिए अत्यंत उपयोगी हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा एवं देखभाल करके हमें उन्हें काटने से बचाना चाहिए,

यदि हम भूमि को बंजर होने से बचाना चाहते हैं तो हमें वृक्ष उगाने चाहिए.इसी बात को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार वन महोत्सव आयोजित करती हैं.

यदि हम अधिक से अधिक वृक्ष लगायेगे तो हमें ईधन और खाद सस्ती उपलब्ध होगी तथा इससे हमारा खाद्य उत्पादन भी बढ़ेगा इसलिए विश्व में वनों का सर्वाधिक महत्व हैं.

वनों के लाभ

वनों में अनेक प्रकार के पेड़ पौधों का भंडार होता हैं जो विभिन्न प्रकार से मानवों के लिए उपयोगी हैं. पीपल का वृक्ष का हमारे लिए आध्यात्मिक महत्व तो हैं ही साथ ही साथ इसके अत्यंत गुणकारी भी हैं. क्योंकि यह प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन देकर मानव मात्र का कल्याण करता हैं.

वैसे तो सभी वृक्ष दिन के समय ऑक्सीजन छोड़ते हैं. जो जीवन के लिए आवश्यक तत्व हैं. परन्तु पीपल के वृक्ष में ऑक्सीजन प्रदान करने का अनुपात अन्य वृक्षों की तुलना में अधिक होता हैं. इसके अतिरिक्त नीम, बबूल, तुलसी, आंवला व शमी आदि वृक्षों का औषधि के रूप में विशेष महत्व हैं.

वन मनुष्य के लिए ही नही अपितु समस्त जीव जन्तुओं के लिए आवश्यक हैं. इनसे प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती हैं. आज वनों के अधिकाधिक कटाव से अनेक महत्वपूर्ण जन्तु लुप्त हो गये हैं.

अनेक जन्तुओं के लुप्त होने का खतरा उत्पन्न हो गया हैं. वनराज सिंह की संख्या में निरंतर कमी आ रही हैं, जंगली हाथियों की संख्या भी निरंतर घट रही हैं. यही हाल अन्य जन्तुओं का भी हैं.

वन ऋतुचक्र एवं प्रकृति में संतुलन बनाए रखने में सक्षम होते हैं. वन अधिक वर्षा के समय मिट्टी के कटाव को रोकते हैं. तथा उसकी उपजाऊ शक्ति को बनाए रखने में सहयोग करते हैं.

पेड़ पौधे अपनी जड़ों के द्वारा पृथ्वी के जल को अवशोषित करते हैं जो पुनः वाष्पित होकर वायुमंडल में बादल का रूप लेते हैं. जिसके परिणामस्वरूप वर्षा होती हैं और यह चक्र निरंतर चलता रहता हैं.

कटते जंगल घटता मंगल पर निबंध

प्रस्तावना- मानव जीवन को मंगलमय एवं स्वस्थ बनाए रखने के लिए केवल धन और भोजन ही पर्याप्त नहीं है. परन्तु इसके लिए शुद्ध वातावरण अर्थात स्वास्थ्यवर्धक भौगोलिक परिवेश भी अपेक्षित है.

परन्तु वर्तमान काल में मानव के कल्याण की बात तो हर कोई करता है, लेकिन उनके आधारभूत प्राकृतिक साधन वनों का विन्स्ग रोकने का प्रयास कोई नहीं करता हैं. फलस्वरूप जंगलों की बेहताशा कटाई से मानव कल्याण तथा पर्यावरण की समस्या उत्पन्न हो गई हैं.

पर्यावरण के रक्षक वन– पर्यावरण की रक्षा करने वाले अर्थात पर्यावरण को शुद्ध रखने वाले प्राकृतिक साधनों में हरियाली, वृक्षावली तथा वनों का विशेष महत्व हैं. वन विभिन्न प्राकृतिक क्रियाओं जे द्वारा पर्यावरण की रक्षा करते हैं.

अशुद्ध वायु को शुद्ध कर उसे स्वास्थ्य के अनुकूल बनाते है. वृक्षों की पत्तियां वातावरण में अशुद्ध वायु अर्थात कार्बनडाई ऑक्साइड को ग्रहण कर ऑक्सीजन का उद्वमन करती है.

वनों के आकर्षण से बादल जल बरसाते है और धरती उपजाऊ बन जाती है. इस प्रकार वन तथा वृक्षावली पर्यावरण के रक्षक माने जाते हैं.

कटते जंगल एक समस्या- वर्तमान में जनसंख्या वृद्धि के कारण जंगल तीव्र गति से कट रहे हैं. लोगों के आवास योग्य मकानों के लिए ईधन, ईमारती लकड़ी, फर्नीचर, उद्योग धंधों की जरूरतों के लिए वनों को काटा जा रहा हैं.

उद्योगों की स्थापना तथा सड़कों के निर्माण में वनों की भूमि का विदोहन तीव्र गति से हुआ हैं. मकानों के लिए पत्थर, गारा आदि की पूर्ति के लिए वन उजाड़े गये हैं. इन सभी कारणों से आज कटते जंगल पर्यावरण के लिए एक भारी समस्या बन गये हैं.

कटते वनों की रोकथाम के प्रयास वर्तमान में कुछ सामाजिक संगठन पर्यावरण प्रदूषण निवारक संस्था तथा कुछ सरकारी विभाग वनों की सुरक्षा एवं वृक्षारोपण अभियान चला रहे हैं.

उतराखंड में चिपको आंदोलन तथा कर्नाटक में अप्पिको आंदोलन के द्वारा वनों की कटाई का विरोध किया जा रहा हैं.

राजस्थान में विश्नोई समाज ने वृक्षों की कटाई के विरोध में कई बलिदान दिए हैं. देश के अन्य राज्यों में भी वृक्ष मित्र सेना द्वारा वनों की कटाई का विरोध हो रहा है. वन एवं पर्यावरण मंत्रालय द्वारा कठोर कानून बनाकर वनों की कटाई रोकी जा रही हैं.

समाधान एवं उपाय- कटते जंगलों की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा अनेक कानूनी उपाय किये जा सकते हैं. सामाजिक संगठन चिपको आंदोलन की तरह अपने अपने क्षेत्र में आंदोलन चलाकर जन जागरण के द्वारा वनों के विनाश को रोक सकते हैं.

सरकार इस सम्बन्ध में कठोर दंड व्यवस्था प्रारम्भ करे और वृक्षारोपण को प्राथमिकता देकर पर्यावरण की स्वच्छता पर पूरा ध्यान दे, इस प्रकार के अन्य उपाय करने से धरती को वृक्षावलियों से हरा भरा रखा जा सकता हैं.

उपसंहार- वर्तमान में वनों की अंधाधुंध कटाई होने से पर्यावरण प्रदूषण का भयानक रूप उभर रहा है. इस दिशा में कुछ मानवता वादी चिंतकों एवं पर्यावरणविद वैज्ञानिकों का ध्यान गया हैं.

उन्होंने कटते जंगल और घटते मंगल को एक ज्वलंत समस्या मानकर उसके निवारण के सुझाव भी दिए हैं.

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उम्मीद करता हूँ दोस्तों वनों का महत्व निबंध Essay on Importance of Forests In Hindi का यह लेख आपकों अच्छा लगा होगा. यदि आपकों वन के बारे में छोटा बड़ा निबंध पैराग्राफ आर्टिकल खोज रहे हैं. तो आपकों इस लेख के जरिये लिखने में मदद मिलेगी. वनों का महत्व पर निबंध पसंद आया हो तो अपने फ्रेड्स के साथ जरुर साझा करे, इससे जुडे अन्य लेख यहाँ दिए गये हैं.

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