योगी आदित्यनाथ का जीवन परिचय और इतिहास बायोग्राफी हिंदी में

योगी आदित्यनाथ Yogi Adityanath 46 वर्षीय अजय सिंह बिष्ट से उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री पद तक का सफर तक करने वाले योगी| उतरी उत्तरप्रदेश सूबे के सबसे लोकप्रिय नेता रहे हैं| आज उनका लोहा विपक्ष भी मान रहा हैं| योगी आदित्यनाथ का जीवन परिचय (बायोग्राफी) में उनके 46 वर्षो की पूरी कहानी हिंदी भाषा में उपलब्ध करवाई जा रही हैं| इस लेख में योगी के जन्म उनका बचपन उनकी जाति परिवार शिक्षा राजनीती में प्रवेश और राज्नितितिक करियर में मुख्यमंत्री बनने से पहले और आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद अब तक की सभी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया हैं| लीजिए जानते हैं योगी से जुड़ीं सामान्य जानकारी और बायोडाटा|

योगी आदित्यनाथ का जीवन परिचय

क्रमांक जीवन परिचय बिंदु  योगी आदित्यनाथ जीवन परिचय
1. पूरा नाम  योगी आदित्यनाथ
2. धर्म हिन्दू
3. जन्म 5 जून 1972
4. जन्म स्थान गढ़वाल, उत्तराखण्ड
4. उम्र 47 वर्ष ( 2017 में)
4. निवास स्थान गोरखपुर
4. चुनावी क्षेत्र चुनावी क्षेत्र
4. वेशभूषा भगवा
5. जाति ठाकुर (राजपूत)
6. मुख्यमंत्री की शपथ 19 मार्च 2017
7. पहचान वर्तमान में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री
8. राजनैतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी, युवा हिन्दू वाहिनी

19 मार्च 2017 का दिन योगी आदित्यनाथ के लिए जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन था| राज्य के कई दिग्गज नेताओं को छोड़ते हुए भाजपा ने सीएम पद के लिए योगी को उम्मीदवार बनाया| योगी आदित्यनाथ कट्टरवादी हिन्दू नेता माने जाते हैं जो हिंदुत्व के एजेंडे को सबसे पहले मानते हैं हालाँकि योगी के विषय में इसकी परिभाषा कुछ बदल जाती हैं| गोरखपुर से पांच बार सांसद चुने जाने बाद उनके कार्यो से सबसे अधिक प्रसन्न मुस्लिम थे|

मिडिया और विपक्ष ने योगी की एक अलग तस्वीर पेश की गईं| मुख्यमंत्री बनने के बाद मुस्लिम समाज बेहद भय के माहौल में था| मगर सीएम ने अपने अब तक के कार्यकाल में विपक्षियो को करारा जवाब दिया हैं| अब जानते हैं अजय सिंह बिष्ट के जन्म से पूरी कहानी|

योगी आदित्यनाथ का जन्म (Birth of Yogi Adityanath)

इनके बचपन का नाम अजय सिंह बिष्ट था| अजय सिंह का जन्म 5 जून 1972 को उतराखंड के पोठी गढ़वाल जिले में हुआ था| योगी आदित्यनाथ का गृह जिला गढ़वाल ही हैं पंचुर तहसील के रहने वाले योगी की जाति राजपूत हैं, ठाकुर परिवार में जन्मे योगी बचपन में ही बेहद शक्तिशाली और रजपूती रीतीरिवाजो में रहते थे| वर्ष 2000 से पहले वर्तमान उतराखंड पूर्वी उत्तरप्रदेश का हिस्सा था| राज्य बंटवारे के बाद अब यह अलग राज्य हैं|

योगी आदित्यनाथ के पिता का नाम आनन्द सिंह बिष्ट हैं, बचपन से ही योगी आदित्यनाथ( अजय सिंह बिष्ट) बेहद प्रतिभाशाली छात्र थे जिन्हें गणित विषय पढने में बेहद रूचि थी| इन्होने आरम्भिक शिक्षा पंचेरी के एक सरकारी विद्यालय से प्राप्त की| इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए अजय सिंह  ने 17 वर्ष की उम्र 1989 में हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में ग्रेजुएशन के लिए एडमिशन लिया|

योगी आदित्यनाथ का परिवार (Family of Yogi Adityanath)

जैसा कि उपर बताया हैं, योगी आदित्यनाथ के पिताजी का नाम आनद सिंह था|

जो वन विभाग में नौकरी किया करते थे फिलहाल रिटायर्ड ऑफिसर हैं|

योगी जी के चार भाई और तीन बहिन सहित परिवार में माता-पिता समेत 10 लोग हैं|

योगी की माता की नाम श्रीमती सावित्री देवी हैं|

आदित्यनाथ आनन्द सिंह के सबसे बड़े बेटें के बाद दुसरे नंबर के हैं|

इनसे तीन बड़ी बहिन भी हैं|

योगी के परिवार में उनके एक बड़े और छोटे भाई कॉलेज में अध्यापक हैं|

वहीं उनके एक भाई भारतीय सेना में हैं|

योगी आदित्यनाथ ने 21 वर्ष की आयु में 1993 में घर का त्याग कर दिया था|

अजय सिंह बिष्ट से योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath from Ajay Singh Bisht)

योगी ने अपने गाँव टिहरी में ही दसवी तक की शिक्षा प्राप्त की थी| 1987 में 15 वर्ष की उम्र में दसवी करने के बाद इन्होने विज्ञान संकाय में बाहरवी में प्रवेश किया और 17 वर्ष की आयु में योगी ने फरिस्त डिविजन 12th पास कर दी| 19 साल की आयु में योगी ने श्रीनगर से बीएससी के लिए एडमिशन लिया था|

कॉलेज की पढ़ाई के दोरान ही योगी आदित्यनाथ ने ABVP ज्वाइन कर ली| मगर बीएस के दुसरे ही साल में उनके रूम से दस्तावेज चोरी हो गये इस कारण वे बीएसी पूरी नही कर पाए और हताश होकर घर लौट आए | कुछ समय बाद योगी आदित्यनाथ ने पुन: गणित विषय में ग्रेजुएशन करने का निश्चय किया और ऋषिकेश चले गये| यह बात 1991 की हैं जब बाबरी विध्वंस की घटना हुई थी| और राम मन्दिर निर्माण आन्दोलन अपने चरम पर था|

योगी आदित्यनाथ का ध्यान इन मुद्दों ने अधिक खीचा| यहाँ उन्हें एक परीक्षण के लिए गोरखपुर भेजा गया| घरवालों को पढ़ाई करने का कहकर जाने वाले अजय सिंह बिष्ट आज तक घर नही लौटे|
गोरखपुर आने पर उनकी भेट महंत अवैद्यनाथ जी से हुई उस समय वर्तमान के योगी आदित्यनाथ की उम्र मात्र 24 वर्ष थी| महंत अवैद्यनाथ उस समय गुरु गोरखनाथ जी मठ के मुख्य मठाधीश थे| वे बिष्ट के गाँव के ही थे जो पहले से एक दुसरे को जानते थे| अक्सर एक दुसरे के घर आया जाया करते थे|

महंत अवैद्यनाथ के साथ योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath with Mahant Avaidyanath)

गुरु गोरखनाथ जी पर शोध करने आए अजय सिंह बिष्ट का ध्यान अपने कार्य से पूरी तरह भटक गया था|

वे आध्यात्म में खो गये थे| वर्ष 1993 में इन्होने अपने घर-वालों को सूचित कर महंत अवैद्यनाथ की दीक्षा प्राप्त कर ली और साधु बन गयें| अब अजय सिंह बिष्ट ठाकुर से योगी आदित्यनाथ बन चुके थे| गणित के मेधावी स्टूडेंट्स से योगी आदित्यनाथ बनने की कहानी बेहद आदर्श हैं, जो स्वामी विवेकानंद जी की यादे ताजा कर देती हैं|सन्यासी बनने के बाद योगी ने अपने अपना नाम और वस्त्र बदल दिए नईं पहचान के साथ नई जिन्दगी शुरू की|

महन्त अवैद्यनाथ उस शाखा के अध्यक्ष होने के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के सांसद भी थे|

पूर्व महन्त अवैद्यनाथ के देहांत के बाद गुरु गोरखपुर मठ की परम्परा के अनुसार योगी आदित्यनाथ को महंत बनाया गया| लोगों की इच्छा पर योगी आदित्यनाथ गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी की तरफ से लोकसभा का चुनाव लड़े| और जीत गये| वर्ष 1998 में वे सांसद बने तब योगी आदित्यनाथ की आयु छब्बीस वर्ष थी|

वे इन चुनावों के सबसे युवा नेता बन चुके थे|

महन्त अवैद्यनाथ का देहांत वर्ष 2014 में हुआ था| तब तक योगी आदित्यनाथ चार बार सांसद बन चुके थे|

योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक करियर (Yogi Adityanath’s Political Career)

उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के परिणाम का श्रेय श्री नरेंद्र मोदी को ही दिया जाता हैं| लेकिन कही न कही इसमे योगी का भी बड़ा योगदान हैं

मुख्यत पूर्वी उत्तरप्रदेश में योगी आदित्यनाथ का ही बोलबाला हैं,

उनका एक सामाजिक सगठन हिन्दू युवा वाहिनी जिनकी स्थापना 2002 में योगी जी ने की थी|

इस वाहिनी में राज्य के करोड़ो अनुयायी हैं जो योगी की सबसे बड़ी ताकत हैं|

1998 से लेकर 2017 तक योगी आदित्यनाथ पांच बार सांसद चुने जा चुकें हैं| 1998, 1999, 2004, 2009, 2014 में योगी सासंद चुने जा चुके हैं| उन्हें सिर्फ सपोर्ट ही नही मिलता बल्कि बम्फर सपोर्ट देते हैं| इसके प्रमाण 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव हैं , जिनमे योगी ने क्रमश 4 लाख और 2009 में 2 लाख वोट से अपने विपक्षी प्रत्याशी को पराजित किया था|

तक़रीबन दो दशकों तक राज्य की राजनितिक व्यवस्था में रहने के बाद

2017 के विधानसभा चुनावों में योगी आदित्यनाथ भारतीय जनता पार्टी के पास सबसे बड़े चेहरों में से एक थे|

यही वजह थी कि सम्पूर्ण चुनाव प्रचार में प्रधानमन्त्री मोदी के साथ चुनावी रैलियों में नजर आए|

आखिर 19 मार्च को बीजेपी ने योगी आदित्यनाथ को ही अगले मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया|

योगी आदित्यनाथ की शादी (Yogi Adityanath Marriage)

यदि आप हिन्दू सम्प्रदाय के अनुयायी हैं या इसके बारे में कुछ जानकारी रखते हैं तो आपकों पता होगा| साधू और साध्वी वे लोग ही बनते हैं जिनकी आध्यात्म के प्रति रूचि होती हैं| संसार की मोहमाया को छोड़कर दूसरी दुनिया में प्रवेश करते हैं, इस वजह से आजीवन शादी नही करते हैं| योगीजी ने भी 24 वर्ष की आयु में संन्यास ग्रहण कर लिया था| उन्होंने शादी नही की हैं|

प्रत्येक व्यक्ति के विवाह और जीवन से जुड़े निर्णय निजी फैसले होते हैं, जिन पर किसी को कमेंट करने का कोई हक़ नही हैं| मगर आजमगढ़ का बडबोला आजम खान ने पिछले साल एक बालबुद्दी को दिखाते हुआ बयान दिया| इसमे कहा गया योगी आदित्यनाथ में दम हैं तो शादी करके दिखाए| सन्यासी वे बनते हैं

जो जिन्दगी से निराश हो जाते हैं या नामर्द होते हैं” हम ऐसे लोगों के कुतर्को की निंदा करते हैं|

नार्मद कहने वाला खुद को शेर मानने वाला आजम यह भूल चूका हैं,

ये सिर्फ नेता नही हैं इन्हे राजनीती से प्यार नही हैं ये जहा खड़े होते हैं, लाइन वहीं से शुरू हो जाती हैं|

जो कहते हैं खुलम-खुला कहते हैं फिर अपने बयानों से बदलना तो आपका काम हैं|

योगी आदित्यनाथ बायोग्राफी की तरफ से हम भी आजम खान को चुनोती देते हैं,

जरा बहुत गृहस्थी जिन्दगी जी ली मात्र 10 साल तू भी घर-परिवार छोड़ के दिखा|

मर्द मान लेगे तुझे|

योगी आदित्यनाथ के जीवन के घटनाक्रम (Events of the life of Yogi Adityanath)

  • 5 जून 1972 के दिन योगी आदित्यनाथ का जन्म हुआ था|
  • वर्ष 1976 में इन्होने मेट्रिक पास की|
  • 1987 में श्रीनगर बीएससी के लिए गये|
  • 1989 में योगी आदित्यनाथ ने ऋषिकेश से पढ़ाई की|
  • अजय सिंह बिष्ट ने 1990 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की सदस्यता ली|
  • 1991 में गणित विषय में ग्रेजुएशन की पढ़ाई आरम्भ की|
  • वर्ष 1993 में एक रिसर्च के लिए गोरखपुर गये|
  • 1994 में अजयसिंह बिष्ट योगी आदित्यनाथ बन गये|
  • 1998 में गोरखपुर लोकसभा से पहली बार चुनाव लड़े|
  • पहले लोकसभा चुनाव में बेहद कम अंतर से जीते|
  • 1999 में दूसरा लोकसभा चुनाव लड़े| इस बार पहले से अधिक वोट मिले|
  • 2002 में हिन्दू युवा वाहिनी नामक संगठन बनाया|
  • 2004 के लोकसभा चुनाव में चार लाख वोट से जीते|
  • सन 2005 को 1800 से अधिक आदिवासियों को हिन्दू धर्म में शामिल किया जो इसाई बन चुके थे|
  • जनवरी 2007 में धर्मांतरण के आरोप लगे गिरफ्तारी भी दी|
  • 2007 में योगी आदित्यनाथ का भाजपा से थोडा तनाव|
  • 7 सितंबर 2008 को आजमगढ़ में आदित्यनाथ पर जानलेवा हमला|
  • 2009 के चुनाव में 2 लाख वोट से जीते|
  • अगस्त 2014 को लव जिहाद के खिलाफ जंग|
  • 2014 में पांचवी बार विधायक बने|
  • 19 मार्च 2017 के योगी आदित्यनाथ उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बने|
  • अगले ही दिन योगीजी ने 20 मार्च को शपथ ग्रहण की|
  • योगी आदित्यनाथ ने शपथ ग्रहण के साथ ही अवैध कसाईखानों और एंटी रोमियो स्क्वाड का ऐलान किया|
  • पहली कैबिनेट बैठक में योगी आदित्यनाथ ने सभी किसानो के कर्ज माफ़ किए|

योगी आदित्यनाथ का व्यक्तित्व (Personality of Yogi Adityanath)

कोई शक नही योगी बेहद स्पष्ट वक्ता हैं, जो बात उन्हें कहनी होती हैं| सभी के सामने कहते हैं – राम मन्दिर निर्माण को लेकर योगी आदित्यनाथ ने कहा था मन्दिर तो बनकर ही रहेगा कोई ऐसा नही जो इसे बनने से रोक सके| जेएनयू छात्र नेता कन्हैया कुमार के बारे में योगी ने कहा था- दूसरा जिन्ना पैदा ही नही होने देगे वो भी शिक्षण शालाओं से|

योगी आदित्यनाथ हिन्दू धर्म के कट्टरवादी नेता कहे जा सकते हैं, इसका मतलब यह नही कि योगी मुस्लिमों के दुश्मन हैं| यह एक गलत धारणा हैं| योगी किसी दुसरे के धर्म पर अगुली नही उठाते| आज उनकी हिन्दू युवा वाहिनी राज्य की एक ताकतवर सेना हैं| राज्यभर में इसकी तूती बोलती हैं| उनके समर्थको को संख्या करोड़ो की संख्या में हैं| योगी आदित्यनाथ एक धार्मिक व्यक्ति हैं, जो पहले धर्म को फिर दूसरी चीजों को वरीयता देते हैं|

अक्सर योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया जाता हैं कि सिर्फ एक धर्म की वकालत करते हैं मगर यदि उनके गोरखपुर कार्यालयों की गतिविधिया और कार्य देखा जाए तो ऐसा नही लगता कि वे किसी एक धर्म का ही विकास चाहते हैं, उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद कई जनहितकारी योजनाओं की शुरुआत की जिनका धर्म और जाति से कोई ताल्लुकात नही हैं|

योगी आदित्यनाथ पर हमला (Attack on Yogi Adityanath)

इनकी बेबाकी और कट्टरवादी छवि बहुत से लोगों को नापसंद हैं| यही वजह रही कि आज से 10 वर्ष पहले सितम्बर 2008 में योगी आदित्यनाथ पर उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ में हमला हुआ| मुस्लिम त्यौहार मोहरम के ताजिये के अवसर पर हिन्दू युवा वाहिनी और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बिच झड़प हो गईं | जो धीरे-धीरे एक हिंसा में तब्दील हो गईं इसमे हिन्दू युवा वाहिनी का एक सदस्य मारा गया|

पुरे शहर में प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया था किसी को आने-जाने की इजाजत नही थी|

योगी आदित्यनाथ उस समय गोरखपुर में थे|

जब उन्हें इस घटना की सुचना मिली तो फौरन घटनास्थल पर जाने लगे इस पर कर्फ्यू होने के प्रशासन ने रोकने की सारी कोशिशे की मगर योगी आदित्यनाथ ने एक न सुनी और घटनास्थल पर पहुच गये| वहा पहुचते ही बड़ी संख्या में हथियार बंद गाडियों में लोगों ने इन्हे घर लिया और उनके काफिले पर हमला कर दिया|

मगर योगी बाल-बाल बच गये|

इस घटना से गुस्साए हिन्दू युवा वाहिनी के सदस्यों ने प्रशासन के नाक में दम कर दिया|

पुलिस ने गिरफ्तारिया शुरू की तो हजारों लोगों समेत योगी आदित्यनाथ भी उसमे सम्मलित हुए और अपनी गिरफ्तारी दी|

इसके बाद भी उन्हें कई बार धमकियाँ भरे पत्र और सरेआम चैलेंज किया गया|

भले ही राजनीती में मुख्यमंत्री बनने से उनका ओहदा बढ़ गया हो

मगर हमेशा कट्टरपंथी लोगों के दुश्मन बने रहते हैं|

योगी आदित्यनाथ की योजनाएँ (Yogi Adityanath’s schemes)

उत्तरप्रदेश विधानसभा इलेक्शन में भारतीय जनता पार्टी को मिले अप्रत्याशित बहुमत के बाद

यूपी की जनता को एक ऐसे नेता मुख्यमंत्री की जरुरत थी

जो उनकी उम्मीदों और बीजेपी के सकल्प पत्र को पूरा कर सके|

अब तक के कार्यकाल में योगी आदित्यनाथ पूरी तरीके से सफल सिद्ध हुए हैं|

शायद किसी को उम्मीद नही थी कि योगी आदित्यनाथ अपने पहले ही दिन से इतने प्रो-एक्टिव मोड में होंगे|

उनकी छवि को एक तरफ करते हुए नरेद्र मोदी जी तरह तुरंत निर्णय लेने में समर्थ योगी

आदित्यनाथ की योजनाए निम्न हैं|

  • मुख्यमंत्री बनते ही योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी अवैध कसाईखाने पर पूर्णत रोक लगा दी इन्हें बंद कर दिया|
  • यूपी में बदहाल कानून हालात में मनचलों का बड़ा योगदान था
  • इन पर रोक लगाने के लिए योगी आदित्यनाथ ने ‘एंटी रोमियो स्क्वाड’ नामक अभियान चलाया
  • जिनमे प्रत्येक जिले में कई टीमों का गठन किया गया|
  • जो सरकारी स्कुल और शिक्षण संस्थानों के बाहर मनचलों की गतिविधियों पर नजर रखने का काम कर रही हैं|
  • योगी आदित्यनाथ के तत्काल निर्णयों में से गाय तस्करी रोकने का भी था
  • जिनमे वैधानिक रूप से बिना हिंसा और मारपीट से ऐसे काम को करने वालों पर रोक लगाईं जाए|
  • किसी भी सरकारी संस्थान में किसी नशीली वस्तु लाने पर रोक|
  • योगी आदित्यनाथ ने सरकारी शिक्षण संस्थानों में प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी रोक लगा दी|
  • योगी आदित्यनाथ ने रामनगरी में विशाल रामायण म्यूजियम बनाने के लिए 150करोड़ रूपये जारी किये|
  • कई राज्यों में vip सिस्टम को हटाया जा रहा हैं, योगी आदित्यनाथ ने भी उत्तरप्रदेश में लाल बती न रखने वाला नियम बना दिया|
  • बहुजन समाज पार्टी के नेता की हत्या की स्वतंत्र जांच के आदेश भी जारी किये जा चुके हैं|
  • योगी आदित्यनाथ के प्राथमिक वरीयता वाली योजनाओं में राम मन्दिर निर्माण कार्य शामिल हैं, जो जल्द ही आरम्भ होगा

योगी आदित्यनाथ के विवादित बयान (Yogi Adityanath’s controversial statement)

अक्सर योगी आदित्यनाथ विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहे थे, हालाँकि वो उनके व्यक्तिगत विचार थे| अपने अपने अंदाज में कहे गये थे जिनको मिडिया ने भले ही विवादों में ले आए| मगर कुछ ऐसे बयान भी हैं जो शायद उन्हें नही देने चाहिए थे | एक नजर योगी आदित्यनाथ के अब तक के विवादित बयानों पर|

  1. अप्रैल 2015 में इन्होने कहा था हरिद्वार में जो हिन्दू धर्मावलम्बी नही हैं उनका प्रवेश नही होना चाहिए|
  2. इसी वर्ष अगस्त में योगी आदित्यनाथ ने कहा मुसलमानों की वृद्दि दर देश की जनसंख्या में असंतुलन लाती हैं|
  3. दादरी घटना पर योगी आदित्यनाथ ने कहा था उसके पाक जाने के बाद गतिविधिया बदल गईं थी सरकार ने इस मामले की जांच क्यों नही करवाई| इस मामले को सयुक्त राष्ट्र संघ में ले जाने की बात करने वाले आजमखान को सरकार बर्खास्त करे|
  4. यदि मुझे अनुमति मिले तो काबा और वेटिकन सिटी में भगवा फहरा दुगा|
  5. जो सूर्य नमस्कार नही करते उन्हें भारत ही छोड़ देना चाहिए|
  6. यदि वो एक लड़की का धर्म परिवर्तन करवाए तो हम 100 का करवाएगे| (लव जिहाद)
  7. हाफिज सईद और शाहरुख की जुबान एक हैं, इन्हें पाक चले जाना चाहिए|
  8. कन्हैया पर- भारत भूमि पर दूसरा जिन्ना पैदा नही होंने देगे| जन्म से पहले ही दफन कर देगे|
  9. योगी आदित्यनाथ ने कहा था-किसी में दम नही जो राम मन्दिर निर्माण को रोक सके|
  10. जो योग में धर्म खोजते हैं उन्हें चल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए|

योगी आदित्यनाथ और हिंदू युवा वाहिनी (Yogi Adityanath and Hindu Yuva Vahini)

2002 के राम नवमी त्यौहार पर माननीय योगी आदित्यनाथ जी द्वारा हिन्दू युवा वाहिनी नाम से एक सास्कृतिक और धार्मिक सगठन की स्थापना की गईं| इस सगठन के दरवाजे सभी राष्ट्रवादी युवाओं के लिए खुले है, स्थापना के 15 वर्ष बाद यह एक बहुत बड़ा सगठन बन चूका हैं| राज्य के सभी 72 जिलो में इसकी मुख्य शाखाए स्थित हैं|

इसके सगठन की रुपरेखा इस प्रकार हैं-राज्य स्तर,जिला स्तर,ब्लोक स्तर,पंचायत स्तर,ग्राम पंचायत स्तर,नगर निगम और नगरपालिका स्तर, वार्ड स्तर 9 खंड स्तरों पर हिन्दू युवा वाहिनी का संगठन हैं|

योगी आदित्यनाथ की हिन्दू युवा वाहिनी के कारण भारतीय जनता पार्टी में बड़ी धाक हैं, 2007 में प्रत्याशियों की सूचि को लेकर योगी आदित्यनाथ के बिच कुछ अनबन की स्थति पैदा हो गयी थी| राष्ट्रिय स्वयसेवक संघ की सक्रिय भूमिका के बाद इस मामले को सुलझा दिया गया| योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने में सबसे बड़ा योगदान हिन्दू युवा वाहिनी का ही था|

इस सगठन के दरवाजे सभी धर्म मानने वाले लोगों के लिए खुले हैं|

योगी आदित्यनाथ के इस सगठन की धाक तो हैं ही इस पर आज तक कई आरोप भी लगाए जा चुके हैं, वर्ष 2005 में योगी आदित्यनाथ की हिन्दू युवा वाहिनी पर महू में दंगे भड़काने का संगीन आरोप भी लगाया गया|इसके अतिरिक्त गोरखपुर में एक बीजेपी नेता की हत्या के बाद हुए दंगे का आरोप भी योगी आदित्यनाथ की इस हिन्दू युवा वाहिनी पर लगाया गया|

योगी आदित्यनाथ धर्मांतरण का आरोप (Yogi Adityanath accuses of conversion)

दंगा करवाने,हत्या की साजिश जानलेवा हथियार रखना और प्रशासन की बिना अनुमति सभा या रैली करना ऐसे कई आरोप योगी आदित्यनाथ पर लगते आये हैं| जिनमे से 2005 में लगा धर्मांतरण का आरोप कई लोगों एक संस्थाओ ने लगाया| हिन्दू युवा वाहिनी बनाने के बाद हिन्दू उत्थान की तरफ कार्य करते हुए इन्होने उन लोगों को पुन इस धर्म में शामिल करने का कार्य किया| जो किसी के द्वारा लालच अथवा दवाब में दुसरे धर्म से जुड़े और हिन्दू धर्म में जुड़ना चाहते हैं|

योगी आदित्यनाथ जी ने 2005 में एटा में ऐसे 1800 लोगों को हिन्दू धर्म के रीती-रिवाजो के अनुसार घर वापसी के रूप में शामिल किया| प्रशासन के द्वारा यहाँ उन्हें सभा करने की अनुमति नही दी गईं मगर योगी ने एक न सुनते हुए यहाँ एक भाषण दिया| जिनमे कुछ ऐसी बाते कही गयी जिनसे फैन्स को गुस्सा आया और उन्होंने पास ही की एक मंजार को आग के हवाले कर दिया इसके अतिरिक्त कुछ रेल के डिब्बे भी जला दिए|

तभी पुलिस और हिन्दू युवा वाहिनी के सदस्यों के बिच भिडंत हो गईं| जिनमे राज कुमार नाम से एक व्यक्ति की मौत हो गईं| पुलिस ने गिरफ्तारिया शुरू की तो हजारो लोगों ने इसमे भाग लिया जिसमे योगी आदित्यनाथ स्वय शामील थे|

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