Poem On Chandrasekhar Azad In Hindi | चंद्रशेखर आजाद पर कविता

Poem On Chandrasekhar Azad In Hindi चंद्रशेखर आजाद पर कविता: हाँ मैं चंद्रशेखर आजाद हूँ मेरे वतन की रक्षा अपने भुजबल से करुगा, ये ही विचार आजादी के संग्राम में हर युवक को राष्ट्रसेवा की ओर प्रेरित कर रहे थे. भारत के इतिहास में 23 जुलाई के दिन को हमेशा याद रखा जाएगा क्योंकि इस दिन भारत की धरती पर दो शेर जन्मे थे आजाद और बाल तिलक वर्ष 2019 में हम 113 वीं आजाद जयंती मना रहे हैं. इस अवसर पर हम आपके लिए आजाद पर कविता पॉएम शायरी आदि लाए हैं. आजाद द्वारा स्वः लिखित कविता भी आपकों इस लेख में बता रहे हैं. short Poem Chandrashekhar Azad कविता शहीद चन्द्रशेखर Hindi यहाँ बता रहे हैं.

Poem On Chandrasekhar Azad In Hindi चंद्रशेखर आजाद पर कविता

Poem On Chandrasekhar Azad In Hindi चंद्रशेखर आजाद पर कविता

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जिनके जिनके बलिदान के बिस्तर पर ,
हम चादर ताने सोते है ;
शत शत नमन उन वीरो को,
जो शहीद होकर ही आज़ाद होते है.

चिगारी आज़ादी की सुलगी मेरे ज़हन मे है,
इन्क़लाब की ज्वालाये लिपटी मेरे बदन मे है,
मौत जहा जन्नत हो वो बात मेरे वतन मे है,
क़ुर्बानी का जज़्बा ज़िदा मेरे कफ़न मे है ||

Chandrasekhar Azad Poem in Hindi

मा हम विदा हो जाते है, हम विजय केतु फहराने आज
तेरी बलिवेदी पर चढ़कर मा निज शीश कटाने आज।

मलिन वेष ये आसू कैसे, कपित होता है क्यो गात?
वीर प्रसूति क्यो रोती है, जब लग खग हमारे हाथ।

धरा शीघ्र ही धसक जाएगी, टूट जाएगे न झुके तार
विश्व कापता रह जाएगा, होगी मा जब रण हुकार।

नृत्य करेगी रण प्रागण मे, फिर-फिर खग हमारी आज
अरि शिर गिराकर यही कहेगे, भारत भूमि तुम्हारी आज।
अभी शमशीर कातिल ने, न ली थी अपने हाथो मे।
हजारो सिर पुकार उठे, कहो दरकार कितने है॥

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