कनबन क्या है? हिंदी में जानें। What is KANBAN? in Hindi

कनबन (KANBAN) एक जापानी प्रणाली है जो लीन (LEAN) मैन्युफैक्चरिंग और जस्ट-इन-टाइम (JIT) मैन्युफैक्चरिंग का Scheduling सिस्टम है। कनबन से जस्ट-इन-टाइम (JIT) सिस्टम को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। कनबन सम्पूर्ण  रूप से उत्पादन प्रणाली में बेहतर सुधार के लिए बढ़ावा देना का शानदार सिस्टम है।

कनबन की उत्पत्ति

यह एक जापानी शब्द है जिसकी उत्पति जापान में हुई जिसका अर्थ साइन बोर्ड या सिग्नल बोर्ड है। 1940 के दशक में टोयोटा के एक औद्योगिक इंजीनियर (Industrial Engineer) Taiichi Ohno ने विनिर्माण क्षमता एवं प्रक्रिया (Manufacturing Efficiency and Process) में सुधार के लिए Scheduling System डेवलप किया जिसका नाम रखा कनबन। यह Push System की बजाय Pull System पर आधारित है। इस सिस्टम के माध्यम से Scheduling System द्वारा कार्य की प्रगति के बारे में साइन बोर्डों या सिग्नल बोर्डों पर दर्शाया जाता है। आज कल सभी इंडस्ट्री द्वारा इस सिस्टम को अपनाया जा रहा है, जिससे इंडस्ट्री में मैन्युफैक्चरिंग कार्यों में पारदर्शिता लाई जा सके। इसके माध्यम से कंपनियों को अपने उत्पादन प्रक्रिया में सुधार करने में मदद मिलती है।

Scheduling System:

हर काम के लिए एक निर्धारित प्रणाली बनाई जाती है जिसमे निश्चित समय सीमा, कार्य निर्देशों के अनुसार एवं सुचारु ढंग से सभी कार्यों को सम्पन्न किया जाता है। आज कल उद्योगों में Scheduling System के लिए KANBAN Software’s का उपयोग किया जा रहा है।

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कनबन के सिद्धांत

कनबन पद्धति से संबंधित चार महत्वपूर्ण सिद्धांत निम्नलिखित अवधारणाओं से संबंधित हैं:

  1. Visualize Workflow: शब्द को देखते हुए यह जरूरी नहीं है कि कनबन का पहला सिद्धांत दृश्य से संबंधित है। कनबन के पहले सिद्धांत के अनुसार कार्य स्थल पर हो रहे कार्यों को और उनकी प्रगति को दर्शाए। जिससे निरीक्षण करने में आसानी रहेगी और यदि किसी प्रक्रिया में कोई समस्या उत्पन्न होगी तो उसका पता लगा के समय रहते निस्तारण किया जा सकेगा, जिससे कार्य अपने प्रवाह के साथ आगे बढ़ता रहे।
  2. Limit work in Process: कनबन की पूरी अवधारणा हर काम को शुरू से अंत तक कुशलतापूर्वक आगे बढ़ाने की ही है। इस सिद्धांत के अनुसार कार्यों की सभी प्रक्रियों को नज़दीकी से देखा जाता है और सभी कार्यों के पूरा करने की एक तय समय सीमा होती है जिससे कार्य को तय समय सीमा में ही समाप्त किया जाता है। इस सिद्धांत के माध्यम से Wastage और लागत में कमी आती है। इस सिद्धांत के माध्यम से ग्राहक की मांग के अनुसार ही कार्य को किया जाता है।
  3. Focus on flow: तीसरा सिद्धांत उत्पादन के प्रवाह और प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करने से संबंधित है। जब कनबन के पहले दो सिद्धांत लागू होंगे, तो काम स्वतंत्र रूप से होगा और अंततः आसान महसूस होगा। अगर कार्य प्रवाह में किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो उस पर ध्यान दिया जाना चाहिए और तुरंत उसका निस्तारण करना चाहिए। इस सिद्धांत से अतिरिक्त Visualization और प्रक्रियों में सुधार करने के अवसर उत्पन्न होते हैं।
  4. Continuous Improvement: कनबन का मुख्य लक्ष्य निरंतर सुधार करना है। अगर एक बार आप अपनी कंपनी में कनबन को उपयोग में ला लें तो सभी कर्मचारियों के कार्यों के ऊपर नजर रखी जा सकती है जिससे सभी कार्यों को करने में कर्मचारी अधिकतम दक्षता से कार्य करेंगे और उनकी कार्यकुशलता और प्रभावशीलता में बढ़ोतरी होगी। कनबन कभी समाप्त नहीं होता है और यदि आप कार्य प्रणाली का उपयोग करते हैं।

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कनबन क्यों करें?

  • सिस्टम को देखने और समस्याओं को उजागर करने में मदद करता है।
  • कनबन हमें प्रक्रिया परिवर्तनों के प्रभावों का मूल्यांकन करने की अनुमति देता है।
  • यह आने वाली रुकावटों की पहचान करने में सहायक है और उन्हें कम करने की अनुमति देता है।
  • कनबन प्रक्रिया में विश्वास स्थापित करने की अनुमति देता है।
  • यह हमें एक स्थायी गति बनाए रखने में मदद करता है।

कनबन कैसे करें?

  • साइन बोर्ड या सिग्नल बोर्ड का सभी क्षेत्रों में उपयोग करें।
  • सभी कार्यों को अलग-अलग भागों में बाँट दें और सभी भाग कार्यों की प्रगति के बारे में अलग-अलग प्रदर्शित करें।
  • कर्मचारियों के द्वारा किये जा रहे कार्य का निरंतर निरक्षण करें और उस क्षेत्र में लगे साइन बोर्ड या सिग्नल बोर्ड पर कार्यों की प्रगति के बारे में दर्शाएं।
  • कनबन के लिए सबसे महत्वपूर्ण Visualization है। कंपनी के सभी कार्य स्थलों पर कार्य निर्देश लगाएं, सभी वस्तुओं का नामकरण करें, क्षेत्रों के नाम सही ढंग से प्रदर्शित करें।

 

लेखक: दोस्तों, कनबन (KANBAN) क्या है? हिंदी में जानें। What is KANBAN? in Hindi का यह लेख hihindi.com के लिए Brijendra Rai जी द्वारा लिखा गया है। इन्होने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया है और बतौर इंजीनियर कार्य करते हैं। बृजेन्द्र राय जी इंजीनियरिंग एक्सपर्ट के रूप में सम्मानित लेखक हैं, जो समय – समय पर पाठकों के साथ अपना अनुभव व ज्ञान साझा करते हैं।

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