कमल के फूल पर निबंध- Essay on Lotus Flower in Hindi

कमल के फूल पर निबंध- Essay on Lotus Flower in Hindi कमल सुंदरता, पवित्रता और ज्ञान का प्रतीक है। फूल भारत का राष्ट्रीय फूल है। यह जलीय मूल का है, जिसमें पानी पर गोल पत्तियाँ होती हैं। कमल को पवित्र माना जाता है और मंदिरों और धार्मिक अवसरों में धार्मिक उद्देश्यों और सजावट के उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है। फूल अष्टांगिक मार्ग के सिद्धांत का भी प्रतीक है। इसकी खेती व्यापक रूप से अर्ध-उष्णकटिबंधीय जलवायु में की जाती है।

कमल के फूल पर निबंध- Essay on Lotus Flower in Hindi

कमल के फूल पर निबंध- Essay on Lotus Flower in Hindi

300 शब्द कमल पर निबंध

भारतीय संविधान में कमल को भारत का राष्ट्रीय फूल बताया गया है जो कि दिखाई देने में बहुत ही आकर्षक लगता है। इस फूल की सुगंध बहुत ही मनमोहक होती है जो हर किसी व्यक्ति के मन को मोह लेती है। राष्ट्रीय फूल होने के नाते कमल का फूल लोगों को बहुत ही अधिक पसंद है। 

प्राचीन काल से ही इस फूल का इस्तेमाल देवी देवताओं की आराधना करने के लिए किया जा रहा है। भगवान के पूजा पाठ के अलावा दूसरे कामों के लिए भी कमल के फूल का इस्तेमाल किया जा रहा है। 

कमल के फूल की बड़े पैमाने पर किसानों भाइयों के द्वारा खेती की जाती है और कमल के फूल को बेच करके पैसे कमाए जाते हैं। कमल का फूल झील में, तालाब में आसानी से पैदा हो जाता है। इसके अलावा खेत में छोटे-छोटे पानी वाले गड्ढे भर के भी उसके अंदर कमल के फूल की खेती होती है।

भारतीय संस्कृति के लिए कमल का फूल बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस फूल का इस्तेमाल विभिन्न औषधियों का निर्माण करने के लिए भी किया जाता है, क्योंकि कमल के फूल के अंदर कुछ औषधीय गुण पाए जाते हैं। कमल के फूल के अलावा इसके पत्ते के द्वारा इंसानों की कई बीमारियों को ठीक किया जाता है।

मंदिरों को सजाने के लिए साथ ही शुभ प्रसंग पर घर को सजाने के लिए कमल के फूल का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा शादी और जन्म दिवस के मौके पर भी स्थल को सजाने के लिए कमल के फूल का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बीज को इंसान के द्वारा खाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

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कमल का फूल गुलाबी, लाल और सफेद रंग का भी होता है। अंग्रेजी भाषा में कमल के फूल को लोटस कहा जाता है। दुनिया भर में कमल के फूल की कई प्रजातियां मौजूद है। इसके अलावा भारतीय धार्मिक ग्रंथों में भी कमल के फूल की महिमा बताई गई है। स्वयं भगवान विष्णु जी ने भी अपने हाथों में कमल के फूल को धारण किया हुआ है।

400 शब्द में कमल पर निबंध

अपनी मनमोहक खुशबू की वजह से कमल का फूल अधिकतर लोगों का प्रिय फूल होता है, जोकि गुलाबी, सफेद और लाल रंग में पाया जाता है। कमल के फूल की सुगंध बहुत ही तीव्र होती है। इसलिए देवी देवताओं को खुश करने के लिए प्राचीन काल से ही इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।

वर्तमान के समय में कमल के फूल के द्वारा इत्र और सेंट का भी निर्माण किया जा रहा है। हमारे भारत देश का राष्ट्रीय फूल कमल ही है। हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार देवी देवताओं को कमल का फूल अति प्रिय होता है। इसलिए अगर कमल के फूल को देवी देवताओं को अर्पित किया जाता है तो वह अत्यंत प्रसन्न होते हैं।

कमल के फूल को अंग्रेजी भाषा में लोटस कहा जाता है। यह फूल तालाब में तथा झील में पैदा होता है। भारत में बड़े पैमाने पर नॉर्थ ईस्ट और साउथ के लोगों के द्वारा कमल की खेती भी की जाती है क्योंकि कमल के फूल की डिमांड भारतीय मार्केट में हमेशा बनी रहती है।

खासतौर पर धार्मिक जगह पर कमल के फूल की ज्यादा मांग होती है, जिसकी आपूर्ति के लिए बड़े पैमाने पर इसकी खेती होती है। कमल के फूल को आसानी से नर्सरी में भी लगाया जा सकता है साथ ही इसे घर में भी लगा सकते हैं।

अपने लाजवाब गुण की वजह से कमल के फूल का इस्तेमाल छोटी-मोटी बीमारियों को ठीक करने के लिए भी किया जाता है। 

इसके अलावा इसके बीज को लोगों खाना पसंद करते हैं साथ ही विवाह जैसे मौके पर रूम को सजाने के लिए कमल के फूल और कमल के फूल की माला का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा धार्मिक अनुष्ठानों में भी कमल के फूल का इस्तेमाल होता है।

कमल इंसानी स्वास्थ्य के लिए बहुत ही बेहतरीन औषधि भी है, क्योंकि कमल के फूल के अंदर विभिन्न प्रकार के विटामिन पाए जाते हैं जो इंसानों की छोटी-मोटी बीमारियों के लिए लाभदायक साबित होते हैं। एलर्जी की समस्या से छुटकारा पाने के लिए कमल के पत्ते को पीसकर के पिया जाता है।

इसके विभिन्न औषधीय लाभ और इसकी पवित्रता को देखते हुए सरकार ने इसे भारत का राष्ट्रीय फूल घोषित किया हुआ है। हमारे देश के राष्ट्रीय फूल कमल का रंग गुलाबी है जो बहुत ही सुंदर है और अपनी सुंदरता की वजह से ही यह दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

500 शब्दों में कमल पर निबंध

कमल को आमतौर पर भारतीय कमल, कमल, पद्म और पवित्र कमल भी कहा जाता है। जैविक संदर्भ के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला वैज्ञानिक नाम Nelumbo nucifera है। लोटस शब्द को अपनाने की शुरुआत 1950 में हुई थी। ये फूल दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के मूल निवासी हैं; ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, जापान और अमेरिका में व्यापक रूप से खेती की जाती है।

यह स्थिर जल निकायों जैसे तालाबों, झीलों और कृत्रिम पूलों में उगाया जाता है। फूल का औसत आयाम 1.5 सेमी लंबाई और 3 मीटर का क्षैतिज फैलाव है। पत्तियों का औसत व्यास 0.6 सेमी है, और फूल 0.2 मीटर हैं। पंखुड़ियों की औसत संख्या 30 है।

कमल आध्यात्मिकता, फलदायी, धन, ज्ञान और रोशनी का प्रतीक है और भारत का राष्ट्रीय फूल है। किसी देश का राष्ट्रीय फूल किसी राष्ट्र की संस्कृति, इतिहास और विरासत का प्रतिनिधित्व करना चाहिए। यह दुनिया में देश की छवि का प्रतीक है और सरकार के गुणों को बनाए रखने में एक भूमिका निभाता है।

कमल एक जलीय जड़ी बूटी है जिसे अक्सर संस्कृत में ‘पद्म’ कहा जाता है और भारतीय संस्कृति के बीच एक पवित्र स्थान रखता है। यह प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। यह भारतीय पौराणिक कथाओं की एक प्रमुख विशेषता को चित्रित करता है; कमल भारतीय पहचान का है और भारतीय मानस के मूल मूल्यों का प्रतिनिधित्व करता है।

कमल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि गंदे पानी में उगने के बाद भी इसकी अशुद्धता अछूती रहती है। यह दिल और दिमाग की शुद्धता का भी प्रतिनिधित्व करता है। लोटस या वॉटर लिली निम्फिया का एक जलीय पौधा है जिसमें चौड़ी हरी तैरती पत्तियाँ और चमकीले फूल होते हैं जो उथले पानी में उगते हैं। इन फूलों में लंबे तने होते हैं जिनमें वायु रिक्तिकाएँ होती हैं। कमल के फूलों में अतिव्यापी सममित पैटर्न में कई चमकदार पंखुड़ियाँ होती हैं।

कमल की उत्तरजीविता रणनीति में जड़ एक आवश्यक कार्य करता है। इसमें प्रकंद होते हैं जो पानी के नीचे कीचड़ के माध्यम से क्षैतिज रूप से बाहर निकलते हैं। कमल अपनी शांत सुंदरता को संजोते हैं और तालाब की सतह पर उनके फूल खिलते हुए देखने के लिए एक रमणीय परिदृश्य प्रदान करते हैं।

फूल खुद को किंगडम प्लांटे में वर्गीकृत करता है। यह ज्यादातर अर्ध-उष्णकटिबंधीय जलवायु जैसे इंडोनेशिया, मलेशिया, आदि में पाया जाता है। कमल की खेती व्यापक रूप से अर्ध-उष्णकटिबंधीय जलवायु में की जाती है, उदाहरण के लिए, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों जैसे स्थानों में, इसके सौंदर्य मूल्य के लिए और प्रमुख रूप से अमेरिका के उष्णकटिबंधीय भागों में।

कमल एक बारहमासी जड़ी बूटी है, जिसे अधिमानतः उथले, गंदे पानी में गर्म जलवायु में उगाया जाता है। फूल पानी की सतह से ऊपर रहते हैं जबकि तने, पत्ती के डंठल और जड़ें जलमग्न रहती हैं। पत्तियों की ऊपरी सतह पानी के लिए अभेद्य होती है। लोटस में पारंपरिक चिकित्सा में उपचारात्मक गुण होते हैं। यह चेचक और दस्त जैसे संक्रमणों के उपचार में उपयोगी है।

कमल का फूल भारतीय दर्शन के प्रतीकवाद से जुड़ता है। कमल को उनकी शांत सुंदरता के लिए पोषित किया जाता है और तालाब की सतह पर उनके खिलने के रूप में देखने के लिए एक रमणीय परिदृश्य प्रदान करते हैं। कमल वह फूल है जो दिव्यता और सुंदरता का प्रतीक है और इसे अक्सर शुद्ध और नाजुक गुणों वाले किसी व्यक्ति का वर्णन करने के लिए उपमा के रूप में उपयोग किया जाता है।

कमल के फूल पर निबंध 700 शब्दों में

आपने कमल के फूल को तो देखा ही होगा । आज हम कमल के फूल पर एक सारगर्भित निबंध प्रस्तुत करेंगे, जो सभी कक्षाओं के लिए उपयोगी होगा।

हमारे देश भारत मे कमल का कई राजनीतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक महत्व वर्षों से रहा है। कमल के फूल का भारत में प्राचीन समय से ही विशेष महत्व रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु के नाभिक से कमल उत्पन्न हुआ था।कमल का फूल बह्माजी को बहुत पसंद था। कमल के फूल पर ही ब्रह्माजी विराजमान होते है।

कमल के फूल पर धन की देवी मां लक्ष्मी और विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती भी कमल के फूल पर ही विराजमान होते है। इस प्रकार कमल अपना विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। हमारे शास्त्रों में कमल के फूल को धार्मिक अनुष्ठानों और यज्ञ  में अर्पित किए जाने का विधान है।

कमल का अपना सामाजिक और नैतिक महत्व भी है। कमल का पुष्प कीचड़ में उत्पन्न होता है, लेकिन उस से निर्लिप्त रहकर हमे पवित्र जीवन जीने की प्ररेणा देता है। कमल का पुष्प इस बात का प्रतीक है की व्यक्ति बुराइयां के बीच रहकर भी अपनी नैतिकता और क्षेष्ठता बनाए रख सकता है।

इस प्रकार कमल व्यक्ति को जीवन में उच्च आदर्श और संघर्ष के बीच भी आगे बढ़ने की प्ररेणा देता है। कमल  प्रत्येक व्यक्ति को ये संदेश देता की अगर आप बुराई के माहौल में रह रहे है , तो भी आपको अपनी नैतिकता बनाए रखना है, आपको उनके समान नहीं बन जाना है। इसके साथ ही कमल का फूल ये भी शिक्षा देता है की व्यक्ति किसी भी जगह पैदा होकर जीवन में ऊंचाई पर जा सकता हैं, इसके लिए उसका बड़े परिवार में जन्म लेना जरूरी नहीं है। कमल को बौद्ध धर्म के ललित विस्तार ग्रंथ में अष्टमंगल माना गया है। कमल का धार्मिक पूजा पाठ में विशेष मान्यता है।

कमल का फूल भारत में एक राजनीतिक प्रतीक भी बना। सन् 1857 के भारत में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक रोटी और खिलता हुआ कमल रखा गया। इस प्रकार कमल ने भारतीय राजनीतिक एकता स्थापित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।कमल के भारतीय समाज में इन्ही महत्व को देखते हुए भारत ने आजादी के बाद कमल के फूल को अपना राष्ट्रीय पुष्प घोषित किया। वर्ष 2019 में भारत सरकार ने कमल के पुष्प की फोटो को भारतीय पासपोर्ट के अंदर भी लगाया है।

इसके साथ ही कमल के फूल में कई औषधिय गुण भी पाए जाते है। कमल के फूल के उपयोग से तनाव और ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित किया जा सकता है। कमल का फूल एक सर्वश्रेष्ठ लीवर टॉनिक होता है। बह्म कमल के सूप से एक सूप लीवर की सूजन का इलाज करने और शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ाने में मददगार होता है। कमल का पुष्प यौन स्वास्थ्य में भी उपयोगी होता है। ये यौन संक्रमण के इलाज में उपयोग में लिए जाते है। कमल में ज्वारनाशक गुण भी पाया जाता है, जिस से इसका उपयोग बुखार की दवाइयों में भी होता है। कमल का फूल खांसी और सर्दी के साथ ही घाव को भरने की दवाइयों में भी उपयोग में लिया जाता है। इस प्रकार कमल का फूल एक संजीवनी बूटी से कम नहीं है।

कमल का पुष्प इकलौता ऐसा पुष्प है जो कीचड़ में खिलता है। इसका आधा भाग पानी के अंदर और आधा पानी के ऊपर रहता है।भारत में कमल लाल नीला सफेद और गुलाबी रंग का होता है। इस प्रकार ये चार रंगो में पाया जा सकता है।

कमल के औषधीय और आर्थिक महत्व को देखते हुए लोग छोटे छोटे जलाशय बनाकर कमल के फूल को खेती भी करते है। कमल के फूल के खिलाने की बात करे तो ये सुबह खिलता है और शाम को सूर्यास्त के साथ मुरझा जाता है। कमल का पुष्प जिस दिन खिलता है, उसके तीन दिन तक ही खिलता है उसके बाद इसकी पत्तियां पानी में झड़ जाति है। कमल के फूल की सरंचना की बात करे तो इस में एक डंडल पर दो बड़ी चमकदार पत्तियां होती है, इन पत्तियों पर कमल का फूल खिलता है। 

कमल भारत के अलावा विदेशों में भी पाया जाता है। कमल दक्षिण एशिया देशों में पाया जाता है। ये जापान ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी पाया जाता है। ऑस्ट्रेलिया में सबसे अधिक कमल के पुष्प पाए जाते है। कमल का पौधा उष्ण कटिबंधीय और शीतोष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। इस प्रकार कमल का पुष्प शांति और संस्कृति का प्रतीक है।

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