संयुक्त राष्ट्र संघ (यू.एन.ओ.) पर निबंध | Essay On United Nation Organisation U.N.O.in Hindi

संयुक्त राष्ट्र संघ (यू.एन.ओ.) पर निबंध Essay On United Nation Organisation U.N.O.in Hindi: संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना इसके महासचिव सदस्य देश UNO के उद्देश्य, संयुक्त राष्ट्र संघ और भारत का योगदान इसके अंग व उनके नाम तथा महत्वपूर्ण सिद्धांतों के बारे में इस निबंध में विस्तार से जानकारी दी गईं हैं.

संयुक्त राष्ट्र संघ पर निबंध Essay On United Nation Organisation in Hindi

विषय सूची

संयुक्त राष्ट्र संघ पर निबंध Essay On United Nation Organisation in Hindi

प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद विश्व के सभी देशों ने वैश्विक शांति की बहाली हेतु अंतरराष्ट्रीय मंच की आवश्यकता महसूस की। उसी के परिणाम स्वरूप राष्ट्र संघ का उदय 1920 में हुआ था।

शुरुआती सफलताओं के बावजूद राष्ट्र संघ अपने उद्देश्यों की पूर्ति में असफल रहा। तानाशाह का पुनः उदय हुआ। जर्मनी में नाजीवाद तो इटली में फासीवाद का उदय हुआ। आर्थिक स्तर पर वैश्विक महामंदी आई।

स्पेन तथा जापान जैसे देशों में भी सैन्य करण हुआ। इन परिस्थितियों के साथ-साथ शास्त्री करण को भी बढ़ावा मिला। ब्रिटेन तथा फ्रांस की तुष्टिकरण की नीति ने द्वितीय विश्व युद्ध की पृष्ठभूमि तैयार कर दी।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ही वैश्विक स्तर पर शांति स्थापना हेतु अंतरराष्ट्रीय संघ के निर्माण की सर्वप्रथम पहल अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन रूजवेल्ट ने की। रूजवेल्ट ने अमेरिकी संसद में 1941 को लोकतंत्र को बचाने हेतु कार्रवाई के लिए प्रार्थना करते हुए विश्व के लिए चार स्वतंत्रताओं की घोषणा की।

संयुक्त राष्ट्र संघ का चार्टर~ यू एन ओ का चार्टर का मतलब कुछ नियमों का संग्रह है। या फिर इसे यू एन ओ का सविधान कहा जा सकता है । यूएनओ के चार्टर में 111 धाराओं के साथ 19 अध्याय थे। जिसमें 10000 शब्दों का संग्रह है। इसमें अभी तक तीन बार संशोधन भी किए जा चुके हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य

युक्त राष्ट्र संघ के चार्टर एक्ट की धारा 1 में यूएनओ की स्थापना के उद्देश्यों का वर्णन किया गया है। जिसमें कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र संघ सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था के द्वारा अंतरराष्ट्रीय शांति की स्थापना करने के लिए  है।

इसके अलावा विभिन्न देशों के मध्य उत्पन्न होने वाले विवादों का शांतिपूर्ण तरीके से निपटारा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ एक मंच प्रदान करता है। यू एन ओ के अन्य उद्देश्यों में उपनिवेशवाद को कम करना तथा अंतरराष्ट्रीय आपसी सहयोग को बढ़ावा देना भी शामिल है।

संयुक्त राष्ट्र संघ का ध्वज

संयुक्त राष्ट्र संघ के ध्वज में पृष्ठभूमि को सफेद रंग में दिखाया गया है जिस के मध्य विश्व का मानचित्र है संपूर्ण विश्व को जैतून की दो शाखाएं कवर करती है। यू एन ओ के ध्वज को 20 अक्टूबर 1947 को लागू किया गया।

संयुक्त राष्ट्र संघ की भाषाएं

यू एन ओ के द्वारा अधिकारिक भाषा के रूप में 6 भाषाओं को मान्यता दी गई है, अंग्रेजी, फ्रेंच, चीनी, अरबी ,रूसी तथा स्पेनिश|

संयुक्त राष्ट्र संघ की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए बजट का प्रावधान भी किया गया है। बजट संबंधी संपूर्ण शक्ति महासभा को प्रदान की गई है। बजट 1 वर्षीय ना होकर 2 वर्षीय होता है। यू एन ओ के पास धन विभिन्न सदस्य देशों के अंशदान के द्वारा आता है।

यू.एन.ओ. पर निबंध 700 शब्दों में

सम्राज्यवाद के पतन के बाद भी विज्ञान के अत्याधुनिक उपकरणों के आविष्कार के बाद युद्ध तथा विजय से एक राष्ट्र का दूसरे पर अधिकार जमाने का दौर फिर से 1950 के दशक में चला था.

विश्व दो महाशक्तियों में विभाजित हो चूका था एक तरफ सोवियत संघ रूस एवं उनके समर्थक देश थे तो दूसरी तरफ अमेरिका के नेतृत्व में पूंजीवादी देश. छोटे मोटे कारणों से युद्ध जैसी तनाव की स्थति उत्पन्न हो गयी थी.

विश्व इससे पूर्व पहले वर्ल्ड वॉर की बर्बादी झेल चूका था. अतः विश्व शांति के लिए एक ऐसे अंतर्राष्ट्रीय मंच की आवश्यकता महसूस की गईं, जहाँ विश्व के सभी देश एक साथ बैठकर विवादों का हल निकाल सके, यही से संयुक्तराष्ट्र संघ यानि U.N.O. का जन्म हुआ.

कई सारे उद्देश्य जिनमें अंतर्राष्ट्रीय कानून निर्माण तथा उनको लागू करना, विश्व सुरक्षा, आर्थिक व सामाजिक विकास, देशों के बिच विवादों के निपटारे को लेकर 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र संघ U.N.O. की स्थापना की गईं. इसी वजह से 24 अक्टूबर को ही हर साल संयुक्त राष्ट्र संघ दिवस भी मनाया जाता हैं.

आज U.N.O. सदस्य देशों की संख्या 200 के पार पहुच चुकी हैं, स्थापना के समय इसके सदस्य देशों की संख्या मात्र 51 थी, जिनमें भारत में शामिल हैं. कोई भी राष्ट्र U.N.O. की सदस्यता ले सकता हैं, इसके लिए उन्हें इन शर्तों का पालन करना होगा.

  1. U.N.O. द्वारा निर्धारित जिम्मेदारियों को पूरा करना
  2. इनकी मुख्य परियोजनाओं को पूरा करने के लिए हर समय तैयार रहना
  3. उस सदस्य की सदस्यता के लिए सुरक्षा परिषद के पाँचों स्थायी देशों की सहमती आवश्यक हैं,
  4. तथा संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा से दो तिहाई बहुमत प्राप्त हो.

U.N.O. द्वारा छ भाषाओं को मान्यता प्रदान की गईं हैं जिनमें अंग्रेजी, फ्रेंच, रुसी, चीनी, अरबी और स्पेनिश. इस संगठन का मुख्यालय अमेरिका के न्यूयार्क शहर में हैं.

20 अक्टूबर 1947 को U.N.O. का अपना ध्वज स्वीकार किया गया था, जों नीली प्रष्टभूमि तथा सफेद रंग से तैयार किया गया विश्व मानचित्र का प्रतिरूप हैं. इसमें जैतून की पत्तियां विश्व शांति के प्रतीक के रूप में दर्शाई गईं हैं.

संयुक्त राष्ट्र के वर्तमान महासचिव एंटोनियो गुटेरेश है जो पुर्तगाल के हैं, जिन्होने 1 जनवरी 2017 को अपना कार्यकाल सँभाला. U.N.O. के छ अंग हैं, जो निम्नलिखित हैं.

  1. महासभा
  2. सुरक्षा परिषद्
  3. आर्थिक एवं सामाजिक परिषद
  4. न्यासी परिषद्
  5. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
  6. सचिवालय व महासभा.

संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा U.N.O. का मुख्य अंग है. जिसमें सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल होते है, जिसकी वर्ष में एक बार बैठक होती है. महासभा में भारत के प्रतिनिधि अकबरुद्दीन हैं.

U.N.O.की सबसे प्रभावशाली संस्था सिक्योरिटी कौंसिल यानि सुरक्षा परिषद होती हैं, जिनके रूस, अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन व चीन स्थायी पांच सदस्य है. जबकि दस अस्थायी सदस्यों में भारत भी एक हैं.

जिसका कार्यालय न्यूयार्क में हैं. कानूनों के निर्माण उनकों लागू करना तथा अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा व शान्ति व्यवस्था में सुरक्षा परिषद् का अहम योगदान हैं.

सुरक्षा परिषद के अस्थायी दस सदस्यों का निर्वाचन महासभा द्वारा किया जाता हैं. स्थायी सदस्यों के पास विशेष निषेधिकार यानि वीटो पॉवर होता हैं, जो संघ के किसी भी निर्णय व प्रस्ताव के विरोध में देने पर प्रस्ताव पारित नही हो पाता हैं.

आर्थिक एवं सामाजिक U.N.O. का महत्वपूर्ण अंग हैं, जिसके 54 सदस्य देश हैं, जिनका कार्यकाल तीन वर्ष का होता हैं. इसका मुख्यालय न्युयोर्क में हैं.

आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा परिषद के 1/3 सदस्य प्रतिवर्ष पदमुक्त होते हैं उसके स्थान पर नये सदस्यों का निर्वाचन किया जाता हैं.

इस संस्था द्वारा विश्व के सभी देशों के मध्य चल रहे आपसी विवादों का निपटान तथा सभी आर्थिक गतिविधियों का आंकलन, सर्वेक्षण एवं आकंडे जारी करने का कार्य भी किया जाता हैं.

न्यासी परिषद U.N.O. का महत्वपूर्ण अंग हैं, जिनके १२ देश सदस्य हैं. जिनमें चार प्रबन्धीय राष्ट्र, तीन स्थायी तथा पांच निर्वाचित सदस्य होते हैं.

इस अंतर्राष्ट्रीय संगठन का अपना एक न्यायालय हैं, जिसे अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के नाम से जाना जाता है, जिसकी स्थापना 3 अप्रैल 1946 कनीदरलैंड की राजधानी हेग में की गईं,

जो अंतर्राष्ट्रीय कानूनों तथा इससे सम्बन्धित विवादों का निपटारा करता हैं. इसके न्यायधीशों का निर्वाचन नौ वर्षों के लिए होता हैं, वर्तमान में इसमें 15 न्यायधीश हैं.

इस न्यायालय की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी व फ्रेंच हैं, इसके पांच जज हर 3 साल में पदमुक्त होते हैं. एक ही देश के दो जज नहीं चुने जाने का भी प्रावधान हैं. इन पांच अंगों के अतिरिक्त सचिवालय यूनाईटेड नेशंस ऑर्गेनाइजेशन का महत्वपूर्ण अंग हैं,

जिसका भी एक महासचिव होता हैं, जो अपने निर्वाचन से आगामी पांच वर्षों तक अपने पद पर बना रहता हैं. सचिवालय संसार भर में घटित हर छोटी मोटी घटना पर नजर रखता हैं, जिससे विश्व सुरक्षा व शान्ति को खतरा उत्पन्न हो सकता हैं. तथा इसकी रिपोर्ट सुरक्षा परिषद को देता हैं.

इनके अतिरिक्त कुछ और संस्थाएं है, जिनमें अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अधिकरण, खाद्य एवं कृषि संगठन, सयुक्त राष्ट्र शिक्षा, विज्ञान एवं संस्कृति से जुड़ा यूनेस्को तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन मुख्य कार्यकारी संस्थाएं व संगठन हैं.

संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्य उद्देश्य निम्न हैं.

  • अंतर्राष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना
  • विभिन्न देशों के बिच उनके अधिकारों का संरक्षण तथा आत्म निर्णय के आधार पर दोस्ताना सम्बन्धों को बढ़ावा.
  • आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं मानव हितवादी अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं को सुलझाने के लिए मानवीय अधिकारों तथा सबके लिए मौलिक स्वाधीनता के प्रति समान भावना बढ़ाने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करना.
  • समान लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए राज्य द्वारा किए जाने वाले कार्यों में सामजस्य बैठाना.

संयुक्त राष्ट्र संघ की सफलता और असफलताओं पर गौर किया जाए तो U.N.O.अपने उद्देश्यों में काफी हद तक सफल रहा है. इस बात में कोई शंक नही कि इस पर अमेरिका का वर्चस्व अभी तक चल रहा हैं,

जिस कारण इसकी निष्पक्षता का दावा खोखला ही नजर आता है. दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र संघ की सफलता को भी नजर अंदाज नही किया जा सकता,

आज वैज्ञानिक प्रगति के साथ साथ U.N.O. ने कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं. कई देशों के आपसी विवादों को सुलझाने में इसने सफलता हासिल की हैं.

सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य वीटों पावर का उपयोग अपने निजी स्वार्थ के लिए न करके मानव कल्याण के लिए मिलकर कार्य करे तो निसंदेह संयुक्त राष्ट्र संघ आगामी वर्षों में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं अदा कर सकता हैं.

1000 शब्दों में संयुक्त राष्ट्र संघ पर निबंध Essay On United Nations (Uno) In Hindi

विश्व शांति तथा आपसी संघर्षों कि मध्यस्थता के लिए राष्ट्र संघ की असफलता के बाद यू एन ओ संयुक्त राष्ट्र संघ का गठन दूसरे विश्व युद्ध के ठीक बाद किया गया था. आज के दौर में यूएनओ विश्व पंचायत की भूमिका निभा रहा हैं. आज हम united nations organisation in hindi pdf में जानेगे कि यह संगठन क्या है इसके कार्य मुख्य अंग व शक्तियों के बारे में.

संयुक्त राष्ट्र संघ को आज के विश्व का प्रभावशाली अंतर्राष्ट्रीय मंच कहा जा सकता हैं. आशावादी लोगों ने तो संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के समय इसकी आत्मा में विश्व सरकार के दर्शन किये थे. लेकिन यह कोरा अतिवादी ही सिद्ध हुआ.

संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वितीय महासचिव रहे डेग हेमरसोल्ड ने इस सत्य को स्वीकार करने में कोताही नहीं बरती और कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ का गठन मानवता को स्वर्ग तक पहुचाने के लिए नहीं बल्कि उसे नर्क से बचाने के लिए हुआ हैं.

स्पष्ट है कि प्रथम युद्ध की विभीषिका से झुलसा विश्व आगत को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से राष्ट्र संघ के गठन को उद्धत हुआ था. किन्तु द्वितीय विश्व युद्ध के भीषण नरसंहार ने अवगत करा दिया कि राष्ट्र संघ एक अधुरा प्रयास था. जो द्वितीय विश्वयुद्ध को नहीं रोक सका.

तनावपूर्ण सम्बन्धों विजेता और पराजित राष्ट्रों की परछाइयों में पुनः प्रयास हुए और संयुक्त राष्ट्र संघ के रूप में एक नया विश्व संगठन उदित हुआ.

ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री चर्चिल ने चुटकी लेते हुए बताया कि हथियारों की लड़ाई से बेहतर है जुबान जंग. यह बेहतर होगा कि एक ऐसा विश्व मंच बने जहाँ दुनियां के सारे देश एकत्रित हों और एक दूसरे का सिर खाए न कि सिर कलम करे.

संयुक्त राष्ट्र संघ क्या है – What Is United Nations Organisation

संयुक्त राष्ट्र संघ के स्रजन के बाद यदपि विश्व पटल पर भीषण युद्धों का संहारक नजारा लगातार देखने को मिला हैं. लेकिन युद्धों से इतर मसलों में संयुक्त राष्ट्र संघ ने प्रभावी मंच का दर्जा अवश्य प्राप्त कर लिया हैं. इसलिए अनेक कमजोरियों के बावजूद यह विश्व संस्था आज भी प्रासंगिक हैं.

दूसरे विश्व युद्ध के बाद अंतर्राष्ट्रीय शान्ति बनाए रखने तथा अंतर्राष्ट्रीय सहयोग स्थापित करने के लिए व्यापक अंतर्राष्ट्रीय संगठन कि आवश्यकता महसूस की गयी. संगठन की धारणा के बारे में विभिन्न विचार थे. एक विचार के अनुसार नया संगठन राष्ट्र संघ के समान ही होना चाहिए.

दूसरा विचार था कि संगठन का स्वरूप युद्ध के बाद की अंतर्राष्ट्रीय परिस्थति तथा अनुभवों से निश्चित होना चाहिए. यही विचार अंत में स्वीकार किया गया.

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना विश्व के पांच प्रमुख राष्ट्र अमरीका, रूस, चीन, फ्रांस तथा ब्रिटेन द्वारा समर्थन करने के बाद 24 अक्टूबर 1945 को हुई थी.

इसी दिन को स्थाई रूप में संयुक्त राष्ट्र दिवस कहा जाता हैं. संयुक्त राष्ट्र की महासभा की पहली बैठक 10 जून 1946 को लंदन में हुई,

जहाँ केवल तीन महीने पहले राष्ट्र संघ को समाप्त करने के लिए राष्ट्र संघ की असेम्बली की आखिरी बैठक हुई थी. संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में 111 अनुच्छेद हैं, जिनमें इसके संगठन, शक्तियाँ तथा कार्यों का उल्लेख किया गया हैं.

संयुक्त राष्ट्र के लक्ष्य (Objective Of UNO)

संयुक्त राष्ट्र की प्रस्तावना में इसके उद्देश्य इस प्रकार उल्लेखित हैं.

  • विश्व को युद्ध की विभीषिका से बचाना
  • मानव के मूल अधिकारों पुरुष, स्त्री तथा छोटे बड़े राष्ट्रों सभी के लिए समान अधिकार स्थापित करना
  • परस्पर राष्ट्रों की होने वाली संधियों द्वारा लगाए बन्धनों के प्रति आदर तथा न्याय बनाए रखना.
  • सभी की सामाजिक उन्नति तथा लोगों का बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना.

संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य (Aims Of UNO)

संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर के पहले अध्याय के पहले अनुच्छेद में संयुक्त राष्ट्र के निम्नलिखित उद्देश्य बताए गये हैं.

  • अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना.
  • आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक तथा मानवीय किसी भी प्रकार की अंतर्राष्ट्रीय समस्या को सुलझाना
  • समान अधिकारों के लिए आदर एवं मित्रतापूर्ण सम्बन्ध कायम करना
  • उपर्युक्त उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए कार्य को सुव्यवस्थित करने का केंद्र बनना.

संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांत (Principles Of UNO)

संयुक्त राष्ट्र संघ एवंम इसके सदस्यों को निम्न काम करना होता हैं.

  • सभी सदस्यों की प्रभुसत्ता का सम्मान
  • सदस्यों को चार्टर के अनुसार लगाए गये प्रतिबंधों का अपनी इच्छा के अनुसार पालन करना होता हैं.
  • जो राज्य इसके सदस्य नहीं है वे भी संयुक्त राष्ट्र संघ के सिद्धांतों के अनुसार कार्य करें.
  • झगड़ों का निपटारा शान्तिपूर्वक करेंगे.
  • राज्यों की भू अखंडता के विरुद्ध धमकी या बल प्रयोग से परहेज पर बल
  • सभी सदस्य संयुक्त राष्ट्र संघ को हर प्रकार से सहायता देंगे.
  • संयुक्त राष्ट्र संघ किसी भी राज्य के घरेलू मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा.

संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता (Membership Of Uno)

संयुक्त राष्ट्र के दो प्रकार के सदस्य हैं.

  • वे सदस्य जो प्रारम्भ में ही संयुक्त राष्ट्र में शामिल हो गये थे तथा जिन्होंने सान फ्रांसिस्को सम्मेलन में भाग लिया था, संयुक्त राष्ट्र के मूलतः 51 सदस्य देश थे.
  • वे सदस्य जो संयुक्त राष्ट्र संघ के बाद में शामिल हुए.

इस प्रकार वे सभी शान्तिप्रिय राज्य जो वर्तमान चार्टर में दिए गये दायित्वों तथा नैतिक बन्धनों को मानते हैं. संयुक्त राष्ट्र संघ में शामिल हो सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र संघ में किसी भी देश को सदस्यता सुरक्षा परिषद् की सिफारिश पर महासभा द्वारा की जाती हैं.

यदि कोई राज्य संयुक्त राष्ट्र के निर्देशों का बार बार उल्लंघन करता हैं. तो उसे सुरक्षा परिषद् की सिफारिश पर उसे महासभा द्वारा निकाला भी जा सकता हैं. आज संयुक्त राष्ट्र के कुल 193 वां सदस्य देश 2006 में मोंटेनेग्रो बना.

संयुक्त राष्ट्र की महासभा (Un General Assembly)

महासभा संयुक्त राष्ट्रसंघ की वह संस्था है जिसे सारे विश्व की नगर बैठक का नाम दिया जा सकता हैं. महासभा में संयुक्त राष्ट्र के सभी छोटे बड़े सदस्यों के विचारों में सुना जाता हैं. संयुक्त राष्ट्र संघ के सभी सदस्य महासभा के सदस्य होते हैं.

कोई भी सदस्य राष्ट्र महासभा में 5 से अधिक प्रतिनिधि नहीं भेज सकता और प्रत्येक राज्य में महासभा में केवल एक ही मत होता हैं. इसे ही संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा कहा जाता है. वास्तव में, यह महासभा कोई भी समस्या रखने तथा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय मंच हैं.

महासभा की शक्तियाँ एवम् कार्य (Powers & Functions Of General Assembly)

महासभा के कार्य तथा कार्यक्षेत्र बड़ा विशाल स्वरूप वाला एवं बड़ा विविध है. उन्हें पांच श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता हैं.

  • अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा से संबंधित मामलों पर विचार विमर्श
  • निरीक्षण कार्य
  • बजट पास करना
  • चुनाव सम्बन्धी कार्य
  • UNO चार्टर में संशोधन

महासभा का संगठन (Organisation Of General Assembly)

महासभा संयुक्त राष्ट्र संघ की शीर्ष संस्था है तथा इसके अपने ही नियम तथा प्रक्रियाएं हैं. यह एक ऐसा अंग है जहाँ न तो मेजबान होते है तथा न मेहमान.

महासभा एक वर्ष के लिए अपना सभापति चुनती हैं. वह अपनी व्यक्तिगत योग्यता के आधार पर चुना जाता हैं. उसे गोपनीय मत द्वारा चुना जाता हैं. बेल्जियम के मि. पाल स्पूक महासभा के प्रथम सभापति थे. तथा 10 जनवरी 1946 को महासभा की प्रथम बैठक की अध्यक्षता की थी.

महासभा के सत्र (Sessions Of General Assembly)

महासभा की बैठक सितम्बर के तीसरे मंगलवार को नियमित रूप से होती हैं. सुरक्षा परिषद के महासभा या संयुक्त राष्ट्र के बहुमत सदस्यों की प्रार्थना पर इसका विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता हैं.

महासभा का सभापति यदपि एक वर्ष के लिए चुना जाता हैं. किन्तु यदि विशेष सत्र बुलाया गया है तो फिर हर सत्र के लिए अपना अध्यक्ष चुनती हैं.

सन 1950 में स्थापित एक विशेष प्रक्रिया के अंतर्गत यदि सुरक्षा परिषद में वीटो के प्रयोग से शांति की पुनर्स्थापना में रूकावट पैदा होती है तब 24 घंटे में महासभा की विशेष बैठक हो सकती है तथा विश्व शांति के लिए उपर्युक्त निर्णय ले सकती है जिसे सुरक्षा परिषद भी मानने के लिए बाध्य होती हैं.

महासभा का मूल्यांकन (Appreciation Of General Assembly)

महासभा की भूमिका का मूल्यांकन करते समय स्टार्क ने कहा था कि अंतर्राष्ट्रीय शांति एवंम सुरक्षा के प्रश्नों पर सभा व्यावहारिक रूप से मुख्य स्वरूप ग्रहण करने के योग्य हो गई है सचमुच विलक्षण हैं.

सन 1950 में पारित शांति के लिए संगठन का प्रस्ताव को अपनाने के बाद महासभा की शक्तियों एवंम भूमिका में आश्चर्यजनक परिवर्तन हुए हैं.

इस प्रस्ताव ने महासभा को संयुक्त राष्ट्र की सामूहिक सुरक्षा का संरक्षक बना दिया हैं. इस प्रस्ताव में लिखा गया है कि यदि सुरक्षा परिषद अंतर्राष्ट्रीय शांति को खतरा होने, शांति भाग होने तथा आक्रमण जैसी किसी भी स्थिति में अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में असफल रहती हैं.

तो महासभा अपने सदस्यों से उचित सिफारिश करने के लिए मामले को एकदम हाथ में ले लेगी, ताकि वे सामूहिक प्रयत्न कर सकें. इस प्रकार शांति के लिए संगठित प्रस्ताव के परिणामस्वरूप महासभा की स्थिति पर्याप्त सुद्रढ़ हुई हैं.

परन्तु यह केवल सिद्धांत रूप में ही दिखाई देता है, वास्तविक व्यवहार में महासभा की शांति के लिए संगठित प्रस्ताव के अंतर्गत कार्य करते हुए 2/3 बहुमत से मुश्किल से ही प्रस्ताव पारित हुए हैं. लेकिन निश्चय ही महासभा कि यही शक्ति उसे एक असाधारण दर्जा अवश्य ही देती हैं.

सुरक्षा परिषद (Security Council)

सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र की कार्यकारिणी समिति हैं. जिसके कंधे पर अंतर्राष्ट्रीय शांति एवम् सुरक्षा को बनाए रखने का उत्तरदायित्व है. सुरक्षा परिषद पर ही संयुक्त राष्ट्र संघ की सफलता और असफलता का अंतिम उत्तरदायित्व हैं. क्योंकि यह महासभा के निर्णयों को तथा संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर को लागू करने से संबंध रखती हैं.

यदि महासभा निर्देशी अंग है तो सुरक्षा परिषद राष्ट्र संघ का निर्णय क्रियान्वयन विभाग हैं. जी जे मैंगान ने ठीक ही कहा है कि अंतर्राष्ट्रीय युद्ध को रोकने के लिए न तो सारे विश्व में न ही इतिहास में कही भी इस तरह का शक्तिशाली अंग मिलता हैं. बाद के वर्षों में अनेक बार सुरक्षा परिषद ने अपनी उपयोगिता सिद्ध की हैं.

गठन (Compositioon)

सुरक्षा परिषद में संयुक्त राष्ट्र के 15 सदस्य है चीन फ्रांस, अमेरिका, रूस इंग्लैंड पांच स्थायी सदस्यों के रूप में तथा 10 महासभा द्वारा दो वर्ष के लिए चुने गये अस्थायी सदस्य. सुरक्षा समिति के सदस्य चुनते समय महासभा की भौगोलिक परिस्थतियों को ध्यान में रखना पड़ता हैं.

इससे यह निश्चित हो जाता हैं कि सुरक्षा समिति में सभी क्षेत्रों को विश्वव्यापी प्रतिनिधित्व मिल गया हैं. सुरक्षा परिषद में सदस्यता प्रदान करते समय महासभा अंतर्राष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा में उस राष्ट्र के योगदान को भी ध्यान में रखती हैं.

शक्तियाँ एवं कार्य (Powers & Functions)

संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद विश्व शांति एवं सुरक्षा की सर्वोच्च संरक्षक हैं. इसे विश्व शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने का विशेष उत्तरदायित्व सौपा गया हैं. यह संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों एवं उद्देश्यों से भी बंधी हैं. इसलिए यह अपनी इच्छानुसार कार्य नहीं कर सकती हैं.

इसके सदस्य वर्तमान चार्टर के अनुसार सुरक्षा समिति के निर्णयों को स्वीकार करने तथा लागू करने की स्वीकृति देते हैं.

  1. अंतर्राष्ट्रीय शांति व सुरक्षा से संबंधित निर्णय लेने की शक्तियाँ
  2. अपने निर्णयों के निशस्त्र क्रियान्वयन की शक्तियाँ
  3. नए सदस्य महासचिव व अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायधीश के चुनाव की शक्तियाँ
  4. विवादों का शांतिपूर्ण निपटारा

आलोचनात्मक मूल्यांकन (Critical Appreciation)

सुरक्षा परिषद अपनी विस्तृत शक्तियों के आधार पर संयुक्त राष्ट्र संघ का सबसे अधिक महत्वपूर्ण तथा अतिसंवेदनशील अंग माना गया हैं.

किन्तु 1950 के बाद यह सामान्यतः इस आधार पर आलोचना का केंद्र बन गया है कि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अंतर्गत जिस भूमिका को निभाने की जिम्मेदारी इनके कंधों पर थी.

उसे वह पूरी तरह निभा नहीं पाया हैं. पामर तथा पर्किन्स के अनुसार सुरक्षा परिषद की संयुक्त राष्ट्र की केन्द्रीय एजेंसी के रूप में कल्पना की गई थी, परन्तु यह अपनी अपेक्षित भूमिका नहीं निभा पाई.

1200 शब्दों में संयुक्त राष्ट्र संघ पर निबंध essay on ‘United Nation Organisation (UNO) in Hindi language

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद एक नवीन अंतर्राष्ट्रीय संगठन की स्थापना की दृष्टि से विश्व की सर्वोच्च शक्तियों ने विचार विमर्श, सम्मेलन और वार्ताएं प्रारम्भ की. इन प्रयासों में अंटलाटिक चार्टर, कासाब्लांका सम्मेलन, मास्कों सम्मेलन, तेहरान सम्मेलन, याल्टा सम्मेलन व सेन फ्रांसिस्कों सम्मेलन विशेष महत्वपूर्ण रहे.

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना (establishment of the united nations organisation)

संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर को अंतिम रूप देने के लिए 25 अप्रैल 1945 को अमेरिका के सेन फ्रांसिस्कों नगर में सम्मेलन प्रारम्भ हुआ. इसमे 51 देशों के 850 प्रतिनिधि एकत्र हुए थे.

20 जून को 50 देशों ने इसके चार्टर पर हस्ताक्षर किये थे. पौलेंड ने बाद में हस्ताक्षर किये. इस तरह संयुक्त राष्ट्र संघ के 51 संस्थापक सदस्य थे.

सभी राष्ट्रों ने मिलकर 24 अक्टूबर 1945 तक अपनी संसद से स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कर ली. अतः 24 अक्टूबर को प्रतिवर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ दिवस (UNO DAY) मनाया जाता है.

संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य (aims and objectives of the united nations organisation)

  1. अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा
  2. अंतर्राष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान एवं न्याय
  3. सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं मानवीय क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को प्रोत्साहित एवं पुष्ट करना.
  4. व्यापक शान्ति को प्रोत्साहित करते हुए समानता और स्वतंत्रता के सिद्धांतों के आधार पर राष्ट्रों के बिच मैत्रीपूर्ण सम्बन्धों को बढ़ावा देना.

कोई भी राष्ट्र जो शान्तिप्रिय हो एवं संयुक्त राष्ट्रसंघ चार्टर में विश्वास करता हो, सदस्य बनने के लिए आवेदन कर सकता है. इसके लिए सुरक्षा परिषद की संस्तुति के बाद महासभा का दो तिहाई बहुमत से अनुमोदन होना आवश्यक है.

संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय अमेरिका के न्यूयार्क में है. महासचिव संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है. जिसकी नियुक्ति सुरक्षा परिषद की संस्तुति पर महासभा द्वारा की जाती है.

संयुक्त राष्ट्रसंघ के अंग (Organizations of the United Nations)

संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर के अनुच्छेद 7 के अनुसार इसके 6 अंग है.

  1. महासभा
  2. सुरक्षा परिषद
  3. आर्थिक एवं सामाजिक परिषद्
  4. न्यास परिषद्
  5. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय
  6. सचिवालय
  • महासभा (Un General assembly)– यह संयुक्त राष्ट्र संघ की व्यवस्थापिका है, जिसमे सभी राष्ट्रों के प्रतिनिधि शामिल होते है. एक अध्यक्ष एवं 7 उपाध्यक्ष होते है. कार्य के सुचारू संचालन के लिए 6 समितियाँ होती है. महासभा का अधिवेशन वर्ष में एक बार सितम्बर माह के दूसरे सप्ताह में होता है. बजट पारित करना, सदस्य राज्यों का प्रवेश, राष्ट्रसंघ का बजट पारित करना, मानव कल्याण के लिए सहयोग करना आदि महासभा के प्रमुख कार्य है.
  • सुरक्षा परिषद् (Un Security Council)– यह संयुक्त राष्ट्र संघ की कार्यपालिका है, इसमें 15 सदस्य होते है. 5 स्थायी और 10 अस्थायी सदस्य. संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस व चीन सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य है. अस्थायी सदस्यों का चुनाव 2/3 बहुमत से महासभा द्वारा किया जाता है. यह निरंतर कार्य करने वाली संस्था है. इसकी बैठक 14 दिन में एक बार होती है. सुरक्षा परिषद महासभा के साथ अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के जजों को चुनती है. सदस्यों के प्रवेश, निष्कासन, महासचिव की नियुक्ति की संस्तुति करती है. अंतर्राष्ट्रीय शांति, सुरक्षा व विवादों के निपटारे का कार्य करती है. सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के पास निषेधाधिकार (वीटो) होता है.किसी भी निर्णय में यदि एक स्थायी सदस्य की असहमति होती है तो निर्णय पारित नही होता है. वीटों के लिए स्थायी सदस्य का उपस्थित होना जरुरी है.
  • आर्थिक व सामाजिक परिषद (Un Economic and social council)– इसके सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है. सदस्यों की संख्या 54 है. प्रतिवर्ष 1/3 सदस्य रिक्त स्थानों के लिए चुने जाते है. परिषद का कार्य संसार के गरीब, बीमार, निरक्षर व असहाय लोगों की सहायता करना है. मानवीय अधिकारों व मौलिक स्वतंत्रता का आदर व लागू करने के लिए संस्तुति करना, आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करना आदि प्रमुख कार्य है.
  • प्रन्यास परिषद (Un Council of trustees)– संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणापत्र में यह व्यवस्था कर दी गई थी कि वे प्रदेश अविकसित एवं पिछड़े हुए है, पूर्ण स्वायतशासी नही है, वहाँ के निवासियों के हितों की रक्षा लिए उन्हें न्यास व्यवस्था के अंतर्गत विकसित राष्ट्रों को धरोहर के रूप में सौप दिया जाय. उन देशों को विकसित कर उनमे स्वशासन स्वतंत्रता के प्रति जागरूकता उत्पन्न की जा सके.
  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (Un International Court of Justice)– अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय की स्थापना हालैंड के हेग नगर में 1946 में की गई थी. इसमे कुल 15 न्यायधीश होते है. इनका कार्यकाल 9 वर्ष का होता है. 5 न्यायधीश प्रत्येक 3 वर्ष के बाद निवृत हो जाते है. न्यायधिशों की नियुक्ति सुरक्षा परिषद व महासभा द्वारा की जाती है. इसका कार्य अंतर्राष्ट्रीय कानूनों पर विचार व व्याख्या करना है. इसका क्षेत्राधिकार उन सभी देशों पर है जो इसकी संविधि को स्वीकार कर चुके है.
  • सचिवालय (Un Secretariat)– सचिवालय संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रशासनिक अंग है जो संयुक्त राष्ट्र संघ के सभी कार्यों को संपादित करता है. सचिवालय का प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी महासचिव होता है. जो सचिवालय की सहायता से अपना सम्पूर्ण कार्य करता है. वह अपने पद के कारण संयुक्त राष्ट्र संघ के अन्य अंगो की कार्यवाही में उपस्थित रहता है व कार्यवाही में भाग लेता है. महासभा द्वारा बनाए गये नियमों के अनुसार पदाधिकारियों की नियुक्ति करता है. महासभा में वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करता है महासचिव का पद अत्यधिक महत्व का पद होता है.

संयुक्त राष्ट्र संघ के विशिष्ट निकाय (List of specialized agencies of the United Nations)

संयुक्त राष्ट्र संघ को व्यापक एवं विभिन्न कार्यों में सहयोग देने के लिए अलग अलग क्षेत्रों में विशिष्ट निकाय है. जो सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं मानवीय कल्याण में कार्यरत है. इनकी अपनी स्वयं की कार्यप्रणाली है. यूएनओ के प्रमुख निकाय निम्नलिखित है.

  1. संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (United Nations Educational Scientific and Cultural Organization -UNESCO)
  2. अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (International labor organization ILO)
  3. खाद्य एवं कृषि संगठन (Food and Agriculture Organization)
  4. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization WHO)
  5. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund IMF)
  6. अंतर्राष्ट्रीय पुनः निर्माण व विकास बैंक (International reproduction and development bank)
  7. संयुक्त राष्ट्र संघ बाल संकट कोष (United Nations Child Crisis Fund-UNICEF)
  8. अंतर्राष्ट्रीय वित निगम (International Finance Corporation)
  9. अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संघ (International civil aviation association)
  10. अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (International agricultural development fund)
  11. विश्व डाक संघ (World post association)
  12. अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (International telecommunications association)
  13. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (United Nations Environment Programme)
  14. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार केंद्र (International business center)
  15. विश्व खाद्य कार्यक्रम (World food program)
  16. विश्व व्यापार संगठन (World trade organization)

संयुक्त राष्ट्र संघ और भारत (United Nations and India)

राष्ट्रसंघ की अपेक्षा संयुक्त राष्ट्र संघ को कई क्षेत्रों में सफलता मिली . कई बार विश्व में युद्ध की स्थ्तियाँ बनी, उनको UNO ने रोका. इनमे फिलिस्तीन, इंडोनेशिया, कांगो, क्यूबा, सीरिया, लेबनान समस्या आदि प्रमुख है.

लेकिन निशस्त्रीकरण, कश्मीर विवाद, कोरिया विवाद अभी भी बना हुआ है. आतंकवाद और कई अन्य युद्धों को रोकने में भी UNO को सफलता नही मिली है.

“संयुक्त राष्ट्र संघ” के कार्यों में भारत भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है. कोरिया युद्ध 1950 के बाद युद्ध बंदियों के आदान प्रदान, स्वेज संकट के समय 1956 में भारत की सैनिक टुकड़ी भेजना, तथा कागों के आर्थिक संकट 1960 तथा सोमालिया संकट 1991 के समय भी भारत की सैनिक टुकड़ी ने खाद्य सामग्री पहुचाई थी. भारत ने एशिया और अफ्रीका के कई देशों को स्वतंत्रता दिलाने में भी समर्थन किया था.

Uno Gk Facts In Hindi | संयुक्त राष्ट्र संघ के बारे में तथ्य

संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO-United Nations Organisation) अंतर्राष्ट्रीय शांति सुरक्षा बनाए रखने , राष्ट्रों के मध्य मैत्रीपूर्ण सम्बन्धों को बढ़ावा देने, विश्व की आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक व मानसिक समस्याओं को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से हल करने एवं मानवाधिकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से २४ अक्टूबर १९४५ को गठित.

इसका मुख्यालय न्यूयार्क में हैं. एवं आरम्भिक सदस्य ५१ हैं, इस संगठन को यह नाम अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट द्वारा दिया गया.

प्रथम विश्व युद्ध के बाद वर्साय संधि के तहत १० जनवरी १९२० को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग शाति व सुरक्षा को प्रोत्साहित देने के उद्देश्य से अमरीका राष्ट्रपति वुडरो विल्सन के प्रयासों से राष्ट्र संघ का गठन हुआ.

मुख्यालय जिनेवा में, संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना के बाद यह १९ अप्रैल १९४६ को यह पूर्णरूपेण समाप्त हो गया. इसका जन्मदाता देश अमेरिका ही वहां की संसद द्वारा अनुमति न दिए जाने के कारण राष्ट्र संघ का सदस्य नहीं बन सका.

  • संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई- २४ अक्टूबर १९४५
  • संयुक्त राष्ट्र संघ के वर्तमान महासचिव कौन हैं-एंटोनियो गुटरेस (एंटोनियो गुटरेस पुर्तगाल के राजनयिक हैं जिन्हें UNO का ९ वां महासचिव चुना गया.
  • राष्ट्र संघ की स्थापना कब हुई- १० जनवरी १९२०
  • राष्ट्रसंघ की स्थापना का श्रेय किसे हैं- वुडरो विल्सन
  • राष्ट्र संघ का मुख्यालय कहाँ था- जिनेवा
  • यू एन ओ का मुख्यालय- न्यूयोर्क
  • संयुक्त राष्ट्र संघ का नाम किसने दिया- रूजवेल्ट ने
  • यू एन ओ के आरम्भिक सदस्यों की संख्या- 51
  • अमरीकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट और ब्रिटिश प्रधानमंत्री चर्चिल ने अन्तलातिक चार्टर पर हस्ताक्षर कब किये- १९४१
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा का मुख्यालय कहा स्थित हैं-न्यूयार्क
  • सुरक्षा परिषद के सदस्यों की संख्या कितनी हैं-१५
  • सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों की संख्या-5
  • सुरक्षा परिषद का मुख्यालय कहा हैं- न्यूयार्क
  • सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्यों का चुनाव कितने समय के लिए किया जाता हैं-२ वर्ष
  • सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्यों की संख्या क्या हैं-१०
  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में जजों की संख्या क्या है-१५
  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायधीशों का कार्यकाल हैं-९ वर्ष
  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायधीशों की नियुक्ति कौन करता हैं-सुरक्षा परिषद व महासभा
  • खाद्य एवं कृषि संगठन का मुख्यालय कहा स्थित हैं- रोम
  • यूनेस्को का मुख्यालय कहाँ स्थित है- पेरिस
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय कहा स्थित हैं- जिनेवा
  • अंतर्राष्ट्रीय मजदूर संगठन जिसका मुख्यालय जिनेवा में की है, की स्थापना कब हुई.- १९१९
  • विश्व बैंक व अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का मुख्यालय कहा स्थित हैं- वाशिंगटन डीसी
  • संयुक्त राष्ट्र की अधिकृत भाषाओं की संख्या क्या है-६
  • अंतर्राष्ट्रीय विकास संगठन का मुख्यालय कहाँ स्थित हैं- वाशिंगटन डीसी
  • अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा अभिकरण जिसका मुख्यालय वियना में हैं, की स्थापना कब की गयी-१९५७
  • अंतर्राष्ट्रीय अपराधिक न्यायालय की स्थापना कब हुई-२००३
  • अंतर्राष्ट्रीय अपराधिक न्यायालय कहाँ स्थित हैं- हेग नीदरलैंड
  • संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत ने कब भागीदारी आरम्भ की- UNO के गठन से
  • संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रथम महासचिव कौन थे- ट्रिग्वेली
  • किस भारतीय ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायधीश के न्यायालय पद को सुशोभित कर देश का गर्व बढ़ाया- डॉ नगेन्द्र सिंह, बी एन राव, आर एस पाठक
  • अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में न्यायधीश नियुक्त होने वाले प्रथम भारतीय कौन थे- बी एन राव
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम भारतीय महिला अध्यक्षा थी- विजय लक्ष्मी पंडित
  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव का कार्यकाल कितना होता हैं- 5 वर्ष
  • संयुक्त राष्ट्र संघ के बाद विश्व का दूसरा बड़ा अंतर्राष्ट्रीय राजनितिक संगठन कौनसा था- NAM

यह भी पढ़े

उम्मीद करता हूँ दोस्तों संयुक्त राष्ट्र संघ (यू.एन.ओ.) पर निबंध | Essay On United Nation Organisation U.N.O.in Hindi का यह निबंध आपको पसंद आया होगा. यदि आपको यूएनओ पर दिया निबंध पसंद आया हो तो अपने फ्रेड्स के साथ भी शेयर करें.

अपने विचार यहाँ लिखे