पंजाब पर कविता Poem On Punjab State In Hindi

पंजाब पर कविता Poem On Punjab State In Hindi दोस्तों आपका स्वागत हैं मेरा पंजाब राज्य जो पंजाबी भाषा, पंजाबी कल्चर, लोक गीत, भगडा नृत्य, खेती के लिए दुनियां भर में जाना जाता हैं.

यदि आप पंजाब राज्य पर बच्चों के लिए शोर्ट कविता खोज रहे हैं तो यहाँ हम आपकों पंजाब राज्य उसकी संस्कृति पर लिखी हिंदी पॉएम कविता शायरी यहाँ बता रहे हैं.

उम्मीद करता हूँ आपकों यह लेख अच्छा लगेगा यदि आपकों पंजाब दिवस की कविता अच्छी लगे तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे.

Poem On Punjab State In Hindi पंजाब पर कविता

पंजाब पर कविता Poem On Punjab State In Hindi

पंजाब दी धरति कें रग अनेंक
जहाँ बहतीं पंच नदीया खेति हसती करती बातें अनेक
किसानों क़ी मेहनत यहा अपना है रंग दीखलाती

अनाज देश कें हर कोनें कोनें पहुचाति
पंजाब के है रन्ग हज़ार
झुमती फिरति यहाँ की मुटियार
लोक गीत है यहाँ की आन

करते सचचाई हर लफ़्ज में बयाँ
विर के सर पे करति जहाँ बेहन सरदारी
ऐसा हैं यें मेरा पंजाब
दास्तां है यहाँ वीरों शूरवीरों क़ी

जिन्होंने क़ी वतन पें जान कुरबान
लोक नाच भगडा गिद्दा हमारा है
जिससे बनी हैं इसकी शान

बोली पंजाबी इतनि भोली
सीखी जाति सिर्फ् हंसते सुनतें करतें बात
पंजाब के हर शहर की एक अनोखि बात

करति है दंग सबकों यहाँ
मिल् जूल के सब भाई करते काम
ऐसा है ये हमारा पंजाब

PUNJABI SHAYARI – पंजाबी शायरी

जद तू देखिया मेरे बल सोहणिये
नी तेरा ताकना मेनू मार गया
तेरे नाल जो जा नज़रा मिलिया
मैं दिल तेरे तेई हार गया
तेरी उस मुस्कान दै आगे
सारी दुनिया हू फीकी लगन लगी
कीना सोहना पई तू हस दी
सो रब दी मेनू हसा तेरा मार गया


यूपी.. ताजी करारी मूँअफयी लै ल्यो..
नाय लैनी ..कोऊ बात नाय..नैक चाख तौ
ल्यो।

पंजाब.. ओये मूँफली ओए..नी लेनी..ओजी कोई
गल नी..तुसी चख ले।

राजस्थान..मूँफड़ी लै ल्यो सा..कोन लेणी.
काँई भी कौन..चाखर तो देखो।

हरियाणा.. रै मुंफड़ी..का…लेणी ना..
तो चख क्यूँ रा।


सोहने फुल्लां विच्चों फुल गुलाब नी सखियो।
सोहणे देशां विच्चों देश पंजाब नी सखियो।
बगदी रावी ते जेलम चनाय नी सखियो।
देंदा भुखया ने रोटी पंजाब नी सखियो।


गुरुओं की भूमि पंजाब पांच नदियों का प्रदेश कहलाता हैं आजादी से पूर्व तक यहाँ पांच नदी बहा करती थी. विभाजन के बाद प्रदेश में दो नदियाँ ही बहती हैं.

पंजाब की मिट्टी यहाँ के जीवन की स्फूर्ति में छिपी हैं. दुनियां में कही भी बसा पंजाबी अपनी मिट्टी से बेहद लगाव रखता हैं.

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