Sacha Dost Kya Hota Hai सच्चे दोस्त की विशेषताएं What Is True Friend In Hindi

Sacha Dost Kya Hota Hai सच्चे दोस्त की विशेषताएं What Is True Friend In Hindi: नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत हैं. आज का आर्टिकल सच्चे दोस्त पर दिया गया हैं. मित्रता जो महज एक शब्द भर नहीं हैं. हमारे जीवन में सबसे बड़ा रोल दोस्तों का होता हैं. यदि हम सफल भी होते है तो हमारी सफलता का कुछ क्रेडिट दोस्तों को जाता हैं. यदि विफल होते है तो निश्चय ही हमारी दोस्ती भी कुछ हद तक जिम्मेदार होगी. जीवन में कम से कम एक सच्चा दोस्त जरुर होना चाहिए, जो हर सुख दुःख की घड़ी में हमारे साथ रहे. इस आर्टिकल को पढ़ने में बाद हम जान पाएगे कि सच्ची मित्रता और फेक दोस्ती में फर्क कैसे किया जाए और सच्चे यार की विशेषताएं क्या होती हैं.

Sacha Dost Kya Hota Hai सच्चे दोस्त विशेषताएं True Friend In Hindi

Sacha Dost Kya Hota Hai सच्चे दोस्त की विशेषताएं What Is True Friend In Hindi

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एक सच्चा दोस्त जो वाकई में हमसे अच्छी तरह परिचित हैं, हमें दिल से अपना यार मानता हैं, वह कभी भी हमारे मुश्किल वक्त चाहे वह किसी दुख, दुर्घटना, आर्थिक तंगी या किसी शक्ल में परेशानी हो वह दोस्त सदैव हमारा साथ देता हैं. सुख में खुशियों को बढ़ाने वाला तथा दुःख में कष्टहर्ता के रूप में वह हमारे बीच खड़ा रहता हैं. आप किसी व्यक्ति को अपना दोस्त मानते थे और उसने आपसे कुछ कड़वे वचन कहे तो इस निमित्त उनसे यारी कभी मत तोड़िए, क्योंकि एक सच्चा दोस्त आपकी फ़िक्र करता हैं. जब आप गलत कर रहे होते है तो वह बड़े भाई की तरह डांटेगा. ऐसे में हमें बुरा नहीं मानना चाहिए.

वही कुछ लोग ऐसे भी होते है जो सच्चे यार की तरह लगते हैं मगर अवसर आने पर वे अपनी असलियत दिखा ही जाते हैं. मुहं पर मृदु वचन कहने वाला हर इन्सान आपका सच्चा मित्र नहीं हो सकता, तथा मुहं पर कटु वचन कहने वाला हर बार आपका शत्रु नहीं हो सकता. आपका सच्चा दोस्त आपकों कभी भी गलत राह पर जाने अथवा गलत कार्य करने के लिए न तो प्रेरित करेगा न ऐसा आपकों आसानी से करने दे सकता हैं.

आज के युग की सच्चाई यह हैं कि यदि आपके पास पैसा है तथा दिन मौज मस्ती में गुजर रहे हैं तो हर कोई कहेगा कैसा है रे तू दोस्त, जबरन की यह दोस्ती तब तक ही रहती हैं, जब तक हम अच्छी स्थिति में हैं. मित्र और शत्रु की पहचान विपरीत हालात ही कराते हैं. इसलिए कठिनाइयों से कभी घबराइये मत, ऐसे अवसरों पर भले ही आपकों कुछ हाथ लगे न लगे, मगर थोडा सजग रहे तो आप अपने और पराये में अंतर भली भांति कर सकते हैं. आज के युवाओं के साथ सबसे बड़ी समस्या भी यही हैं कि सच्चे दोस्त की पहचान कैसे करें.

सच्चा दोस्त क्या होता हैं, इस आर्टिकल में हम कुछ विशेषताओं और वर्णन के साथ यही समझने का प्रयास करेंगे. यदि आप किसी इन्सान को परखना चाहते हैं तो उसे चले जाने के लिए हमेशा आजाद रखिये. यदि वह आपका हुआ तो जल्द ही लौट आएगा वर्ना यही सोचिये कि आपने इन्सान को समझने में भूल की हैं. आपके पास धन नहीं हैं, गाड़ी नही, जमीन जायदाद भी नहीं हैं, मगर एक सच्चा दोस्त हैं तो यकीन मानिए आप सभी से धनवान हैं. जब आप यह लेख पढ़ रहे हैं, तब आपके जेहन में किसी अपने यार का नाम आए तो भगवान को धन्यवाद दीजिए कि आप उसके दोस्त बन जाए. क्योंकि यह लोगों के साथ आम समस्या रहती हैं कि दोस्त मिल जाते हैं मगर सच्ची दोस्ती के इम्तिहान में फेल हो जाते हैं.

याद करिये यदि किसी इन्सान ने अपने सभी राज आपके सामने खोले हो तो, आप उस पर आँख मूंदकर भरोसा कर सकते हैं, आप हो या मैं हम अपने अचेतन में दबे उन रहस्यों को उन्ही के सामने खोलते है जिन्हें हम दिल से अपना मान चुके हैं. ऐसे इंसान के साथ कभी विश्वासघात भूलकर भी मत करिये. इतना भरोसा करने वाले लोग भरोसा टूटने पर या तो स्वयं टूटकर बिखर जाते हैं अथवा सामने वाले के प्राण तक ले लेते हैं.

आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ उठते बैठते हैं जो कही से भी कोई चीज चुरा लेता हैं और आपसे वह सच्ची दोस्ती का दम्भ भरता हैं. अपवाद को छोड़ दे तो चोर प्रवृत्ति के लोग जो कल तक आपके साथ होते हुए किसी पराएँ धन को छू सकते हैं, वह आपकी अनुपस्थिति में आपके इज्जत, धन आदि को बक्श देगे इसकी कोई गारंटी नहीं हैं. इसलिए ईमानदारी और सत्यवादी व्यक्ति के साथ दोस्ती रखिये, जो जीवन के अंतिम पडाव तक टिक सकती हैं.

सच्चे दोस्त की बहुत सी खूबियाँ होती हैं, जो सम्भवत एक ही इन्सान में हो सकती हैं. अथवा अधिकतर गुण जिसमें आप देखे उन्हें अपना सच्चा दोस्त मान सकते हैं. मतलबी दोस्त कभी नहीं हो सकता, ना ही झूठी तारीफों के पुल के बाँधने वाला कभी सच्चा यार हो सकता हैं. सभा या मंडली में आपका दोस्त कभी आपको मजाक नहीं बनाएगा. वह आपकों शर्मिंदगी का अहसास कभी नहीं दिलाएगा.

संसार में सच्चाई की कोई कीमत नहीं हैं, सच्चाई चाहे प्रेम में हो या दोस्ती में. हमारे रक्त सम्बन्धी सैकड़ों होते हैं. जरा सी बात पर अनबन हो जाती हैं. मगर दोस्ती का रिश्ता भले ही खून का रिश्ता न हो वह दिल से निभाया जाने वाला रिश्ता हैं. आपका दोस्त कभी भी आपकों छुटपुट बात पर छोडकर नहीं जाएगी. भले ही आपके खिलाफ हजारो लोग खड़े हो जाए, सच्चा यार उस समय भी आपके साथ खड़ा रहेगा. जो लोग परिस्थतियाँ बदलने के साथ ही पाला बदल लिया करते हैं उन्हें कभी भूलकर भी अपना दोस्त नहीं मानना चाहिए.

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एक कहावत हैं कि एक अच्छी किताब सौ दोस्तों के समान होती हैं, मगर एक सच्चा दोस्त पुस्तकालय के बराबर होता हैं, इस पंक्ति से आप सच्चे दोस्त के जीवन में महत्व को समझ सकते हैं. वह सदैव आपकी मजबूती और भलाई की कामना करेगा तथा आपकों निरंतर प्रोत्साहित करेगा. मतलबी लोग केवल आपकों अपने से नीचा बनाएं रखने की कोशिश करेगे, वे कभी नहीं चाहेगे कि आप प्रगति करे तथा उससे बड़े बन जाए.

सच्चा दोस्त कौन होता है इसकी समझ प्रत्येक इंसान को होनी चाहिए. अन्यथा बहुत से लोग नजदीकियां पाकर हमारी ही जड़े खोदने में लग जाते हैं. हमें उनके अनुसार जीवन जीने के लिए ललायित करते हैं. मजबूरी के समय बहाने बनाकर बच निकलने की फिराक में रहते हैं. जीवन में कई बार हमसे भी गलतियाँ होती रहती हैं. गलत राह पड़ जाते हैं. ऐसे में सच्चे दोस्त ही मार्ग दर्शक बनकर हमें गलत राह चुनने से बचाते हैं. निस्वार्थ दोस्ती ही लम्बे समय तक चल सकती हैं. किसी भी रिश्ते की बुनियाद यदि स्वार्थ, धन या अन्य प्रलोभन पर टिकी हैं तो यकीन मानिए वह लम्बे समय तक टीक नहीं पाएगी. और एक दिन पछतावे के सिवाय आपके हाथ कुछ नहीं लगेगा. इसलिए अन्य रिश्ते जो भले खून के हो या पारिवारिक उनमे शिथिलता उतनी घातक नहीं हैं जितनी की दोस्त के चयन में हैं.

कोई भी रिश्ता तभी अटूट रह सकता हैं जब उसे दोनों तरफ से दिल से निभाया जाए, दोस्ती के सम्बन्ध में यह सबसे महत्वपूर्ण हैं. यदि आपके भी कोई सच्चा दोस्त हैं तो आपकी यह जिम्मेदारी हैं कि आप भी उस यारी को आसमान की ऊँचाइयों और जमी की गहराइयों तक ले जाए. भले ही आपका यार दुर्बल हो उसका साथ दीजिए सहयोग करिये. उसे शक्तिशाली बनने में मदद करिये यदि आपकी मित्रता सच्ची हैं तो मित्र की शक्ति ही आपकी शक्ति हैं. दोस्ती में वास्तविकता भी महत्व रखती हैं. एक सच्चा दोस्त आपकों उसी रूप में पसंद करना चाहिए जैसे कि आप हैं. जीवन में जब भी एक मार्गदर्शक या सलाहकार की जरूरत हो तो सबसे पहले अपने दोस्त की राय लेनी चाहिए. वह आपकों कभी गलत सलाह नहीं देगा न ही गलत विकल्पों में से चयन करने के लिए बाध्य करेगा.

दोस्ती के बगैर जीवन में सूनापन आ जाता हैं. छोटी से छोटी कठिनाई भी बड़ी विपदा के समान लगने लगती हैं. छोटे छोटे हर्ष के पलों का भी लुप्त उठा नही पाते हैं. जब आप सड़क पर चल रहे होते हैं तो जो भी मिलेगा अपने नजरिये के मुताबिक़ आपको जज करने की कोशिश करेगा, मगर एक सच्चा दोस्त कभी भी आपकों जज नहीं करेगा. वह आपके हक के लिए लड़ने वाला पहला इंसान होगा. वह आपकी खातिर दूसरो से भी लड़ेगा तथा आपसे भी, क्योंकि वह कभी भी आपका अहित देखना नहीं चाहेगा. जब कभी आप गहरे गम में हो तो अपने दोस्त के साथ पूरी घटना ईमानदारी के साथ शेयर करिए, वह आपको निराश नहीं करेगा. उससे जो बन पड़ेगा आपकों खुश करने के प्रयत्न करेगा, चाहे उसके लिए किसी से भी लड़ना ही क्यों न पड़े. वह अपनी जान देने से भी पीछे नहीं हटेगा.

सच्चा या अच्छा दोस्त कैसा होता है? विशेषताएं

जिन्दगी में धोखा खाने से अच्छा हैं सम्भलकर चले. खासकर दोस्ती में धोखा बेहद घातक होता हैं लोगों के दिल टूट जाते हैं. यहाँ आपकों कुछ विशेषताएं/गुण बता रहे हैं जो आपकों एक सच्चे दोस्त में अवश्य ही मिलेगे. खराब या बुरे दोस्त की पहचान में ये बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे.

सच्चा हितैषी, सच्चा दोस्त आपका भला चाहेगा.

आप किसी ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में हैं जो भले ही सच्चा दोस्त होने का दावा करता हो, मगर आपकी सफलता से उन्हें जलन होती हैं. बात बात पर आप पर शक करने लगता हैं, आपसी विश्वास डिगा हुआ हैं तो आप निश्चिन्त हो जाइए  इस प्रकृति के लोग कभी भी आपका भला नहीं चाहेगे न ही आपके सच्चे दोस्त हो सकते हैं. एक सच्चा दोस्त सदैव आप पर पूरा भरोसा करता हैं. आपकी ख़ुशी और सफलता को अपना मानकर उसे सेलिब्रेट करता हैं.

ट्रू फ्रेंड आपकी वास्तविकता से रूबरू

आप जैसे हैं उसी रूप में आपका सच्चा दोस्त आपको पसंद करेगा. यदि आप वैसे बन जाओ तो दोस्ती कर सकते हैं अथवा यह कमी निकाल दो तो हमारी दोस्ती हो सकती हैं. इस तरह की शर्तों पर आधारित दोस्ती कभी भी लम्बी नहीं चलती हैं. दोस्त तो आपकी असलियत को जानता हो तथा आपको उसी रूप में पसंद करने वाला होना चाहिए. निस्वार्थ भाव से सदैव एक दूसरे की मदद के भाव ही यारी को अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनाते हैं.

Sache Dost Ki Pehchan : विपरीत हालातों में साथ खड़ा रहने वाला

जैसा कि, हमने ऊपर भी जिक्र किया था. अच्छे दिनों में हमें कभी अकेलापन नहीं लगता हैं. जबरदस्ती के कई यारो की मंडली हमारे आसपास मंडराती रहेगी. मगर जब भी छोटी सी विपदा आएगी तो सभी भाग जाएगे. ऐसे में केवल हमारा सच्चा दोस्त ही हमारा साथ देता हैं. चाहे पूरी दुनियां हमारे खिलाफ ही क्यों न हो मुश्किल के वक्त में हाथ केवल मित्र ही बंटाता हैं. वह कभी बहाने बनाकर बच निकलने की कोशिश में नहीं रहेगे. बल्कि समस्या को जड़ से खत्म कर आपकी कद्र और सुरक्षा को फिर से बहाल करने के यत्न कर आपकों खुश देखने के हर सम्भव प्रयास करेगा.

आवश्यकता पड़ने पर सच्चा दोस्त ही काम आता हैं.

हर वक्त किसी के साथ ही रहना मुमकिन नहीं हैं चाहे वह कितना भी ख़ास दोस्त क्यों न हो. मगर दोस्त को उस समय पास होना ही चाहिए जब उसकी आवश्यकता हो तथा उसे वहां होना चाहिए. एक सच्चा दोस्त कभी फिजूल की व्यर्थ बातों में हमें नहीं डालना चाहेगा. वह आपसे सब कुछ शेयर करेगा अपनी समस्याएं, राज, अच्छी बुरी यादे आदि. यदि दोस्ती सच्ची है तो एक दूजे को बताएं बिना रहा भी नहीं जाता.

आपका अपमान कभी बर्दाश्त नहीं करेगा

बहुत से ऐसे बनावटी मित्र होते हैं जो मुहं पर मिया मिट्ठू बनते हैं मगर दूर जाकर औरों के सामने हमारी ही बुराई करने लगते हैं, मगर एक सच्चा कभी भी हमें अपमानित या लज्जित करने के उद्देश्य से किसी के सामने हमारी बुराई नहीं करेगा. वह नहीं चाहेगा कि हम किसी के कदमों में गिरे, हमारे राज को वह राज ही रहने देता है किसी के सामने खोलकर हमें लज्जित नहीं करेगा.

सच्चा मित्र एक समालोचक की तरह होता हैं.

दो तरह के लोग होते है एक वे जो सदैव बुराई या आलोचना करने में लिप्त रहते हैं. वही दूसरे तरह के वे भी लोग होते हैं जो हमारी अच्छाइयों एवं बुराइयों दोनों को उजागर करते हैं. एक सच्चे मित्र का यह धर्म/ कर्तव्य होता हैं कि वह अपने दोस्त की अच्छाइयों एवं बुराइयों को बराबर बताता रहे. वह हमें अपनी बुरी आदतों के लिए अपमानित कर सकता है मगर किसी के सामने नही करेगा.

Sacha Dost Lesson In Hindi

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