मिस्र की सभ्यता का इतिहास | Egypt History In Hindi Language

प्राचीन पिरामिडों के देश मिस्र की सभ्यता का इतिहास | Egypt History In Hindi Language

मिस्र की सभ्यता का विकास नील नदी घाटी में हुआ था. अफ्रीका लोग नील नदी को भारत में गंगा की भांति पवित्र मानते थे. क्योंकि प्राचीनकाल में मिस्र में सुख और सम्रद्धि का कारण नील नदी ही रही है. मिस्त्र की सभ्यता बहुत प्राचीन थी किन्तु इसके सन्तोषजनक प्रमाण प्राप्त नही हुए है. प्रमाणिक आधार पर मिस्र के राजनैतिक इतिहास का ज्ञान 3400 ई. से ही प्राप्त होता है. मिनीज नामक शासक ने 3400 ईसा पूर्व ही इसका राजनैतिक ढांचा खड़ा किया था.

इथीयोपी, नूबी एवं निलियम जाति के लोगों ने मिस्र की सभ्यता का निर्माण किया था. मिस्र की सभ्यता के इतिहास में पिरामिड युग, सामंतशाही युग एवं सम्राज्यवादी युग विशेष उल्लेखनीय है, इनमे से मिस्र के पिरामिडों का युग सबसे महत्वपूर्ण था.Egypt History In Hindi

मिस्र सभ्यता की प्रमुख विशेषताएँ (characteristics of egyptian civilization in hindi)

  • मिस्र का सामाजिक जीवन-मिस्र के शासक फराओं कहलाते थे और प्रजा पर उनकी सता निरंकुश थी. लोग उसे ईश्वर का प्रतिनिधि मानते थे. उच्च वर्ग में सामंत व पुरोहित, मध्यम वर्ग में व्यापारी, व्यवसायी तथा निम्न वर्ग में कृषक और दास थे. स्त्री व पुरुषों में लगभग उच्च वर्ग के लोग आभूषन पहनते थे. संगीत, नृत्य, नटबाजी, पशु, जुआ आदि उनके मनोरंजन के साधन थे. हाथीदांत जड़ित मेज और कुर्सियाँ व बहुमूल्य पर्दे व कालीन सामंतो के भवनों की शोभा बढ़ाते थे.
  • कृषि व पशुपालन- मिस्र के लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि था. जौ, प्याज, बाजरा व कपास की खेती की जाती थी. मिस्र को प्राचीन विश्व का अन्न का भंडार कहा जाता था, क्योंकि वहां वर्ष में तीन बार फसलें बोई जाती थी. बकरी, गधा, कुता, गाय, ऊट, सूअर आदि पालतू पशु थे.
  • व्यापार व उद्योग- मिस्र में धातु, लकड़ी, मिट्टी, कांच, कागज तथा कपड़े का काम करने वाले कुशल कारीगर थे. मिस्रवासियों को ताम्बें के अतिरिक्त अन्य धातुएं बाहर से मंगानी पडती थी. मिस्रवासी लकड़ी पर नक्काशी एवं कांच पर चित्रकारी के कार्य से भी अवगत थे. वे वस्तु विनिमय द्वारा व्यापार करते थे. अरब व इथोपिया से उनके व्यापारिक सम्बन्ध थे.
  • धार्मिक जीवन- मिस्रवासियों के देवता रा (सूर्य) ओसरिम (नील नदी) तथा सिन (चन्द्रमा) थे. उनके देवता प्राकृतिक शक्तियों के प्रतीक थे. मिस्र की सभ्यता के प्रारम्भिक काल  में मिस्रवासी बहुदेववादी थे. किन्तु साम्राज्यवादी युग में अखनाटन नामक फराओं ने एकेश्वरवाद की विचार धारा को महत्व दिया तथा सूर्य की उपासना आरम्भ की.
  • ज्ञान विज्ञान– मिस्र के लोगों ने तारों व सूर्य के आधार पर अपना कलैंडर बना लिया था तथा वर्ष के 360 दिन की गणना कर ली थी. मिस्रवासियों ने धूप की घड़ी का आविष्कार कर लिया था. उन्होंने अपनी वर्णमाला विकसित करके पेपीरस वृक्ष के कागज का निर्माण किया था.
  • मिस्र के पिरामिड (Egyptian Pyramids)– मिस्रवासियों का विश्वास था कि मृत्यु के बाद शव में आत्मा निवास करती है. अतः वे शव पर एक विशेष प्रकार के तेल का इस्तमोल करते थे. इससे सैकड़ों वर्षों तक शव सड़ता नही था. शवों की सुरक्षा के लिए समाधियाँ बनाई जाती थी. जिन्हें वे लोग पिरामिड कहते थे. पिरामिडों में रखे गये शवों को ममी कहा जाता था.
  • मिस्र के पिरामिड में गीजा का पिरामिड (Pyramids of Giza) प्राचीन वास्तुकला की दृष्टि से सर्वश्रेष्ट कलाकृति है. गीजा का पिरामिड 481 फीट ऊँचा तथा 755 फीट चौड़ा है. इसमें ढाई ढाई टन के 23 लाख पत्थर के टुकड़े लगे हुए है. इसके बाहर पत्थर की एक विशालकाय नृसिंह की मूर्ति जिसे स्फिक्स कहा जाता है, बनी है. मिस्र के पिरामिड मिस्रवासियों के गणित और ज्यामिति ज्ञान के साक्षी है. मिस्र में अब तक कई ऐसे पिरामिड विद्यमान है.

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