हिमाचल प्रदेश पर निबंध | Essay on Himachal Pradesh in Hindi

Essay on Himachal Pradesh in Hindi: नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है, आज हम मेरा हिमाचल प्रदेश पर निबंध आपके लिए लाए हैं. सरल भाषा में लिखे इस हमारा हिमाचल (HP) के निबंध, भाषण, अनुच्छेद में राज्य के इतिहास, संस्कृति, सामान्य परिचय व जानकारी बता रहे हैं. चलिए इस शोर्ट निबंध को पढ़ना आरम्भ करते हैं.

Essay on Himachal Pradesh in Hindi

Essay on Himachal Pradesh in Hindi

सामान्य परिचय: हिमाचल प्रदेश भारत के उत्तर पश्चिम में स्थित महत्वपूर्ण राज्य है. इसे देवभूमि के नाम से भी जाना जाता हैं. सुंदर प्राकृतिक बसावट वाले हिमाचल को भारत का मुकुट कहा जाता हैं. हिमाचल प्रदेश शब्द का शाब्दिक अर्थ होता बर्फीला प्रदेश. वर्ष 1950 में यह भारत का एक केन्द्रशासित प्रदेश बना. 25 जनवरी 1971 को हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम के तहत इसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया. इस तरह हिमाचल भारत का 18 वाँ राज्य बना.

ठंडी जलवायु एवं नदियों के प्रदेश हिमाचल की राजधानी शिमला है, जो कि एक हिल स्टेशन भी हैं. यहाँ के मूल निवासी आर्य माने जाते है जिनका ऋग्वेद से प्राचीन सम्बन्ध इस भूमि से रहा हैं. हिमालय पर्वत की शिवालिका पर्वत श्रेणियों में बसे प्रदेश की बहुसंख्यक आबादी हिन्दू हैं. हिमाचल के बारे में कहा जाता है ऋषि मुनियों की इस धरा पर ही व्यास ने महाभारत की रचना की थी, उपनिषदों की रचना भी यही हुई थी.

हिमाचल प्रदेश का इतिहास सदियों पुराना हैं. 1857 तक ब्रिटिशकालीन भारत में प्रदेश पंजाब सूबे के अधीन था. महाराजा रणजीत सिंह यहाँ के शासक थे. गोरखा आंग्ल युद्ध के बाद यह ब्रिटिश सत्ता के अधीन आ गया, उस समय अंग्रेजों ने शिमला को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाया था. वर्ष 1971 में राज्य की नींव तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने रखी थी. 25 जनवरी को प्रति वर्ष हिमाचल प्रदेश स्थापना दिवस मनाया जाता हैं.

56019 किमी² क्षेत्रफल में फैले इस प्रदेश की सीमाएं कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश से तथा अंतर्राष्ट्रीय सीमा तिब्बत से लगती हैं. राज्य में कई सदाबहार नदियाँ बहती है जिनमें रावी, चेनाब व सतलज मुख्य हैं. राज्य के लोगों की आय का मूल स्त्रोत कृषि, पर्यटन एवं जल बिजली हैं. हिमाचल प्रदेश बड़ी मात्रा में पन विद्युत् का उत्पादन कर राजस्थान, पंजाब, दिल्ली को बेचता हैं. राज्य की आय का यह सबसे बड़ा स्रोत हैं.

राज्य की जलवायु बेहद नम है समुद्र से सर्वाधिक उंचाई व हवा की निम्न गति के कारण यहाँ अक्सर बर्फ पड़ती हैं. हिमाचल में तीन मुख्य ऋतुएँ है शीत, ग्रीष्म और बरसात. यहाँ के लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि ही है, जिस पर राज्य की कुल जनसंख्या का 70 प्रतिशत निर्भर हैं. राज्य में कृषि योग्य उपजाऊ भूमि तथा जल की उपलब्धता के कारण सेब तथा खुमानी की पैदावर उच्च स्तर पर की जाती हैं.

हिमाचल प्रदेश भारत की मिलजुली संस्कृति वाला प्रदेश हैं. यहाँ के अधिकतर लोग हिन्दू, सिख व बौद्ध समुदाय से आते है इनमें धार्मिक प्रवृत्ति सर्वाधिक होती हैं. लोगों में ईश्वरीय आस्था एवं भक्ति का गुण सर्वाधिक देखा जाता हैं. पहाड़ी, मंडियाली, हिंदी, पंजाबी यहाँ की मुख्य बोलियाँ एवं भाषाएँ है, जिन्हें राज्य के लगभग समस्त लोग जानते हैं. पहाड़ी भाषा के गीत बेहद लोकप्रिय है जो स्थानीय संस्कृति व जीवन से ओत प्रेत होते हैं. नाटी यहाँ के लोगों का लोक नृत्य हैं. शेपुबड़ी हिमाचल का प्रसिद्ध व्यंजन हैं यहाँ की वेशभूषा में पुरुष शदरी, स्त्रियाँ वेस्टी पहनती हैं. यहाँ के लोग जमीन पर बैठकर खाना खाना पसंद करते है हिमाचली लोग टीन की छत के घरों में रहते है जिससे छत पर बर्फ न ठहर सके.

हिमाचल प्रदेश के लोगों का आम जीवन काफी कठिनाइयों एवं संघर्षों से भरा होता हैं. यहाँ पानी की किल्लत आम तौर पर रहती है घर का पानी भरने के लिए को लम्बा सफर तय करना पड़ता हैं. अधिकतर आबादी शहरों की बजाय गाँवों में बसती है जो बेहद विरले स्वरूप में बिखरे हुए हैं. आधुनिकता के दौर में अब हिमाचल के गाँव भी शहरीकरण की चपेट में आ चुके है जिसके चलते लोग गाँवों से शहरों की ओर तेजी से पलायन कर रहे हैं. राज्य के लोगों में उत्सवों एवं पर्वों के प्रति गहरी रूचि होती हैं राज्य में पोरी, लोहड़ी, कुल्लू दशहरा, गोगानवमी, राखी और दिवाली आदि हिन्दू पर्व बड़े ही हर्षोल्लास से मनाये जाते हैं.

राज्य में एक से बढ़कर एक गन्तव्य स्थल है जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में देशी विदेशी पर्यटक हिमाचल आते हैं. यहाँ के मुख्य पर्यटन स्थलों में चंबा घाटी जो छठी शताब्दी प्राचीन है तथा अपनी भव्यता एवं वास्तुकला के लिए जाना जाता हैं. राज्य में स्थित डलहौजी नामक सतजल जो अंग्रेज गर्वनर लार्ड डलहौजी के नाम पर निर्मित किया गया था. 14 किमी विस्तृत भू भाग में फैले इस पर्यटन स्थल की राजशाही युग की वस्तुएं, अवशेष तथा आसपास की सुंदर घनी वनस्पति एक मनोरम दृश्य प्रस्तुत करते हैं.

हिमाचल प्रदेश के गन्तव्य स्थलों में धर्मशाला शहर को भी गिना जाता हैं जो अपनी ऊँचाई, सुन्दरता, ऊँचे पेड़, चाय बागान तथा ईमारती लकड़ियों के लिए विख्यात हैं. जब ६० के दशक में दलाई लामा भारत आए तो वे लम्बे समय तक धर्मशाला में ही रहे थे. शहर को भारत का मिनी ल्हासा के नाम से भी जाना जाता हैं. कुफरी यहाँ की आकर्षक जगज है. यहाँ बर्फ से सनी सफेद पर्वत चोटियाँ, गहरी घाटियाँ तथा मीठे जल के झरने देखने लायक हैं. राज्य के दक्षिणी भाग में स्थित इस पर्वतीय स्थल में शीतकालीन खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता हैं. खेल प्रेमियों तथा पर्वतारोहियों के लिए कुफरी पसंदीदा स्थल हैं.

मनाली तथा कुल्लू यहाँ के अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल हैं. कुल्लू को देवताओं की घाटी भी कहा जाता है यहाँ की स्थानीय हस्तशिल्प से बनी वस्तुएं देशभर में प्रसिद्ध हैं. हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल राजधानी शहर शिमला है जिसका नाम देवी श्यामला के नाम पर रखा गया था. 7 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित शहर से घाटियों का मनोहार नजारा देखा जा सकता हैं. भारत से ही नहीं दुनियां के अन्य देशों से पर्यटक बड़ी संख्या में शिमला घूमने के लिए आते हैं.

अपने बाल्यकाल में हिमाचल ने तमाम तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा. राज्य को वर्ष 1971 में जाकर एक राज्य के रूप में पहचान मिली हैं. 15 अप्रैल को हिमाचल दिवस मनाया जाता हैं. आवास, सड़क, जल, सिंचाई तथा कृषि के क्षेत्र में राज्य ने विगत 5 दशकों में अभूतपूर्व वृद्धि की हैं. केरल के बाद हिमाचल सबसे कम भ्रष्ट राज्यों में गिना जाता हैं. राज्य के लोगों की मेहनत के चलते मेरा (My) हिमाचल प्रदेश न केवल आत्मनिर्भर बन पाया है बल्कि अन्य राज्यों के विकास में भी योगदान दे रहा हैं.

सामान्य ज्ञान: राज्य की राजधानी शिमला है, जो सबसे बड़ा शहर, महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल व हिल स्टेशन के रूप में जाना जाता हैं. प्रशासनिक दृष्टि से राज्य को 12 जिलों में विभक्त किया गया हैं. राज्य में फलों का बफर उत्पादन होने के कारण यह फलों का कटोरा के उपनाम से भी जाना जाता हैं. सेब का विदेशों में निर्यात होता हैं. राज्य पशु तेंदुआ, राज्य पक्षी जुनुजार, राज्य वृक्ष देवदार एवं राज्य भाषा हिंदी हैं.

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