इंटरनेट की उपयोगिता पर निबंध | Essay On Internet In Hindi

Essay On Internet In Hindi प्रिय मित्रों आज हम हम इंटरनेट की उपयोगिता पर निबंध आपके साथ साझा कर रहे हैं. आज के युग इंटरनेट के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती हैं. इंटरनेट पर निबंध- Essay On Internet In Hindi में हम कक्षा 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10 के विद्यार्थियों के लिए 5, 10 लाइन 100, 200, 250, 300, 400, 500 शब्दों में छोटा बड़ा निबंध प्रस्तुत कर रहे हैं.

इंटरनेट की उपयोगिता पर निबंध | Essay On Internet In Hindiइंटरनेट की उपयोगिता पर निबंध | Essay On Internet In Hindi

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No 1 Essay On Internet In Hindi In 500 Word

वर्तमान में सूचना एवं दूर संचार प्रोद्योगिकी का असीमित विस्तार हो रहा है. इसमे अब ऐसे अनेक उपकरण आ गये है,जिनसे सारे विश्व में तत्काल सम्पर्क साधा जा सकता है. और परस्पर विचार विमर्श किया जा सकता है. आज कंप्यूटर और सेलफोन के द्वारा सूचना और मनोरंजन का एक सुंदर साधन बन गया है. जिसे इंटरनेट कहते है. इन्टरनेट के प्रति युवाओं में विशेष आकर्षण है और इससे दूरी की बाधा समाप्त हो गई है.

इंटरनेट प्रणाली क्या है (What is the internet system)

यह एक ऐसे कंप्यूटरों एवं स्मार्टफ़ोनों की प्रणाली है, जो सूचना लेने व देने अर्थात उनका आदान-प्रदान करने के लिए आपस में जुड़े रहते है. इंटरनेट का अर्थ विश्व के करोड़ो कंप्यूटरों को जोड़ने वाला ऐसा संजाल है. जो क्षण भर में समस्त जानकारियाँ उपलब्ध करवा देता है. प्रत्येक इंटरनेट कंप्यूटर होस्ट कहलाता है. और यह स्वतंत्र रूप से डाउनलोड किया जा सकता है.

इंटरनेट की शुरुआत कब हुई (When did the internet start)

इंटरनेट का आरंभ सनः 1960 के दशक में हुआ. शीट युद्ध के समय अमेरिका ऐसी तकनीक कण्ट्रोल करना चाहता था, जिस पर परमाणु आक्रमण का असर न पड़े. इसलिए उसने ऐसी विकेन्द्रित सता वाले नेटवर्क का आविष्कार किया, जिनमे सभी कंप्यूटरों को समान रूप से जोड़ा गया.

आगे चलकर इसका बहुउद्देश्य रूप निखरा. इससे वेबसाइटों की सरंचना, उनका रजिस्ट्रेशन, उनका संचालन एवं डाउनलोड करने से संबंधित विविध सोफ्टवेयरों का निर्माण किया गया. आज सारे विश्व में करोड़ो वेबसाइटों के रूप में इंटरनेट का संजाल फ़ैल गया है. अब तो विडियो ऑडियो, गेम्स, डेस्कटॉप, वॉलपेपर, फोटोग्राफ, ई-बुक्स आदि अनेक बातों का परिचालन इंटरनेट से हो जाता है. इंटरनेट के ब्राउज़र को ओपन करते ही पंजीकृत वेब के द्वारा मनचाही जानकारी घर बैठे मिल जाती है. इस कारण आज इंटरनेट का असीमित प्रसार हो गया है. और सूचना एवं संचार के क्षेत्र में महाक्रांति आ गई है.

इंटरनेट से लाभ एवं हानि (Advantages And Disadvantages Of Internet In Hindi)

इंटरनेट के अनेक लाभ है. केवल कनेक्शन से किसी भी समय एवं किसी भी विषय की तत्काल जानकारी मिल जाती है. इससे छात्र, शिक्षक, व्यापारी, वैज्ञानिक, सरकारी विभाग आदि सभी सूचनाओं का आदान-प्रदान कर सकते है. ज्ञान और मनोरंजन के साधनों के साथ ही ई-मेल, टेली बुकिंग, टेली बैंकिंग, ई मार्केटिंग आदि अनेक नई नई सुविधाएं इंटरनेट पर उपलब्ध रहती है.

इस द्रष्टि से यह बेहद उपयोगी तथा लाभदायक है. परन्तु इंटरनेट से कई हानियाँ व नुक्सान भी है. इस पर कई बार मनपसन्द सामग्री के साथ फ्री डाउनलोड करते ही ऐसे खतरे आते है जो कंप्यूटर सिस्टम को तबाह कर सकते है. निजी सूचना तंत्र में भी सेध लगाते है. वायरस, स्पाईवेयर, और एडवेयर के कारण इंटरनेट से डाउनलोड करते ही बहुत सी हानि होती है. इससे समय धन एवं उपकरणों को नुकसान झेलना पड़ता है.

आज के समय में इंटरनेट की उपयोगिता (Uses Of Internet In Hindi )

आज इंटरनेट की सभी के लिए नितांत उपयोगिता है. व्यापारिक, शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा व्यक्तिगत कार्यो में इसकी सहायता से सारे काम साधे जा सकते है. मनोरंजन की द्रष्टि से भी इसकी बहुत उपयोगिता है. विश्व भर में परस्पर विचार विमर्श करने तथा ज्ञान का आदान प्रदान करने में इसका महत्व सर्वोपरी है. विद्यार्थियों के लिए तो यह ज्ञान का भंडार है.

वर्तमान काल में इंटरनेट का द्रुत गति से विकास हो रहा है. और इस पर कई तरह के सॉफ्टवेयर मुफ्त में डाउनलोड किये जा सकते है. भले ही इन मुफ्त डाउनलोड्स में कई बार हानियाँ उठानी पडती है, फिर भी सूचना एवं संचार के अनुपम साधन के साथ सामजिक आर्थिक प्रगति में इसकी भूमिका अपरिहार्य बन गई है.

No 2 Essay On Internet In Hindi In 600 Words For Students

इंटरनेट का परिचय और व्यापकता-इंटरनेट का सामान्य अर्थ है – सूचना भंडारों को सर्वसुलभ बनाने वाली तकनीक. आज इंटरनेट दूरसंचार का अत्यंत महत्वपूर्ण और आवश्यक अंग बन चूका हैं. कंप्यूटर तथा इंटरनेट का चोली दामन का साथ हैं. कंप्यूटर के प्रचार के साथ साथ इंटरनेट का भी विस्तार होता जा रहा हैं. घर बैठे ज्ञान विज्ञान सम्बन्धी सूचना भंडार से जुड़ जाना इंटरनेट ने ही संभव बनाया हैं.

इंटरनेट की कार्यविधि- सारे संसार में स्थित टेलीफोन प्रणाली अथवा उपग्रह संचार व्यवस्था की सहायता से एक दूसरे से जुड़े कंप्यूटरों का नेटवर्क ही इंटरनेट हैं. इस नेटवर्क से अपने कंप्यूटर को सम्बद्ध करके कोई भी व्यक्ति नेटवर्क से जुड़े अन्य कंप्यूटरों में निहित सामग्री से परिचित हो सकता हैं. इस उपलब्ध सामग्री को संक्षेप में WWW वर्ल्ड वाइड वेब कहा जाता हैं.

भारत में इंटरनेट का प्रसार– भारत में इंटरनेट का निरंतर प्रसार हो रहा हैं. बहुउपयोगी होने के कारण हर क्षेत्र में लोग इससे जुड़ रहे हैं. शिक्षा संस्थान, औद्योगिक प्रतिस्ठान, प्रशासनिक विभाग, मिडिया, मनोरंजन संस्थाएं, संग्रहालय, पुस्तकालय सभी धीरे धीरे इंटरनेट पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं. ऐसा अनुमान है कि इंटरनेट से जुड़े व्यक्तियों एवं संस्थाओं की संख्या करोड़ो तक पहुच गई हैं.

इंटरनेट से लाभ- इंटरनेट की लोकप्रियता दिनों दिन बढ़ती जा रही हैं. इंटरनेट कनेक्शन धारक व्यक्ति किसी भी समय, किसी भी विषय पर तत्काल इच्छित जानकारी प्राप्त कर सकता हैं. छात्र, शिक्षक, वैज्ञानिक, व्यापारी, खिलाड़ी, मनोरंजन इच्छुक तथा सरकारी विभाग इंटरनेट से ही अपनी आवश्यकता और रूचि के अनुसार सूचनाएं प्राप्त कर सकते हैं.

युवा वर्ग के लिए तो इंटरनेट ने ज्ञान और मनोरंजन के असंख्य द्वार खोल दिए हैं. ई मेल, टेली बैंकिंग, हवाई और रेल यात्रा के लिए अग्रिम टिकट खरीद,विभिन्न बिलों का भुगतान, ई मार्केटिंग इत्यादि नई नई सुविधाएं इंटरनेट पर उपलब्ध करवाई जा रही हैं. इंटरनेट द्वारा राजनेताओं और सरकारों के कुटिल कर्मों और दोहरे चरित्रों का पर्दाफाश किया जा रहा हैं. विकलिक्स इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है. हमारे देश में कई जनहितकारी योजनाएं इंटरनेट द्वारा उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर चल रही हैं.

इंटरनेट से हानि– आज नगरों में स्थान स्थान पर इंटरनेट ढाबे खुलते जा रहे हैं इनमें आने वाले युवा ज्ञानवर्धन के लिए कम, अश्लील मनोरंजन के लिए अधिक आते हैं. इंटरनेट के माध्यम से कंप्यूटर में संचित गोपनीय सामग्री सुरक्षित नहीं रह गई हैं. वायरस का प्रवेश कराके उसे नष्ट किया जा सकता हैं. विरोधी देश एक दूसरे की गोपनीय सूचनाएं चुरा रहे हैं. इंटरनेट ने साइबर अपराधों को जन्म दिया हैं. इंटरनेट से अब व्यक्ति की निजता भी असुरक्षित हो गई हैं.

इंटरनेट का भविष्य– इंटरनेट का सदुपयोग मानव समाज के लिए वरदान बन सकता हैं. इंटरनेट सारे विश्व को एक ग्राम के समान छोटा बना रहा हैं. लोगों को पास पास ला रहा हैं. इंटरनेट के साथ अनेक संभावनाएं जुडी हुई हैं. भविष्य में एक मर्यादित और नियंत्रित इंटरनेट व्यवस्था विश्व में राजनीतिक अनुशासन, विश्वव्यापी जनमत के निर्माण तथा एक अधिक सुलझे हुए मानव समाज की संरचना में सहायक हो सकती हैं.

No- 3 इंटरनेट पर निबंध- Essay On Internet In Hindi In 650 Words

प्रस्तावना- वर्तमान वैज्ञानिक युग में कंप्यूटर के आविष्कार के साथ टेलीफोन, मोबाइल, टेलीविजन, टेलेक्स, ई मेल, ई कोमर्स फैक्स इंटरनेट आदि संचार साधनों का विकास हुआ हैं. आज बहुत से जन संचार साधनों का असीमित विस्तार होने से जहाँ सूचना प्रोद्योगिकी का विकास हुआ हैं. वहां संचार सुविधाओं में आश्चर्यजनक क्रांति आने से सूचना आदान प्रदान अत्यंत सहज हो गया हैं.

इंटरनेट- संचार नेटवर्क कुछ कंप्यूटरों का समूह होता हैं जिन्हें आपस में सूचनाओं तथा संसाधनों के सुगम आदान प्रदान के लिए जोड़ा जाता हैं. इसी प्रकार से पूरे विश्व में फैले हुए अलग अलग नेटवर्कों को आपस में जोड़ दिया जाता हैं. जिसे हम इंटरनेट के नाम से जानते हैं.

अतः इंटरनेट कई नेटवर्कों का एक नेटवर्क या अंतर्जाल हैं. इंटरनेट को संक्षेप में नेट भी कहा जाता हैं. अतः इंटरनेट संसार में व्याप्त सूचना भंडारों को आपस में सम्बद्ध किये जाने तथा उन्हें किसी स्थान पर उपलब्ध कराए जाने की आधुनिक वैज्ञानिक संचार माध्यम हैं.

इंटरनेट की रचना और कार्यविधि– हालांकि इंटरनेट विश्वभर में फैला एक नेटवर्क हैं, फिर भी कई कारणों से यह एक छोटे शहर की अनुभूति देता हैं. इसमें भी वहीँ सेवाएं होती हैं. जो किसी शहर में मिलती हैं. यदि आपकों अपनी मेल प्रेषित करनी या प्राप्त करनी हैं तो आप इस कार्य को करने के लिए इंटरनेट में इलेक्ट्रॉनिक ऑफिस होते हैं.

जिनमें ऑनलाइन लाइब्रेरी मिल जाती हैं. जिसमें हजारों लाखों की संख्या में पुस्तकें होती हैं. जिन्हें सुविधानुसार पढ़ा जा सकता हैं. इसी प्रकार इंटरनेट पर उपलब्ध चैट रूमस किसी शहर में दिन रात चलने वाली कॉफ़ी शॉप की तरह होते हैं. जहाँ लोग अपने मित्रों के साथ बैठकर बातें कर सकते हैं.

इसके साथ ही पिक्चर देख सकते हैं. सामान क्रय विक्रय कर सकते हैं. कहीं के भी रेडियो स्टेशन सुन सकते हैं. ये सभी कार्य इंटरनेट की सुविधा के विभिन्न आयामों को दर्शाते हैं. कार्यविधि की दृष्टि से इंटरनेट से अपने कंप्यूटर को जोड़कर व्यक्ति दूसरे सभी कंप्यूटर में समाहित सामग्री को उपलब्ध करके सरलता से अपने उपयोग में ले सकता हैं.

समस्त संसार के कंप्यूटरों में समाहित विविध प्रकार की सूचना सामग्री www वर्ल्ड वाइड वेब कहा जाता हैं. इंटरनेट में शामिल होने के लिए अपनी वेबसाइट स्थापित करनी पड़ती हैं. फिर रूचि के अनुसार सम्बन्धित वेबसाइट से सम्बन्ध स्थापित करके जानकारी प्राप्त होती हैं.

उपयोग और दुरूपयोग- इंटरनेट आज की संचार सेवाओं में अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता हैं. घर बैठे बटन दबाते ही वांछित सूचनाओं का आदान प्रदान बड़ी सरलता से किया जा सकता हैं. अतः यह असीम ज्ञान तक पहुचने का अजस्र स्रोत हैं. इसके द्वारा उन सभी विषयों की जानकारी प्राप्त की जा सकती हैं जिन्हें व्यक्ति के द्वारा केवल सोचा जा सकता हैं.

अध्यापक, विद्यार्थी, डॉक्टर, व्यापारी तथा अन्य शिक्षित समुदाय अपने विचारों एवं समस्याओं के हल हेतु आदान प्रदान तेजी से लम्बी दूरियों के बीच कर सकता हैं. अतः इंटरनेट हमारे लिए आज की व्यस्तता भरी जिन्दगी के लिए अति उपयोगी हैं. परन्तु कुछ शरारती तत्व इस नेटवर्क में वायरस प्रवेश कराने के प्रयास कर सूचनाओं का दुरूपयोग करने से नहीं चुकते.

इस प्रकार इंटरनेट ने अपराध जगत में साइबर अपराधी की एक नई फौज खड़ी कर दी हैं. अब इस अपराध को रोकने के लिए कानून बनाया गया हैं.

उपसंहार- विज्ञान के इस युग में नयें नयें आविष्कार जहाँ मानव कल्याण की दृष्टि से किये जाते हैं. वही उन आविष्कारों के साथ हानियाँ भी अपने आप जुड़ जाती हैं. लाभ और हानि मनुष्य की सोच पर निर्भर हैं. सार यह है कि इंटरनेट हमारे लिए उपयोगी हैं और सभी इसका सदुपयोग कर लाभान्वित होवे.

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