Essay on Modern communication in Hindi | संचार के आधुनिक साधन पर निबंध

Essay on Modern communication in Hindi संचार के आधुनिक साधन पर निबंध: अपने विचारों भावनाओं एवं सूचनाओं को संप्रेषित करने के लिए मनुष्य को संचार की आवश्यकता पड़ती हैं. संचार मौखिक  एवं लिखित दोनों रूप में हो सकता हैं. पहले मनुष्य आपस में बोलकर या इशारे से अपनी अभिव्यक्ति करता था. वैज्ञानिक प्रगति ने उसे संचार के अन्य साधन भी उपलब्ध करवाएं.

Essay on Modern communication in Hindi

Essay on Modern communication in Hindi

modern communication essay – संचार के आधुनिक साधन पर निबंध

अब मनुष्य दुनियां के एक छोर में मौजूद व्यक्ति से दुनियां के दूसरे छोर से वैज्ञानिक उपकरणों की सहायता से बात करने में सक्षम हैं. इन वैज्ञानिक उपकरणों को ही संचार के साधन कहा जाता हैं. टेलीफोन, रेडियो, समाचार पत्र, टेलिविज़न इत्यादि संचार के ऐसे ही साधन हैं.

टेलीफोन ऐसा माध्यम हैं जिसकी सहायता से एक बार में कुछ ही व्यक्तियों से संचार किया जा सकता हैं., किन्तु संचार के कुछ साधन ऐसे भी हैं, जिनकी सहायता से एक साथ कई व्यक्तियों से संचार किया जा सकता हैंजिन साधनों का प्रयोग कर एक बड़ी जनसंख्या तक विचारों, भावनाओं व सूचनाओं को संप्रेषित किया जाता हैं, उन्हें हम जनसंचार माध्यम कहते हैं.

संचार के माध्यमों को कुल तीन वर्गो- मुद्रण माध्यम, इलेक्ट्रॉनिक माध्यम एवं नव इलेक्ट्रॉनिक माध्यम में विभाजित किया जा सकता हैं. मुद्रण माध्यम के अंतर्गत समाचार पत्र, पत्रिकाएँ, पैम्पलेट्स, पोस्टर, जर्नल पुस्तकें इत्यादि आती हैं इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के अंतर्गत रेडियो, टेलिविज़न एवं फिल्म आती हैं. और इंटरनेट नव इलेक्ट्रॉनिक माध्यम हैं. जनसंचार के इन साधनों के बारे में आइए विस्तार से जानते हैं.

समाचार पत्र

मुद्रण माध्यम की शुरुआत गुटनबर्ग द्वारा वर्ष 1454 में मुद्रण मशीन के अविष्कार के साथ हुई थी. इसके बाद विश्व के अनेक देशों में समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं का प्रकाशन प्रारम्भ हुआ. आज समाचार पत्र पत्रिकाए विश्वभर में संचार का एक प्रमुख एवं लोकप्रिय माध्यम बन चुके हैं. समाचार पत्र कई प्रकार के होते हैं- त्रैमासिक, मासिक, साप्ताहिक एवं दैनिक.

इस समय विश्व के अन्य देशों के साथ साथ भारत में भी दैनिक समाचार पत्रों की संख्या अन्य प्रकार के पत्रों से अधिक हैं. भारत का पहला समाचार अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित बंगाल गजट था इसका प्रकाशन 1780 में जेम्स ऑगस्टस हिकी ने शुरू किया था. कुछ वर्षों बाद अंग्रेजों ने इसके प्रकाशन पर प्रतिबन्ध लगा दियाहिंदी का पहला समाचार पत्र उदन्त मार्तण्ड था इस समय भारत में कई भाषाओं के लगभग तीस हजार से भी अधिक समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं.

भारत में अंग्रेजी भाषा के कुछ प्रमुख दैनिक समाचार पत्र द टाइम्स ऑफ़ इंडिया, द हिन्दू, हिंदुस्तान टाइम्स इत्यादि हैं. हिंदी के दैनिक समाचार पत्रों में दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, हिंदुस्तान, नवभारत टाइम्स, नई दुनिया, जनसत्ता इत्यादि प्रमुख हैं.

रेडियो- आधुनिक काल में रेडियो संचार का एक प्रमुख साधन हैं. खासकर दूर दराज के उन क्षेत्रों में जहाँ तक बिजली नहीं पहुच पाई हैं. या जिन क्षेत्रों के लोग आर्थिक रूप से पिछड़े हैं. भारत में सन 1923 में रेडियो के प्रसारण के प्रारम्भिक प्रयास और 19 27 ई में प्रायोगिक तौर पर इसकी शुरुआत के बाद से अब तक इस क्षेत्र में अत्यधिक प्रगति हासिल की जा चुकी हैं. और इसकी शुरुआत के बाद से अब तक इस क्षेत्र में अत्यधिक प्रगति हासिल की जा चुकी हैं.

और इसका सर्वोत्तम उदहारण एफएम रेडियो प्रसारण हैं. एफएम फ्रीक्वेंसी माड्यूल का संक्षिप्त रूप है. यह एक ऐसा रेडियो प्रसारण हैं जिसमें आवृति को प्रसारण ध्वनि के अनुसार मोड्यूल किया जाता हैं. भारत में इसकी शुरुआत 1990 ई के दशक में हुई थी. स्थानीय स्तर पर एफएम प्रसारण के लाभ को देखते हुए देश के कई विश्वविद्यालयों ने इसके माध्यम से अपने शैक्षिक प्रसारण के उद्देश्य से अपने अपने एफएम प्रसारण चैनलों की शुरुआत की हैं. यही कारण है कि इससे न केवल आम जनता को लाभ पंहुचा हैं, बल्कि दूरस्थ एवं खुले विश्वविद्यालयों से शिक्षा ग्रहण कर रहे लोगों के लिए भी अति लाभप्रद सिद्ध हुआ हैं.

आज एफएम प्रसारण दुनियां भर में रेडियो प्रसारण का पसंदीदा माध्यम बन चूका हैं. इसका एक कारण इससे उच्च गुणवत्ता युक्त स्टीरियोफोनिक आवाज की प्राप्ति भी हैं. शुरुआत में इस प्रसारण की देश भर में कवरेज केवल 30 प्रतिशत ही थी, किन्तु अब इसकी कवरेज बढ़कर 60 प्रतिशत से भी अधिक जा पहुंची हैं.

टेलीविजन

टेलीविजन का आविष्कार सन 1925 में जे एल बेयर्ड ने किया था. आजकल यह जनसंचार का प्रमुख साधन बन चुका हैं. पहले इस पर प्रसारित धारावाहिकों एवं सिनेमा के कारण लोकप्रिय था. बाद में कई न्यूज चैनलों की स्थापना के साथ ही यह जन संचार का एक ऐसा माध्यम बन गया, जिसकी पहुच करोड़ों लोगों तक हो गयी. भारत में इसकी शुरुआत सन 1959 में हुई थी. वर्तमान में तीन सौ से अधिक टेलीविजन चैनल चौबीसों घंटे विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम प्रसारित कर दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं.

फिल्म

फिल्म संचार का एक सशक्त एवं लोकप्रिय माध्यम हैं. किसी भी अन्य माध्यम की अपेक्षा यह जनता को अधिक प्रभावित करने में सक्षम हैं. दादा साहेब फाल्के को भारतीय फिल्मों का पितामह कहा जाता हैं. हर वर्ष विश्व में लगभग दस हजार से अधिक फिल्मों का निर्माण होता हैं अकेले भारत में हर वर्ष एक हजार से अधिक फिल्मों का निर्माण होता हैं. फिल्मों में समाज एवं देश का चित्रण प्रस्तुत किया जाता हैं. फिल्मों का उद्देश्य केवल मनोरंजन ही नहीं, देश हित एवं समाज सुधार भी होता हैं.

कंप्यूटर एवं इंटरनेट

इंटरनेट संचार का एक नवीन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम हैं. इसका अविष्कार 1969 ई में हुआ था. इसके बाद से अब तक इसमें काफी विकास हो चुका हैं. इंटरनेट वह जिन्न हैं जो व्यक्ति के सभी आदेशों का पालन करने को तैयार रहता हैं. विदेश जाने के लिए हवाई जहाज का टिकट बुक कराना हो, किसी पर्यटन स्थल पर स्थित होटल का कोई कमरा बुक कराना हो, किसी किताब का आर्डर देना हो, व्यापार को बढ़ाने के लिए विज्ञापन देना हो, अपने मित्रों से ऑनलाइन चैटिंग करनी, डॉक्टरों से स्वास्थ्य सम्बन्धी सलाह लेनी हो या वकीलों से कानूनी सलाह लेनी हो, इंटरनेट हर मर्ज की दवा हैं.

इंटरनेट ने सरकार, व्यापार और शिक्षा को नयें अवसर दिए हैं. सरकार अपने प्रशासनिक कार्यों के संचालन विभिन्न कर प्रणाली, प्रबंधन और सूचनाओं के प्रसारण में अनेकानेक कार्यों में इंटरनेट का उपयोग करती हैं. इंटरनेट पर आज पत्र पत्रिकाएँ प्रकाशित हो रही हैं. रेडियो चैनल उपलब्ध हैं और टेलीविजन के लगभग सभी चैनल भी मौजूद हैं. इंटरनेट के माध्यम से आज शैक्षणिक पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा हैं.

विश्व के एक छोर से दूसरे छोर पर स्थित पुस्तकालय से जुड़कर किसी विषय का विशेष ज्ञान प्राप्त किया जा सकता हैं. कोई भी व्यक्ति अपनी संस्था तथा उसकी गतिविधियों, विशेषताओं आदि के बारे में इंटरनेट पर वेब पेज बना सकता हैं. जिसे करोड़ो लोग इंटरनेट पर देख सकते हैं. विश्वव्यापी वेब www वौश्विक पहुंच का सर्वोत्तम साधन सिद्ध हो रहा हैं पहले ईमेल माध्यम से दस्तावेजों एवं छवियों का ही आदान प्रदान किया जाता था.

अब ऑनलाइन बातचीत का प्रयोग लगातार बढ़ रहा हैं. और चैटिंग के माध्यम से हम किसी भी मुद्दे पर बहस कर सकते हैं. इंटरनेट के माध्यम से मिडिया हाउस ध्वनि और दृश्य दोनों माध्यमों के द्वारा ताजातरीन खबरें और मौसम सम्बन्धी जान कारियाँ हम तक आसानी से पंहुचा रहे हैं. नेता या अभिनेता विद्यार्थी हो या शिक्षक, पाठक हो या लेखक, वैज्ञानिक हो या चिंतक सबके लिए इंटरनेट समान रूप से उपयोगी साबित हो रहा हैं.

संचार के साधनों के प्रमुख कार्य

लोकमत का निर्माण, सूचनाओं का प्रसार, भ्रष्टाचार एवं घोटालों का पर्दाफाश तथा समाज की सच्ची तस्वीर प्रस्तुत करना. इन माध्यमों से लोगों को देश की हर गतिविधि की जानकारी तो मिलती ही हैं, साथ ही उनका मनोरंजन भी होता हैं. किसी भी देश में जनता का मार्गदर्शन करने के लिए निष्कर्ष एवं निर्भीक संचार माध्यमों का होना आवश्यक हैं. ये देश की राजनीतिक सामाजिक आर्थिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की सही तस्वीर प्रस्तुत करते हैं.

चुनाव एवं अन्य परिस्थतियों में सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों से जन साधारण को अवगत कराने की जिम्मेदारी भी संचार के माध्यमों को ही वहन करनी पड़ती हैं. ये सरकार एवं जनता के बिच सेतु का कार्य करते हैं. इसे हम मिडिया भी कहते हैं. जनता की समस्याओं को इन माध्यमों से जन जन तक पहुचाया जाता हैं. विभिन्न प्रकार के अपराधों एवं घोटालों का पर्दाफाश कर ये देश एवं समाज का भला करते हैं. इस तरह ये आधुनिक समाज में लोकतंत्र के प्रहरी का रूप ले चुके हैं. इसलिए इन्हें लोकतंत्र के चतुर्थ स्तम्भ की संज्ञा दी गयी हैं.

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