काल करे सो आज कर पर निबंध | Kal Kare So Aaj Kar Essay in Hindi

काल करे सो आज कर पर निबंध Kal Kare So Aaj Kar Essay in Hindi: वैसे तो एक छोटी सी कहावत या सूक्ति कही जाती हैं मगर गागर में सागर भरने की कहावत को इसने चरितार्थ किया हैं. मामूली की पंक्तियाँ लगने वाली कहावत में जीवन का रहस्य अटा पड़ा हैं. बहुत से लोग 100 साल के जीवन को काट लेने के बाद भी इसके महत्व को नहीं समझ पाते जो यह कुछ शब्दों में बया कर जाती हैं. पढ़िये काल करे सो आज कर, आज करै सो अब पल में परलय होयगी, बहुरी करेगा कब पर दिया गया लघु निबंध.

Kal Kare So Aaj Kar Essay in Hindi

Kal Kare So Aaj Kar Essay in Hindi

जीवन और समय का क्या सम्बन्ध हैं इसे हमारे साहित्यकारों, कवियों ने बड़े अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया हैं. उनके जीवन का अनुभव आज हमारे जीवन सत्य एवं रहस्य को समझने में मददगार साबित हो रहा हैं. उनकी कही हर बात में जीवन के यथार्थ छिपा हैं. यदि हम उनका अनुसरण करे तो निश्चय ही अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं. समय के महत्व को समझाते हुए संत कबीर ने एक दोहे में कहा हैं.

काल करै सो आज कर, आज करे सो अब।
पल में परलै होएगी बहुरि करोगे कब।।

जीवन कितना क्षणभंगुर है तथा इसकी विश्वसनीयता क्या हैं कबीरदास ने इसे बड़े सही शब्दों में हमारे समक्ष रखा हैं. कहते है आप जिस कर्म को करने की सोच रहे हो उन्हें अभी करो क्योंकि जीवन की अनिश्चिंतता का कुछ नहीं कहा जा सकता अतः आप जो कुछ करने का सोच रहे हो उसे अभी आरंभ कर दो. जीवन में कब क्या घट जाए इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता, यदि सब कुछ ठीक नहीं रहा तब आप उस कार्य को नहीं कर पाएगे.

इस प्रकार समय का क्या महत्व है इसे कबीर ने उक्त दोहे में बताया हैं. समस्त प्रकृति की रचना इस प्रकार हुई है जिसके किसी भी तत्व पर मानव कभी अपना नियंत्रण स्थापित नहीं कर पाएगा. समय ही प्रकृति की ऐसी देन है जो निरंतर गतिशील है शाश्वत है तथा मनुष्य के नियन्त्रण के बाहर की वस्तु हैं. मनुष्य ने स्वयं को कितना भी बड़ा बना लिया हो समय कभी उनके मुताबिक़ नहीं चला हैं न ही उनकी सहूलियत के अनुसार कभी इन्तजार करता हैं.

प्रकृति सभी के साथ समानता का बर्ताव करती है समय जिसका एक अच्छा उदाहरण हैं. जो सभी के उपयोग की स्वतंत्रता देता हैं जो इन्सान समय के मुताबिक़ चला है तथा उसका सदुपयोग किया हैं व्यर्थ में समय को नहीं गंवाता हैं. वह स्वयं के कर्म अर्थात भाग्य का निर्माता बन जाता हैं. जीवन में सफलता और विफलता समय के उपयोग और दुरूपयोग पर ही निर्भर करती हैं जो व्यक्ति इसके प्रति जागरूक एवं सावधान रहता है वह जीवन में मनचाहे फल प्राप्त करता हैं.

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जीवन में समय के प्रत्येक पल का बड़ा महत्व हैं. यदि हम बीते हर लम्हे को व्यर्थ करते जाएगे तो नतीजे में केवल बर्बादी ही हाथ लगेगी. धन, दौलत, सम्मान सब कुछ खोने के उपरान्त पाए जा सकते हैं मगर बीता हुआ समय कभी भी वापस प्राप्त नहीं किया जा सकता हैं. अतः हर पल काम टालने की प्रवृत्ति को छोड़कर आज का काम कल कल के लिए न टालकर आज ही करने में लाभ हैं.

जीतना समय का उपयोग लिया जाए उतना ही अच्छा हैं. इस सम्बन्ध में एक अंग्रेज दार्शनिक की बात समझने योग्य हैं वे कहते है भगवान एक क्षण एक ही बार देता हैं वह हमें दूसरा क्षण देने से पूर्व पहले का क्षण वापिस ले लेता हैं. मानव जीवन के सभी दिन समान नहीं होते हैं हर वक्त उतार चढाव देखने को मिलता हैं. हमे हर क्षण के महत्व को समझते हुए उसका सही उपयोग करना चाहिए क्योंकि एक बार समय निकल जाने के बाद हम पछताने के सिवाय कुछ नहीं कर सकते हैं. ठीक इसी बात को “अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत” कहावत में कहा गया है. हमें इस जीवन में सफलता के मंत्र के रूप में लेना चाहिए.

हमें अपने दैनिक जीवन में समय के सदुपयोग के लिए दिनचर्या बना लेनी चाहिए तथा पूर्ण सख्ती के साथ उसका पालन करना चाहिए. खासकर विद्यार्थियों को तो टाइम टेबल बनाकर उस पर चलने का प्रयास करना चाहिए. एक विद्यार्थी को समय पर स्कूल जाना, नियमित रूप से विद्या अध्ययन करे तो निश्चय ही वह अपने सपनों को साकार करने में कामयाब हो सकते हैं हरेक व्यक्ति के जीवन में सफलता के पीछे समय का बड़ा महत्व होता हैं. भारत की महान विभूतियाँ जिन्हें हम अपना आदर्श मानते हैं उन्होंने समय के महत्व को जाना तभी वे अपने लक्ष्यों को पा सके, हमें भी उनके जीवन पथ पर चलने का प्रयत्न करना चाहिए.

कर्मशील मानव सदा वक्त का पाबन्द होता हैं जिसके चलते वह वर्तमान में जीते हुए भविष्य की तैयारी करता हैं. इसके उलट आलसी व्यक्ति केवल सपने देखने और मन के लड्डू खाने में लगा रहता हैं. उसका सम्पूर्ण वर्तमान केवल सोचते रहने में ही बीत जाता हैं. बहुत से लोग ऐसे होते है जो कल से समय के पाबन्द होने की बात करते है तथा आज को बस टालमटोल में ही गुजार देता हैं उसका आज भी इस तरह कल बन जाता है और आने वाला कल कभी नहीं आ पाता हैं.

हमें हमेशा आज का काम कल पर छोड़ने की बजाय आज का काम अभी करने की प्रवृत्ति का विकास करना होगा, तभी सही मायने में हम समय का सही उपयोग कर सकेगे. समय पर अपने सभी काम करने वाला इन्सान कभी विफल नहीं होता है और उन्हें पछताना भी नहीं पड़ता हैं. समय पर सारे कार्य सम्पन्न हो जाने से व्यक्ति प्रसन्नचित भी रहता हैं तथा सकारात्मक वातावरण का निर्माण होता हैं. समाज में सभी सदस्य उसे सम्मान की द्रष्टि से देखते हैं.

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