Malik Muhammad Jayasi Biography In Hindi | मलिक मुहम्मद जायसी का जीवन परिचय

Malik Muhammad Jayasi Biography In Hindi | मलिक मुहम्मद जायसी का जीवन परिचय : मलिक मुहम्मद जायसी ने सोलहवीं शताब्दी में पद्मावत की रचना कर ख्याति प्राप्त की. पद्मावत तत्कालीन समय की संस्कृतिक व ऐतिहासिक जानकारी का महत्वपूर्ण स्रोत हैं. जिसनें अलाउद्दीन खिलजी के चित्तौड़ अभियान, राणा रतनसिंह द्वारा किये जाने वाले प्रतिशोध, दर्पण में पद्मिनी को देखने का अलाउद्दीन का अनुरोध, रतनसिंह की गिरफ्तारी, पद्मिनी द्वारा उसकी रिहाई, पद्मिनी का सती होना आदि घटनाओं का रोचक वर्णन हैं.

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अधिकाँश इतिहासकारों ने इस महाकाव्य में वर्णित ऐतिहासिक घटनाओं के बारे में शंका प्रकट की हैं. डॉ दशरथ शर्मा ने इसे तथ्यों से भरपूर ऐतिहासिक महाकाव्य माना हैं.

मलिक मुहम्मद जायसी को हिंदी साहित्य के निर्गुण धारा के प्रेम कवि के रूप में गिना जाता हैं. इनके जन्म के बारे में कोई पुष्ट जानकारी नहीं हैं. ऐसा माना जाता है कि १५०० ई के आसपास उत्तरप्रदेश के जायस नामक स्थान पर इनका जन्म हुआ था. ये जीवन में एक महात्मा की तरह उदार प्रवृति के इंसान व कवि थे.

इनका सम्बन्ध मलिक वंश से था. मलिक के सम्बन्ध में माना जाता है कि इरान में जमीदारों को मलिक कहा जाता हैं, दिल्ली सल्तनत काल में भी इस शब्द का प्रयोग सेना के मुखिया या प्रधानमन्त्री के लिए प्रयुक्त हुआ हैं. ये इसी वंश के अशरफी खानदान के शिष्य थे. जायसी ने अपनी रचनाओं में शेख बुरहान और सैयद अशरफ को अपना आराध्य माना हैं.

बचपन से ही इनमें वैराग्य का भाव पैदा हो गया, तथा उस समय के जायस जिसे आजकल रायबरेली कहा जाता हैं. वहां रहने लगे. कहा जाता है कि जब जायसी तीस वर्ष के थे तब इन्होने पद्मावत महाकाव्य को लिखना आरम्भ किया तथा वृद्धावस्था में इन्हें पूर्ण कर पाए थे.

जायसी एक कृषक परिवार से थे, इनके पिता का नाम मलिक राजे अशरफ़ जो जमीदार भी थे और खेती का कार्य भी करते थे. जायसी दिखने में बेहद कुरूप तथा एक आँख से काने थे. इनकी दाहिनी आँख फूट गई थी.

पद्मावत, अखरावट, आख़िरी कलाम, कहरनामा, चित्ररेखा समेत जायसी की 21 रचनाएं मानी जाती हैं, मगर इनमें सबसे प्रसिद्ध पद्मावत महाकाव्य ही था. जो एक प्रेम कथा पर आधारित अवधि में लिखी गई रचना थी. जिनमें दोहा चौपाई की पद्धति से नागमती की कथा का वर्णन किया गया हैं.

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