My School Peon Essay In Hindi & English | हमारे विद्यालय का चपरासी

“My School Peon Essay”

Our/My School Peon Essay: we are students and most of our time spent in our school. school staff like as our family members. the school principal, headmaster, teachers, peon, and students have a good relation of respect to each. in this My School Peon Essay, I am explaining about our peon, his work, character, and importance in school. My School Peon Essay help students they read in class 1,2,3,4,5,6,7,8,9 and write about school peon. let’s read and enjoy this Hindi and English language My School Peon Essay.

My School Peon Essay In EnglishMy School Peon Essay In English

there are six peons in our school. all of them are hardworking and honest. but Mr. Ram Singh is the best peon. he hails from a village. he is about fifty years old. he lives in a room near the school.

he is always in khaki uniform during the school time. he tall and strong. he looks smart and cheerful. he is always punctual. he is true to his duty. he is over humble and polite. he is obedient.

he comes to school an hour before the school begins, he cleans the doors and windows. he sees that the sweeper and the Gardner have done their duty well. he looks after the school property. he performs serial duties an school. he rings the bell according to the timetable.

he gives the pieces of chalk to the class monitors. he generally sits on the bench outside the principal office. he circulates orders. he closes the doors after the school. he remains busy during the school time.

he is very popular in the school. he is in the good books of the principal. but he leads a very hard life. he is low paid for his hard work. even when he is contented.

हमारे विद्यालय का चपरासी (My School Peon Essay In Hindi)

हमारे विद्यालय में ६ चपरासी है. सभी नेक इमानदार व मेहनती है. लेकिन इनमें से राम सिंह सबसे अच्छा चपरासी है. यह पास ही के एक गाँव में इनका घर है, मगर अब स्कूल के पास ही एक कमरे में रहता है. इनकी आयु लगभग ५० के आसपास है.

विद्यालय के समय के दौरान चपरासी खाकी वर्दी में रहता है. दिखने में लम्बा व मजबूत होने के साथ साथ काफी स्मार्ट व हंसमुख भी है. साथ ही समय का बहुत पाबन्द इंसान है. यह अपना कर्तव्य पूर्ण ईमानदारी के साथ पूरा करता है. सभी अध्यापकों व छात्रों के साथ इनका नम्र व आज्ञाकारी व्यवहार सभी को पसंद आता है.

चपरासी स्कूल शुरू होने से एक घंटा पहले आता है. स्कूल आते ही खिडकियों व दरवाजों की सफाई के साथ ही राम सिंह अन्य सहायक कर्मचारियों के कार्य का पर्यवेक्षण भी करते है. स्कूल के समय तथा बाद में स्कूल की सम्पति का ध्यान रखना, समय सारणी के अनुसार घंटी बजाना इत्यादि अपने सम्पूर्ण कार्य के प्रति पूर्ण समर्पित रहते है.

कक्षा के मोनिटर को चोक वितरण करने के बाद, चपरासी प्रधानाचार्य कक्ष के आगे बैंच पर बैठा करता है, तथा प्रिंसिपल के आदेशों का पालन करना करता है. स्कूल की छुट्टी के पश्चात सभी कमरों के दरवाजे व खिड़कियों कों बंद करता है. इस तरह हमारे विद्यालय के चपरासी का पूरा दिन व्यस्तता में ही गुजर जाता है.

रामसिह हमारे विद्यालय में काफी लोकप्रिय इंसान है. हमारे प्रिंसिपल सर की कई किताबों में इनकें बारे में भी लिखा गया है. इस तरह की कड़ी मेहनत करने वाले चपरासी को सरकार द्वारा काम की तुलना में काफी कम तनख्वाह दी जाती है. फिर भी वो अपने कार्य में मस्त है, तथा उसे पूर्ण संतुष्टि रहती है.

 

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