पुस्तकों पर सुविचार कोट्स | Quotes on Books in Hindi

Quotes on Books in Hindi –  मित्रों पुस्तकों को इंसान का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता हैं, जो जीवन भर कुछ न कुछ सिखाती रहती हैं. किताबों पर सुविचार अनमोल वचन कोट्स स्लोगन उद्धरण में आज हम किताबों के महत्व एवं ज्ञान पर कुछ सुविचार यहाँ पढ़ेगे.

बेस्ट पुस्तकों पर सुविचार- Best Quotes on BooksQuotes on Books

Slogans About Books In Hindi बुक्स कोट्स इन हिंदी

ज्ञान का ध्येय सत्य हैं और सत्य ही आत्मा का लक्ष्य हैं. ज्ञान मनुष्य को सत्य के दर्शन करता है, और सच्चा ज्ञान पुस्तकें पढ़ने से मिलता हैं.


सच्चा ज्ञान वह हैं, जो हमारे गुण, कर्म, स्वभाव की त्रुटियों को सुझाने, अच्छाइयां बढ़ाने एवं आत्म निर्माण की प्रेरणा प्रस्तुत करता हैं.


इस दुनियां में सबसे अधिक कष्ट अज्ञानी व्यक्ति को ही होता हैं.


ज्ञानार्जन हर किसी के लिए संभव हैं. भगवान ने किसी को कम, किसी को अधिक बुद्धि दी हैं, यह भ्रान्ति छोड़ ही देनी चाहिए.


वह स्थान मंदिर हैं जहाँ पुस्तकों के रूप में मूक किन्तु ज्ञान के देवता निवास करते हैं.


वे माता पिता धन्य हैं जो अपनी सन्तान के लिए उत्तम पुस्तकों का एक संग्रह छोड़ जाते हैं.


उत्तम पुस्तकें जागृत देवता हैं. उनके अध्ययन मनन चितन के द्वारा पूजा करने पर तत्काल ही वरदान पाया जा सकता हैं.


जो ज्ञान मनुष्य के अच्छे संस्कारों को जाग्रत करे और उसकी उत्तम वृतियों को बढ़ाकर ऊँचा उठा दे वही विद्या हैं.


महान चरित्र और आदर्शवान व्यक्तियों का समय कभी खाली नही रहता, उनकी महानता का चिह्न ही व्यस्तता हैं.


अश्शीलता और कुरुचि फैलाने वाला साहित्य आवारागर्द बदमाशों जैसा हैं.


बुरी पुस्तकें शत्रु से कम नही हैं.


मानव का उपयुक्त अध्ययन पुस्तकें प्रस्तुत करती हैं.


कुछ पुस्तकें केवल जायका लेने के लिए होती हैं, कुछ निगलने के लिए होती हैं. और कुछ थोड़ी सी चबाने और आत्मसात करने के लिए होती हैं.


इन दो व्यक्तियों में बहुत बड़ा अंतर होता हैं एक उत्सुक मनुष्य और जो पुस्तक पढ़ना चाहता हैं और दूसरा वह जो थका हुआ आदमी जो पढने के लिए पुस्तक चाहता हैं.


जो पुस्तकों को जलाते हैं. वे अन्तः मनुष्यों को जला देती हैं.


किताबों को दो भागों में विभक्त किया जाता हैं. तत्कालिक पुस्तके तथा सर्वकालिक पुस्तकें.


एक अच्छी किताब सर्वोत्तम मित्र हैं आज भी और सदा के लिए.


उस पुस्तक को मत पढ़ों जो कम से कम एक वर्ष पुरानी न हो.


बिना पुस्तकों का घर बिना खिड़कियों के कमरें के समान हैं. यदि पुस्तकें खरीदने के साधन हो, तो किसी व्यक्ति को यह अधिकार नही कि वह पुस्तकों से घिरे बिना बालकों का पालन करें. यह परिवार के प्रति गलती हैं. बच्चें पुस्तकों की उपस्थिति में पुस्तकों को पढ़ना सीखते हैं. पुस्तकें पढ़ने से ज्ञान का प्रेम आता हैं और इसके आधार पर विकास होता हैं.


जीवन सम्बन्धी ज्ञान से रहित पुस्तकें व्यर्थ हैं.


अच्छी पुस्तकों में पाप से सर्वोत्तम सुरक्षा रहती हैं.


जिन पुस्तकों को दुनियां अनैतिक कहती हैं, पुस्तकें दुनियां को उसकी शर्म नाक बाते दिखाती हैं.


मेरी पुस्तकें मेरी वे दोस्त हैं जो कभी नही भूलती हैं.

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