एनआरसी का अर्थ परिभाषा कानून की जानकारी | Nrc Meaning In Hindi

Nrc Meaning In Hindi: नमस्कार दोस्तों देशभर में एनआरसी कानून को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म हैं. दंगे और प्रदर्शन हर बड़े शहर में किये जा चुके हैं. हमें समझने की जरूरत है आखिर एनआरसी क्या है इसका अर्थ मीनिंग डेफिनिशन मीन्स फुल फॉर्म अधिनियम / बिल/ कानून के डाक्यूमेंट्स क्या हैं सम्पूर्ण जानकारी हम इस लेख में प्राप्त करेंगे.

एनआरसी क्या है इसका अर्थ- Nrc Meaning In Hindi

Nrc Meaning In Hindi

जनगणना यह हमारे लिए एक परिचित शब्द है हम जानते है कि 1872 से हर दस साल बाद हमारें देश में निवास करने वाले लोगों की गणना की जाती है तथा उनके आंकड़े सार्वजनिक किये जाते हैं. आप सोच रहे होंगे भला इसका एनआरसी से क्या सम्बन्ध हैं. तो समझिये जनगणना मात्र सभी लोगों की संख्या को दर्शाती है जो किसी भूस्थल में निवास करते है जबकि एन आर सी कानून उन लोगों को परिभाषित करेगा कि कौन भारतीय है और कौन नहीं.

Nrc Full Form & Meaning In Hindi

एनआरसी का मतलब है नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन बिल (NRC Bill Meaning) जिसे हिंदीमें राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर कहा जाता हैं. इसका उद्देश्य भारत के निवासियों का एक दस्तावेज, साथ ही उन लोगों की पहचान करना जो अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं. एनआरसी कानून अभी तक भारत में लागू नहीं हैं आने वाले दिनों में इसे पूरे भारत में लागू किया जाएगा. जिससे दो बातें स्पष्ट होगी भारत के मूल नागरिक कितने है तथा अवैध नागरिक कितने हैं.

वर्तमान में nrc प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में असम में लागू किया गया था. जहाँ करीब 19 लाख अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान की गई. आपकों बता दे राष्ट्रीय जनसांखियिकी का विषय केंद्र सरकार के अधीन आता हैं केंद्र सरकार द्वारा पारित कानून ही सर्वमान्य होता हैं ऐसे में कई राज्यों के नेताओं द्वारा इसे अपने राज्य में लागू न करने की बात असंवैधानिक हैं.

एनआरसी का क्या मतलब है

नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन बिल (NRC Bill Meaning) को आप समझ चुके होंगे. यानि यह एक गणना रजिस्टर है जो सभी देशों द्वारा तैयार किया जाता है जिससे ज्ञात हो सके कि आपके देश में कौन रह रहा हैं. यह वैध नागरिकों का रिकॉर्ड है जिसे रखना प्रत्येक राज्य का कर्तव्य भी माना गया हैं. वर्ष 2013 में माननीय उच्चतम न्यायालय की देखरेख में इसे असम में लागू किया गया था. हाल में यह असम के सिवाय किसी राज्य में लागू नहीं हैं. आपकों जानकारी हो असम के इस एनआरसी प्रयोग में कई विसंगतिया भी निकल कर आई है जिसके कारण असम की बीजेपी शासित राज्य सरकार ने भी इस बिल का विरोध किया था. भविष्य में तमाम विसंगतियों को दूर करते हुए एनआरसी का नया ड्राफ्ट संसद में पेश होगा जिसके पारित होने पर ही भारत में एनआरसी का रास्ता साफ़ होगा.

एनआरसी में शामिल होने के लिए क्या जरूरी है

अभी तक सरकार की ओर से इस सबंध में कोई स्पष्टीकरण ने दिया है कि आगामी समय में आने वाले एनआरसी कानून में किन किन लोगों को जगह मिलेगी. यदि हम असम के उदाहरण को समझे तो वहां पर जिन लोगों के पास भारत के नागरिक होने के कोई दस्तावेज नहीं थे उन्हें यह साबित करना था कि वे अथवा उनके पुरखे 24 मार्च 1971 से पूर्व भारत आ गये थे अथवा यही रह रहे थे. इसके लिए मतदाता सूची में नाम अथवा वोटर आईडी जैसे प्रमाण पत्र मान्य किये गये थे. यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है कि असम  एनआरसी का मूल उद्देश्य बांग्लादेश से भारत में अवैध रूप से आने वाले लाखो लोगों की शिनाख्त करना था. जबकि हो सकता है नये एनआरसी कानून में अन्य मापदंड जारी किये जाए.

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एनआरसी के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत है

यदि आप राशन कार्ड धारक है मतदान करते है अथवा आपके पास पर्याप्त नागरिकता के प्रमाण पत्र है तो आप भारत के वैध नागरिक हैं. इसके अतिरिक्त यदि आप भी एनआरसी के दायरे में आते है तो स्वयं को भारतीय प्रमाणित करने के लिए आपकों रिफ्यूजी रजिस्ट्रेशन, आधार कार्ड, जन्म का सर्टिफिकेट, एलआईसी पॉलिसी, सिटीजनशिप सर्टिफिकेट, पासपोर्ट व सरकार की ओर से जारी किसी प्रमाण पत्र या लाईसेंस के तहत आप भारतीय नागरिकता ले सकते हैं.

NRC में शामिल न होने वाले लोगों का क्या होगा?

असम की एनआरसी के दौरान जो वस्तु स्थिति सामने आई है उसके अनुसार जो व्यक्ति एनआरसी में सहभागी नहीं है अथवा वह स्वयं को भारतीय साबित नहीं कर पाए उन्हें डिटेंशन सेंटर में ले जाया जाएगा, वहां से लोगों से अपने मूल देश की जानकारी लेकर भारतीय सरकार सम्बन्धित देश से सम्पर्क कर उसे अवैध प्रवासी के रूप में डिपोर्ट कर दिया जाएगा.

What is the difference between CAB and NRC in Hindi

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर देश में कई स्थानो पर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए हैं. संसद 11 दिसम्बर 2019 को CAB कानून पास कर चुकी है जिस पर 12 दिसम्बर को राष्ट्रपति के दस्तखत के साथ ही यह कानून बन गया हैं. इससे पूर्व भारत में किसी अप्रवासी को नागरिकता देने के मापदंड यह था कि वह व्यक्ति पिछ्ले 11 साल से भारत में रह रहा हो. मगर इस कानून में यह अवधि घटाकर 5 वर्ष कर दी हैं.

यदि हम एनआरसी और कैब को साथ साथ पढ़े तो जान पाएगे इनमें मूलभूत अंतर हैं. जहाँ एनआरसी सभी नागरिकों की सूची है जिनके पास वैध दस्तावेज हैं. जबकि कैब का सम्बन्ध मात्र उन शरणार्थियों से है जो दशकों से भारत में नरकीय जीवन जी रहे हैं. नागरिकता अधिनियम 1955 में बदलाव करते हुए भारत सरकार ने बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान इन तीन देशों के पीड़ित हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी समुदाय के लोगों को भारतीय नागरिकता देने की बात कहीं गई हैं. 31 दिसंबर 2014 तक धार्मिक रूप से पीड़ित होकर भारत में शरण लेने वाले इन लोगों को भारत का नागरिक बनाया जाएगा.

एनआरसी पर निबंध

एनआरसी अर्थात नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन जिसे की हिंदी भाषा में भारतीय राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर कहते हैं। यह भारत के असम राज्य में रहने वाले भारतीय लोगों की पहचान करने के लिए बनाई गई एक प्रकार की सूची है। एनआरसी के द्वारा सरकार का लक्ष्य है कि वह असम राज्य में रहने वाले ऐसे लोगों की पहचान करें जो अवैध रूप से असम राज्य में रह रहे हैं। मुख्य तौर पर एनआरसी के अंतर्गत अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करना ही सरकार का लक्ष्य है।

भारतीय सरकार के द्वारा साल 1986 में सिटीजनशिप एक्ट में संशोधन किया गया था और असम राज्य के लिए स्पेशल प्रावधान तैयार किए गए थे जिसके अंतर्गत एनआरसी रजिस्टर में सिर्फ उन्हीं लोगों के नामों को शामिल किया जाएगा जो लोग साल 1971 के 25 मार्च से पहले असम के नागरिक हैं अथवा जिनके परिवार वाले पहले से ही असम राज्य में रहते हुए आए हैं।

हमारे देश में असम ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां पर नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन लागू हुआ है जिसे कि साल 1951 में पहली बार लागू किया गया था और उस समय में हुई जनगणना के अंतर्गत शामिल हुए लोगों को असम राज्य का नागरिक माना जाता है।

इसके पश्चात लगातार एनआरसी को अपडेट करने की मांग होती रही जिसकी मुख्य वजह थी असम राज्य में अवैध बांग्लादेशियों की और दूसरे घुसपैठियों की बढ़ती हुई घुसपैठ। जिसकी वजह से असम राज्य की जनसंख्या का संतुलन बिगड़ने लगा। इसीलिए लोगों के द्वारा लंबे समय से एनआरसी अपडेट करने की मांग की जा रही है।

भारतीय सरकार के द्वारा असम राज्य में रहने वाले अवैध घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने के लिए नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन का अभियान चलाया गया है जिसकी गिनती दुनिया के बड़े अभियानों में हो रही है। इस अभियान के अंतर्गत असम राज्य के अंदर रहने वाले अवैध घुसपैठियों की पहचान की जाएगी और पहचान होने के पश्चात उन्हें उनके मूल देश में वापस भेजा जाएगा।

एक अंदाज के मुताबिक राज्य में तकरीबन 50 से भी अधिक बांग्लादेश गैरकानूनी तरीके से रह रहे हैं जिसकी वजह से सामाजिक और आर्थिक समस्याएं बढ़ती जा रही है। इसीलिए असम राज्य के लिए एनआरसी लागू करना काफी आवश्यक है।

नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन रिपोर्ट इस बात को दर्शाती है कि कौन सा व्यक्ति भारत का निवासी है और कौन सा व्यक्ति भारत का निवासी नहीं है। अगर कोई व्यक्ति भारत का निवासी होता है तो उसे भारतीय निवासी को मिलने वाले सारे अधिकार प्राप्त होते हैं।

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उम्मीद करता हूँ दोस्तों एनआरसी का अर्थ परिभाषा कानून की जानकारी | Nrc Meaning In Hindi के बारें में यहाँ दी गयी जानकारी आपकों पसंद आई होगी. यदि आपका Nrc Meaning से जुड़ा कोई सवाल हो तो कमेन्ट कर जरुर पूछे.

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