ईसाई धर्म के संस्थापक इतिहास एवं मुख्य सिद्धांत | Christianity Founder history and Main principle In Hindi

Christianity Founder history and Main principle In Hindi ईसाई धर्म और दर्शन के संस्थापक ईसा मसीह थे. इनका जन्म फिलिस्तीन के पहाड़ी भाग बैथेलहम में हुआ था. उसके पिता युसूफ तथा माता मरियम बढ़ाई का कार्य करते थे. ईसा मसीह ने अंधविश्वास से घिरे समाज को मुक्त कराने की ठान ली. उन्होंने गाँव गाँव जाकर लोगों को उपदेश दिया कि परमात्मा सबकों समान दृष्टि से देखता है. यहूदियों को ईसा मसीह का यह संदेश खटकने लगा.

ईसाई धर्म के संस्थापक इतिहास एवं मुख्य सिद्धांत | Christianity Founder history and Main principle In Hindi

  • ईसा मसीह का जीवन परिचय (jesus christ story in hindi)

    एक बार ईसा मसीह ने जेरुसलम के एक उत्सव में यहूदियों के हिंसात्मक कार्यों का विरोध किया. इससे सारा यहूदी समा उनसे चिढ गया. ईसा मसीह के एक शिष्य जुडास ने धोखे से उन्हें गिरफ्तार करवा दिया. दंड के रूप में उन्हें तीस वर्ष की उम्रः में ही सूली पर चढ़ा दिया. अंतिम समय में ईसा मसीह ने कहा कि ”हे ईश्वर इन्हें क्षमा करो ये लोग नही जानते कि यह क्या कर रहे है.

    ईसा मसीह के शिष्य संत पाल और पीटर ने उनके सिद्धांतों का बहुत प्रचार किया. ईसाई धर्म के अनुसार ईश्वर एक है तथा उसकी दृष्टि में सभी जीव बराबर है. ईसा मसीह ने मनुष्य की सच्चरित्रता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि पाप से घ्रणा करो पापी से नही. हमे क्रोध और बदले की भावना छोड़कर क्षमा करना सीखना चाहिए.

    उनका विचार था कि सहनशीलता से आत्मा की उन्नति होती है उन्होंने लोगों को सत्य अहिंसा दीन दुखियों की सेवा और बलिदान की शिक्षा दी. उनके उपदेश ईसाईयों के पवित्र ग्रन्थ बाइबिल में संकलित है.

  • ईसाई धर्म का संक्षिप्त इतिहास (A Brief History of Christianity)

    ईसाई धर्म बाद में दो भागों में विभाजित हो गया. एक रोमन कैथोलिक और दूसरा प्रोटेस्टेंट. जो मूल धर्म पर थे. वे कैथोलिक तथा जिन्होंने सुधारों का समर्थन किया वे प्रोटेस्टेंट कहलाएं. इन प्रोटेस्टेंट लोगों ने पोप के राजनैतिक अधिकार, पतित पादरियों और क्षमादान पत्रों की बिक्री का विरोध किया. बाद में मूल ईसाई धर्म में सुधार के लिए प्रतिवादात्मक मजहबी सुधार आंदोलन चलाया गया.

    और क्षमापात्रों की बिक्री बंद कर दी गई. इस प्रकार ईसाई दार्शनिक चिन्तन, दया, करुणा,सेवा, सच्चरित्रता, सहनशीलता आदि मूल तत्व है.

  • ईसाई धर्म की महत्वपूर्ण तारीखें (Important dates of Christianity)

  1.  ईसाई धर्म का सबसे बड़ा त्योंहार क्रिसमस है, जो लगभग विश्व के हरेक देश में मनाया जाता है. हर साल 25 दिसम्बर को ईसाई धर्म के संस्थापक ईसा मसीह के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है. क्रिसमस के बाद के त्योहारों में Good
  2. Friday का विशेष महत्व है, अप्रैल महीने में शुक्रवार के दिन यहूदियों द्वारा ईसा मसीह को सूली पर लटकाया था. इस दिन को शौक दिवस के रूप में आज भी मनाया जाता है.
  3. Palm Sunday जो ईस्टर से ठीक पहले आता है. इस दिन मसीह जेरूसलम लौटे थे इस तिथि को ईसाई धर्म इतिहास में अहम माना जाता है और इसे पाम संडे के रूप में मनाया जाता है.
  4. इसके अतिरिक्त Annunciation डे तथा Epiphany त्योहार भी ईसाई धर्म में बड़ा महत्व रखते है.

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