अनिल कुंबले का जीवन परिचय Anil Kumble Biography In Hindi

अनिल कुंबले का जीवन परिचय Anil Kumble Biography In Hindi: जब भारतीय क्रिकेट खिलाडियों (india cricket ) में स्पिनर्स की बात आती हैं तो सबसे पहले जो नाम जेहन में आता हैं वो हैं  अनिल कुंबले जी हाँ खेल में प्रतिभा और अनुशासन का पर्याय Anil Kumble उन लीजेंड में हैं, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को इस मुकाम तक पहुचाया हैं|

अनिल कुंबले का जीवन परिचय Anil Kumble Biography In Hindi

अनिल कुंबले का जीवन परिचय Anil Kumble Biography In Hindi

46 वर्षीय अनिल कुंबले खेले तो क्या खेले प्रतिद्वन्दियो की गिल्लियाँ गुल थी| जब अंतराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास लिया तो ऐशो आराम की जिन्दगी बिताने की बजाय भारतीय क्रिकेट की सेवा में लग गए और टीम के मुख्य कोच(coach of indian cricket team ) के रूप में जून 2017 तक काम भी किया|

कप्तान और कुंबले के साथ वैचारिक मतभेद के चलते इन्होने अपने पद से इस्तीफा भारतीय क्रिकेट कण्ट्रोल बोर्ड BCCI को सौप दिया. Anil Kumble Biography में जानते हैं उनके जीवन के बारे में

पूरा नामअनिल कुंबले
उपनामजम्बो
जन्म17 अक्टूबर 1970
जन्म स्थानबेंगलूर
माता-पिताकृष्णा स्वामी, सरोजा
विवाहचेतना रामतीर्था (1999)
बच्चेस्वस्ती कुंबले, मयास कुंबले ,आरुणि कुंबले
पेशाभूतपूर्व क्रिकेटर, कोच

51 वर्षीय कुंबले का जन्म कर्नाटक राज्य की राजधानी बैगलोर में 17 अक्टूबर 1970 को हुआ था| इनके पिता का नाम कृष्णा स्वामी और माँ का नाम सरोजा हैं| इन्हें कुंबले उपनाम से ही बुलाया जाता हैं| यह नाम उनके गाँव के नाम पर रखा गया था|

भारतीय क्रिकेट टीम में इनकी ऊचाई सबसे अधिक होने की वजह से जम्बो उपनाम से बुलाया जाता हैं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग से अनिल कुंबले ने मैकेनिकल इंजिनियर की पढ़ाई पूरी की|

kumble ग्रेजुएशन तक शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं, इनके परिवार में माता-पिता के अतिरिक्त एक भाई हैं, जिनका नाम दिनेश कुंबले हैं| anil की शादी क्रिकेट में पर्दापण के 9 वर्ष बाद 1999 में चेतना के साथ हुई थी|

कुंबले के दो बेटे एक बेटी हैं बेटी का नाम आरुनी कुंबले हैं| बचपन से इन्हें क्रिकेट के प्रति गहरी रूचि थी| जो आज तक कायम हैं| दाए हाथ के लेग स्पिनर के रूप में इन्होने क्रिकेट में शुरुआत की|

कर्नाटक राज्य की ओर से अनिल कुंबले हैदराबाद के खिलाफ मैच खेले जिसमे इन्होने चार विकेट चटके थे| उनकी इस परफॉर्म को देखते हुए चयनकर्ताओ ने भारतीय अंडर 19 की टीम में इन्हें शामिल किया गया|

करियर

अनिल कुंबले ने क्रिकेट जीवन की शुरुआत कर्नाटका क्रिकेट संघ के साथ शुरू की| वे राज्य की टीम के कप्तान बनाए गये थे| 1990 में इंग्लैंड दौरे के लिए इनका चयन भारतीय टीम में किया गया| इसके बाद इन्हें भारतीय क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया| 100 से अधिक अंतराष्ट्रीय टेस्ट मुकाबलों में कुंबले ने भारत का नेतृत्व किया|

अनिल कुंबले के क्रिकेट करियर का पहला पड़ाव 90 से लेकर अगले छ वर्षो तक बेहद यादगार रहा| इसके बाद उनके विश्व कप के लिए भारतीय एकादश में शामिल किया| सिमित ओवर के इस फोर्मेट में अनिल कुंबले टेस्ट से अधिक प्रभावकारी नजर आए| इन्होने खेले गये 7 मैच में कुल 15 विकेट चटके थे|

लेग स्पिनर होने के साथ ही उनकी तेज बॉल और गुगली बेहद खतरनाक बल्लेबाजो के भी स्टाम्प उखाड़ जाती थी| 25 अप्रिल 1990 को इन्होने श्रीलंका के खिलाफ अपना पहला एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय मैच खेला था| जबकि उनका पहला टेस्ट मैच 9 अगस्त 1990 को इंग्लैंड के खिलाफ था|

इन्होने अंतिम टेस्ट मैच 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था| अनिल कुंबले ने अपने अंतराष्ट्रीय करियर का अंतिम एकदिवसीय मैच बरमुंडा के खिलाफ खेला था| anil kumble क्रिकेट के सभी फोमेट्स में अंतराष्ट्रीय मैचों में 619 विकेट का आकड़ा छू चुके हैं|

इतिहास

  • anil kumble से अधिक विकेट लेने वालों में श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन और ऑस्ट्रेलिया के शेन वार्न ही आगे थे|
  • ऐसा करने वाले ये पहले भारतीय गेदबाज हैं|
  • anil kumble 10 wickets यह उनका सबसे बड़ा रिकॉर्ड हैं
  • जो इन्होने चिरप्रतिद्वंदी पाकिस्तान के खिलाफ बनाया था|
  • एक पारी में सभी खिलाडियों को अनिल कुंबले अकेले ने पवैलियन की राह दिखाई थी|
  • वर्ष 2007 से 2008 में इन्होने भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी भी की|
  • अंतराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद इन्हें वर्ष 2016 में भारतीय क्रिकेट टीम के कोच बनाए गये|
  • स्वेच्छा से इन्होने 20 जून 2017 को इस पद से इस्तीफा दे दिया|

सम्मान

  • वर्ष 1993 में इन्डियन क्रिकेटर ऑफ़ ईयर चुने गये|
  • वर्ष 1996 में विस्डन क्रिकेटर ऑफ द ईयर का खिताब प्राप्त किया|
  • 2005 में पद्मश्री पुरूस्कार से नवाजे गये|
  • वर्ष 2012 में अनिल कुंबले कुंबले अंतराष्ट्रीय क्रिकेट कांउसिल के सदस्य चुने गये|
  • 2016 में भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच बने|
  • वर्ष 2015 में आईसीसी के हॉल ऑफ फेम में नामित
  • 2015 में मुंबई इंडियंस के चीफ मेंटोर
  • 2012 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के चीफ मेंटोर
  • बैगलोर के चौराहे का नाम अनिल कुंबले चौराहा किया गया|

टेस्ट क्रिकेट में एक ही पारी में पूरे 10 विकेट लेने वाले गेंदबाज कौन है?

बड़ा अजीब कारनामा हैं न, जब पूरी टीम को एक ही खिलाड़ी आउट कर जाए. मगर यह अनिल कुंबले ने 4 फरवरी 1999 के दिन पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली में एक टेस्ट मैच के दौरान कर दिखाया. इससे पूर्व इंग्लिश खिलाड़ी जिम लेकर ने ऐसा किया था.

पाकिस्तान के साथ खेले जा रहे इस टेस्ट मैच में भारत की कमान मोहम्मद अजरुद्दीन और पाकिस्तानी टीम का नेतृत्व वसीम अकरम कर रहे थे. चौथी पारी में पाकिस्तान को 420 रन जीतने के लिए बनाने थे. पाक टीम के ओपनर सईद अनवर ने अफरीदी के साथ शतकीय साझेदारी निभाई थी, मगर जब कुंबले की एंट्री हुई तो पाक टीम ताश के पत्तों की भांति बिखर गई.

अफरीदी को विकेट के पीछे कैच करवाकर अनिल कुंबले ने शुरुआत की, अगली बल पर एजाज अहमद पगबाधा आउट हो गये. हैट्रिक गेद इंजमाम उल हक ने किसी तरह खेल दी, मगर वह भी थोड़ी देर ही क्रीज पर ठहर सके, तीन ओवर बाद कुंबले ने इंजमाम को भी क्लीन बोल्ड कर चलता किया. इसी ओवर में कुंबले ने मोहम्मद युसूफ को अपना चौथा शिकार बनाया.

पाक टीम का निजी स्कोर 127 रन था, मोईन अली भी गांगुली के हाथों कैच आउट हो गये. अब तक अनवर एक तरफ डटे थे मगर इस ओवर में उन्हें भी पवेलियन लौटना पड़ा. पाक टीम के लिए सातवें विकेट के लिए सलीम मलिक ने अकरम के साथ अर्द्धशतकीय साझेदारी की, मगर मलिक कुंबले की बॉल पर 15 रन बनाकर पवेलियन लौट गये.

अनिल कुंबले ने मुश्ताक अहमद 1 और सकलैन मुश्ताक 0 को आउट कर पाक टीम की अंतिम जोड़ी को अकेले दम पर क्रीज पर बुला दिया. अब क्रीज पर अकरम और वकार युनिस थे. अकरम जानते थे कुंबले वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले हैं इसलिए उन्होंने अन्य भारतीय गेदबाजों के सामने कई बार आउट होने का प्रयास किया,

मगर भारतीय टीम अनिल कुंबले के सर यह ताज पहनाना चाहती थी. आखिर 61 वे ओवर में अकरम लक्ष्मण के हाथो कैच आउट हुए और इस तरह एक ही पारी में दस विकेट चटकाने का कारनामा हुआ. इस दूसरी पारी में अनिल कुंबले ने 74 रन देकर 10 विकेट चटकाई थी.

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