मेरे प्यारे दादाजी पर कविता Poem On Grandfather In Hindi

Poem On Grandfather In Hindi | मेरे प्यारे दादाजी पर कविता : दादाजी बहुत प्यारा नाम है, जितना प्यारा ये नाम है उतना ही प्यारा ये रिश्ता कहलाता हैं. grandfather Poems दादाजी पर कविताएँ के माध्यम से आज हम उन्ही बचपन की यादों को फिर से आपके संग ताजा कर रहे हैं. बालपन में बच्चे के सबसे करीब उन्हें दादाजी ही होते हैं. वे उन्हें माँ बाप से भी बढ़कर प्यार करते हैं. यही वजह होती हैं कि वह अपनी हर इच्छा, जरूरतों तथा विचारों को दादाजी के साथ शेयर कर देता हैं.

दादाजी पर कविता – Poem On Grandfather In Hindi

Poem On Grandfather In Hindi

Grandfather Hindi Poem: आप भी छोटे थे तक माता पिता ने जब आपकी कोई जिद्द् न मानी हो तब आप फरियाद  लेकर जरुर ही दादाजी लो तरफ गये होंगे.  हमारे पास आपके लिए दादाजी पर छोटी कविता है जिन्हें आज हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं. चलिए लीजिए पढिये कुछ बेहतरीन कविताएँ.

Grandfather Poem – प्यारे दादा जी पर कविता

छड़ी पकड़ कर जाते
बाजार से फल सभी
थैला भर कर लाते।

मीठे, रसीले और पके
छांट -छांट कर लाते ,
हम सभी मिल बांट कर ,
बड़े मजे से खाते।

प्यारे से दादा जी
सच की राह दिखाते
प्रेम -प्यार से मिलते
सब के मन को भाते।

Poem on Grandfather in Hindi दादा जी पर बाल कविता

मेरे दादाजी ह सबसे प्यारे
दादाजी है सबसे न्यारे
मुझे नए नए खिलौने लाकर देते
खुशियां भी भरपूर है देते

ज्ञान की बाते मुझे सुनाते
अपने साथ मुझे नहलाते
मेरे दादाजी है सबसे प्यारे
दादाजी है सबसे न्यारे

खुशिया वो अनेक देते
मेरे साथ वो झूमते गाते
मेरे दादाजी है सबसे प्यारे
दादाजी हैं सबसे न्यारे

उगली पकड़कर मुझे चलाते
पूरा गाव वो मुझे घुमाते
मेरे दादाजी हैं सबसे प्यारे
दादाजी है सबसे न्यारे

मिस यू दादाजी हिंदी कविता

आपने ही हाथ पकड़ कर मुझको कांधे पर बैठाया था।
छत का मुझे पता नही आकाश सा मुझ पर साया था।।

माना कि जब मैंने तुमको भाग भाग के खूब थकाया था।
पर तुम्ही थे जो कहते थे बेटा मैं जान न पाया था।।

पापा से जब कुछ मिलता नही दादाजी तुम्हारा सहारा था।
अब कौन मुझे बतलायेगा जो कहानियों में बचपन गुजरा था।।

आर्शीवाद तुम्हरा इतना है कि मैं सब कुछ पाया जीवन मे।
दुर्भाग्य रहा पर इतना मुझ पर देख न पाया अंत समय मे।।

आज हजारो लाखो मेरे सब कुछ जर्जर माटी है।
आपका दिया एक रुपया मेरे जीवन की बहुमूल्य थाती है।।

होली-दीवाली जब जब आये आप ही घर की रौनक थे।
अब रंग-दीया सब फिके है जज्बातों की जो ऐनक थे।।

आधार हो मेरे दादाजी आर्शीवाद से मैं खिलता रहूँगा
संस्कारों की जो राह बनाई उस पर सदा चलता रहूंगा।।
– श्याम नरेश दीक्षित

Poem on Grandpa In Hindi

ज्ञान की ज्योति जलाई है।
दादाजी की महिमा न्यारी है…

दादाजी के चरणों में रहकर
हमने शिक्षा पाई है।
गलत राह पर भटके जब हम
तो दादाजी ने राह दिखाई है।
दादाजी की महिमा न्यारी है…

माता-पिता ने जन्म दिया परदादाजी ने जीना सिखाया है।
ज्ञान, चरित्र और संस्कार की
हमने शिक्षा पाई है।
दादाजी की महिमा न्यारी है…

जब भी करते गलत कार्य हम
तब फटकार भी लगाई है।
सद्मार्ग पर चलें सभी हम
बात सदा दोहराई है।
दादाजी की महिमा न्यारी है…
सदा इन सीखों का पालन करूंगा
उनके आदर्शों का मान रखूंगा
यह श्रद्धांजलि हमारी है।
दादाजी की महिमा न्यारी है..

Poem On Grandparents In Hindi

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उम्मीद करता हूँ दोस्तों Poem On Grandfather In Hindi & मेरे प्रिय दादाजी की शायरी पुण्यतिथि पर कविता श्रद्धांजलि Status का यह लेख आपको पसंद आया ही होगा. यदि आपकों दादा जी की कविताओं का छोटा सा आर्टिकल पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे.

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