Man Quotes In Hindi | मानव, मनुष्य पर सुविचार और अनमोल वचन

Man Quotes In Hindi : प्रकृति की सबसे उत्कृष्ट रचना मानव/ मनुष्य ही है जिसे सोचने के लिए मस्तिष्क भावों के लिए ह्रदय, संवेदना के लिए मन, सहयोग के लिए रिश्ते नाते दिए हैं. मनुष्य अपने कर्मों के द्वारा अपने जीवन को श्रेष्ट बनाने में जीवन भर लगा रहता है अधिक पाने की चाह में वह दिन रात अपने कर्म में लगा रहता हैं. आज हम मनुष्य पर सुविचार – Man Quotes में दार्शिनिकों के कुछ थोट्स जानेगे.Man Quotes In Hindi | मानव, मनुष्य पर सुविचार और अनमोल वचन

Man Quotes In Hindi | मानव, मनुष्य पर सुविचार और अनमोल वचन

मानव ईश्वर की कैसी कृति है, बुद्धि में कितना श्रेष्ठ, प्रतिभा में कितना असीम, रूप और आचरण में कितना महान और प्रशंसनीय, कार्यों में देवदूत के समान तथा उद्देश्यों में सर्वथा देवोयम.


केवल मनुष्य ऐसा प्राणी है जो रोता हुआ जन्म लेता है असंतोष के साथ जीता है और निराशा के साथ मृत्यु को प्राप्त होता हैं.


आदमी तभी अच्छा बन डाकता है, जब तुम उसको जता सको वह किस प्रकार का हैं.


मनुष्य स्वभावतः एक राजनीतिक प्राणी हैं.


यदि मनुष्य की रूचि केवल अपने में है तो वह बहुत छोटा है यदि उसको रूचि अपने परिवार में है, तो वह अपेक्षाकृत बड़ा है, यदि उसकी रूचि समुदाय में है तो वह और भी बड़ा हैं.


मनुष्य मात्र का स्वभाव समान होता है, उनकी आदते उन्हें परस्पर पृथक करती है.


मनुष्य परमात्मा द्वारा निपुणतापूर्वक बनाई हुई कृति हैं.


मनुष्य निसंदेह एक कलाकार और स्रष्टा है.


मनुष्य ही एक ऐसा प्राणी है जो झेकता हाउ अथवा जिसको झेकने की आवश्यकता हैं.


मनुष्य एक सामाजिक प्राणी हैं.


युवको का गौरव उनकी शक्ति है, वृद्धों का गौरव उनका अनुभव हैं.


एक चतुर व्यक्ति आने वाली कठिनाइयों को पहले देख लेता है और उसका सामना करने की तैयारी कर लेता है. एक मूर्ख व्यक्ति आँखे बंद करते हुए राह पर चलता है और दुष्परिणामों को भोगता हैं.


मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं हैं.


Quotes On Man In Hindi

यह महत्वपूर्ण नही है कि वह किस प्रकार मृत्यु को प्राप्त हुआ, महत्वपूर्ण यह है कि वह जीवित किस प्रकार रहा/ उसने जीवन कैसे जिया.


यह महत्वपूर्ण नही है कि उसने क्या लाभ प्राप्त किया, महत्वपूर्ण यह है कि उसने समाज को क्या दिया, ये इकाइयाँ जिनके द्वारा मानव के रूप में मनुष्य के मूल्य को नापा जाता हैं, भले ही उसका जन्म किसी कुल जाति देश में हुआ हो. प्रश्न यह नहीं है कि वह कहाँ निवास करता था, प्रश्न यह है कि क्या उसकों एक संवेदनशील ह्रदय प्राप्त था, तथा परमात्मा ने जो भूमिका उसको दी थी उसका निर्वाह उसने जीवन में किस प्रकार किया.


क्या वह प्रसन्नता का शब्द कहने के लिए सदैव तैयार रहता था तथा वह क्या आंसू पौछ्कर मुख पर प्रसन्नता लाने को प्रस्तुत रहता था. इसका महत्व नहीं है कि उसका तीर्थ स्थल क्या था, अथवा इसको कौनसा मत मान्य था.


परन्तु महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि क्या उसने उनके प्रति मैत्री का हाथ बढ़ाया जिन्हें वास्तव में सहायता की आवश्यकता थी.


यह महत्वपूर्ण नही है कि समाचार पत्र उसके जीवन को किस प्रकार अंकित करते थे, परन्तु महत्वपूर्ण यह है कि वह परमधाम गया तब कितने व्यक्ति उसके लिए दुखी थे.


मनुष्य पर सुविचार

प्रकृति में आश्चर्यजनक अनेक वस्तुएं है, परन्तु उन सब में सर्वाधिक आश्चर्यजनक मनुष्य हैं.


मनुष्य ही एक ऐसा जीवधारी है जो हंसता है रोता है, क्योंकि वही एक ऐसा जीवधारी है जो इस भेद से प्रभावित होता है कि वस्तुएं कैसी हैं और कैसी होनी चाहिए.


एक मनुष्य दूसरे मनुष्य के लिए भेड़िया हैं.


मनुष्य जाति का सच्चा विज्ञान और अध्ययन मनुष्य का विषय मनुष्य हैं.


जो अनेक आदमियों की आवाज होती हैं वह पूरी तरह व्यर्थ नही जाती हैं.


प्रत्येक व्यक्ति उपभोक्ता है उसका उत्पादनकर्ता भी होना चाहिए,.


मनुष्य का मुख्य शत्रु उसका अनियत्रित स्वभाव तथा अंतर्निहित अशिव शक्तियां हैं.


मनुष्यों को सामाजिक गतिविधि की ओर प्रेरित करने वाले चार बड़े कारण होते है- भूख, प्रेम, अहंकार और श्रेष्ठतर शक्तियों का भय.


हमारी सच्ची राष्ट्रीयता मानव जाति हैं.


मनुष्य जन्मजात दुष्ट नहीं होता हैं, रोगग्रस्त होने के साथ वह दुष्ट बनता जाता हैं.


सर्वोच्च बोली लगाने को नकारने का गुण बहुत कम लोगों में होता हैं,


समान स्थिति वाले व्यक्तियों की सेवा करना उनके द्वारा शासित होना मनुष्यों को विशेष रूप से असहनीय होता हैं.


चार प्रकार के मनुष्य होते हैं.

  1. वह जो जानता नहीं हैं और जानता है कि वह नहीं जानता हैं, वह मूर्ख है उसका त्याग कर दो.
  2. वह जो जानता नहीं और जानता है कि वह नहीं जानता हैं. वह सरल व्यक्ति है उसको शिक्षित करो और ज्ञान बढाओ.
  3. वह जो जानता है और नहीं जानता है कि वह जानता है वह सो रहा है, उसको जगा दो.
  4. वह जानता है और जानता है कि वह जानता है, वह एक बुद्धिमान व्यक्ति है उसका अनुसरण करो.

वह सबसे चतुर और प्रसन्न व्यक्ति होता है जो निरंतर विचार को केन्द्रस्थ रहकर अच्छा कार्य करने के अवसर खोज लेता हैं और उन अवसरों में सुधार करने के मार्ग में आने वाले प्रत्येक विरोध पर विजय प्राप्त कर लेता हैं. विरोध को तोडकर उसके पार चला जाता है.


स्थिति और दशा मनुष्य का निर्माण नहीं करती हैं, यह मनुष्य है जो स्थिति का निर्माण करता हैं,. एक दास स्वतंत्र व्यक्ति नही हो सकता, एक सम्राट एक दास बन सकता है, स्थिति श्रेष्ठ और तुच्छ होती है, जैसी हम उसको बना देते हैं.


मनुष्य जमीन खोदकर सम्पति प्राप्त करने वाला हैं, मनुष्य सुख ढूढने वाला हैं, मनुष्य शक्ति को धारण करने वाला है मनुष्य एक विचारक है और मनुष्य एक रचनात्मक प्रेमी हैं.


कोई भी व्यक्ति सदैव शूरवीर अथवा प्रधानपात्र नहीं हो सकता है, परन्तु वह मनुष्य तो हो ही सकता हैं.


उच्चतम मानव प्रकृति या स्वभाव में निवास करता है न केवल बौद्धिकता में.


मैं मनुष्यों के विषय में जितना अधिक जानती जाती हूँ उतनी अधिक प्रशंसा मैं कुत्तों की करती हूँ.


आदमी का प्रथम कर्तव्य क्या है- अपने स्वरूप में होना.


पुस्तकों की अपेक्षा मनुष्य का अध्ययन करना अधिक महत्वपूर्ण हैं.


नजरों, आदतों और सूरत शक्ल द्वारा मनुष्यों के बारे में निर्णय नही करना चाहिए, बल्कि उनके जीवन के चरित्र उनके वार्तालाप और उनकी कृतियों द्वारा उनका आंकलन किया जाना चाहियें, यह अधिक अच्छा है कि मनुष्य के शब्दों की बजाय उसकी कृतियाँ किसी व्यक्ति की प्रशंसा करे.

आशा करता हूँ फ्रेड्स आपकों Man Quotes In Hindi का यह लेख अच्छा लगा होगा, यदि आपकों मनुष्य पर सुविचार का लेख पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करे, मैन हिंदी कोट्स अनमोल विचार नारे स्लोगन शायरी आपके पास हो तो हमारे साथ भी साझा करे.

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