Vijaydan Detha Biography In Hindi | विजयदान देथा का जीवन परिचय

Vijaydan Detha Biography In Hindi | विजयदान देथा का जीवन परिचयVijaydan Detha Biography In Hindi

जोधपुर जिले के बोरुन्दा गाँव में 1 सितम्बर 1926 को जन्मे विजयदान देथा जाने माने कथाकार और व्यंग्यकार हैं. इन्होने 800 से अधिक कहानियां लिखी हैं. 1973 में फिल्म निर्माता मणि कौल ने इनकी कहानी दुविधा पर दुविधा नाम से और शाहरुख खान ने इसी कहानी पर पहेली नाम से फिल्म बनाई.

ये फिल्म ऑस्कर के लिए नामित हुई. इनकी बाता री फुलवारी 14 खंडों में हैं. अलेखू हिटलर, अनोखा पेड़, महामिलन, सपनप्रिया आदि इनके प्रसिद्ध ग्रंथ हैं. 1965 ई में कोमल कोठारी के साथ मिलकर बोरुंदा में रूपायन संस्थान की स्थापना की.

वर्ष 2011 में इन्हें साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए नामिल किया गया. देथा को 1974 में साहित्य अकादमी पुरस्कार व 2007 ई में पद्म श्री से अलंकृत किया गया. राजस्थान सरकार ने इन्हें प्रथम राजस्थान रत्न सम्मान देने की घोषणा 31 मार्च 2012 को की. इनकी मृत्यु 10 नवम्बर 2013 में हुई.

विजयदान देथा, जिन्हें बिज्जी के नाम से भी जाना जाता है, वे राजस्थान के एक प्रसिद्ध लेखक और पद्म श्री पुरस्कार के प्राप्तकर्ता थे। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार जैसे कई अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। देथा के पास अपने क्रेडिट के लिए 800 से अधिक लघु कथाएँ हैं, जिनका अंग्रेजी और अन्य भाषाओं में अनुवाद किया गया है। विकिपीडिया

  • जन्म: 1 सितंबर 1926, राजस्थान
  • निधन: 10 नवंबर 2013, राजस्थान
  • जीवनसाथी: सियार कंवर (एम।; -2013)
  • बच्चे: कैलाश कबीर देथा, महेंद्र देथा, प्रेमदान देथा, सत्यदेव देथा, कौशल्या देथा
  • से प्रभावित: रवींद्रनाथ टैगोर, शरतचंद्र चट्टोपाध्याय, एंटोन चेखव, कार्ल मार्क्स
  • पुरस्कार: साहित्य अकादमी पुरस्कार, पद्म श्री

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